सऊदी सरकार का बड़ा फैसला, भारतियों को देश से निकला और……..

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सऊदी अरब में इन दिनों बदलाव हर तरफ दिख रहा है और आज कल आधुनिकता और सुधार के नाम पर वहां जो कुछ भी हो रहा है, कुछ सालों पहले तक उसकी उम्मीद शायद ही किसी ने की होगी. कहा जा रहा है कि सऊदी अरब के नए प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान सऊदी अरब की रुढ़िवादी छवि को तोडना चाहते हैं और वह इसलिए ही महिलाओं के अधिकारों से जुड़े फैसलों से लेकर और भी कई अहम फैसले ले रहे हैं. लेकिन इन सब के बीच सऊदी अरब में रह कर रोज़गार कर रहे लोगों के लिए बड़ी मुश्किल आन पड़ी है.

दरअसल सऊदी हुकूमत अब वहां के स्थानीय लोगों को नौकरी देने को तरजीह दे रही है और इसकी वजह से बीते कुछ समय से वहां रोज़गार की तलाश में गए लोग अपने अपने देश वापसी कर रहे हैं. अब इससे जुडी एक चौंका देने वाली खबर सामने आई है. GOSI के मुताबिक़, 2017 के आखिरी तीन महीनों में श्रम बाजार में 9,367,593 कर्मचारी थे. लेकिन बाद इसके साल ख़त्म होने तक उनकी संख्या घटकर 8,813,236 के पास पहुँच गई. ऐसे में ज़ाहिर सी बात है कि जो लोग वहां रहकर काम कर रहे हैं, उन्हें अपने भविष्य को लेकर चिंता लाज़मी है.

इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि पहले सऊदी अरब को रोज़गार की अपार संभावना के तौर पर देखा जाता था लेकिन बीते कुछ समय से जो ख़बरें आया रही हैं, वह वाकई में बेचैन करने वाली हैं.

आपको बता दें कि न सिर्फ भारत से बल्कि एशिया के तमाम देशों से लोग रोज़गार की तलाश में सऊदी का रुख करते था और सऊदी ने उन्हें कभी निराश नहीं किया था

लेकिन बीते कुछ समय से सऊदी के क्ष्रम कानून में जिस तरह का बदलाव किया गया है, उसकी वजह से अब वहां पर रोज़गार करना पहले जितना आसान नहीं रहा है.

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