सदमे में आ गये मोदी- शाह, एक साथ 1500 भाजपा कार्यकर्ता ने मारा पार्टी को लात, थामा कांग्रेस का हाथ

लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में अखिलेक्ष यादव और मायावती ने हाथ मिला लिया है और साथ में गठबंधन करके चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। सपा और बसपा का यह गठबंधन एतिहासिक साबित होने जा रहा है क्योंकि चुनाव से पहले आ रहे सर्वे में भाजपा को हार मिलती हुई दिख रही है और कहा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा पिछली बार की तरफ कामयाब नहीं हो पाएगी और उसे काफी सीटों का नुकसान होने वाला है। पिछली बार तो मोदी का जादू चल गया था और विधानसभा चुनाव में मोदी ने साम्प्रदायिक कार्ड खेलते हुए शमशान और कब्रिस्तान वाला बयान दे दिया था

और भाजपा को इससे फायदा हुआ था लेकिन अब सपा और बसपा ने भाजपा से मुकाबला करने के लिए आपस में हाथ मिला लिया है और दोनों पार्टी इस गठबंधन की वजह से मज़बूत हो गई हैं। अभी चुनाव होने में कुछ महीना बाकी है लेकिन उससे पहले ही अब उत्तर प्रदेश में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। मऊ जिले के भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष दुर्गविजय राय की हरकत और बुरे बर्ताव की वजह से जिले के भाजपा नेता और कार्यकर्त्ता काफी समय से परेशान थे।

अब उनका सब्र का बाँध टूट पड़ा है और सभी ने मिलकर एक साथ पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि एक साथ लगभग 1500 कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा दे दिया है।

इस्तीफा देने वाले नेताओं का कहना है कि सत्ता की हनक में जिलाध्यक्ष दुर्गविजय राय विभागों से अवैध धन उगाही कर रहे हैं। उन्होंने कहा है किऐसी छवि वाले नेता से पार्टी का नाम बदनाम हो रहा है और चुनाव में जीत मुश्किल भी हो जाएगी। उन्होंने दुर्गविजय राय को पद से हटाकर किसी साफ सुथरी छवि वाले नेता को जिलाध्यक्ष बनाने की मांग की है।