यूपी के बाद अब गुजरात में चल रही है BJP की नाम बादलों राजनीति, अहमदाबाद का नाम बदलने पर विचार रही है रूपाणी सरकार

Gujarat Govt renaming Ahmedabad

इस समय में देश में खास तौर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) शासित राज्यों में शहरों, सड़कों और स्टेडियम का नाम बदलने की राजनीति बड़े जोरों पर चल रही है। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा यूपी के प्रतिष्ठित शहर मुगलसराय,  इलाहाबाद और फैजाबाद का नाम बदलने के बाद अब बीजेपी शासित राज्य गुजरात में भी अहमदाबाद का नाम बदलने की कोशिशें तेज हो गई हैं।

जी हाँ, मुख्यमंत्री विजय रुपाणी के नेतृत्व वाली गुजरात सरकार अहमदाबाद शहर के नाम को बदलने पर विचार कर रही है। अगर ऐसा संभव हुआ तो गुजरात का प्रसिद्ध अहमदाबाद शहर ‘कर्णावती’ के नाम से जाना जाएगा।

दरअसल, माना जाता है कि कर्णावती अहमदाबाद का प्राचीन नाम है। गुजरात सरकार ने ऐलान किया कि यदि लोगों का समर्थन मिला और कोई कानूनी बाधा नहीं आई तो वह अहमदाबाद का नाम बदलकर कर्णावती करने के लिए तैयार है। गुजरात के डिप्टी सीएम नितिन भाई पटेल ने कहा था कि सरकार अहमदाबाद का नाम बदलने का विचार कर रही है।

इसके बाद गुरुवार (8 नवंबर) को गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने भी इस पर मुहर लगा दी है। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने गुरुवार समाचार एजेंसी एएनआई को दिए अपने बयान में कहा कि अहमदाबाद का नाम कर्णावती करने के लिए लंबे समय से बातचीत और विचार चल रहा है। जिसके लिए राज्य सरकार कानूनी और अन्य पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जरुरी कदम उठाएगा। आने वाले समय में हम इसके बारे में सोचेंगे।

Gujarat Govt renaming Ahmedabad

बता दें कि इससे पहले राज्‍य के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने भी कहा था कि अहमदाबाद के लोग कर्णावती नाम पसंद करते हैं। उन्होंने संकेत दिया था कि राज्य सरकार अहमदाबाद का नाम बदल सकती है। इसके लिए जरुरी प्रयास कर रही है।

पटेल ने कहा, ‘लंबे समय से ही अहमदाबाद का नाम बदलकर कर्णावती किए जाने की मांग उठ रही है। यदि कानूनी प्रक्रिया के लिए हमें लोगों की मदद मिली तो हम नाम बदलने के लिए तैयार हैं। अहमदाबाद के लोग कर्णावती नाम पसंद करेंगे। जब उचित समय आएगा तो हम नाम बदल देंगे।’

गौरतलब है क, इससे पहले उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश में कई प्रतिष्ठित शहरों के नाम बदल चुकी है। सबसे पहले सरकार ने ऐतिहासिक मुगलसराय जंक्शन का नाम बदलकर पंडित दीन दयाल उपाध्याय कर दिया। इसके बाद संगम नगरी इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज कर दिया गया था। वहीं, हाल ही में लखनऊ के इकाना क्रिकेट स्टेडियम का नाम बदलकर ‘भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम’ कर दिया गया। इतना ही नहीं, अयोध्या में दीपोत्सव कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने फैजाबाद जिले का नाम बदलकर अयोध्या किए जाने की घोषणा की है।

अमित शाह कांग्रेस मुक्त भारत नहीं बल्कि मुस्लिम मुक्त भारत बनाना चाहते हैं: ओवैसी

Owaisi attacks Amit Shah

देश में अगले साल 2019 के लोकसभा चुनाव और इस साल के अंत में 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक पार्टियों की तरफ से ध्रुवीकरण करने की कोशिश भी तेज हो गई है।

एक तरफ भारतीय जनता पार्टी (BJP) देशभर में राम मंदिर के मुद्दे को एक बार फिर हवा देकर अहम मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है, वहीं, दूसरी तरफ ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भी एक विवादित बयान देकर ध्रुवीकरण करने की कोशिश की है।

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर बड़ा हमला किया है। ओवैसी ने आरोप लगाया है कि अमित शाह भारत को मुस्लिम मुक्त करना चाहते हैं। ओवैसी ने दिवाली की रात बुधवार को हैदराबाद में एक रैली में भाषण के दौरान ये बातें कहीं थी।

Owaisi attacks Amit Shah

ओवौसी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा, “अमित शाह बोले मजलिस मुक्त, आप भी जानेंगे, आप मजलिस मुक्त नहीं भारत से मुसलमानों को मुक्त करना चाहते हैं। आप कांग्रेस मुक्त नहीं हिंदोस्तान से मुसलमानों को खत्म करना चाहते हैं। मुस्लिमों के हिंदुस्तान के संविधान ने अधिकार दिया है।”

बता दें कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को ओवैसी पर निशाना साधा था। शाह ने कसम खाई कि अगर भाजपा तेलंगाना में सत्ता में आई तो हैदराबाद को असदुद्दीन ओवैसी के एआईएमआईएम के पंजों से छुटकारा दिलाएगी।

कांग्रेस ने नोटबंदी को बताया आजादी के बाद सबसे बड़ा घोटाला, जनता 2019 में BJP खिलाफ वोट देकर लेगी नोटबंदी का बदला

Demonetisation 2nd anniversary Congress attacks Modi Govt

गुरुवार (8 नवंबर, 2018) को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा देशभर में नोटबंदी लागू किए जाने को दो साल पूरे हो गए हैं। मोदी सरकार ने आज ही के दिन 8 नवंबर, 2016 को रात आठ बजे अचानक 500 और 1000 रुपये के नोट पर प्रतिबंध की घोषणा की थी, जिसे सभी लोग हैरान रह गए थे। उस वक्त बाजार में चल रही कुल करेंसी का 86 प्रतिशत हिस्सा यही नोट थे।

मोदी सरकार के दावों की खुली पोल

गौरतलब है कि, प्रधानमंत्री मोदी ने देशभर में नोटबंदी तो कर दी, लेकिन इसके साथ ही देश की जनता से जो वाद किए थे वह सभी खोखले साबित हुए। बता दें कि, सरकार ने कहा था कि इसके पीछे मुख्य मकसद कालाधन और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना है, लेकिन आरबीआई की रिपोर्ट ने सरकार के दावों पोल खोलकर रख दी है। आरबीआई के अनुसार अब तक कुल 15 लाख 31 हजार करोड़ रुपए के पुराने नोट वापस आ गए हैं।

उल्टा, नोटबंदी के वजह से देश की जनता को भारी मुश्किलों का सामना करना पढ़ा। 120 लोगों की जाने चली गई। अर्थव्यवस्था को लाखों करोड़ों का नुकसान हो गया। कई छोटे उद्योग धंधे बंद हो गए। लाखों लोग बेरोजगार हो गए। बता दें कि, पीएम मोदी ने जब देश में नोटबंदी की थी तभी विपक्ष और जानकारों ने नोटबंदी के फैसले के कारण अर्थव्यवस्था की हालत बुरी होने, बेरोजगारी बढ़ने और सकल घरेलू उत्पाद जीडीपी कम होने की आशंका जताई थी।

वहीं, विपक्ष ने नोटबंदी की घोषणा को दो साल पूरे होने पर मोदी सरकार पर एक बार फिर  जमकर निशाना साध रहा है। एक तरफ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मोदी सरकार के नोटबंदी के कदम को ‘‘विपदा’’ करार दिया। तो वहीं, कांग्रेस ने नोटबंदी को आजादी के बाद सबसे बड़ा ‘घोटाला’ बताया है।

ममता बेनर्जी ने नोटबंदी को बताया ‘विपदा’

जनता का रिपोर्टर की खबर के मुताबिक, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2016 में हुई नोटबंदी की घोषणा के गुरुवार (8 नवंबर) को दो वर्ष पूरे होने पर इस कदम को ‘‘विपदा’’ करार दिया। नोटबंदी के दिन को काला दिवस करार देते हुए बनर्जी ने ट्वीट कर कहा, “सरकार ने इस बड़े नोटबंदी घोटाले से हमारे देश के साथ धोखा किया है। इसने अर्थव्यवस्था और लाखों जिंदगियों को तबाह कर दिया। जिन लोगों ने ऐसा किया है लोग उन्हें दंडित करेंगे।”

बनर्जी ने एक अन्य ट्वीट में कहा, “नोटबंदी आपदा की आज ‘डार्कडे’ दूसरी वर्षगांठ है। जिस क्षण इसकी घोषणा हुई तब भी मैंने ऐसा ही कहा था। प्रसिद्ध अर्थशास्त्री, आम लोग और विशेषज्ञ अब सभी सहमत हैं।” आपको बता दें कि केंद्र ने 8 नवंबर, 2016 को रात आठ बजे अचानक 500 और 1000 रुपये के नोट पर प्रतिबंध की घोषणा की थी, जिसे सभी लोग हैरान रह गए थे।

Demonetisation 2nd anniversary Congress attacks Modi Govt

कांग्रेस ने नोटबंदी को बताया आजादी बाद सबसे बड़ा ‘घोटाला’

इस बीच कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता व मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर नोटबंदी को आजादी के बाद का सबसे बड़ा घोटाला बताया है। सुरजेवाला ने ट्वीट कर लिखा है, “मोदी जी, देशवासियियों को अब तक ‘अर्थव्यवस्था तहस-नहस दिवस’ यानि नोटबंदी की दूसरी बरसी की बधाई नहीं दी? कोई विज्ञापन भी नहीं? आप भूल गए होगे लेकिन देशवासियों को याद है। तैयार रहिए,पश्चात्ताप का समय अब दूर नहीं! जनता नोटबंदी का बदला BJP के ख़िलाफ़ वोट की चोट से लेगी।”

अपने अगले ट्वीट में कांग्रेस प्रवक्ता ने लिखा है, “नोटबंदी-: आज़ादी के बाद सबसे बड़ा घोटाला है। नोटबंदी से कालाधनधारकों की हुई ऐश, रातों रात ‘सफेद’ बनाया सारा कैश! न काला धन मिला, ना नक़ली नोट पकड़े गए, ना ही आतंकवाद व नक्सलवाद पर लगाम लगी! 120 लोग मारे गए, अर्थव्यवस्था को 3 लाख करोड़ का नुक्सान, लाखों नौकरियाँ गयी!”

एक अन्य ट्वीट में सुरजेवाला ने लिखा है, “वक़्त आगया है की PM मोदी इस तबाही की ज़िम्मेदारी लें, जिसके कारण आम जनता ने लगातार दर्द सहा। वक़्त आगया है नोटबंदी की जवाबदेही सुनिश्चित करने का। वक़्त आगया है नोटबंदी घोटाले की जाँच का, ताकि दोषी पकड़े जाएँ। देश कभी नहीं भूलेगा!”

राफेल घोटाले पर खतरनाक क़व्वाली हुई वायरल, यूजर्स बोले- अब मोदी क़व्वाली पर प्रतिबन्ध लगा देंगे

Qawwali on Rafale deal

केंद्र की सत्तारूढ़ नरेंद्र मोदी सरकार भारत और फ्रांस के बीच 36 लड़ाकू राफेल विमानों के लिए करीब 58,000 करोड़ रुपए की डील को लेकर सवालों के घेरे में आ गई है। बता दें कि, राफेल डील में पीएम मोदी ने सरे नियमों का उल्लंघन कर अपने दोस्त अनिल अम्बानी को हज़ारों करोड़ों रूपये का फायदा पहुँचाने के लिए उनकी कंपनी को फ़्रांसिसी कंपनी दस्सॉ एविएशन का भारतीय पार्टनर बना दिया था। पहले ये पार्टनरशिप रक्षा सामान बनाने वाली सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड को दिया जाना था।

गौरतलब है कि, हाल ही में पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद राफेल डील को लेकर खुलासा किया था कि राफेल सौदे के लिए भारत सरकार ने अनिल अंबानी की रिलायंस का नाम प्रस्तावित किया था और Dassault Aviation के पास रिलायंस के साथ करार करने के अलावा कोई दूसरा ऑप्शन नहीं था। फ्रांस की एक मैगजीन को दिए इंटरव्यू में ओलांद ने ये खुलासा किया है।

वहीं, कांग्रेस ने इस डील को घोटाला करार देते हुए आरोप लगाया है कि, पीएम मोदी ने इस सौदे से अपने पूंजीपति दोस्त अनिल अंबानी की कंपनी को हजारों करोड़ रुपये का फायदा पहुंचाया है। गौरतलब है कि मोदी सरकार ने देश की 60 सालों से अनुभवी सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लि. (HAL) को राफेल बनाने में असक्षम बताकर 15 दिन पहले बनी रिलायंस डिफेंस कंपनी को हजारों करोड़ की डील दे दी।

Qawwali on Rafale deal

इतना ही नहीं, कुछ दिनों पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने राफेल मामले पर सरकार पर हमला बोलते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद 3,000 करोड़ रुपये के घोटाले में लिप्त हैं। अपना हमला जारी रखते हुए राहुल गाँधी ने कहा था कि जिस मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद खुद देश का चौकीदार बताया था वो चौकीदार आज खुद चोर बन गया है।

जनता का रिपोर्टर की खबर के मुताबिक, इसी बीच, सोशल मीडिया पर कव्वाली का एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में गायक ने राहुल के शब्दों पर पूरी क़व्वाली पेश कर डाली है। इस क़वाली में क़व्वाल को नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए देखा जा सकता है। संगीत के ज़रिये ये कवाल मोदी को याद दिलाता है कि किस तरह आम नागरिकों के वोट ने उन्हें गुजरात का मुख्यमंत्री बनाया था और फिर उन्ही लोगों ने उनपर विश्वास कर मोदी को देश का प्रधानमंत्री भी बना दिया था।

आगे क़व्वाल कहता नज़र आता है कि मोदी ने जनता के विश्वास के साथ धोका किया है। क़व्वाली के आखरी बोल कुछ इस तरहse हैं, “वोट ना देंगे अब हम उसको, चारों तरफ यह शोर है …यह न समझ कोई और है चौकीदार ही चोर है। ”

सोशल मीडिया पर लोगों की ज़बरदस्त प्रतिक्रिया-

एक यूज़र ने लिखा, “अब मोदी क़व्वाली पर प्रतिबन्ध लगा देंगे। ” दुसरे ने लिखा, “ये गाना 2019 विपक्षी पार्टियों का तराना होना चाहिए.”

राफेल घोटाले पर कव्वाली वायरल-

दिल्ली में वायु गुणवत्ता ‘बहुत ख़राब’ श्रेणी में पहुंची, बढ़ते प्रदूषण के विरोध में प्रदर्शन, CPCB ने ट्रकों पर प्रतिबंध की सिफारिश की

Delhi worst air pollution

देश की राजधानी नई दिल्ली की हवा में दिवाली से पहले ही प्रदूषण इतना बढ़ गया है कि सांस लेना मुहाल हो गया है। मंगलवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की है क्योंकि पड़ोसी राज्यों में पराली जलाये जाने वाले क्षेत्रों से लगातार हवा बहकर इधर आ रही है।

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अगर दिवाली में लोग पटाखे जलाने लगे तो समस्या और बड़ी हो जाएगी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने रात 8 से 10 का समय तय करने के साथ ही ग्रीन पटाखे जलाने का आदेश जारी कर रखा है।

Delhi worst air pollution
Delhi worst air pollution

वहीं, दिल्ली में प्रदूषण के खतरनाक स्तर तक बढ़ोतरी और ऐसे में स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती चिंताओं को लेकर लोगों के एक समूह ने मंगलवार को पर्यावरण मंत्रालय के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।

बीते तीन हफ्तों में दिल्ली में वायु गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है और सोमवार को इस मौसम की सबसे खराब वायु गुणवत्ता दर्ज की गई जो ‘गंभीर स्तर’ पर थी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 394 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है।

Delhi-Pollution
Delhi-Pollution
Delhi worst air pollution

दैनिक भास्कर की ख़बर के मुताबिक, दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में रखे सफेद फेफड़े 48 घंटों के भीतर काले पड़ गए। दरअसल दिल्ली में ख़राब वायु के चलते अस्पताल ने एक फेफड़े का मॉडल लगाया था, जिसके हेपा फिल्टर से बनाया गया था. हेपा फिल्टर का इस्तेमाल एयर प्यूरीफायर किया जाता है।

लंग केयर फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार के अनुसार, तीन नवंबर सुबह 10 बजे फेफड़ों के मॉडल को अस्पताल परिसर में लगाया गया था और 48 घंटे के बाद यह पूरी तरह काला पड़ चुका था।

डॉ. अरविंद का मानना है कि दिल्ली की हवा अब रहने लायक नहीं रही है. उन्होंने आगे बताया कि अगर यही स्थिति रही तो लंग की बीमारी महामारी का रूप ले लेगी।

सीपीसीबी ने ट्रकों पर प्रतिबंध की सिफारिश की

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NBT की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदूषण की निगरानी करने वाली संस्था सीपीसीबी ने 8 से 10 नवंबर तक शहर में ट्रकों के प्रवेश पर पाबंदी लगाने की सिफारिश की है। दिल्ली के 25 इलाकों में वायु की गुणवत्ता ‘काफी खराब’ दर्ज की गई जबकि आठ क्षेत्रों में यह ‘खराब’ रही। विशेषज्ञों ने आगाह किया कि इस दिवाली पर पिछले साल की तुलना में “कम प्रदूषणकारी पटाखे” जलाए जाने के बाद भी प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा बढ़ सकता है।

अटलजी के नाम पर राजनीति कर रही है बीजेपी, बटेश्वर में अलग स्टेडियम बनाकर उसका नाम पूर्व पीएम के नाम पर रख सकती थी- अखिलेश

Akhilesh Yadav attacks BJP

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व सामाजिक पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश की सत्तारूढ़ बीजेपी के नेतृत्व की योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा इकाना स्टेडियम का नाम बदलकर भारत रत्न अटल बिहारी स्टेडियम किए जाने पर जमकर निशाना साधा है।

अखिलेश ने कहा, इकाना अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का नाम पूर्व पीएम अटलजी के नाम किया गया, यह सराहनीय है। लेकिन भाजपा अटलजी के नाम पर राजनीति कर रही है। अगर भाजपा अटलजी को सच्ची श्रद्धांजलि देना चाहती है तो उनके पैतृक गांव में स्टेडियम बनाना चाहिए था।

इसके साथ ही अखिलेश यादव ने बीजेपी पर समाज को विभाजित करने का भी आरोप लगाया और कहा कि बीजेपी भी भगवान के प्रति वफादार नहीं है, इकाना शब्द का मतलब भगवान विष्णु है। लेकिन वोट के लिए भाजपा भगवान का नाम भी बदल सकती है।

Akhilesh Yadav attacks BJP
Akhilesh Yadav attacks BJP

न्यूज 18 हिन्दी की रिपोर्ट के मुताबिक, एसपी चीफ अखिलेश यादव ने कहा ‘मुझे बहुत खुशी है कि स्टेडियम का नाम बदल पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर कर दिया गया। कम से कम बीजेपी को कुछ तो करना चाहिए, इसका कोई मतलब नहीं है अगर उन्होंने इसे खुद नहीं बनाया है। जबकि मैं बीजेपी से ये कहना चाहता हूं कि अगर बीजेपी अटलजी को सच्ची श्रद्धांजलि देना चाहती है तो उनके पैतृक गांव में इकाना से बड़ा और भव्य स्टेडियम बनाकर दिखाए।

अखिलेश ने कहा कि बीजेपी झूठ बोलती है, आज तक 15-15 लाख रूपये जनता के खाते में नहीं आए। सपा अध्यक्ष ने कहा कि जब मेरी सरकार आएगी तो हम 300 करोड़ रूपये से ज्याजा बटेश्वर के विकास के लिए काम करेंगे। क्योकि हमारी शुरू से आस्था अटल जी के विचारों से जुड़ी रही है।

गौरतलब है कि, यूपी सरकार ने इकाना स्टेडियम का नाम बदलकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा है। अब इकाना स्टेडियम को भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के नाम से जाना जाएगा।

बता दें कि, लखनऊ में नया क्रिकेट स्टेडियम बनाने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने इकाना ग्रुप को ज़मीन दी थी। LDA और इकाना ग्रुप के बीच करार के मुताबिक इस मैदान का नाम ‘इकाना स्टेडियम’ रखा जाना था, लेकिन योगी सरकार ने रातों रात स्टेडियम का नाम बदल दिया।

उत्तर प्रदेश में जारी है BJP की नाम बदलों राजनीति, योगी सरकार ने अब ‘फैजाबाद’ का नाम बदलकर ‘अयोध्या’ किया

Yogi Govt renames Faizabad

उत्तर प्रदेश में बीजेपी के नेतृत्व वाली योगी आदित्यनाथ सरकार की नाम बदलों राजनीति लगातार जारी है। प्रदेश के प्रतिष्ठित रेलवे स्टेशन मुगलसराय, संगम नगरी इलाहाबाद और हाल ही में लखनऊ के इवाका इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का नाम बदलने के बाद राज्य की योगी सरकार ने फैजाबाद जिले को भी नया नाम दे दिया है। अब ये जिला अयोध्या के नाम से जाना जाएगा।

गौरतलब है कि, इससे पहले योगी सरकार ने प्रतिष्ठित रेलवे स्टेशन मुगलसराय स्टेशन का नाम बदलकर ‘पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन’ रखा था। इसके बाद यूपी स्थित संगम नगरी इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज कर दिया गया।

इतना ही नहीं, सोमवार ( 5 नवंबर) को सरकार ने लखनऊ स्थिति इकाना स्टेडियम का नाम बललकर ‘भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम’ कर दिया। ऐसे में अब मंगलवार (6 नवंबर) को अयोध्या में आयोजित दीपोत्सव कार्यक्रम के उद्घाटन के मौके पर योगी सरकार ने यूपी के एक और शहर फ़ैज़ाबाद से भी उसका नाम छिन लिया।

Yogi Govt renames Faizabad
Yogi Govt renames Faizabad

हालांकि कहा तो यह जा रहा था कि, अयोध्या में दीपोत्सव कार्यक्रम में बीजेपी सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ राम मंदिर को लेकर कोई बड़ा ऐलान करेंगे, भगवान श्री राम की प्रतीमा की बात करेंगे, लेकिन हुआ ऐसा कुछ नहीं। बल्कि  मुगलसराय और इलाहाबद की तरह ही योगी ने फैजाबाद जिले को भी नया नाम दे दिया। अब ये जिला अयोध्या के नाम से जाना जाएगा।

faizabad
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बता दें कि,अयोध्या में राम मंदिर बनने में हो रही देरी को लेकर बीजेपी आरएसएस से जुड़े साधु-संतों की नाराजगी को देखते हुए 2 नवंबर को खुद योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि आने वाली दीवाली पर वह अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर एक बड़ी ‘खुशखबरी’ का ऐलान करेंगे।

उन्होंने साधु-संतों को सब्र रखने की सलाह देते हुए कहा था कि “मैं दिवाली के दिन एक खुशखबरी लेकर अयोध्या जा रहा हूं।” जिसके बाद चर्चा शुरू हो गई थी कि संतों के दबाव में योगी आदित्यनाथ दीवाली के दिन अयोध्या में मंदिर निर्माण को लेकर बड़ा ऐलान करने जा रहे हैं।

Yogi Govt renames Faizabad

हालांकि बाद में प्रदेश की बीजेपी सरकार ने इस खुशखबरी पर से पर्दा हटाते हुए कहा था कि योगी सरकार अयोध्या में भगवान राम की भव्य प्रतीमा लगवाने जा रही है। लेकिन मंगलवार को दोनों में से कोई बात नहीं हुई। बल्कि एक तीसरी बात ये हो गई कि योगी जी फैजाबाद जिले का सिर्फ नाम बदलकर लौट गए।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भगवान राम की नगरी अयोध्या में मंगलवार को सरयु नदी के किनारे भव्य दीपोत्सव का आयोजन हुआ। अयोध्या के रामकथा पार्क में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि दक्षिण कोरिया की प्रथम महिला किम जोंग सुक के साथ खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी कैबिनेट के साथ मौजूद रहे।

Yogi Govt renames FaizabadYogi Govt renames Faizabad
Yogi Govt renames Faizabad

इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ के संबोधन के बीच ‘योगीजी बस एक काम करो, मंदिर का निर्माण करो’ जैसे नारे लग रहे थे। इसी दौरान सीएम योगी ने फैजाबाद का नाम बदलने का ऐलान करते हुए कहा, ‘आज से अयोध्या के नाम से यह जनपद जाना जाएगा। यह (अयोध्या) हमारे आन, बान और शान की प्रतीक है।

मुझे लगता है कि अयोध्या की पहचान मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम से है। अयोध्या के दीपोत्सव कार्यक्रम को दुनिया ने स्मरण किया है। अभी तो यह उदाहरण है। आज कोरिया गणराज्य आपके उत्सव में शामिल हुआ है।’

Yogi Govt renames Faizabad
Yogi Govt renames Faizabad

इस दौरान सीएम योगी ने भगवान श्रीराम के नाम पर अयोध्या में एयरपोर्ट का ऐलान किया। साथ ही राम के पिता दशरथ के नाम पर मेडिकल कॉलेज के निर्माण का ऐलान किया।

सीएम योगी ने कहा, ‘अयोध्या में एक नया मेडिकल कॉलेज बन रहा है। इस मेडिकल कॉलेज का नाम राजर्षि दशरथ के नाम पर होगा। यहां पर एयरपोर्ट का भी निर्माण पर हो रहा है। एयरपोर्ट का नाम मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के नाम पर रखेंगे।’

कर्नाटक उपचुनाव में CONG-JDS ने 4-1 से दी BJP को करारी शिकस्त, यूजर्स बोले- “लगता है देश में दिवाली की सफाई शुरू हो गई है”

Karnataka bypolls results Social Media reaction

कर्नाटक की तीन लोकसभा और दो विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नातीजें मंगलवार (6 नवंबर) को घोषित हो गए। नतीजों के मुताबिक, कर्नाटक की सत्तारूढ़ कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 4-1 से करारी शिकस्त दी हैं।

दरअसल, कांग्रेस-JDS गठबंधन ने जमखंडी और रामनगरम की दो विधानसभा सीटों के साथ ही बेल्लारी और मांड्या लोकसभा सीटों पर भी अपनी शानदार जीत दर्ज की है, जबकि कर्नाटक उपचुनाव में बीजेपी सिर्फ शिमोगा लोकसभा सीट पर ही जीत दर्ज कर सकी।

इस चुनाव में सबसे चौकने वाली बात तो यह है कि, बीजेपी का मजबूत किला मानी जाने वाली बेल्लारी और जामखड़ी सीटें भी पार्टी के हाथ से निकल गई। बता दें कि, बेल्लारी लोकसभा सीट पर BJP का करीब 15 साल से कब्जा था।

जनता का रिपोर्टर की खबर के मुताबिक, कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की ओर से कांग्रेस के यू. एस. उगरप्पा ने बीजेपी की मजबूत पकड़ वाली सीट बेल्लारी में बीजेपी के जे. शांता को करीब 2 लाख से अधिक वोटों से हराकर गठबंधन के लिए बड़ी जीत दर्ज की। खनिज पदार्थों से परिपूर्ण इस क्षेत्र पर बीजेपी की लगभग दो दशक की पकड़ का कांग्रेस ने अंत कर दिया।

वहीं, जद (एस) के एल. शिवराम ने मांड्या लोकसभा सीट पर बीजेपी प्रत्याशी डॉ. सिद्दारामैया को 3 लाख से अधिक वोटों से हराया। हालांकि बीजेपी अपने गढ़ शिमोगा में अपनी जीत का सिलसिला कायम रखा है। बीजेपी के राज्य अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बी. एस. येद्दियुरप्पा के पुत्र बी. वाई. राघवेंद्र ने 50 हजार से अधिक मतों के अंतर से यहां जीत दर्ज की है।

खबर के मुताबिक, दो विधानसभा सीटों में कांग्रेस उम्मीदवार आनंद न्यामगौड़ा ने जमखंडी में करीब 40 हजार वोटों के अतंर से बीजेपी के श्रीकांत कुलकर्णी को हराया, जबकि रामनगरम में मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी की पत्नी अनीता कुमारस्वामी ने बीजेपी के उम्मीदवार चंद्रशेखर को 1 लाख से अधिक वोटों के अंतर से हरा दिया।

गौरतलब है कि, अगले से साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले कर्नाटक उपचुनाव के नतीजे बीजेपी के लिए बड़ा झटका है। वहीं, कर्नाटक उपचुनाव के नतीजों को लेकर सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा हो रही है। कांग्रेस जीडीएस गठबंधन द्वारा 4-1 से मिली करारी शिकस्त के बाद मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गई है।

सोशल मीडिया पर यूजर्स की प्रतिक्रियाएं-

मोदी सरकार द्वारा RBI से 3.6 लाख करोड़ मांगे जाने पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कसा तंज

Rahul Gandhi slams PM Modi on RBI

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और आरबीआई (भारतीय रिज़र्व बैंक) के गवर्नर उर्जित पटेल के बीच पिछले कई समय से चल रही तक़रार की बड़ी वजह सामने आई है। गौरतलब है कि हाल ही में आरबीआई के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने भी बताया था कि, सरकार आरबीआई के काम में दखल दे रही है जिससे बैंकों की स्वायत्तता पर असर पड़ रहा है, जोकि ठीक नहीं है।

दरअसल, इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के बीच तल्खी की वजह वित्त मंत्रालय का वो प्रस्ताव है, जिसमें केंद्रीय बैंक के पास रखे 9.59 लाख करोड़ रुपये से 3.6 लाख करोड़ रुपये की सरप्लस रकम केंद्र सरकार को ट्रांसफर करने की बात कही गई थी।

वित्त मंत्रालय ने सुझाव दिया था कि इस सरप्लस रकम को देखरेख आरबीआई और सरकार मिलकर कर सकती है। वित्त मंत्रालय का मानना है कि आरबीआई के भंडार से पूंजी के ट्रांसफर से जुड़ा सिस्टम और संबंधित शर्तें बैंक की आर्थिक खतरों को लेकर बेहद ‘रुढ़िवादी’ आकलन पर आधारित है।

द इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से पुष्टि की है कि रिजर्व बैंक यह मानता है कि सरकार द्वारा उसके भंडार से पूंजी लेने की इस कोशिश से देश की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा। सूत्रों के मुताबिक, इसी वजह से आरबीआई ने इस प्रस्ताव को मंजूर नहीं किया।

Rahul Gandhi slams PM Modi on RBI

राहुल गांधी ने PM मोदी पर कसा तंज

इसी बीच, मोदी सरकार द्वारा आरबीआई से 3.6 लाख करोड़ रुपए मांगे जाने पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा हमला किया है। साथ ही उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल पर तंज करते हुए कहा कि ‘राष्ट्र की रक्षा’ करने के लिए उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़ा होना चाहिए।

राहुल गांधी ने मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों पर तंज कसते हुए कहा है कि आरबीआई से पीएम मोदी को अपने प्रतिभाशाली आर्थिक सिद्धांतों की गड़बड़ी को ठीक करने के लिए करीब 36,00,00,00,00,000 रूपयों की जरूरत है। श्रीमान पटेल उनके साथ खड़े हों और राष्ट्र की रक्षा करें।

 

भाजपा की नाम बदलों राजनीति: मैच से एक दिन पहले योगी सरकार ने स्टेडियम का नाम बदलकर रखा ‘अटल बिहारी वाजपेयी क्रिकेट स्टेडियम’

Yogi Govt renamed Ekana stadium

उत्तर प्रदेश में जब से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली योगी आदित्यनाथ सरकार सत्ता में आई तब से सरकार यूपी में शहरों के नाम बदलने पर लगी हुई है, लेकिन अब योगी सरकार ने लखनऊ के इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का नाम भी बदल दिया है। जी हाँ, योगी सरकार ने ये फैसला भारत-वेस्टइंडीज टी-20 मैच से ठीक एक दिन पहले लिया है। यानि योगी सरकार ने सोमवार को ही लखनऊ स्थिति इकाना स्टेडियम का नाम बदल दिया।

Lucknow-Ekana-Stadium
Lucknow-Ekana-Stadium

लखनऊ में भारत और वेस्टइंडीज के बीच मंगलवार को होने वाले टी 20 मैच से पहले योगी सरकार ने इकाना अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का नाम बदलकर ‘भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम’ कर दिया है। यह जानकारी प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन नितिन रमेश गोकर्ण ने सोमवार शाम एक बयान में दी।

Yogi Govt renamed Ekana stadium
Yogi Govt renamed Ekana stadium

बता दें, लखनऊ में 24 साल बाद कोई इंटरनेशनल क्रिकेट मैच होने जा रहा है। राजधानी के इकाना स्टेडियम में 6 नवंबर को इंडिया और वेस्टइंडीज के बीच टी-20 इंटरनेशनल मैच होना है। लेकिन अब इकाना इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाएगा और ये स्टेडियम सरकारी तौर पर भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के नाम से जाना जाएगा। बता दें कि इसी साल 16 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का देहांत हो गया था।

ekana_international_cricket_stadium
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Yogi Govt renamed Ekana stadium

वहीं स्टेडियम का नाम बदलने पर विपक्षी दलों ने योगी सरकार पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। बता दें कि एक दिन पहले ही सपा ने दावा किया था कि इकाना स्टेडियम उसके कार्यकाल में बनकर तैयार हुआ था और इसके लिए सपा सरकार ने काफी मेहनत की थी। भारत और वेस्टइंडीज के बीच हो रहे मैच का पूरा श्रेय भाजपा ले रही है।

बता दें कि इससे पहले प्रदेश की योगी सरकार सपा सरकार की कई योजनाओं का नाम बदल चुकी है। हाल ही में सरकार ने इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज कर दिया था। सरकार के इस फैसले की सोशल मीडिया पर काफी आलोचना भी हुई थी।