जानिये यूपी-बिहार के लोगों के प्रति बाल ठाकरे क्या सोच रखये थे, कहा करते थे की……..

नवाज़ुद्दीन सिद्दिक़ी की अदाकारी से सजी फिल्म ठाकरे पर परदे पर उतर चुकी है, और लगातार लोग इस फिल्म को देख रहे हैं,बाल ठाकरे की जिंदगी पर बनी यह इस फिल्म के बारे में कहा जा रहा है कि यह नवाज़ुद्दीन सिद्दिक़ी सबसे अच्छी फिल्म हो सकती है, और नवाज़ुद्दीन सिद्दिक़ी ने भी प्रमोशन के दौरान कहा था कि ठाकरे में अदाकारी करके अब उनके जिंदगी का मक़सद मिल गया है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाल ठाकरे किस तरह के इंसान थे, खास तौर पर उत्तर भारतियों के लिए वह कैसे जाने जाते थे, तो हम आप को आज यहाँ पर बताते हैं, वह उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के खिलाफ हमेशा जहर उगलते रहते रहते थे, भाषा के नाम पर अपने लोगों से उत्तर भारतियों को पिटवाते थे, और वह सिर्फ महाराष्ट्र की बात करते थे। बाल ठाकरे अपनी पूरी जिंदगी विवादित बयानों से सुर्खियों में रहे,कभी वह मुस्लिमों को निशाना बनाते तो कभी उत्तर भारतियों के खिलाफ बोलते, वह मुस्लिमों को कैंसर बताते थे, वहीं उत्तर भारतियों को कीड़ा मकोड़ा समझते थे।

बाल ठाकरे ने सियासी पार्टी तो बनाई ज़रूर थी, लेकिन वह कभी चुनाव नहीं लड़ें,उनका कहना था कि हमें मुंबई पर राज करना है, और वह चुनाव लड़कर राज नहीं करना चाहते थे,बल्कि शिवसेना के कार्यकर्ताओं के बल पर राज करना चाहते थे। इसी लिए न तो कभी चुनाव लड़ा, और न ही कभी कोई राजनीतिक पद स्वीकार किया। लेकिन वह इसके बाद भी केंद्र और महाराष्ट्र की सरकार में अहम भूमिका निभाते रहे थे।

वह उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों से बहुत ज़्यादा नफरत करते थे, और इसी नफरत की वजह से इनके बारे में वह बहुत ही बुरा बोलते थे, और जब बाल ठाकरे इस तरह बोलते तो शिवसेना के कार्यकर्ता जगह जगह उत्तर भारत के जो लोग मुंबई में रहते थे, उन्हें परेशान करते थे।