बड़ी खबर : मोदी राज में हुआ 70 हजार करोड़ का घोटाले, मुसीबत में फंसे मोदी-शाह

भारत को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने का दावा करने वाली मोदी सरकार कदम कदम पर अपने जुमलों में ही उलझती जा रही है। मोदी सरकार के राज में हुए सबसे विवादित और बड़े राफेल घोटाले के बाद अब बीजेपी का एक और घोटाला सामने आया है। खबर सामने आई है कि राफेल डील मामले के बाद अब विपक्षी दल कांग्रेस ने मोदी सरकार पर स्पेक्ट्रम घोटाले के बड़े आरोप लगाए हैं। हाल ही में सामने आई कैग की रिपोर्ट ने यह दावा किया है कि मोदी सरकार के साढे 4 साल के कार्यकाल में तीन बड़े स्पेक्ट्रम घोटाले हुए हैं जिससे सरकारी खजाने को 70000 करोड रुपए का नुकसान पहुंचा है।

आपको बता दें कि इस मामले में कांग्रेस भारतीय जनता पार्टी पर हमलावर होती नजर आ रही है। कांग्रेस का कहना है कि मोदी सरकार ने तमाम नियमों को ताक पर रखकर अपने करीबी उद्योगपतियों को स्पेक्ट्रम आवंटित किए हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने यह दावा किया है कि मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ा दी है। जिसमें स्पेक्ट्रम आवंटन नीलामी को लेकर कुछ नियम बनाए गए थे। लेकिन मोदी सरकार ने पहले आओ पहले पाओ की नीति के तहत स्पेक्ट्रम काम पर अपने ही कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों और साथियों में कर दिया है।

स्पेक्ट्रम घोटालें को लेकर कांग्रेस का बड़ा दावा

गौरतलब है कि कैग की रिपोर्ट में अब तक यह सामने नहीं आया है कि मोदी सरकार नहीं है स्पेक्ट्रम किन किन कंपनियों को बांटे हैं और ना ही कैग ने स्पेक्ट्रम घोटाले से सरकारी खजाने को हुए नुकसान के कोई आंकड़े पेश किए हैं लेकिन कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने यह दावा कर सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है कि स्पेक्ट्रम घोटाले से सरकारी खजाने को करीब 70 हजार करोड़ का नुकसान हुआ है।

मोदी सरकार ने किया 70 हजार करोड़ रूपये का घोटाला

आपको बता दें कि साल 2015 में माइक्रोवेव स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए मोदी सरकार के पास 101 आवेदन आए थे। लेकिन सरकार ने पहले आओ पहले पाओ के आधार पर इन्हें कुछ चुनिंदा लोगों में ही बांट दिया और स्पेक्ट्रम में व्याज की समय सीमा भी 10 साल से बढ़ाकर 16 साल कर दी गई है। जिससे सरकारी खजाने को टेलीकॉम कंपनियों से मिलने वाले सर चार्ज का भी नुकसान होगा।