बैंक ऑफ बड़ौदा के चेयरमैन रवि वेंकटेशन बोले, ‘मोदी सरकार की नीतियों ने बर्बाद किए सरकारी बैंक’

गिरीश मालवीय

नई दिल्ली – देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक पीएनबी को इस वित्तवर्ष की पहली तिमाही में 940 करोड़ का घाटा हुआ है और तीसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक , बैंक ऑफ बड़ौदा (बॉब) के चेयरमैन रवि वेंकटेशन ने कहा है कि मोदी सरकार की कड़ी नीतियों की वजह से बैंकिंग सेक्टर खत्म होता जा रहा है.

बॉब के चेयरमैन का कहना है कि सरकार की कड़ी नीतियों की वजह से सरकारी बैंकों के सामने नए निवेशकों को लुभाने और बुरे वित्तीय हालातों से निकलना मुश्किल हो गया है अंग्रेजी वेबसाइट ब्लूमबर्ग को दिए एक इंटरव्यू में वेंकटेशन ने कहा कि भारत को इस समय कम, बेहतर पूंजीकृत और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की आवश्यकता है लेकिन इसके उलट काम हो रहा है।

वेंकटेशन का कहना है कि आज जानबूझकर बैंकों के निजीकरण पर जोर दिया जा रहा है. इसका कारण यह है कि आज सरकारी बैंक अपनी पूंजी और मार्केट शेयर गवां रहे हैं. बॉब चेयरमैन ने कहा कि बीते वित्त वर्ष में करीब 70 फीसदी जमा प्राइवेट बैंकों के पास हुआ है. उन्होंने अनुमान जताया कि 2020 तक खराब लोन बढ़कर 80 फीसदी तक पहुंच जाएगा. खराब लोन के बढ़ने से सरकारी बैंकों को पूंजी बढ़ाने और नए लोन देने में परेशानी होती है.

वेंकटेशन ने कहा कि खराब बैलेंस शीट और 51 फीसदी शेयर सार्वजनिक क्षेत्र के लिए रखने के नियम से सरकारी बैंकों की नई पूंजी के लिए सरकार पर निर्भरता बढ़ रही हैं। रवि वेंकटेशन ने कहा कि मोदी सरकार की बैंकिंग सेक्टर की कायापलट करने की योजना को पूरा करने असंभव है. इसका कारण यह कि देश के कुल खराब लोन में 90 फीसदी हिस्सेदारी सरकारी बैंकों की है।

(पूरा इंटरव्यू पत्रिका में छपा है जिसे आप यहां क्लिक करके पढ़ सकते हैं)

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