इतिहास में हुआ पहली बार, इस हस्ती ने ठुकराया पद्म श्री, कहा…….

भारत सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 112 पद्म पुरस्कारों को देने की घोषण की है। भारत सरकार ने जिन 112 हस्तियों को यह सम्मान देने का ऐलान किया है उसमे देश भर की अलग अलग क्षेत्रो में काम करने वाले लोग शामिल हैं। हाल ही में निधन होने के बाद अभिनेता कादर खान को भी भारत सरकारसे सम्मानित किया है और उन्हें मरणोपरांत पद्मश्री पुरस्कार से नवाजे का ऐलान किया है। लेकिन अब मशहूर लेखिका ने भारत सरकार की तरफ से मिले इस सम्मान को लेने से मना कर दिया है। यह लेखिका गीता मेहता हैं। अवार्ड न लेने के उन्होंने वजह कारण भी बताए हैं।

इस बारे में उन्होंने सबसे पहले भारत को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा है कि मैं भारत सरकार की आभारी हूँ। उन्होंने कहा है कि यह वक़्त ऐसे सम्मान लेने के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने इसकी वजह बताते हुए आगे कहा है कि देश में जल्दी ही लोकसभा चुनाव होने वाले हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसे वक़्त में ऐसे अवार्ड लेने में गलत मतलब निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा है कि इस स्वीकार करने बाद मुझे शर्मिंदगी उठानी पड़ सकती है।

इसके मैंने यह लेने ने इनकार कर दिया है और अगर ऐसा होता है तो मुझे बहुत पछतावा होगा। गीता मेहता साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में बहुत बड़ा और मशहूर नाम हैं। गीता मेहता को अपने क्षेत्र में काम करने के लिए उन्हें यह सम्मान देने का ऐलान भारत सरकार ने किया था। बड़ी बात यह है कि गीता मेहता ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की बड़ी बहन हैं।

लेकिन इसकी एक वजह यह भी बताई जा रही है कि गृह मंत्रालय के प्रेस नोट में गीता को विदेशी के तौर पर वर्गीकृत किया गया है। जबकि वह भारतीय हैंऔर भारतीय पासपोर्ट भी उनके पास है।