पुलिस महकमे में मची खलबली, पुलिस कांस्टेबल भी नहीं है सुरक्षित, जाने पूरा मामला

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राजस्थान के भरतपुर में एक अजीब मामला सामने आया है .भरतपुर में बजरी खनन माफिया ने पुलिस ही का अगुवा कर लिया बाद में काफी मशक्कत के बाद पुलिस और खनन विभाग की टीम ने पीछा करके पुलिसकर्मी को माफियाओं के चंगुल से आज़ाद कराया. आप को बता दें कोर्ट राजस्थान में खनन पर रोक लगा रखी है लेकिन इसके बावजूद यह माफियाकोर्ट ने रोक लगा रखी है लेकिन इसके बावजूद यह माफिया नहीं मान रहे हैं.और लगातार खनन कर रहे हैं. अब तो माफियाओं का इतना हौसला बढ़ गया है की पुलिसकर्मी को अगवा करके अपने साथ लेकर भाग निकले

लेकिन पुलिसकर्मी और खनन विभाग ने उनका पीछा किया और काफी प्रयास के बाद पुलिसकर्मी को उनके चंगुल से आजाद कराया. दरअसल पूरा मामला यह है कि सिंघावली मार्ग पर हर दिन माफिया खनन करके गुजरते थे .इससे तंग आकर गावं वालों ने वहां पर धरना प्रदर्शन कर दिया और चक्का जाम कर दिया. उधर से जो भी गाडी गुजरती थी उस पर उन लोगों ने पत्थरबाजी भी शुरू कर दी.पत्थरबाजी देख कर के ट्रक चालक वहां पर रुक गए.इसके बाद गावं वालों ने इसकी सूचना पुलिस को दी.मौके पर पहुंची पुलिस ने ट्रैक्टर और ट्राली को अपने कब्जे में ले लिया

और उसको लेकर के थाने ले जाने लगे.कांस्टेबल अमित भी माफियाओं के गाडी में बैठ गए. लेकिन रास्ते में यह माफिया थाने ना जा कर के फरार हो गए. और साथ में कांस्टेबल अमित को भी लेकर भाग निकले .

पुलिस महकमा का जब इसकी खबर मिली तो पुलिस महकमे में खलबली मच गई उन लोगों ने तुरंत माफियाओं का पीछा किया और खनन माफियाओं को धर दबोचा. कांस्टेबल अमित को उनके चंगुल से आजाद कराया और खनन माफियाओं के ट्रैक्टर ट्राली समेत थाने लेकर पहुंचे.

उधर गावं वालों का आरोप है कि खनन माफिया से पुलिस मिली हुई है गांव वालों का कहना है कि पुलिस से मिलकर माफिया इस तरह का काम करते हैं.

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और इस तरह से ओवरलोड ट्रैक्टर ट्राली लेकर के लोग गुजरते हैं जिससे गांव के लोगों को काफी परेशानी होती है और पुलिस इन पर कोई कार्रवाई नहीं करती है.

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