भाजपाई चला रहे सबसे ज्यादा बूचड़खाने, मुसलमान तो पाल रहे है सिर्फ गाय

BJP beef party

देश में गाय के नाम पर एक तरफ मुस्लिमों की हत्याओं का सिलसिला जारी है तो दूसरी और इस पर होने वाली राजनीति में भी कोई कमी नहीं है। आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने कहा कि लोग बीफ खाना छोड़ दे तो मोब लिचिंग की घटनाए रुक जाएगी। हालांकि बीफ खाने को लेकर उनका इशारा मुस्लिमों पर था।

इस मामलेमें समाजवादी पार्टी के नेता रामगोविंद चौधरी ने दावा किया है हिंदुस्तान के मुसलमान गोमांस नही खाते बल्कि गायें पालते हैं। बलिया के बैरिया में कार्यकताओं की बैठक को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘हिंदुस्तान के मुसलमान गोमांस नहीं खाते बल्कि मुसलमान तो गाय का पालन करते हैं।’

उन्होने ये भी कहा कि कहा कि देश में चल रहे कत्लखानों में से ज्यादातर को भाजपा के लोग चला रहे हैं। कत्लखाने चलाने वाले लोग सबसे ज्यादा भाजपा के हैं। चौधरी ने कहा, ‘सबसे ज्यादा स्लॉटर हाउस भारतीय जनता पार्टी के लोग चलाते हैं और सबसे ज्यादा निर्यात जैन धर्म के लोग करते हैं।’

चौधरी ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ पर हिटलर की विचारधारा को मानने का आरोप लगाते हुए कहा कि हिटलर की पूरी थयोरी को संघ और भाजपा के लोग मानते हैं। बता दें कि इससे पहले चौधरी ने शुक्रवार को कहा था कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता लालकृष्ण आडवाणी ने रथ यात्रा नहीं निकाली होती और अयोध्या में बाबरी मस्जिद नहीं ढहाई जाती तो अब तक राम मंदिर मसले का हल निकल चुका होता।

उन्होंने कहा था कि ‘अयोध्या में विवादित स्थल का मसला मंदिर का ताला खुलवाये जाने और शिलान्यास कराए जाने के बाद ही हल हो गया होता और देश में शांति तथा भाईचारा बना रहता लेकिन वर्ष 1990 में उसी समय आडवाणी ने देश में रथ यात्रा निकाली और उससे फैले उन्माद की वजह से मस्जिद ढहा दी गई। इसी कारण मामला अटक गया।’

अल कबीर
देश का सबसे बड़ा बूचड़खाना तेलंगाना के मेडक ज़िले में रूद्रम गांव में है. तक़रीबन 400 एकड़ में फैले इस बूचड़खाने के मालिक सतीश सब्बरवाल हैं. यह बूचड़खाना अल कबीर एक्स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड चलाता है.

मुंबई के नरीमन प्वॉइंट स्थित मुख्यालय से मध्य-पूर्व के कई देशों को बीफ़ निर्यात किया जाता है.

यह भारत का सबसे बड़ा बीफ़ निर्यातक भी है और मध्य-पूर्व के कई शहरों में इसके दफ़्तर हैं.

अल कबीर के दफ़्तर दुबई, अबू धाबी, क़ुवैत, ज़ेद्दा, दम्मम, मदीना, रियाद, खरमिश, सित्रा, मस्कट और दोहा में हैं.

अरेबियन एक्सपोर्ट्स
अरेबियन एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लमिटेड के मालिक सुनील कपूर हैं. इसका मुख्यालय मुंबई के रशियन मैनशन्स में है. कंपनी बीफ़ के अलावा भेड़ के मांस का भी निर्यात करती है.

इसके निदेशक मंडल में विरनत नागनाथ कुडमुले, विकास मारुति शिंदे और अशोक नारंग हैं.

एमकेआर एक्सपोर्ट्स
एमकेआर फ़्रोज़न फ़ूड एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक मदन एबट हैं. कंपनी का मुख्यालय दिल्ली में है.

एबट कोल्ड स्टोरेजेज़ प्राइवेट लिमिटेड का बूचड़खाना पंजाब के मोहाली ज़िले के समगौली गांव में है. इसके निदेशक सनी एबट हैं.

अल नूर एक्सपोर्ट्स
अल नूर एक्सपोर्ट्स के मालिक सुनील सूद हैं. इस कंपनी का दफ़्तर दिल्ली में है. लेकिन इसका बूचड़खाना और मांस प्रसंस्करण संयंत्र उत्तर प्रदेश के मुजफ़्फ़रनगर के शेरनगर गांव में है.

इसके अलावा मेरठ और मुबई में भी इसके संयंत्र हैं. इसके दूसरे पार्टनर अजय सूद हैं. इस कंपनी की स्थापना 1992 में हुई और यह 35 देशों को बीफ़ निर्यात करती है.

एओवी एक्सपोर्ट्
एओवी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड का बूचड़खाना उत्तर प्रदेश के उन्नाव में है. इसका मांस प्रसंस्करण संयंत्र भी है. इसके निदेशक ओपी अरोड़ा हैं.

यह कंपनी साल 2001 से काम कर रही है. यह मुख्य रूप से बीफ़ निर्यात करती है. कंपनी का मुख्यालय नोएडा में है.

अभिषेक अरोड़ा एओवी एग्रो फ़ूड्स के निदेशक हैं. इस कंपनी का संयंत्र मेवात के नूह में है.

स्टैंडर्ड फ़्रोज़न फ़ूड्स एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड
इसके प्रबंध निदेशक कमल वर्मा हैं.

इस कंपनी का बूचड़खाना और सयंत्र उत्तर प्रदेश के उन्नाव के चांदपुर गांव में है. इसका दफ्तर हापुड़ के शिवपुरी में है.

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पोन्ने प्रोडक्ट्सएक्सपोर्ट्स
पोन्ने प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट्स के निदेशक एस सास्ति कुमार हैं.

यह कंपनी बीफ़ के अलावा मुर्गी के अंडे और मांस के व्यवसाय में भी है.

कपंनी का संयंत्र तमिलनाडु के नमक्काल में परमति रोड पर है.

अश्विनी एग्रो एक्सपोर्ट्स
अश्विनी एग्रो एक्सपोर्ट्स का बूचड़खाना तमिलनाडु के गांधीनगर में है. कंपनी के निदेशक के राजेंद्रन धर्म को व्यवसाय से बिल्कुल अलग रखते हैं.

वे कहते हैं, “धर्म निहायत ही निजी चीज है और इसका व्यवसाय से कोई ताल्लुक नहीं होना चाहिए.”

राजेंद्रन ने इसके साथ यह ज़रूर माना कि उन्हें कई बार परेशानियों का सामना करना पड़ा है. कई बार ‘स्थानीय अधिकारियों ने उन्हें परेशान’ किया है.

महाराष्ट्र फ़ूड्स प्रोसेसिंग