श*र्मनाक : इस हिं*दूवादी सं*गठन ने पार की सारी हदें, गणतंत्रता दिवस को मनाया काला दिन, देखें

बीते दिन पूरे देश में धूम धाम से गणतंत्र दिवस मनाया गया, और कई जगह तिरंगा रैली भी निकाला गया। लोगों ने गणतंत्र दिवस को त्योहार के रूप में मनाया, और अपनी खुशी का इज़हार किया, लेकिन इसी देश में कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो सविधान को नहीं मानते हैं, और 26 जनवरी को उन लोगों काला दिवस मनाया है। जानकारी के अनुसार मेरठ में हिन्दू महा सभा ने अपने कार्यालय पर 26 जनवरी को एक कार्यक्रम का आयोजन किया था, लेकिन गणतंत्र दिवस मनाने के लिए नहीं बल्कि काला दिवस मनाने के लिए, हिन्दू महा सभा के लोगों का कहना है कि हम भारत के इस सविधान को नहीं मानते हैं, इस में कुछ बदलाव किया जाये, उसी वक़्त हम इस सविधान का सम्मान करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान हिन्दू महा सभा के नेता अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि भारत के संविधान से धर्म निरपेक्ष स्वरूप को खत्म किया जाये,उनका कहना है कि इस सविधान से हिंदुओं को उनका सम्मान नहीं मिलता है, इस लिए इसे बादल जाये। और दूसरा सविधान तैयार किया जाये, इसे लेकर हिन्दू महा सभा ने एक ज्ञापन भारत के राष्ट्रपति को भेजा है। गयापन में कहा गया है कि आज़ादी के बाद विधर्मियों व विदेशियों की वजह से धर्मनिरपेक्ष संविधान बनाया गया, जिसकी वजह से भारत कमजोर होता चला गया है, ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि आज़ादी के बाद सबसे देश का बटवारा कराया गया, और फिर धर्मनिरपेक्ष संविधान देकर हिंदुओं को आहत किया गया।

इसके खिलाफ हम हमेशा आवाज़ उठाते रहे हैं, और इस में बदलाव किया जाये। अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि इस सविधान की वजह से भारत विधर्मियों, विदेशियों, आतंकियों का ठिकाना बन गया है, और सीमा पर हमारे जवान मारे जा रहे हैं, जबकि देश में एक तबका ऐसा है कि इस संविधान के आड़ में देश को कमजोर कर रहा है।

वहीं उनोहने यह भी कहा कि देश का एक बार बटवारा हुआ था, और अब एक बार फिर देश टुकड़े होने के कगारा पर खड़ा है।