विपक्षी दलों का लक्ष्य भाजपा को सत्ता से बेदखल से करना होना चाहिए- शरद पवार

Opposition parties should aim to oust BJP from power Sharad Pawar

राकांपा प्रमुख शरद पवार ने सोमवार को कहा कि 2019 के चुनाव में विपक्षी दलों का लक्ष्य भाजपा को सत्ता से बेदखल से करना होना चाहिए और अधिकतम सीटें जीतने वाली विपक्षी पार्टी ही प्रधानमंत्री पद के लिए दावा करेगी। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के उस बयान पर भी ‘खुशी’ जाहिर की, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह प्रधानमंत्री बनने का सपना नहीं देखते हैं।

पवार (78) ने कहा, चुनाव होने दीजिए, इन लोगों (भाजपा) को सत्ता से बेदखल होने दीजिए। हम एकसाथ बैठेंगे। अधिक सीट जीतने वाली पार्टी प्रधानमंत्री पद पर दावा कर सकती है।’ उन्होंने मुंबई में पार्टी की बैठक में कहा, मैं इस बात से खुश हूं कि कांग्रेस नेता (राहुल गांधी) ने भी कहा है कि वह प्रधानमंत्री पद की दौड़ में नहीं हैं।’

गौरतलब है कि गांधी ने रविवार को कहा था कि वह प्रधानमंत्री बनने का सपना नहीं देखते हैं। गांधी ने कहा था, मैं इस तरह (प्रधानमंत्री बनने) के सपने नहीं देखता। मैं खुद को एक वैचारिक लड़ाई लडऩे वाले के तौर पर देखता हूं और यह बदलाव मेरे अंदर 2014 के बाद आया। मुझे महसूस हुआ कि जिस तरह की घटनाएं देश में हो रही है, उससे भारत और भारतीयता को खतरा है। मुझे इससे देश की रक्षा करनी है।’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता अशोक गहलोत और अशोक चव्हाण एवं राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल एवं जयंत पाटिल एक या दो सप्ताह में सीट बंटवारे पर चर्चा करेंगे।

मुंबई में आयोजित बैठक में पवार ने राकांपा नेताओं को याद दिलाया कि 2004 के आम चुनाव के बाद गठित संयुक्त प्रगतिशील ग‍ठबंधन ने तत्कालीन राजग सरकार को सत्ता से बेदखल किया था।

पवार से पूछा गया कि क्या मनसे भाजपा-विरोधी गठबंधन का हिस्सा होगी तो उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर अब तक चर्चा नहीं की गई है। राकांपा प्रमुख ने कहा कि मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने रविवार को उनसे मुलाकात की और ईवीएम के कथित दुरुपयोग को लेकर अपनी राय रखी।

इसी बीच कांग्रेस नेता संजय खोड़के औपचारिक तौर पर राकांपा में शामिल हो गए। हालांकि 2014 में उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए राकांपा से निष्कासित कर दिया गया था।

 

Source: hindi.siasat.com

1984 में राहुल 13-14 साल के थे, उनको जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते: चिदंबरम

Rahul Gandhi Congress was not involved in 1984 riots London UK parliament P Chidambaram

भारत के पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने शनिवार को 1984 के सिख दंगों पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा है कि राहुल उस वक्त 13-14 साल के थे, उन्हें इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए.

चिदंबरम ने प्रेस कॉन्फ्रेस कर कहा, ‘1984 में कांग्रेस सत्ता में थी. उस वक्त एक बहुत ही भयानक घटना हुई थी, जिसके लिए मनमोहन सिंह ने संसद में माफी भी मांगी थी. आप उसके लिए राहुल गांधी को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते हैं, वो उस वक्त बस 13-14 साल के थे. उन्होंने इसके लिए किसी का बचाव नहीं किया है.’

बता दें कि राहुल गांधी अभी यूरोप यात्रा पर हैं. वो कई देशों में भारतीय अप्राविसयों से मिल रहे हैं और उन्होंने कई संवाद कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया है. शुक्रवार को राहुल लंदन के हाउस ऑफ कॉमंस कैंपस में ‘भारत एवं विश्व’ विषय पर हुई परिचर्चा में शामिल हुए थे. यहां साल 1984 के सिख विरोधी दंगों में कांग्रेस पार्टी की ‘संलिप्तता’ के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में राहुल ने उस घटना को ‘त्रासदी’ और ‘दर्दनाक अनुभव’ करार दिया, लेकिन इस बात से सहमत नहीं हुए कि कांग्रेस इसमें ‘शामिल’ थी.

उन्होंने कहा, ‘मैं समझता हूं कि किसी के खिलाफ की गई कोई भी हिंसा गलत है. भारत में कानूनी प्रक्रियाएं चल रही हैं, लेकिन जहां तक मेरी राय है, उस दौरान हुई किसी भी गलती के लिए सजा मिलनी चाहिए… मैं इसमें 100 फीसदी समर्थन दूंगा.’

राहुल ने अपने भाषण में सिखों के पहले गुरु, गुरु नानक सिंह को भी शामिल किया था. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की अनेकता में एकता की विचारधारा गुरु नानक देव की शिक्षा से ली गई है. इस बयान पर बीजेपी ने राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि राहुल गांधी उस पार्टी से आते हैं, जो 1984 के दंगों के लिए जिम्मेदार है. उन्हें खुद को गुरु नानक देव से नहीं जोड़ना चाहिए. उन्हें अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए.

पी चिदंबरम ने इस कॉन्फ्रेंस में राफेल डील का भी मुद्दा उठाया और कहा कि ये मुद्दा काफी गंभीर है और इस पर सार्वजनिक रूप से बहस होनी चाहिए. इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए इसलिए पार्टी ने और कांग्रेस अध्यक्ष ने इस मुद्दे को उठाया है.

 

Source: hindi.firstpost.com

इन तीन राज्यों में कांग्रेस का डंका, BJP को मिल सकती है कड़ी शिकस्त

2019 के लोकसभा चुनाव से पहले देश के तीन बड़े राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन तीनों राज्यों और केंद्र में सत्ता के शिखर पर बीजेपी बैठी है। इन चुनावों को 2019 का सेमीफाइनल भी कहा जा रहा है। इन तीन राज्यों के चुनावी नतीजों से पहले जनता के मूड को भांपने के लिए एबीपी न्यूज के लिए सी-वोटर सबसे बड़ा ओपिनियन पोल किया है।

Congress is leading in Rajasthan Madhya pradesh and Chhattisgarh
Congress is leading in Rajasthan Madhya pradesh and Chhattisgarh

इस ओपिनियन पोल के मुताबिक तीनों राज्यों में कांग्रेस की बहुमत की सरकार बनने की संभावनाएं हैं। राज्यों में भले ही कांग्रेस की सरकार बनती दिख रही है लेकिन केंद्र में मोदी सरकार को लोग दोबारा सत्ता सौंपना चाहते हैं।

मध्य प्रदेश में एबीपी न्यूज- सी वोटर का ओपिनियन पोल

विधानसभा में किसे कितने वोट ?

बीजेपी- 40%

कांग्रेस- 42%

अन्य- 18 %

एबीपी न्यूज सीवोटर सर्वे के मुताबिक मध्य प्रदेश में कांग्रेस और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर है। लेकिन बीजेपी पर कांग्रेस दो प्रतिशत वोट के साथ बढ़त बनाती दिख रही है। अन्य के हिस्से 18 प्रतिशत वोट आने की संभावना है।

Congress is leading in Rajasthan Madhya pradesh and Chhattisgarh
Congress is leading in Rajasthan Madhya pradesh and Chhattisgarh

किसे कितनी सीट ?

कुल सीट- 230

बीजेपी- 106

कांग्रेस- 117

अन्य- 7

एबीपी न्यूज- सी वोटर सर्वे के मुताबिक मध्य प्रदेश में कांग्रेस की बहुमत के साथ सरकार बन सकती है। कांग्रेस को 117 तो बीजेपी को 106 सीटें मिल सकती हैं। अन्य के हिस्से सात सीटें मिलती दिख रही हैं। 2013 के नतीजों के आधार पर देखें बीजेपी को 59 सीटों का नुकसान हो रहा है।

Congress is leading in Rajasthan Madhya pradesh and Chhattisgarh
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मध्य प्रदेश में सीएम की पसंद कौन ?

शिवराज सिंह चौहान- 42 %

ज्योतिरादित्य सिंधिया 30%

कमलनाथ 7%

एबीपी न्यूज- सी वोटर सर्वे के मुताबिक मध्य प्रदेश में सीएम के रूप में शिवराज सिंह चौहान लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं। शिवराज सिंह चौहान को 42 प्रतिशत तो कांग्रेस के ज्योतिरादित्य सिंधिया को 30 प्रतिशत लोग अपनी पसंद बता रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ को सीएम के रूप में महज 7 प्रतिशत लोग अपनी पसंद बता रहे हैं।

लोकसभा चुनाव में किसे कितने वोट ?

Congress is leading in Rajasthan Madhya pradesh and Chhattisgarh
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बीजेपी- 46%

कांग्रेस- 39%

अन्य- 15 %

विधानसभा चुनाव में भले ही कांग्रेस को बहुमत मिलने की संभावनाएं हैं लेकिन एबीपी न्यूज- सी वोटर सर्वे के मुताबिक लोकसभा चुनाव में लोगों की पहली पसंद बीजेपी है। केंद्र में 46 प्रतिशत लोग बीजेपी को फिर मौका देना चाहते हैं तो कांग्रेस को 39 प्रतिशत लोग पसंद कर रहे हैं। अन्य के हिस्से 15 प्रतिशत समर्थन आने की संभावनाएं हैं। लेकिन यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि 2014 की तुलना में बीजेपी को नुकसान हो रहा है। अर्थात 2014 जैसे लहर बीजेपी के पक्ष में नहीं है। 2014 में बीजेपी को यहां 54 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिला। कांग्रेस के लिए अच्छी खबर यह है कि उसे चार प्रतिशत फायदा हो रहा है लेकिन फिर भी बीजेपी काफी आगे है।

Congress is leading in Rajasthan Madhya pradesh and Chhattisgarh
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मध्य प्रदेश में पीएम की पसंद कौन ?

मोदी 54%

राहुल 25%

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पीएम के रूप में सर्वाधिक लोकप्रिय हैं। राज्य के 54 प्रतिशत लोग पीएम मोदी को दोबारा मौका देना चाहते हैं वहीं, राहुल गांधी को प्रधानमंत्री के रूप में 25 प्रतिशत लोग पसंद कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में एबीपी न्यूज- सी वोटर का ओपिनियन पोल

विधानसभा में किसे कितने वोट ?

बीजेपी- 39%

कांग्रेस- 40%

अन्य- 21 %

एबीपी न्यूज सीवोटर सर्वे के मुताबिक छत्तीसगढ़ में कांग्रेस और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर है। दोनों के बीच मात्र एक प्रतिशत वोटों का अंतर है। बीजेपी को 39 प्रतिशत लोग अपना समर्थन जता रहे हैं तो कांग्रेस के हिस्से 40 प्रतिशत लोगों का समर्थन है। सबसे अहम यह है कि अन्य के हिस्से 21 प्रतिशत है।

Congress is leading in Rajasthan Madhya pradesh and Chhattisgarh
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किसे कितनी सीट ?

कुल सीट- 90

बीजेपी- 33

कांग्रेस- 54

अन्य- 3

वोट शेयर में महज एक प्रतिशत का अंतर होने के बावजूद सीटों में भारी अंतर दिख रहा है। एबीपी न्यूज सीवोटर सर्वे के मुताबिक छत्तीसगढ़ में लोग सत्ता परिवर्तन चाहते हैं। कांग्रेस 54 सीटों के साथ बहुमत पा सकती है। सर्वे के मुताबिक बीजेपी 33 सीटों पर सिमट सकती है। अर्थात 2013 के नतीजों के नजरिए से देखें तो बीजेपी को 16 सीटों का नुकसान और कांग्रेस को 15 सीटों का फायदा हो रहा है।

छत्तीसगढ़ में सीएम की पसंद कौन ?

रमन सिंह- 34 %

अजीत जोगी- 17%

भूपेश बघेल 9%

एबीपी न्यूज सीवोटर सर्वे के मुताबिक छत्तीसगढ़ में सीएम की पहली पसंद रमन सिंह हैं। उन्हें 34 प्रतिशत लोग सीएम के रूप में अपनी पहली पसंद बता रहे हैं तो अजीत जोगी को 17 प्रतिशत लोग पसंद कर रहे हैं।

लोकसभा चुनाव में किसे कितने वोट ?

बीजेपी- 46%

कांग्रेस- 36%

अन्य- 18 %

एबीपी न्यूज सीवोटर सर्वे के मुताबिक राज्य में भले लोग कांग्रेस को सत्ता सौंपना चाहते हैं लेकिन केंद्र में वे बीजेपी को भारी समर्थन दे रहे हैं। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी को 46 प्रतिशत तो कांग्रेस को 36 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिलता दिख रहा है। हालांकि 2014 से तुलना करें तो बीजेपी को 3 प्रतिशत का नुकसान हो सकता है। 2014 की तुलना में कांग्रेस को दो प्रतिशत का फायदा होने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।

छत्तीसगढ़ में पीएम की पसंद कौन ?

मोदी 56%

राहुल 21%

एबीपी न्यूज सीवोटर सर्वे के मुताबिक 56 प्रतिशत लोग पीएम के रूप में नरेंद्र मोदी को अपनी पसंद बता रहे हैं तो राहुल गांधी को 21 प्रतिशत लोग पीएम के रूप में पसंद कर रहे हैं। यहां भी पीएम मोदी की लोकप्रियता राहुल गांधी पर भारी है।

राजस्थान में ABP न्यूज- CVOTER का ओपिनियन पोल

विधानसभा में किसे कितने वोट ?

बीजेपी- 37%

कांग्रेस- 51%

अन्य- 12 %

एबीपी न्यूज सीवोटर सर्वे के मुताबिक राज्य में सत्ता परिवर्तन की लहर चल रही है। कांग्रेस को 51 प्रतिशत तो बीजेपी को महज 37 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना है। अन्य के हिस्से 12 प्रतिशत लोगों का समर्थन है।

2019 चुनाव में भाजपा को हराना पहला मकसद, पीएम पर विचार बाद में होगा- राहुल गांधी

Rahul Gandhi first objective to defeat BJP in 2019 elections

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी के खिलाफ मजबूत गठबंधन बनाने के विपक्षी दलों के प्रयास के बीच कांग्रेस ने तय किया है कि फिलहाल पूरा ध्यान विपक्षी पार्टियों को एकजुट कर नरेंद्र मोदी को हराने पर लगाया जाएगा और प्रधानमंत्री पद के बारे में निर्णय चुनाव नतीजे आने के बाद होगा.
पार्टी के शीर्ष सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है. सूत्रों ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में गठबंधन के लिए सपा, बसपा एवं अन्य बीजेपी विरोधी दलों के बीच भी ‘रणनीतिक समझ’ बन गई है. उन्होंने दावा किया कि अगर उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र में ‘सही से’ गठबंधन हो गया तो बीजेपी सत्ता में नहीं लौटने वाली है.
लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री पद के लिए चेहरा पेश करने के सवाल पर सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस फिलहाल दो चरणों में काम कर रही है. पहला चरण सभी विपक्षी दलों को एक साथ लाकर बीजेपी और नरेंद्र मोदी को हराने का है. दूसरा चरण चुनाव परिणाम का है जिसके बाद दूसरे बिंदुओं पर बात होगी.
सूत्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री पद को लेकर चुनाव से पहले बातचीत करना ‘विभाजनकारी’ होगा. उन्होंने कहा कि सारे विपक्षी दलों में यह व्यापक सहमति बन चुकी है कि सभी को मिलकर बीजेपी और आरएसएस को हराना है. उत्तर प्रदेश में महागठबंधन के सवाल पर कांग्रेस के सूत्रों ने कहा, ‘‘बातचीत चल रही है, लेकिन इतना जरूर कहा जा सकता है कि गठबंधन को लेकर रणनीतिक सहमति बन गई है.’’

 

Source: hindi.siasat.com

अमेठी से ही लड़ेंगे राहुल गांधी, रायबरेली से सोनिया की जगह लड़ सकती हैं प्रियंका

Rahul Gandhi will fight only from Amethi Priyanka can fight Sonia place from Rae Bareli

लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारी शुरू हो गई है. सभी पार्टियों ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है और समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उसपर काम भी करना शुरू कर दिया है. इस बीच कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी अमेठी लोकसभा सीट से ही इस बार भी चुनाव लड़ेंगे. वहीं, दूसरी तरफ इसकी भी सूचना है कि प्रियंका गांधी इस बार सोनिया गांधी की सीट रायबरेली से चुनाव लड़ सकती हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है कि रायबरेली से कौन चुनाव लड़ेगा. लेकिन इतना जरूर है कि सोनिया की जगह प्रियंका ये चुनाव लड़ सकती हैं. बता दें कि दूसरी तरफ विपक्ष ने चुनाव बाद प्रधानमंत्री की घोषणा करेगा.

दो चरणों में काम कर रहा विपक्ष
सूत्रों ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में गठबंधन के लिए सपा, बसपा एवं अन्य भाजपा विरोधी दलों के बीच भी ‘रणनीतिक समझ’ बन गई है. उन्होंने दावा किया कि अगर उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र में सही से गठबंधन हो गया तो भाजपा सत्ता में नहीं लौटने वाली है. लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री पद के लिए चेहरा पेश करने के सवाल पर सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस फिलहाल दो चरणों में काम कर रही है. पहला चरण सभी विपक्षी दलों को एक साथ लाकर भाजपा और नरेंद्र मोदी को हराने का है. दूसरा चरण चुनाव परिणाम का है जिसके बाद दूसरे बिंदुओं पर बात होगी.

सूत्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री पद को लेकर चुनाव से पहले बातचीत करना ‘विभाजनकारी’ होगा. उन्होंने कहा कि सारे विपक्षी दलों में यह व्यापक सहमति बन चुकी है कि सभी को मिलकर भाजपा और आरएसएस को हराना है.

ये भी दावा
कांग्रेस सूत्रों ने यह भी दावा कि आगामी लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और कई अन्य राज्यों में पार्टी की लोकसभा सीटों में काफी इजाफा होगा. शिवसेना के साथ तालमेल की संभावना के सवाल पर कांग्रेस सूत्रों ने कहा कि हमारा गठबंधन समान विचाराधारा वाले दलों के साथ हो सकता है और शिवसेना एवं कांग्रेस की विचाराधारा अलग है, इसलिए उसके साथ गठबंधन नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में कांग्रेस और राकांपा के बीच पुराना गठबंधन है और वह आगे भी जारी रहेगा.