व्हाट्सऐप ने मिलाया 20 साल से लापता को घरवालो से, जानिये कैसे

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सोशल मीडिया के दौर में आजकल छोटी से छोटी घटना भी मिनटों में वायरल हो जाती है जहां सोशल मीडिया का फायदा है वही नुकसान भी है कई बार सोशल मीडिया के कारण ही ऐसी घटनाएं घटित हो जाती हैं जो कि एक बड़ी हिंसा का रूप ले लेती हैं लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसे शख्स की कहानी जिसे 20 साल बाद सोशल मीडिया ने उसके परिवार से मिलाया है। इस मामले में हितेंद्र सिंह नाम के शख्स ने यह सारी कहानी बयान की है उन्होंने बताया है कि कैसे उनके भाई महावीर सिंह चौहान बीस साल बाद उन्हें सोशल मीडिया की बदौलत मिले। हितेंद्र सिंह बताते हैं

महावीर सिंह राजस्थान के एक बड़े घराने से आते हैं और धातु का कारोबार करते हैं जिसमें उन्हें सालों पहले काफी घाटा हो गया था और वह साल 1998 में मुंबई से लापता हो गए। दरअसल वह लोगों से अपमानित होने के डर से वो राजस्थान के झालौर ज़िले के झाब इलाक़े में अपने घरवालों को बिना कुछ बताए बेंगलुरु चले गए। जहां पर वह गुलाबों की खेती के लिए भारत में मशहूर डोड्डाबल्लापुर में ड्राइवर और फोटोग्राफर का काम किया करते थे। कुछ साल बाद वह इसी फार्म में बतौर सुपरवाइज़र काम करने लगे।

कई साल से इंतज़ार में था परिवार

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बीते हफ्ते ही उनके 1 साथी कर्मचारी ने उन्हें जमीन पर गिरा हुआ पाया और उनका दायां हाथ और पैर काम नहीं कर रहे थे। रवि नाम के इस साथी कर्मचारी ने महावीर सिंह को नजदीकी अस्पताल में ले जाकर उनका इलाज करवाया।

इस दौरान उन्हें महावीर सिंह का ड्राइविंग लाइसेंस मिला। जिसपर महावीर सिंह के पिता का नाम लिखा था और साथ ही यह जानकारी भी थी कि वो जालौर के रहने वाले हैं।

ऐसा हुआ ये सारा मामला संभव

इसकी जानकारी उन्होंने अपने एक दोस्त को दी जो जालोर का रहने वाला था। उन्होंने कहा, हमने राजस्थान समाज नाम के एक ग्रुप पर शनिवार शाम को मैसेज किया

और दस मिनट के भीतर हमारे पास कॉल आने लगे और आख़िर में उनके बेटे प्रद्युम्न ने कॉल किया। ऐसे महावीर सिंह अपने परिवार से 20 साल बाद मिल पाए।

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