सांसद संजय सिंह का पीएम मोदी पर हमला, कहा ‘चेहरे पर जो लाली है, वो राफेल की दलाली है’

Sanjay Singh angry on Modi sarkar for Rafale

लखनऊ – आम आदमी पार्टी के तेज तर्रार प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने लखनऊ के VVIP गेस्ट हाउस में प्रेस कांफ्रेंस की. जिसमें उन्होंने भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। संजय सिंह ने बताया कि आम आदमी पार्टी की सहारनपुर से नोएडा तक की दूसरे चरण की पद यात्रा खत्म हो चुकी है। अभी तीन यात्रा और होनी है। उन्होंने बताया कि पूर्वांचल के क्षेत्र में 250 किलोमीटर यात्रा होगी। संजय सिंह के मुताबिक दूसरी यात्रा का परिणाम काफी अच्छा रहा. किसान , शिक्षामित्र, आशा बहु सभी संगठनो से मिलाकर सबने अपनी समस्या सामने रखी।

Sanjay Singh angry on Modi sarkar for Rafale
Sanjay Singh angry on Modi sarkar for Rafale

संजय सिंह ने बताया कि बार के लोगो ने पश्चिमी उत्त्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की मांग की। वहीं 11 हज़ार करोड़ गन्ना किसानों का बाकी है , योगी जी उनके जले पर नमक छिड़क रहे हैं। सहारनपुर के आदमी के लिए इलाहाबाद कोर्ट की अपेक्षा लाहौर का कोर्ट नजदीक पड़ता है। मुख्यमंत्री बोल रहे है गन्ना उगाने से डायबिटीज हो रहा है। संजय सिंह ने सवाल किया कि किसान गन्ना न उगाए तो क्या भगवा वस्त्र पहन कर मंदिर चले जाएं। शर्म आती है उत्तर प्रदेश के युवाओं की योग्यता का माजक उड़ाते है।

Sanjay Singh angry on Modi sarkar for Rafale
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संजय सिंह ने कहा कि नौकरी के लिए लोग आते हैं लेकिन पेपर लीक हो जाता है और उनको लाठियों से पिटवाया जाता है। यात्रा में यशवंत सिन्हा, सत्रुघ्न सिन्हा और अरविंद केजरीवाल भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश में चार राज्य बनाने की मांग को लेकर आंदोलन करेगी। संजय ने कहा कि आज पेट्रोल डीजल के दाम आसमान छू रहे है। पेट्रोल डीजल दाम बढ़ रहे है इसका कारण मोदी सरकार की नीतियां है। 14 लाख करोड़ टैक्स के नाम पर मोदी सरकार ने जनता से लेने का काम किया है। 99.3 प्रतिशत पैसा फ़िर से वापस आ गया,काला धन कहा गया।

Sanjay Singh angry on Modi sarkar for Rafale
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नोटबंदी और राफेल

आम आदमी पार्टी के सांसद ने कहा कि नोटबन्दी के नाम पर 150 जिंदगियां ले ली। उन्होंने कहा कि नोटबन्दी आजादी के बाद का सबसे बड़ा घोटाला था। राफेल का घोटाला रक्षा क्षेत्र का आजादी के बाद का सबसे बड़ा घोटाला हैं। उन्होंने कहा कि 36 हजार करोड़ का घोटाला है। उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि चेहरे पर जो लाली है, वो राफेल की दलाली है। अब इनका हर काम 22 में हो रहा है, 19 में विदाई हो रही नही देख रहे। विजय माल्या का जो मामला है, वो बिना सरकार की मदद के ये लोग बाहर नही जा सकते।

Sanjay Singh angry on Modi sarkar for Rafale
Sanjay Singh angry on Modi sarkar for Rafale

उन्होंने कहा कि 21 हजार की लूट करके नीरव मोदी प्रधानमंत्री के साथ फोटो खींचता है और भाग जाता है। विजय माल्या अरुण जेटली के साथ 20 मिनट की मीटिंग करता है और विदेश चला जाता है। सीबीआई को कौन संचालित करता है पूरा देश जानता है। आम आदमी पार्टी अभी तक किसी गठबंधन का हिस्सा नही है। संजय सिंह ने कहा कि अगर नफरत के सौदागर को हराने के लिए कुछ पार्टियां गठबंधन कर रही है तो वो सराहनीय है। उन्होंने कहा कि हम देश में लगभग 100 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश में 4 राज्य बनाने की मांग करेगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, अवध प्रदेश, पूर्वांचल उत्तर प्रदेश, बुन्देलखण्ड प्रदेश की मांग करेंगे।

Sanjay Singh angry on Modi sarkar for Rafale
Sanjay Singh angry on Modi sarkar for Rafale

उन्होंने कहा कि सबसे ज़्यादा पेट्रोल और डीज़ल के दाम रुला रहा है , और इसकी हकीकत जानना सबके लिए ज़रूरी है। बढ़े दामो के लिए नरेन्द्र मोदी जी की नीति ज़िम्मेदार है। नोट बंदी में रिश्वतखोरी को और आसान बना दिया। नोट बंदी देश की आज़ादी के बाद से सबसे गलत फैसला था।

‘आप’ की नोएडा रैली में शरीक होंगे यशवंत और शत्रुघ्न सिन्हा

Yashwant and Shatrughan Sinha will be joining AAP Noida rally

2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर दिल्ली के अलावा अन्य राज्यों में चुनाव अभियान की शुरुआत के लिए आम आदमी पार्टी (आप) की नोएडा में आगामी शनिवार को होने वाली रैली में भाजपा के बागी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा और पूर्व मंत्री यशवंत सिन्हा भी शामिल होंगे।

‘आप’ के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने गुरुवार को बताया कि पार्टी संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में आठ सितंबर को नोएडा में होने वाली रैली में यशवंत सिन्हा और शत्रुघ्न सिन्हा भी शामिल होंगे।

न्यूज एजेंसी भाषा के अनुसार, दिल्ली की सात लोकसभा सीटों पर चुनाव अभियान शुरू करने के बाद ‘आप’ ने अन्य राज्यों में प्रचार कार्य की शुरुआत उत्तर प्रदेश से करने का फैसला करते हुए नोएडा रैली का आयोजन किया है।

संजय सिंह ने बताया कि इसके लिए उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की बदहाली का मुद्दा उठाते हुए इससे प्रभावित हो रही जनता के अधिकारों की बहाली की मांग के लिए वह राज्य में जन अधिकार पदयात्रा कर रहे हैं। इसके पहले चरण में उन्होंने पिछले महीने पूर्वी उत्तर प्रदेश में बलिया से बनारस तक पदयात्रा की थी।

दूसरे चरण में सिंह की पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सहारनपुर से नोएडा तक की पदयात्रा जारी है। शनिवार को नोएडा पहुंच रही इस यात्रा के समापन पर स्थानीय कमर्शियल ग्रांउड में जन अधिकार रैली आयोजित की गई है।

उल्लेखनीय है कि पिछले लोकसभा चुनाव में भी ‘आप’ ने उत्तर प्रदेश में किस्मत आजमाने की कोशिश की थी, लेकिन बेहतर नतीजे हासिल नहीं हुए थे। हाल ही में उत्तर प्रदेश नगर निगम चुनाव में आप के 60 प्रत्याशी जीते थे।

सिंह ने बताया कि नगर निगम चुनाव के बाद बदली हुई परिस्थितियों को देखते हुए पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव में एक बार फिर पूरे दमखम से उतरने की तैयारी में है। उन्होंने बताया कि अगले चरण में वह रुहेलखंड में बरेली से अमरोहा तक और फिर अंतिम चरण में बुंदेलखंड में ललितपुर से झांसी तक की पदयात्रा करेंगे।

 

Source: hindi.siasat.com

बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर केजरीवाल ने मोदी सरकार को लपेटा: देखें विडियो

Badhti petrol Diesel kimto par Kejriwal ka Modi par var

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ईंधन कीमतों तथा रुपये में गिरावट को लेकर केंद्र पर निशाना साधते हुए सोमवार को कहा कि अर्थव्यवस्था की इतनी बुरी हालत पहले कभी नहीं थी। आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख ने ट्वीट किया, ‘‘पेट्रोल-डीजल की कीमत अपने सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच चुकी है। रुपया ऐतिहासिक रूप से निचले स्तर पर है।

केंद्र सरकार को या तो यह नहीं पता है कि उसे क्या करना चाहिए या वह आम आदमी को होने वाली परेशानियों को लेकर आंखें मूंदे बैठी है।’’ केजरीवाल की यह टिप्पणी उस दिन आई है, जबकि दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 79।15 रुपये प्रति लीटर और डीजल की 71।15 रुपये प्रति लीटर के रिकॉर्ड उच्चस्तर पर पहुंच चुकी हैं। वहीं, रुपया अपने सर्वकालिक निचले स्तर 71।21 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया है।

आम आदमी पार्टी ने कहा, “मोदी की अगुवाई में पूरी तरह से अक्षम सरकार ईंधन की बढ़ती कीमतों व रुपये में गिरावट की समस्या को सुलझाने में विफल रही।” बयान के अनुसार, “केंद्र सरकार ने अर्थव्यवस्था के स्तर पर जबरदस्त लापरवाही दिखाई है, देश का वित्त मंत्रालय दो उच्च रैंक के मंत्रियों के बीच के सत्ता संघर्ष में फंस गया है।”

बयान के अनुसार, “इस देश के लोग उनलोगों को हराने के अवसर का इंतजार कर रहे हैं, जिन्होंने आम आदमी को अपनी प्राथमिकता में सबसे नीचे स्थान दिया है। अगर स्थिति इसी तरह खराब होती रही तो भाजपा को 2019 में निश्चित ही हार का सामना करना पड़ेगा।”

आम आदमी पार्टी की नजर चुनावों पर

आम आदमी पार्टी की प्राथमिकता लोकसभा चुनाव 2019 में दिल्ली की सातों संसदीय सीटों पर अपना कब्जा जमाना है। फिलहाल दिल्ली की सभी सीटें भाजपा के पास हैं। आप के संयोजक और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी लोकसभा चुनाव को ले कर तैयारियां तेज कर दी हैं।

Badhti petrol Diesel kimto par Kejriwal ka Modi par var
Badhti petrol Diesel kimto par Kejriwal ka Modi par var

उन्होंने दिल्ली के सांसदों को घेरना शुरू कर दिया है। उन्होंने सोमवार को एक ट्वीट कर के कहा कि चार साल बीत गए बीजेपी के सांसदों ने एक काम नही किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि “सातों सीटे जिता दो, फिर न मेट्रो का किराया बढ़ेगा और न ही सीलिंग होगी, दिल्ली के सातों संसद अगर आप के हुए तो हर फ़ाइल पास करके दिखाएंगे”।

अब तो फ्रांस की मीडिया भी कह रही है, PM मोदी के ‘चेहरे पर जो लाली है वो राफ़ेल की दलाली है’ : संजय सिंह

Sanjay Singh target Modi govt on Rafale Deal

राफेल डील पर भले बीजेपी सफाई पर सफाई दे रही हो। मगर हर रोज नए सवालों से डील में गड़बड़ी नज़र आने लगी है, ऐसा सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि फ़्रांस में भी हो रहा है।

जिस देश से राफेल विमान ख़रीदा गया वहां के प्रमुख अख़बार फ्रांस 24 ने राफेल डील में हुए बदलाव पर हैरानी व्यक्त की है।

अख़बार ने लिखा, ये हैरान करने वाला है कि भारत में एचएएल के पास रक्षा क्षेत्र में मैन्यूफैक्चरिंग का 78 साल का अनुभव रखने वाली कंपनी को छोड़ एक नई कंपनी को करार किया गया। फ़्रांस के प्रमुख अख़बार की इस टिप्पणी पर एक बार फिर विपक्ष ने मोदी सरकार सवाल खड़े किये है।

आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा, अब तो फ्रांस की मीडिया भी बोल रही है, “चेहरे पर जो लाली है राफ़ेल की दलाली है।

गौरतलब हो की अखबार ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री की इस यात्रा में शामिल कारोबारियों में अनिल अंबानी भी मौजूद थे। इसके साथ ही अखबार ने राफ़ेल डील की तुलना बोफोर्स डील से की है।

फ्रांस 24 ने लिखा कि मौजूदा परिस्थिति में साफ है कि राफेल डील भारत के आगामी आम चुनावों में ठीक वही भूमिका अदा कर सकता है जो 1980 के दशक में बोफोर्स डील ने किया था।

बता दें कि राफेल डील पर लगातार कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल इसे रक्षा क्षेत्र का अबतक सबसे बड़ा घोटाला बता रहे है।

वहीँ बीजेपी इस मामले पर सफाई देती नज़र आ रही है कि डील में कोई भी गड़बड़ी नहीं हुई बल्कि पिछली सरकार द्वारा तय किये दामों से 20 प्रतिशत कम में ही इस डील को फाइनल किया गया है।

 

Source: boltaup.com

लोकसभा चुनाव जीतने के लिए केजरीवाल ने कसी कमर, किया ये बड़ा दावा

AAP started preparing for loksabha election

आम आदमी पार्टी ने लोकसभा चुनाव की तैयारियों की शुरुआत कर दी है। पार्टी संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र के लिए पार्टी के चुनाव कार्यालय का उद्घाटन करते हुए दिल्ली की सभी 7 लोकसभा सीटों पर आप की जीत का दावा किया। केजरीवाल ने कहा, ‘दिल्ली की सातों लोकसभा सीट ‘आप’ को जिताने की जिम्मेदारी मैं दिल्ली की जनता को दे रहा हूं।

AAP started preparing for loksabha election
AAP started preparing for loksabha election

बदले में सुंदर, स्वस्थ और शिक्षित दिल्ली बनाने की जिम्मेदारी लेकर जा रहा हूं।’ उन्होंने दिल्ली सरकार के अब तक के प्रमुख कामों का लेखा-जोखा जनता के समक्ष पेश करते हुए भाजपा सरकार और उनके सांसदों को भी ऐसा करने की चुनौती दी। इस दौरान पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र की आप प्रभारी आतिशी मरलीना, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और आप की दिल्ली इकाई के संयोजक गोपाल राय सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

‘आप’ ने आतिशी सहित पांच लोकसभा सीटों के लिए पार्टी प्रभारी पहले ही घोषित कर दिए है। इन्हें ही संभावित उम्मीदवार माना जा रहा है। सिसोदिया ने दिल्ली की शिक्षा क्रांति में आतिशी के योगदान की चर्चा करते हुए जनता से यह पूछा कि जहां 15 सालों से भाजपा है, वहां स्कूल, कॉलेज, अस्पताल क्यों नही बने।

AAP started preparing for loksabha election
AAP started preparing for loksabha election

भाजपा सरकार की नियत पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के कामों में केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा उत्पन्न की जा रही बाधाओं का जवाब दिल्ली की जनता आगामी लोकसभा चुनाव में जरूर देगी।

आप नेता गोपाल राय ने कहा, ‘‘दिल्ली की जनता को अपने ही राज्य में केन्द्र सरकार का सौतेला व्यवहार झेलना पड़ता है। हमने पूर्ण राज्य के दर्जे को लेकर एक जुलाई से अभियान शुरू किया था। इसी अभियान के तहत हमने प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए हस्ताक्षर अभियान भी चलाया था। हमने 10 लाख से ज्यादा हस्ताक्षर करवाए हैं।’’

AAP started preparing for loksabha election
AAP started preparing for loksabha election

उन्होंने कहा कि जनता ने पत्र में प्रधानमंत्री से दिल्ली वालो की भावनाओं का आदर करते हुए दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की अपील की है।

राय ने कहा कि लोकसभा चुनाव के समय दिल्ली के सातों सांसदों ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्ज़ा दिलाने की बात कही थी। बीते चार सालों में केन्द्र की भाजपा सरकार ने इस दिशा में अब तक कोई पहल नहीं की है। इसलिये दिल्ली के लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

आशुतोष का बड़ा हमला, कहा- चुनाव के लिए मेरी जाति का किया गया इस्तेमाल

Ashutosh big assault said used my caste for election

आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देने के बाद पूर्व पत्रकार आशुतोष ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर बिना नाम लिए बड़ा हमला बोला है. बुधवार को आशुतोष ने ट्वीट कर लिखा कि उनके 23 साल के पत्रकारिता के करियर में उन्हें कभी अपनी जाती का इस्तेमाल नहीं करना पड़ा, लेकिन पार्टी की ओर से जब चुनाव लड़ना पड़ा तब मुझे इसके लिए कहा गया.

आशुतोष ने बुधवार को लिखा, ” 23 साल के पत्रकारिता के करियर में कभी किसी ने मुझसे मेरी जाति या फिर उपनाम नहीं पूछा. मैं हमेशा मेरे नाम से ही जाना जाता रहा था. लेकिन जब मुझे 2014 लोकसभा चुनाव लड़ने के दौरान कार्यकर्ताओं से जब मिलवाया गया तो मेरे सरनेम का इस्तेमाल किया गया. हालांकि, मैंने इसका विरोध किया था. लेकिन तब मुझे कहा गया कि सर, आप कैसे जीतोगे. आपकी जाति के यहां काफी वोट हैं.

बता दें कि मंगलवार को ही आम आदमी पार्टी की प्रमुख नेता आतिशी के सोशल मीडिया में नाम बदलने का मामला सामने आया था. ट्विटर हैंडल पर पहले उनका नाम आतिशी मर्लेना था, लेकिन अब उनके नाम से मार्लेना हटा दिया गया है. ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि वह पूर्वी लोकसभा के लिए आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार हो सकती हैं.

 

Source: hindi.siasat.com

शीला की सेहत का हाल जानने पहुंचे केजरीवाल

Kejriwal visited Sheila Dikshit to enquire about her health

नई दिल्ली: सीएम अरविंद केजरीवाल रविवार को दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित से उनके आवास पर मिले। सीएम ने शीला के स्वास्थ्य का हाल जाना। मुलाकात के बाद केजरीवाल ने ट्वीट कर बताया कि शीला दीक्षित से मिलकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्हें दिल से जुड़ी समस्या है। जल्द ही उनकी सर्जरी होगी। मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं।

शीला दीक्षित कुछ समय से अस्वस्थ हैं। डॉक्टरों ने उन्हें ट्रांसकेथेटर अरोटिक वॉल्व रिप्लेसमेंट कराने की सलाह दी है। इसके लिए पूर्व सीएम ने फ्रांस के यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल, लिले में इलाज कराने का फैसला किया है। उन्होंने दिल्ली सरकार के डीजीएचएस को लेटर लिखकर इलाज का खर्च उठाने की मांग की थी। उसे सरकार ने स्वीकार कर दिया था। जानकारी के अनुसार, शीला दीक्षित 2 सितंबर को फ्रांस पहुंचेंगी। 3 सितंबर को उन्हें एडमिट किया जाएगा। 4 को उनकी सर्जरी होगी। डॉक्टर थॉमस मोडीन उनकी सर्जरी करेंगे। उनकी बीमारी के बारे में डॉक्टरों का कहना है कि जब अरोटा को कनेक्ट करने वाला हार्ट वॉल्व सिकुड़ जाता है, तब वॉल्व रिप्लेसमेंट की जरूरत होती है।

अब एंजियोप्लास्टी की तरह वॉल्व रिप्लेसमेंट किया जा रहा है। इसे ट्रांसकैथेटर अरोटिक वॉल्व रिप्लेसमेंट कहा जाता है। यह इलाज फ्रांस में सबसे बेहतर होता है, इसलिए शीला दीक्षित के डॉक्टर अशोक सेठ ने उन्हें वहां रेफर किया है। सर्जरी के बाद शीला दीक्षित 5 और 6 सितंबर को अस्पताल में ही रहेंगी। 7 को उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिलेगी। सूत्रों की मानें तो यह केजरीवाल की शीला से मुलाकात पिछले हफ्ते होनी थी, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की मौत के बाद टाल दी गई।

 

 

पूर्व पीएम वाजपेयी का हाल जानने के लिए एम्स पहुंचे केजरीवाल, नहीं मनाएंगे बर्थडे

Arvind Kejriwal will not celebrate the birthday because of Atal Bihari Vajpayee health

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने गुरुवार को एम्स पहुंचकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का हालचाल जाना. गौरतलब है कि गुरुवार को ही केजरीवाल का जन्मदिन है और वह 50 साल के हो रहे हैं. वाजपेयी के बिगड़ते स्वास्थ्य के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं से जन्मदिन का जश्न नहीं मनाने का अनुरोध किया है.

मुख्यमंत्री केजरीवाल गुरुवार सुबह उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के साथ एम्स पहुंचे थे. इनके अलावा केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान, नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, अनुप्रिया पटेल भी एम्स पहुंचे.

केजरीवाल ने ट्वीट किया है, ‘अटलजी के स्वास्थ्य के बारे में सुनकर दुख हुआ. मैं ईश्वर से उनके जल्दी स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं.’ मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नागेन्द्र शर्मा ने कहा कि केजरीवाल ने पार्टी कार्यकर्ताओं से जन्मदिन का जश्न नहीं मनाने और इस अवसर पर उनके आवास पर आने से बचने का अनुरोध किया है.

भारतीय जनता पार्टी के 93 वर्षीय दिग्गज नेता को गुर्दे में संक्रमण, मूत्र नली में संक्रमण, पेशाब की मात्रा कम और सीने में जकड़न की शिकायत के बाद 11 जून को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, दिल्ली (एम्स) में भर्ती कराया गया था.

एम्स की ओर से गुरुवार को जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, ‘पूर्व प्रधानमंत्री की हालत वैसी ही बनी हुई है. उनकी हालत नाजुक है और वह जीवन रक्षक प्रणाली पर हैं.’ अस्पताल ने बुधवार रात एक बयान में कहा, ‘दुर्भाग्यवश, उनकी हालत बिगड़ गई है. उनकी हालत गंभीर है और उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है.’

बुधवार शाम 50 मिनट तक एम्स में रुके थे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बुधवार शाम वाजपेयी का हालचाल जानने के लिए एम्स गए थे. मोदी करीब सवा सात बजे अस्पताल पहुंचे थे और वह करीब 50 मिनट तक वहां रुके. उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू गुरुवार सुबह पूर्व प्रधानमंत्री का हालचाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचे. बीजेपी के अनुभवी नेता और वाजपेयी के करीबी रहे लाल कृष्ण आडवाणी भी उनका कुशलक्षेम जानने एम्स पहुंचे.

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा एम्स में मौजूद हैं. मोदी के अलावा रेल मंत्री पीयूष गोयल और बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी भी वाजपेयी का कुशलक्षेम जानने अस्पताल पहुंची थीं. अस्पताल पहुंचने वालों में दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी भी शामिल हैं.

देर रात केन्द्रीय मंत्री सुरेश प्रभु, जितेन्द्र सिंह, हर्षवर्द्धन और शाहनवाज हुसैन सहित कई नेता और मंत्री अस्पताल गए थे. इससे पहले केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी भी वाजपेयी का हाल जानने अस्पताल गयी थीं.

वाजपेयी के स्वास्थ्य के बारे में ताजा जानकारी प्राप्त करने के लिए अस्पताल के बाहर भारी संख्या में मीडियाकर्मी और अन्य लोग मौजूद हैं जिसके कारण सड़क पर यातायात प्रभावित हो रहा है. अस्पताल के बाहर भीड़ और यातायात प्रबंधन के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है.

मधुमेह से ग्रस्त वाजपेयी की एक ही किडनी काम करती है. साल 2009 में उन्हें आघात आया था, जिसके बाद उन्हें लोगों को पहचानने की दिक्कत होने लगी थी. बाद में उन्हें डिमेंशिया हो गया.

Source: hindi.firstpost.com

सीएम केजरीवाल और सिसोदिया के खिलाफ चार्जशीट, मुख्य सचिव से मारपीट का मामला

Delhi Arvind Kejriwal Manish Sisodia accused in alleged assault on Delhi top bureaucrat

दिल्ली सरकार के मुख्‍य सचिव अंशु प्रकाश से मारपीट के मामले में सीएम अरविंद केजरीवाल और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को आरोपी बनाया गया है और उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है. चार्जशीट में 11 विधायकों को भी आरोपी बनाया गया है. कुल 13 लोगों के खिलाफ इस मामले में चार्जशीट दाखिल की गई है.

दिल्ली पुलिस ने इस पूरे मामले में अरविंद केजरीवाल के पूर्व सलाहकार वीके जैन को मुख्य सरकारी गवाह बनाया है. गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस केजरीवाल और मनीष सिसोदिया से पहले ही पूछताछ कर चुकी है.

बता दें कि 19 फरवरी को सीएम आवास पर हुई मीटिंग के दौरान अंशु प्रकाश पर कथित रूप से हमला किया गया था और इस मामले में आप के दो विधायक प्रकाश जरवाल और अमानतुल्लाह खान जेल भी गए थे, हालांकि अभी दोनों विधायक जमानत पर हैं.

Source: hindi.firstpost.com

मुख्य सचिव अंशु प्रकाश को हटाने की तैयारी में केजरीवाल सरकार?

Delhi assembly wants chief secretary Anshu Prakash removed

अरविंद केजरीवाल सरकार क्या दिल्ली के मुख्य सचिव (चीफ सेक्रेटरी) अंशु प्रकाश को हटाने की तैयारी में है. यह सवाल इसलिए उठता है क्योंकि शुक्रवार को दिल्ली विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित कर मुख्य सचिव को कथित रूप से बीजेपी के इशारे पर सीसीटीवी कैमरा प्रोजेक्ट में बाधा पहुंचाने के लिए तत्काल हटाने की मांग की गई.

इस कदम से नौकरशाहों और सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (आप) के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका है।

आप की बहुमत वाली दिल्ली विधानसभा की ओर से विचार व्यक्त किया गया कि दिल्ली में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाना फौरन जरूरी है.

विधानसभा में पारित प्रस्ताव में कहा गया, ‘सदन मुख्य सचिव अंशु प्रकाश की सीसीटीवी परियोजना को बाधित करने के लिए निंदा करता है जो केंद्र की बीजेपी सरकार की ओर से काम करते प्रतीत होते हैं. उनका कृत्य सीसीटीवी परियोजना को बाधित करने के विपक्ष की साजिश का हिस्सा लगता है. सदन मांग करता है कि अंशु प्रकाश को दिल्ली के मुख्य सचिव पद से तत्काल हटाया जाए.’

बता दें कि 19-20 फरवरी की आधी रात अरविंद केजरीवाल के आवास पर राशन कार्ड और अन्य मुद्दों पर बुलाई गई बैठक के दौरान मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ कथित रूप से हाथापाई की गई थी. अंशु प्रकाश ने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री वहां मौजूद थे मगर वो तमाशबीन बने रहे.

Delhi assembly wants chief secretary Anshu Prakash removed
Delhi assembly wants chief secretary Anshu Prakash removed

जुलाई महीने में एलजी के आवास में अरविंद केजरीवाल और उनके कैबिनेट के 3 मंत्री धरने पर बैठ गए थे
इस घटना के बाद दिल्ली के आईएएएस अधिकारियों ने केजरीवाल सरकार और मंत्रियों से मिलना बंद कर दिया था. अधिकारियों के इस रुख को लेकर मुख्यमंत्री केजरीवाल बीते जून महीने में अपने 3 मंत्रियों के साथ एलजी ऑफिस में 9 दिन तक धरने पर बैठे रहे थे.

(भाषा से इनपुट)

 

Source: hindi.firstpost.com

केजरीवाल पर कांग्रेस का वार, कहा- अवसरवाद से राजनीति नहीं की जा सकती

Congress spokesperson Sharmishtha Mukherjee says AAP does politics of opportunism

शर्मिष्ठा मुखर्जी ने आज अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला किया. उन्होंने कहा कि राज्यसभा के उप-सभापति चुनावों का ‘बहिष्कार’ कर आम आदमी पार्टी ने सिर्फ भाजपा की मदद ही की है. 2015 में सत्ता में आने के बाद से ही अरविंद केजरीवाल का केंद्र और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के साथ झगड़ा रहा है. लेकिन आज के मतदान से आम आदमी पार्टी के तीन सांसदों ने बहिष्कार कर न सिर्फ विपक्ष के आंकड़ों को कम कर दिया बल्कि बहुमत की संख्या को कम करके करके सरकार की मदद भी की. पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने ट्वीट किया- “आम आदमी पार्टी कहती है, ‘राजनीति अहंकार पर नहीं चलती है. बिल्कुल! यही कारण है कि अरविंद केजरीवाल ने भाजपा की मदद करते हुए राज्यसभा में मतदान से दूर रहने का फैसला किया.”

आप ने विपक्ष के उम्मीदवार बीके हरिप्रसाद को सशर्त समर्थन दिया था. वे चाहते थे कि राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल को फोन करें और उनसे मदद मांगे. जब राहुल गांधी ने फोन नहीं किया तो पार्टी ने घोषणा की कि वह चुनाव से बाहर रहेगी. कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए पार्टी नेता संजय सिंह ने कहा, ‘अगर राहुल गांधी नरेंद्र मोदी को गले लगा सकते हैं, तो वह अरविंद केजरीवाल से उनके पार्टी के उम्मीदवार के समर्थन के लिए क्यों नहीं पूछ सकते हैं.’

कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि तीन वरिष्ठ नेताओं – गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा और अहमद पटेल – ने फोन किया था. लेकिन केजरीवाल राहुल गांधी से फोन कॉल चाहते थे.

शर्मिष्ठा मुखर्जी ने ट्वीट किया:

आखिर राहुल गांधी को ऐसे इंसान से समर्थन की मांग क्यों करनी चाहिए जिसने खुलेआम 2019 के चुनावों में बीजेपी के समर्थन की घोषणा की है. अगर उनकी मांग पूरी हो जाए तो 2019 के चुनावों में वो बीजेपी का समर्थन करेंगे. राजनीति विचारधाराओं की लड़ाई है. ये अवसरवादी लोगों के लिए एक हाथ दे एक हाथ दे के तर्ज पर नहीं की जाती.

जून में दिल्ली विधानसभा में केजरीवाल ने घोषणा की थी कि अगर दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया गया तो वह 2019 में बीजेपी के लिए प्रचार करने के लिए तैयार हैं. शर्मिष्ठा मुखर्जी अपने ट्वीट में इसी घोषणा का जिक्र कर रही थीं. कांग्रेस और आप के बीच के तनावपूर्ण संबंध 2011 से ही चले आ रहे हैं. जब आप का गठन नहीं हुआ था और केजरीवाल और उनके करीबी अन्ना हजारे के सहयोगी थे. अन्ना हजारे ने भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का नेतृत्व किया था. यह आंदोलन 2014 के चुनावों में कांग्रेस की हार का एक बड़ा कारण बना था.

2013 में आप ने दिल्ली में कांग्रेस के समर्थन के साथ सरकार बनाई. लेकिन 49 दिनों के बाद ही अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस पर भाजपा के साथ सहयोग करने और जन लोकपाल विधेयक को रोकने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया.

Source: hindi.firstpost.com

दिल्ली में NRC जैसा अभियान कराना चाहती है भाजपा, आप ने किया कड़ा विरोध

BJP Leaders demand in assembly assam like NRC in Delhi

दिल्ली विधानसभा में विपक्षी भाजपा ने राष्ट्रीय राजधानी से अवैध आव्रजकों को बाहर निकालने के लिए राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) जैसा अभियान चलाने की मांग की. इसका आप विधायकों ने जमकर विरोध किया. दोनों दलों की इस मांग और विरोध के बीच सदन में जमकर हंगामा हुआ.

बीजेपी विधायक विजेन्द्र गुप्ता और उनके साथियों ने जैसे ही यह मांग उठाई आप विधायक तुरंत इसका विरोध करने लगे. दोनों पक्षों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा और किसी ने सदन में शांति बनाए रखने की विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गायेल की अपील नहीं सुनी. कुछ विधायक तो प्रदर्शन करते हुए अध्यक्ष के आसन तक आ पहुंचे.

बता दें कि असम के पूर्व मुख्यमंत्री प्रफुल्ल कुमार महंत ने सरकार से पश्चिम बंगाल के निवासियों के लिये भी इसी तरह की सूची तैयार करने का अनुरोध किया था. उन्होंने कहा था कि पश्चिम बंगाल भी बांग्लादेश से ‘अवैध प्रवासियों से प्रभावित’ है.

BJP Leaders demand in assembly assam like NRC in Delhi
BJP Leaders demand in assembly assam like NRC in Delhi

उन्होंने यह भी कहा कि असम में एनआरसी को अद्यतन करने की चल रही प्रक्रिया पुख्ता होनी चाहिये और किसी भी भारतीय को छोड़ा नहीं जाना चाहिये. असम निवासियों की अंतिम सूची में किसी भी अवैध प्रवासी का नाम नहीं शामिल किया जाना चाहिये.

महंत ने भी 1985 के असम समझौते पर हस्ताक्षर किया था. इस समझौते में राज्य से अवैध प्रवासियों की पहचान और उन्हें उनके देश भेजने का प्रावधान था. उन्होंने कहा कि यहां तक कि पश्चिम बंगाल के स्थानीय निवासी भी राज्य में एनआरसी के पक्ष में हैं.

Source: hindi.siasat.com

AAP विधायक को आतंकवादी बताने पर भड़के केजरीवाल, कहा- जो पाकिस्तान चाहता है वही कर रही है BJP

Arvind Kejriwal slams bjp and PM Modi over AAP MLA called terrorist

दिल्ली विधानसभा में बीजेपी विधायक द्वारा आम आदमी पार्टी के विधायक को आतंकवादी शब्द प्रयोग करने पर सीएम केजरीवाल ने पीएम मोदी और बीजेपी को खूब खरी खरी सुनाई है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भाजपा विधायक को देखिए- शर्मनाक, भाजपा भारत को हिंदू-मुसलमान में बाँटना चाहती है यही पाकिस्तान चाहता है।

उन्होंने आगे कहा कि भाजपा पाक के मंसूबे पूरे कर रही है। मोदी जी नवाज़ शरीफ़ से मिलने पाक क्यों गए, ISI को पठानकोट में जाँच के लिए क्यों बुलाया? भाजपा और पाकियों के क्या गुपचुप रिश्ते हैं?

दरअसल दिल्ली विधानसभा में बिजली पानी के मुद्दे पर बहस चल रही थी। जिसमें बीजेपी विधायक ओपी सिंह अपनी बात रख रहे थे तभी आप विधायक ने उन्हें टोक दिया। जिसका जवाब देते हुए बीजेपी विधायक ने कहा ठीक से बात करो आतंकवादियों की तरह बात मत कर, वो यही नहीं रुके बीजेपी विधायक ने सड़क की भाषा का प्रयोग करते हुए कहा कि तेरे जैसे बहुत सड़कछाप गुंडे देखें है ज्यादा फन्ने खां मत बन समझा।

बता दें कि ओपी शर्मा कई सदन में हंगामा करने के लिए सुर्खियो में बने रहते है। मगर इस बार उनके बयान ने दिल्ली की सियासत तेज कर दी है।

इस मामले पर कल सदन में मौजूद उपमुख्यमंत्री ने नाराजगी ज़ाहिर करते हुए कहा कि दुर्भाग्यवश इस देश में और यहां विपक्ष में ऐसे लोग बैठे हैं। जो बात को यहां तक लाना चाहते है कि मुसलमान का मतलब आतंकवादी ही होता है। इस सदन में ये बर्दाश्त नहीं होगा और बीजेपी विधायक को इस पर पूरे देश से माफ़ी मांगनी चाहिए।

 

Source: boltaup.com

दिल्ली के सरकारी स्कूल मुफ्त शिक्षा देंगे: मनीष सिसोदिया

Delhi government School will give free Education said Manish Sisodia

मनीष सिसोदिया ने बुधवार को सभी सरकारी स्कूल में 12वीं तक मुफ्त शिक्षा देने की बात कही. मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया ‘सभी सरकारी स्कूलों में 12वीं तक शिक्षा मुफ्त होनी चाहिए. वहीं कक्षा 8वीं तक कोई फीस नहीं लगती है जबकि 9वीं से मामूली फीस ली जाती है. आज यह फैसला लिया गया है कि इस फीस को भी हटा दिया जाए.’

वहीं एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा ‘तीन अन्य स्कूल भी बनाए जा रहे हैं. यह सितंबर 2018 तक पूरे हो जाएंगे. 4 अन्य स्कूल भी अक्टूबर 2018 के मध्य से बनने शुरू हो जाएंगे और 12,700 क्लासरूम भी बनने लगेंगे.’ सिसोदिया ने यह बात दिल्ली के शिक्षा विभाग में हुई मीटिंग में कही.

 

Source: hindi.firstpost.com

बेदाग़ साबित हुए CM केजरीवाल, क्या अब केजरीवाल को घूसखोर बताने वाली ‘गोदी मीडिया’ माफ़ी मांगेगी?

Lokayukta gives clean chit to Arvind Kejriwal and Satyendra jain in bribery case

दिल्ली के लोकायुक्त ने मुख्यमंत्री और उनके मंत्री सत्येंद्र जैन को रिश्वत के मामले में क्लीन चिट दे दी है। इन दोनों पर दो करोड़ रूपये रिश्वत लेने के आरोप लगे थे। आप के पूर्व नेता कपिल मिश्रा ने केजरीवाल पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया था, मगर सीबीआई के सामने कपिल मिश्रा कोई सुबूत नहीं रख पाए जिससे ये साबित हो पाए की सीएम केजरीवाल या सत्येन्द्र जैन ने रिश्वत ली थी।

इस मामले को जैसे मीडिया में दिखाया गया उसे देख यही कहा जा सकता है मीडिया ने बिना किसी आधार पर सीएम केजरीवाल के खिलाफ रिश्वत लेने का आरोप लगा दिया था। इन मीडिया संस्थानों ने पहले केजरीवाल को कुर्सी छोड़ने से लेकर ईमानदारी का मसीहा कहते हुए करप्शन का किंग घोषित कर दिया था।

इन मीडिया चैनलों ने पहले ही फैसला दे दिया था की सीएम केजरीवाल और उनके मंत्री घूसखोर है और आरोप लगाने वाले आप के पूर्व नेता कपिल मिश्रा सत प्रतिशत सही। मगर जब सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट पेश की तो उसमें कहीं भी रिश्वत लेने की बात सामने नहीं आई जिसके चलते लोकायुक्त ने उन्हें क्लीन चिट दे दी।

अब सवाल उठता है, क्या मीडिया ने कपिल मिश्रा के साथ मिलकर स्टोरी को ऐसे पेश किया जिससे सीएम केजरीवाल और उनकी पार्टी की छवि ख़राब हो? क्योंकि केजरीवाल के आलोचक भी मानते है चाहे कुछ भी केजरीवाल करप्शन नहीं करेगें। फिर भी इस मामले में गोदी मीडिया ने जनता के सामने ऐसे पेश किया जैसे कपिल मिश्रा सच कह रहे हो और केजरीवाल ने रिश्वत ली हो।

ये वही मामला था जिसमें कपिल मिश्रा ने मीडिया के सामने कहा था मैंने अपनी आँखों के सामने दो करोड़ लेते हुए केजरीवाल को देखा है मगर कपिल का ये आरोप सीबीआई के मुताबिक झूठा निकला। अब क्या मीडिया संस्थान केजरीवाल और आम आदमी पार्टी से माफ़ी मांगेंगे जिन्होंने महीने भर केजरीवाल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।

क्या कपिल मिश्रा जिन्होंने केजरीवाल से मतभेद होने के चलते बागी हो गए और केजरीवाल पर आरोप लगाने लगे, ऐसा भी कहा गया की वो बीजेपी के इशारे पर काम कर रहे है मगर इसकी कोई पुष्टि नहीं हो पाई। अब जब केजरीवाल को क्लीन चिट मिल गई तब ऐसा नज़र आ रहा है की दाल में ज़रूर कुछ काला था।

गौरतलब है कि आप के पूर्व नेता कपिल मिश्रा से जब लोकायुक्त ने केजरीवाल पर रिश्वत मामले पर सुबूत मांगें थे तो कपिल ने कहा था उन्होंने सारे सुबूत सीबीआई को दे दिए है मगर जब सीबीआई ने अपने रिपोर्ट लोकायुक्त पेश की तो उसमें केजरीवाल और सत्येंद्र जैन के खिलाफ में कुछ नहीं मिला जिसके बाद कपिल की ये शिकायत ख़ारिज कर दी गई और केस बंद कर दिया गया।

 

Source: boltaup.com