सोशलः फर्जी डिग्री बनाने वाले को अगर चार पैसे मिल जाते हैं तो वो ‘रोजगार’ नहीं है क्या ?

Social Media reactions on ABVP Ankit Basoya Fake Degree

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के बाद अब ABVP के नेता पर भी फर्जी डिग्री रखने का आरोप लग रहा है।

दरअसल NSUI ने दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अंकित बसोया की मार्कशीट और प्रमाण पत्र फर्जी बताया है।

NSUI के छात्रों का आरोप है कि अंकित बासोया की थ‌िरुवल्लुवर यूनिवर्सिटी की मार्कशीट और प्रमाण पत्र फर्जी है। अब सवाल उठता है कि NSUI को कैसे पता चला कि अंकित बासोया की मार्कशीट और प्रमाण पत्र फर्जी है?

इसके जवाब में NSUI का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव के दौरान ही उनकी तमिलनाडु की शाखा ने थ‌िरुवल्लुवर यूनिवर्सिटी में जाकर अंकित बासोया की मार्कशीट और डिग्री के बारे में जानकारी मांगी। लेकिन विश्वविद्यालय ने जो जवाब दिया वो आश्चर्यजनक है।

NSUI के मुताबिक थ‌िरुवल्लुवर विश्वविद्यालय का कहना है कि अंकित बासोया की मार्कशीट और डिग्री फर्जी है। NSUI का दावा है कि अंकित ने गलत मार्कशीट देकर डीयू में एडमिशन ले लिया था। इससे जुड़ा एक कथित दस्तावेज भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

NSUI के आरोप के बाद अंकित बासोया अपने वरिष्ठ नेताओं स्मृति ईरानी और पीएम नरेंद्र मोदी के समानांतर आ चुके हैं। स्मृति ईरानी और पीएम नरेंद्र मोदी पर फर्जी डिग्री के आरोप लगते रहते हैं।

सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे हैं कि राष्ट्रीय संस्कृति का विकास इसे कहते हैं! केवल प्रधानमंत्री की डिग्री फ़र्ज़ी नहीं मानी गयी है, अब एबीवीपी से दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष की डिग्री भी फ़र्ज़ी बतायी जा रही है!

Social Media reactions on ABVP Ankit Basoya Fake Degree
Social Media reactions on ABVP Ankit Basoya Fake Degree

वहीं कुछ लोग अंकित बासोया की कथित फर्जी डिग्री को पीएम के पकौड़ा रोजगार वाले बयान से भी जोड़कर लतीफे लिख रहे हैं। ट्विटर आईडी @humanbeing1857 से लिखा है कि ‘फर्जी डिग्री बनाने वाले को अगर चार पैसे मिल जाते हैं तो वो रोजगार नहीं है क्या??’

बता दें कि दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव का परिणाम तमाम विवादों के बाद 13 सितंबर को घोषित हुआ था। अध्यक्ष सहित चार में से कुल तीन सीटों पर RSS की छात्र इकाई ABVP ने जीत हासिल की।

अध्यक्ष पद पर अंकित बसोया, उपाध्यक्ष पद पर शक्ति सिंह और संयुक्त सचिव के पद पर ज्योति चौधरी। वहीं NSUI को बस सचिव पद जीत मिली। अमित शाह ने इस जीत को ऐतिहासिक और राष्ट्रीय विचारधारा की जीत बतायी थी।

Source: boltaup.com

JNUSU चुनावः ABVP की गुंडागर्दी के बाद मतगणना स्थगित, अलका बोलीं- ये गोडसे के तरीकों से चुनाव जीतना चाहते हैं

Alka Lamba slams ABVP after jnusu vote counting suspended

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव के नतीजे घोषित होने वाले है। मगर उससे पहले आरएसएस की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के छात्रों ने जमकर हंगामा काटा और तोड़फोड़ की।

बताया जा रहा है कि एबीवीपी के छात्रों ने सुबह करीब चार बजे इलेक्शन कमिश्नर पर धावा बोल दिया और बूथ कैपचरिंग की कोशिश की, जिसमें एक सुरक्षा में तैनात गार्ड को चोट भी आई हैं। इस दौरान एबीवीपी के छात्रों ने एक पत्रकार से भी बदसलूकी की।

एबीवीपी छात्रों की इस गुंडागर्दी को लेकर आम आदमी पार्टी की विधायक अलका लांबा ने बीजेपी पर बड़ा हमला बोला है।

उन्होंने ट्विटर के ज़रिए कहा कि यहां भी इन संघ समर्थित ABVP का दंगाई खेल चालू है, यह लोकतांत्रिक तरीकों से नहीं बल्कि हिंसक, गोड़से के तरीकों से चुनाव जीतने में विश्वास रखते हैं।

कल डीयू था, आज जेएनयू है, कल देश का चुनाव होगा। इन भाजपाईयों की गुंडई जारी रहेगी। सत्ता के दम पर यह लोकतंत्र का दमन करेंगे।

दरअसल जेएनयू में एबीवीपी छात्रों की नाराजगी थी कि उसके प्रतिनिधि को नहीं बुलाया गया जबकि इलेक्शन कमीशन की तरफ से कहा गया कि उन्होंने बुलाया गया था लेकिन वह समय पर नहीं पहुंच सके।

कमीशन का आरोप है कि एक अध्यक्ष और जॉइंट सिकरेट्री पद के प्रत्याशी ने चुनाव समिति के साथ मारपीट की, चुनाव समिति की महिला सदस्यों के साथ मारपीट भी की गई।

इस हिंसा से जेएनयू छात्रसंघ इलेक्शन कमीशन ने काउंटिंग रोक दी है। छात्रों ने बताया कि इलेक्शन कमीशन ने एबीवीपी के लोगों को तीन बार बुलाया मगर कोई गया नहीं जिसके बाद गुस्साए एबीवीपी छात्रों ने इलेक्शन कमीशन के लोगों के साथ हाथापाई की।

इस हाथापाई के बाद कमीशन ने अनिश्चितकालीन वक़्त के लिए काउंटिंग रोक दी। उनका कहना है कि जब तक एबीवीपी के लोग अपनी हरकत जारी रखेंगें काउंटिंग नहीं शुरू की जाएगी।

वहीँ एबीवीपी का कहना है कि जेएनयूएसयू इलेक्शन में पहले राउंड काउंटिंग (साइंस स्कूल और अन्य स्पेशल सेन्टर) शुरू होने के समय एबीवीपी के काउंटिंग एजेंट को बुलाए बिना चुनाव समिति के सदस्यों ने लेफ्ट के कार्यकर्ताओं के साथ काउंटिंग शुरू कर दिया है।

छात्रों का कहना है कि चुनाव समिति के मेंबर्स और लेफ्ट दोनों मिलकर साजिश और धांधली कर रहे हैं।

बता दें कि बीते शुक्रवार जेएनयू छात्रसंघ चुनाव के चार अहम पदों के लिए शुक्रवार को वोटिंग हुई थी। जिसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पदों के लिए हुए इस चुनाव में 68 फीसदी वोटिंग हुई थी।

जिसके नतीजे 16 सितंबर को घोषित किए जाएंगे। चुनाव में एबीवीपी, बापसा, एनएसयूआई, संयुक्त वाम मोर्चा, छात्र राजद और सवर्ण मोर्चा ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया था।

 

Source: boltaup.com

DUSU चुनाव : EVM में धांधली कर ABVP को जिताया गया, बैलेट पेपर से दोबारा कराए जाएं चुनावः अजय माकन

Ajay Maken demands revoting fo DUSU with Ballot papers

दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनावों में मतगणना के दौरान ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद कांग्रेस ने चुनाव फिर से मतपत्र के ज़रिए कराने की अपील की है।

दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय माकन ने कहा कि हमारी मांग है कि डूसू चुनाव फिर से मतपत्र से कराएं जाएं। उन्होंने डुसू के अन्य सभी चुनावों को भी मतपत्र के ज़रिए कराए जाने की अपील करते हुए कहा कि हम यह भी चाहते हैं कि मतगणना कैमरे की निगरानी में हो।

ईवीएम में गड़बड़ी के बाद एबीवीपी की जीत पर सवाल खड़े करते हुए माकन ने कहा कि ऐसा क्यों होता है कि जब ईवीएम खराब होती है तो इसका फायदा सिर्फ बीजेपी और एबीवीपी को मिलता है, ईवीएम कभी कांग्रेस और एनएसयूआई को फ़ायदा नहीं पहुंचाती।

ग़ौरतलब है कि ईवीएम में गड़बड़ी की ख़बरों के बाद चुनाव आयोग ने सफ़ाई देते हुए कहा कि उन्होंने यूनिवर्सिटी को कोई ईवीएम नहीं दी। आयोग ने कहा कि मुमकिन है छात्र संघ चुनावों में इस्तेमाल की गई मशीनें यूनिवर्सिटी प्रशासन ने निजी तौर पर तैयार कराई हों।

चुनाव आयोग के इस बयान पर संदेह व्यक्त करते हुए माकन ने कहा कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा है कि चुनाव आयोग ने दिल्ली विश्वविद्यालय को कोई ईवीएम नहीं दी।

यहां तो चुनाव आयोग की कोई बात नहीं थी। हम तो सिर्फ यह कह रहे हैं कि डीयू में मशीनों से छेड़छाड़ हुई है। इस पर तो डीयू को जवाब देना चाहिए, लेकिन चुनाव आयोग जवाब दे रहा है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गईं तो वो अदालत का दरवाज़ा भी खटखटा सकते हैं। वहीं पत्रकार जैनेन्द्र कुमार ने इस मामले में जानकारी जेते हुए ट्विटर के ज़रिए कहा कि दिल्ली यूनिवर्सिटी ने उसी ECIL से ईवीएम खरीदा है जो चुनाव आयोग को भी ईवीएम सप्लाई करता है।

अगर डूसू में ईवीएम से छेड़छाड़ हो सकती है तो विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भी गड़बड़ी की जा सकती है। इसलिए मतपत्र से चुनाव होने चाहिए।

 

Source: boltaup.com