बीजेपी विधायक ने फर्जी तरीके से जमीन हड़प बनाया स्कूल, एफआईआर दर्ज़

BJP legislator made seize land fraudulently school FIR lodged

भदोही: सुरियावां थाना क्षेत्र में विवादित भूमि को एक शिक्षण संस्था के नाम पर फर्जी तरीके से बंधक बनाने के आरोप में भदोही भाजपा विधायक रवींद्र त्रिपाठी, उनके पिता विक्रमादित्य त्रिपाठी समेत 6 के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत के आदेश पर गुरुवार देर रात पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. साथ ही सब इंस्पेक्टर बलवंत सिंह को मामले की विवेचना सौंपी गई है. सुरियावां थाना क्षेत्र के चौगना गांव निवासी कृष्णानंद तिवारी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में वाद दाखिल किया कि गाटा संख्या 126 रकबा में वह सह खातेदार है जिसमें विक्रमादित्य का अंश साढ़े तीन बिस्वा है.

आरोप है कि विक्रमादित्य और उनके लड़के भदोही विधायक रवींद्र नाथ त्रिपाठी ने साजिश कर विक्रमादित्य बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एक कथित संस्था बना लिया. जाली दस्तावेजों के आधार पर भाजपा विधायक ने सभी अंशधारकों की सहमति के बगैर संपूर्ण भूमि का स्वामित्व स्वयं के नाम कर लिया. साथ ही संस्था के नाम एक जाली अनुबंध तैयार कर तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षण आनंदकर पांडे द्वारा स्वीकृति भी प्राप्त कर ली गई है. इस बाबत कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद स्थानीय थाने में मुकदमा पंजीकृत नहीं किया गया. इससे क्षुब्ध होकर वादी ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है.

न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर भाजपा विधायक रवींद्रनाथ त्रिपाठी, उनके पिता विक्रमादित्य त्रिपाठी, भाई अरविंद तिवारी, सचिंद्र तिवारी, सुभाषचंद्र तिवारी के अलावा दस्तावेज तैयार करने वाले चंद्रजीत यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया था. प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह ने बताया कि अदालत के आदेश पर भाजपा विधायक सहित छह के खिलाफ जालसाजी एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया गया है. मामले की जांच शुरू कर दी गई है.

 

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दिल्ली: नहीं बदला जाएगा रामलीला मैदान का नाम, BJP नेता मनोज तिवारी ने वीडियो जारी कर की पुष्टि

BJP Leader Manoj Tiwari says Ramlila maidan name

कई बड़े आंदोलनों का गवाह रहा देश की राजधानी दिल्ली का ऐतिहासिक रामलीला मैदान को पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से बदले जाने को लेकर सियासी गलियों में चर्चा तेज हो गई। जहां एक तरफ दिल्‍ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस ख़बर को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है। वहीं, दूसरी और दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष और सांसद मनोज तिवारी ने ऐसी खबरों का खंडन किया।

BJP Leader Manoj Tiwari says Ramlila maidan name
BJP Leader Manoj Tiwari says Ramlila maidan name

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से एक वीडियो जारी कर कहा, कुछ लोग जानबूझकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम हम सबके आराध्य हैं इसलिये रामलीला मैदान का नाम बदलने का कोई सवाल ही नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस पर राजनीति कर रहे हैं।

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक नॉर्थ एमसीडी के मेयर आदेश गुप्ता ने कहा कि कई प्रस्ताव आए हैं। नामकरण की एक प्रक्रिया है, सदिन की बैठक में ही निर्णय होता है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर हम किसी तरह का विवाद नहीं चाहते। ऐसी कई जगहें हैं, जहां का नाम अटल जी पर रखा जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक मेयर के इस बयान से कहा जा रहा है कि विवाद पैदा होने के कारण नॉर्थ एमसीडी बैकफुट पर आती दिख रही है।

बता दें कि रामलीला मैदान का नाम बदलने की ख़बर पर आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक और दिल्‍ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर बीजेपी पर जोरदार तंज कसा था। उन्होंने कहा था कि ‘रामलीला मैदान इत्यादि के नाम बदलकर अटल जी के नाम पर रखने से वोट नहीं मिलेंगे, बीजेपी को प्रधानमंत्री जी का नाम बदल देना चाहिए।’

सीएम केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए लिखा, “रामलीला मैदान इत्यादि के नाम बदलकर अटल जी के नाम पर रखने से वोट नहीं मिलेंगे। भाजपा को प्रधानमंत्री जी का नाम बदल देना चाहिए। तब शायद कुछ वोट मिल जायें। क्योंकि अब उनके अपने नाम पर तो लोग वोट नहीं दे रहे।”

वहीं, चांदनी चौक से आम आदमी पार्टी(आप) की विधायक अलका लांबा ने ट्वीट करते हुए लिखा, “भक्त समझ नही पा रहे भगवान राम के नाम का विरोध करें या फिर अटल जी के नाम का …#रामलीलमैदान”

बता दें कि दिल्ली का ऐतिहासिक रामलीला मैदान कई आंदोलनों का गवाह रहा है। वर्ष 2013 में जब पहली बार आम आदमी पार्टी (आप) की दिल्ली में सरकार बनी थी तो अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री और उनके कुछ विधायकों ने मंत्री पद की यहीं शपथ ली थी। हालांकि, यह सरकार 49 दिन ही चल सकी थी। वर्ष 2015 में भी केजरीवाल ने फिर से यहीं अपना शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया था।

बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी शुक्रवार (17 अगस्त) पंचतत्व में विलीन हो गए। पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। कृतज्ञ राष्ट्र ने अश्रुपूरित नेत्रों के साथ अपने इस महान नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री को अंतिम विदाई दी। वाजपेयी का अंतिम संस्कार दिल्ली स्थित राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर किया गया। उनकी दत्तक पुत्री नमिता कौल भट्टाचार्या ने उन्हें मुखाग्नि दी।

पूर्व प्रधानमंत्री का गुरुवार (16 अगस्त) शाम निधन हो गया था। भारतीय राजनीति के अजातशत्रु कहे जाने वाले तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे अटल बिहारी वाजपेयी दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में गुरुवार शाम 5.05 बजे अंतिम सांस ली। 93 वर्षीय भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कद्दावर नेता को गुर्दे में संक्रमण, मूत्र नली में संक्रमण, पेशाब की मात्रा कम होने और सीने में जकड़न की शिकायत के बाद 11 जून को एम्स में भर्ती कराया गया था।

 

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VIDEO: ‘आम आदमी पार्टी’ के प्रोग्राम में शामिल हुए सत्रुघ्न सिन्हा, बीजेपी छोड़ने की तैयारी!

BJP Leader Shatrughan Sinha joined AAP govt program show black flag

दिल्ली सरकार की ओर से शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री व भाजपा के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा को पार्टी कार्यक्रताओं ने काले झंडे दिखाए।

बता दें कि शुक्रवार को दिल्ली सरकार ने उत्तर पूर्वी जिले के नंद नगरी से स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम को लॉंच किया। इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के साथ भाजपा नेता और सांसद शत्रुघ्न सिन्हा भी मौजूद रहे।

इस दौरान दोनों नेता मंच पर एक-दूसरे के साथ कंधा मिलाते हुए दिखे। हालांकि यह सब भाजपा कार्यकर्ताओं को पसंद नहीं आया, जिसके कारण कार्यकर्ताओं ने विरोध में शत्रुघ्न सिन्हा को काले झंडे दिखाए।

आपको बता दें कि मुखर होकर पार्टी लाइन से हमेशा अलग अपने विचार रखने वाले शत्रुघ्न सिन्हा के आम आदमी पार्टी सरकार (आप) के कार्यक्रम शामिल होने पर सियासी गलियारे में एक बार फिर से चर्चाएं शुरु हो गई है।

सियासी पंड़ितों का आंकलन है कि लोकसभा चुनाव से पहले सिन्हा कोई बड़ा धमाका कर सकते हैं। इधर आम आदमी पार्टी ने इस तरह के किसी भी संभावनाओं से इनकार किया है। हालांकि यह कोई पहला अवसर नहीं है जब सिन्हा आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यक्रम में शामिल हुए हैं।

 

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VIDEO: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लाल कृष्ण अडवाणी से की मुलाकात, पांव भी छुए

CM Mamata Banerjee meets Lal Krishna Advani

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार (1 अगस्त) को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण अडवाणी से संसद स्थित उनके कक्ष में मुलाकात की और इसे एक ‘शिष्टाचार भेंट’ बताया। इस मुलाकात के दौरान ममता बनर्जी ने आडवाणी के पांव भी छुए। आडवाणी के क़रीबी लोगों का कहना हैं कि ये एक रूटीन बैठक है।

CM Mamata Banerjee meets Lal Krishna Advani
CM Mamata Banerjee meets Lal Krishna Advani

समाचार एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों के बीच बैठक करीब 20 मिनट तक चली। ममता बनर्जी ने बैठक के बाद कहा, ‘मैं लाल कृष्ण अडवाणी जी को लंबे समय से जानती हूं। मैं उनके स्वास्थ्य के बारे में जानने गई थी। यह एक शिष्टाचार भेंट थी।’

बीजेपी से निलंबित नेता कीर्ति आजाद भी संसद में तृणमूल कांग्रेस के कार्यालय में ममता बनर्जी से मिलने पहुंचे। इसके अलावा कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, अहमद पटेल और समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव ने भी उनसे मुलाकात की।

कीर्ति आजाद ने मुलाकात के बाद कहा, ‘विपक्ष को एक करने के उनके प्रयास सराहनीय हैं।’ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के राजग गठबंधन के खिलाफ आज संसद में 14 विपक्षी दलों से मिलने की संभावना है।

बता दे कि ममता बनर्जी अपने तीन दिन के दौरे पर दिल्ली में हैं जहां वो आज कांग्रेस नेता सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगी। वहीं दूसरे विपक्षी दलों के नेताओं से भी ममता मुलाकात करेंगी।

ख़बरों के मुताबिक, ममता बनर्जी शाम पांच बजे सोनिया गांधी से उनके घर मिलने जाएंगी। शाम छह बजे कर्नाटक भवन में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा से मुलाकात करेंगी। वहीं रात आठ बजे साउथ एवेन्‍यु में दिल्‍ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से मुलाकात करेंगी।

देखिए वीडियो :

Source: jantakareporter.com