नाकाम होती दिख रही मोदी सरकार की विदेश नीति, अब अमेरिका ने दी भारत को धमकी,’अगर हथियार…’

One more failure of Modi Government by America

नई दिल्ली – रूस और अमेरिका के बीच तनातनी रहती है जिसका खामियाजा उन देशों को भुगतना पड़ता है जो अमेरिका विरोधी देशों के साथ संबंध रखते हैं. एक बार फिर अब अमेरिका ने भारत को ‘धमकी’ दी है. अमेरिका ने भारत चेताया है कि अगर भारत रूस से लगातार हथियार खरीदता रहा तो भारत को अमेरिका से छूट मिलने की गारंटी नहीं होगी.

अमेरिका की चिंता का कारण भारत की रूस के साथ होने वाली बड़ी रक्षा सौदे की डील है. बता दें कि भारत रूस से 39,000 करोड़ रुपये की लंबी दूरी की मारक क्षमता से लैस एस-400 मिसाइल रोधी टेक्नोलॉजी खरीद रहा है. इस रक्षा सौदे में दूसरे हथियारों की खरीद भी शामिल हैं. जिसके कारण अमेरिका की चिंता बढ़ गई है.

अमेरिका के पेंटागन में एशियाई सुरक्षा मामलों के सहायक मंत्री रैंडल स्रीवर ने बुधवारने कहा है कि , ”छूट देने वालों ने ऐसा माहौल बनाया है जिससे लगता है कि भारत को इस मामले में छूट मिलेगी ही, फिर चाहें वह कुछ भी करता रहे. मैं बताना चाहूंगा कि यह थोड़ी भ्रमित करने वाली बात है.” रैंडल ने कहा, हमें अभी भी इसकी चिंता है कि भारत रूस के साथ बड़े रक्षा सौदे कर सकता है. यहां बैठकर मैं आपसे यह नहीं कह सकता कि उन्हें छूट मिलेगी ही और उनके लिए प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी.

जानकारी के लिये बता दें कि रैंडल स्रीवर का बयान ऐसे समय में आया है, जब ठीक एक सप्ताह बाद नई दिल्ली में भारत और अमेरिका के रक्षा और विदेश मंत्रियों के बीच द्विपक्षीय वार्ता होने जा रही है. इस वार्ता के लिए अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ और रक्षा मंत्री जिम मैटिस भारत की राजधानी नई दिल्ली आने वाले हैं. हाल के कुछ सालों में भारत-अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण रक्षा सहयोगी साबित हुआ है. मौजूदा समय में रूस के साथ कारोबार करने वालों के लिए अमेरिका ने नियम बेहद सख्त बना दिये हैं.

अमेरिका का नियम है कि अगर कोई रूस के साथ रक्षा या फिर खुफिया विभाग से संबंधित सौदा करता है तो उसे अमेरिका के प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता है. लेकिन, रक्षा मंत्री जिम मैटिस की कोशिशों के कारण अमेरिकी संसद ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री को रूस के साथ सौदा करने वाले सहयोगी देशों को प्रतिबंधों से छूट देने का अधिकार दे दिया.

अमेरिकी CIA के पूर्व ऑफिसर ने आधार कार्ड को लेकर मोदी सरकार पर लगाया ये गंभीर आरोप

अमेरिकी जासूसी संस्था सीआईए के पूर्व ऑफिसर और व्हिसलब्लोअर एडवर्ड स्नोडेन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि UIDAI ने आधार के जरिये भारत में जासूसी का जाल बिछा दिया है। आधार कार्ड पर हमेशा से सशंकित राय देने वाले स्नोडेन ने कहा कि भारत में जिस तरह से आधार को हर चीज से लिंक किया जा रहा है उससे भारतीयों की आजादी प्रभावित हो रही है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक स्नोडेन हाल के उस विवाद पर बोल पर रहे थे, जहां कई एंड्रायड फोन के यूजर्स ने पाया कि उनके कॉन्टैक्ट लिस्ट में UIDAI का हेल्पलाइन नंबर जोड़ दिया गया है।

America CIA detective edward snowden ne kaha aadhar card janta ki jasoosi ke liye
America CIA detective edward snowden ne kaha aadhar card janta ki jasoosi ke liye

इस विवाद पर स्नोडेन UIDAI पर खूब बरसे। उन्होंने कहा, “UIDAI कहता है, ओह…फोन नंबर गलत है, ओह…ये हमने नहीं किया है…लेकिन ये वही नंबर है जो आपके कार्ड के पीछे छपा है।” आगे स्नोडेन कहते है कि UIDAI का तर्क है कि ये गगूल की गलती है, हम नहीं जानते हैं कि क्या हुआ है। दुनिया भर में कई खुफिया सूचनाओं को लीककर पहचान बनाने वाले स्नोडेन ने कहा कि UIDAI कहती है कि आपको इस गड़बड़ी का हवाला देकर सिस्टम की आलोचना नहीं करनी चाहिए, ये गलत है, इससे आपका पैसा बच रहा है, इससे लोग ठगी का शिकार होने से बच रहे हैं, इससे लोग दूसरे का सरकारी फायदा नहीं चुरा पा रहे हैं।”

America CIA detective edward snowden ne kaha aadhar card janta ki jasoosi ke liye
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जयपुर में एक कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये शिरकत करते हुए एडवर्ड स्नोडेन ने कहा कि ये बहुत भयानक है कि आधार की लिंकिंग अनिवार्य रुप से हर चीज से करवाई जा रही है और ये इस स्तर पर पहुंच गई है कि जबतक आप आधार नंबर नहीं देते हैं आप ना तो बच्चे पैदा कर सकते हैं और ना ही बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र बना सकते हैं। एडवर्ड स्नोडेन ने कहा कि जो आधार इनरोलमेंट एजेंसियां और प्राइवेट कंपनियां आधार का गलत इस्तेमाल करती हैं कि उनके खिलाफ अपराध कानूनों के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा, “जो कोई भी कंपनी ऐसी सेवा के लिए आपसे आधार नंबर मांगती है जिसका भुगतान सरकार नहीं कर रही है, या फिर जिससे की प्रत्यक्ष रुप से कोई सामाजिक लाभ के लिए सरकार द्वारा भगुतान नहीं किया गया है, तो उस कंपनी के खिलाफ दंड लगाया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, “उन पर सिर्फ जुर्माना नहीं लगना चाहिए, इसके लिए किसी को जेल जाना चाहिए।”

America CIA detective edward snowden ne kaha aadhar card janta ki jasoosi ke liye
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एडवर्ड स्नोडेन ने आलोचनाओं से निपटने के UIDAI के रवैये की भी निंदा की। स्नोडेन ने कहा, “आधार के बारे में कई स्कैंडल आ चुके हैं, और उन्हें इनका तार्किक जवाब देना चाहिए, उन्होंने आलोचनाओं पर सिस्टम को दुरुस्त करना चाहिए, सिस्टम चाक-चौबंद करना चाहिए, बजाय ये कहने के कि कोई भी आलोचना असंवैधानिक है, ये तो खौफ फैलाने जैसा है।”

उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा धोखा तो ये है जब सरकार आपको कहती है कि आप अपनी निजता, डेटा सुरक्षा और अपने अधिकारों के बारे में चिंता नहीं कीजिए। उन्होंने कहा, “ये तर्क कहां से आता है…और इसका उत्तर है नाजी जर्मनी…लेकिन स्वतंत्र समाज में इसे जैसा काम करना चाहिए उसके ये ठीक विपरित है…आपको ये बताने की जरूरत नहीं होनी चाहिए आपके पास अधिकार क्यों हैं…आपको ये समझाने की जरूरत नहीं होने चाहिए कि ये महत्वपूर्ण क्यों है और आपको इसकी जरूरत क्यों है।”