संघ का प्रमाणपत्र नहीं चाहिए, भागवत के बयान से मोदी-शाह चिंतित हों: कांग्रेस

we dont need rss certificate amit shah and modi should worries about mohan bhagwat statement says Congress

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत द्वारा आजादी की लड़ाई में कांग्रेस के योगदान की तारीफ किए जाने पर मुख्य विपक्षी पार्टी ने मंगलवार को कहा कि उसे ‘विभाजनकारी और नफरत फैलाने वाले’ संगठन से प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है.

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी कहा कि भागवत के बयान से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को चिंतित होना चाहिए क्योंकि ऐसा लगता है कि इस जोड़ी के ‘विध्वंसक रवैये’ से आरएसएस भी असहमत है.

सुरजेवाला ने कहा, ‘मैंने इस बारे में (भागवत के बयान) अखबारों में पढ़ा है. अगर इससे किसी को चिंतित होना चाहिए तो वह मोदी जी और अमित शाह की जोड़ी को होना चाहिए. ऐसा लगता है कि अब बीजेपी का मातृ संगठन मोदी-शाह जोड़ी के विध्वंसक रवैये से पूरी तरह असहमत है.’

उन्होंने कहा, ‘संपूर्ण भारत को पता है कि भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई और देश की एकता एवं अखंडता के लिए कांग्रेस ने क्या बलिदान दिए हैं. महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सरदार बेअंत सिंह, विद्याचरण शुक्ल और नंद कुमार पटेल और अन्य हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने देश के लिए बलिदान दिया.’ सुरजेवाला ने कहा, ‘विभाजनकारी और नफरत पैदा करने वाले संगठन से कांग्रेस को किसी प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है.’

आरएसएस के कार्यक्रम में सोमवार को भागवत ने यह कहकर सभी को चौंका दिया था कि कांग्रेस का आजादी की लड़ाई में बड़ा योगदान है और उसने देश को कई महान हस्तियां दी हैं.

Source: hindi.firstpost.com

BJP के आने वाले समय पर अखिलेश का वार, मोदी सरकार पर लगाये ये आरोप

Akhilesh Yadav Samajwadi party president told bjp as a breaking party

यूपी में महागठबंधन का पेच फंसता नजर आ रहा है। सीटों के बंटवारे को लेकर मायावती के बयान के बाद समाजवादी पार्टी और कांग्रेस बैकफुट पर नजर आ रही हैं। हालांकि, समाजवादी पार्टी (एसपी) गठबंधन के लिए दो कदम पीछे जाने को भी तैयार है। एसपी अध्यक्ष अखिलेश यादव का कहना है कि बीजेपी को हराने के लिए उनकी पार्टी गठबंधन करेगी, चाहे इसके लिए दो कदम पीछे हटना पड़े।

Akhilesh Yadav Samajwadi party president told bjp as a breaking party
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अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘बीजेपी को हराने के लिए एसपी गठबंधन करेगी, भले ही इसके लिए दो कदम पीछे हटना पड़े। हमारा अजेंडा देश को बचाना है। उसके लिए सभी को आगे आना चाहिए। सिर्फ राजनैतिक दल ही नहीं, बल्कि देश की जनता भी बीजेपी को हटाना चाहती है।’ अखिलेश ने आगे कहा, ‘मैं समझता हूं कि आने वाले समय में आप देखेंगे कि एक बहुत अच्छा गठबंधन तैयार होगा।’

वहीं पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार बढ़ोत्तरी अखिलेश ने कहा, ‘भारत कई मोर्चों पर पिछड़ रहा है। महंगाई और पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। हम चाहते हैं कि बीजेपी वाले ऐसा चमत्कार करें, उनकी आर्थिक नीतियों में ऐसा चमत्कार हो कि जितना आज डॉलर में रुपया आ रहा है, एक दिन ऐसा आए कि रुपये में उतना डॉलर हो।’

Akhilesh Yadav Samajwadi party president told bjp as a breaking party
Akhilesh Yadav Samajwadi party president told bjp as a breaking party

दरअसल, मायावती ने विपक्षी दलों को यह कहकर एक बार फिर से सोचने के लिए मजबूर कर दिया है कि वह किसी भी गठबंधन में तभी जाएंगी, जब उन्हें सम्मानजनक सीटें मिलें। बीएसपी चीफ मायावती की ओर से सम्मानजनक सीटों की बात करना और कांग्रेस को भी महंगे ईंधन के लिए जिम्मेदार ठहराने के बयान को सीटों की सौदेबाजी के लिए दबाव के तौर पर देखा जा रहा है। यही नहीं बीएसपी चुपचाप अपने उन इलाकों में पैठ मजबूत करने में जुटी है, जिन्हें उसके मजबूत गढ़ों के तौर पर देखा जाता रहा है।

दूसरी तरफ एसपी चीफ अखिलेश यादव भी छोटी पार्टियों के संपर्क में बताए जा रहे हैं। वह निषाद पार्टी और पीस पार्टी को विपक्षी कैंप में लाने की कोशिश में हैं। हालांकि कांग्रेस और राष्ट्रीय लोकदल सीटों के समझौते के मामले में अपनी जगह तलाशने की कोशिश में हैं। वहीं कहा जा रहा है कि कांग्रेस यूपी में 10 सीटों से कम पर तैयार नहीं है।

Akhilesh Yadav Samajwadi party president told bjp as a breaking party
Akhilesh Yadav Samajwadi party president told bjp as a breaking party

उधर, पूर्व केंद्रीय मंत्री अजीत सिंह की आरएलडी को सीटें आवंटन करने में काफी सतर्कता बरती जा रही है। माना जा रहा है कि कांग्रेस और आरएलडी के 2014 के लोकसभा चुनाव और 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में प्रदर्शन को देखते हुए उनकी ज्यादा सीटों की मांग पर भी पेच फंस सकता है।

यदि बीएसपी को महागठबंधन में सबसे ज्यादा सीटें मिलती हैं तो फिर समाजवादी पार्टी उससे 5 सीट से ज्यादा कम पर समझौता नहीं करेगी। कांग्रेस को सीट-शेयरिंग के फॉर्म्युले में कम से कम 10 सीटें हाथ लगने की उम्मीद है। इसके अलावा, अजित सिंह का पार्टी आरएलडी को साधना भी चुनौतीपूर्ण होगा। कांग्रेस और आरएलडी के लिए मुश्किल यह है कि 2014 के आम चुनाव और 2017 के विधानसभा चुनाव के परफॉर्मेंस के आधार पर उनका दावा कमजोर है।

RTI में खुलासा : नोटबंदी के बाद गुजरात में BJP नेताओं की अध्यक्षता वाले बैंकों में जमा हुआ हज़ारों करोड़, क्या मोदी ने कालेधन को किया सफ़ेद!

Thousands of crores deposited in gujarat banks after demonetisation

प्रधानमंत्री मोदी ने 8 नवम्बर 2016, को नोटबंदी की घोषणा करते हुए कहा था कि ये कदम कालेधन को खत्म करने के लिए हैं। लेकिन जिस तरह के तथ्य सामने आ रहे हैं उससे लग रहा है ये कदम कालेधन को ख़त्म करने के लिए नहीं बल्कि उसे सफ़ेद करने के लिए उठाया गया था।

एक आरटीआई में ये खुलासा हुआ है कि नोटबंदी के बाद गुजरात के उन सहकारी बैंकों में सबसे ज़्यादा पैसा जमा कराया गया जिनके अध्यक्ष भाजपा नेता थे। सहकारी बैंक किसी भी संस्था द्वारा शुरू किये जाते हैं। इनके प्रशासन में अक्सर राजनेता होते हैं।

मुंबई के आरटीआई कार्यकर्ता मनोरंजन राय ने इस संबंध में सरकार से जानकारी मांगी थी जिसके आधार पर मिली जानकारी के तहत गुजरात कांग्रेस दावा कर रही है कि 10 नवंबर 2016 से लेकर 14 नवंबर 2016 तक गुजरात के जिन 10 बैंकों में करोड़ों रुपए के पुराने नोट बैंकों में जमा कराए गए थे, उस बैंक के चेयरमैन, प्रेसिडेंट और डायरेक्टर सभी भाजपा के नेता ही रहे हैं।

इस रिपोर्ट के बाद गुजरात कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष दोषी ने सरकार से इस मामले की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद गुजरात से आते हैं और उनके नोटबंदी के ऐलान के बाद उनकी ही पार्टी के नेताओं के बैंकों में पैसा जमा कराया गया। इस पूरे मामले की जांच की जाना चाहिए।

ये हैं वो बैंक
इन बैंकों की सूची में सबसे ऊपर अहमदाबाद जिला सहकारी बैंक (एडीसीबी) है, जिसके निदेशक भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और अध्यक्ष भाजपा नेता अजयभाई एच पटेल हैं. इस बैंक में नोटबंदी के दौरान सर्वाधिक 745.59 करोड़ मूल्य के प्रतिबंधित नोट जमा किए गए।

राजकोट के सबसे बड़े को-ऑपरेटिव बैंक राजकोट जिला को-ऑपरेटिव बैंक में शुरुआती चार दिनों के अंदर 693 करोड़ रुपए जमा कराए गए इस बैंक के चेयरमैन जयेश रादडिया हैं जो इस समय गुजरात सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं।

इसी तरह सूरत जिला को-ऑपरेटिव बैंक में शुरुआती 4 दिनों में 369 करोड़ रुपए जमा कराए गए थे और इस बैंक के चेयरमैन भाजपा के नेता नरेश पटेल और प्रभुभाई पटेल हैं।

साबरकांठा डिस्ट्रीक सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक में 328 करोड़ जमा कराए गए और इसके चेयरमैन भाजपा के नेता महेशभाई पटेल हैं, जबकि डायरेक्टर भाजपा के नेता राजेंद्र सिंह चावड़ा और दूसरे डायरेक्टर के तौर पर प्रफुल्लभाई पटेल हैं।

वैसे ही बनासकांठा डिस्ट्रीक को-ऑपरेटिव बैंक में उन 4 दिनों में 295 करोड़ जमा हुए। इसके चेयरमैन थे तत्कालीन गुजरात सरकार मंत्री शंकर चौधरी।

महेसाना जिला सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक में भी 4 दिनों में बड़ी मात्रा में पैसा जमा कराया गया. इस बैंक में 215 करोड़ जमा हुए, जिसमें राज्य के उपमुख्यमंत्री नीतिन पटेल बडे़ पद पर विराजमान हैं।

राज्य के अन्य जिला को-ऑपरेटिव बैंकों में अमरेली जिला सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक, भरुच जिला सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक, वडोदरा जिला सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक, जुनागढ़ जिला को-ऑपरेटिव बैंक और पंचमहल जिला को-ऑपरेटिव बैंक में भी मोटी रकम जमा कराई गई। इन बैंकों के उच्च पदों पर भी भाजपा के नेता ही काबिज हैं।

Source: boltaup.com

वीडियो: राहुल बोले- मोदी सरकार में तानाशाही एक पेशा बन गई है

Dictatorship in Modi government has become a profession Rahul Gandhi

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुलिस के लाठीचार्ज को सरकार की तानाशाही बताया है। राहुल गांधी बुधवार को नरेंद्र मोदी सरकार एवं रमन सिंह सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार में तानाशाही अब एक पेशा बन चुकी है।

गांधी ने घटना का वीडियो शेयर करते हुए ट्वीट किया, ‘नरेंद्र मोदी की हुकूमत में तानाशाही एक पेशा बन गई है। बिलासपुर में रमन सिंह की सरकार द्वारा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के मौलिक अधिकारों पर बुजदिली से किए गए इस प्रहार को वहाँ की जनता सियासी जुल्म के रूप में याद रखेगी।’

बिलासपुर में पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं की कथित रूप से पिटाई की जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अटल श्रीवास्तव घायल हो गये। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया है।

खबरों के मुताबिक कांग्रेस कार्यकर्ता नगर निकाय मंत्री अमर अग्रवाल के घर पर प्रदर्शन करने गए थे जहां उनकी पिटाई की गई।

दरअसल, कुछ दिन पहले अमर अग्रवाल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कचरा कह दिया था जिससे भड़के पार्टी कार्यकर्ता विरोध स्वरूप मंत्री के घर पर कचरा फेंकने पहुंचे थे। (इनपुट:भाषा)

 

Source: amarujala.com

Delhi sealing: बीजेपी एमपी मनोज तिवारी को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

Delhi Sealing Supreme Court issues contempt notice to bjp mp manoj tiwari

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली के बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी को नोटिस जारी कर दिया है. कोर्ट की तरफ बनाई गई कमिटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मनोज तिवारी ने सीलिंग तोड़ी थी.

जस्टिस मदन बी लोकुर, एस अब्दुल नजीर और दीपक गुप्ता की बेंच ने बीजेपी सांसद मनोज तिवारी को 25 सितंबर कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया है. पीठ ने कहा कि यह ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ है कि चुने गए प्रतिनिधि कोर्ट के फैसले की अवमानना करते हैं.

सीलिंग तोड़ने के बाद मनोज तिवारी की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं. कोर्ट के नोटिस से पहले उनके खिलाफ एफआईआर भी हो चुका है. दिल्ली पुलिस ने मनोज तिवारी के खिलाफ आईपीसी की धारा 188, डीएमसी एक्‍ट 461 और 465 के तहत मामला दर्ज किया गया है.

क्या है मामला?

दरअसल रविवार को मनोज तिवारी का गोकुलपुरी में एक दुकान की सीलिंग का ताला तोड़ते हुए वीडियो वायरल हुआ था. इसके बाद एमसीडी ने उनके खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. सुप्रीम कोर्ट की मॉनिटरिंग कमेटी ने भी इसे लेकर नाराजगी जाहिर की थी.

मनोज तिवारी ने अपनी इस हरकत पर कहा था कि ‘अगर उस इलाके में एक हजार घर हैं तो एक घर सील्ड क्यों रहेगा. मैं ‘पिक एंड चूज’ सिस्टम के खिलाफ हूं. इसलिए मैंने सीलिंग का ताला तोड़ दिया.’

 

Source: hindi.firstpost.com

सांसद संजय सिंह का पीएम मोदी पर हमला, कहा ‘चेहरे पर जो लाली है, वो राफेल की दलाली है’

Sanjay Singh angry on Modi sarkar for Rafale

लखनऊ – आम आदमी पार्टी के तेज तर्रार प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने लखनऊ के VVIP गेस्ट हाउस में प्रेस कांफ्रेंस की. जिसमें उन्होंने भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। संजय सिंह ने बताया कि आम आदमी पार्टी की सहारनपुर से नोएडा तक की दूसरे चरण की पद यात्रा खत्म हो चुकी है। अभी तीन यात्रा और होनी है। उन्होंने बताया कि पूर्वांचल के क्षेत्र में 250 किलोमीटर यात्रा होगी। संजय सिंह के मुताबिक दूसरी यात्रा का परिणाम काफी अच्छा रहा. किसान , शिक्षामित्र, आशा बहु सभी संगठनो से मिलाकर सबने अपनी समस्या सामने रखी।

Sanjay Singh angry on Modi sarkar for Rafale
Sanjay Singh angry on Modi sarkar for Rafale

संजय सिंह ने बताया कि बार के लोगो ने पश्चिमी उत्त्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की मांग की। वहीं 11 हज़ार करोड़ गन्ना किसानों का बाकी है , योगी जी उनके जले पर नमक छिड़क रहे हैं। सहारनपुर के आदमी के लिए इलाहाबाद कोर्ट की अपेक्षा लाहौर का कोर्ट नजदीक पड़ता है। मुख्यमंत्री बोल रहे है गन्ना उगाने से डायबिटीज हो रहा है। संजय सिंह ने सवाल किया कि किसान गन्ना न उगाए तो क्या भगवा वस्त्र पहन कर मंदिर चले जाएं। शर्म आती है उत्तर प्रदेश के युवाओं की योग्यता का माजक उड़ाते है।

Sanjay Singh angry on Modi sarkar for Rafale
Sanjay Singh angry on Modi sarkar for Rafale

संजय सिंह ने कहा कि नौकरी के लिए लोग आते हैं लेकिन पेपर लीक हो जाता है और उनको लाठियों से पिटवाया जाता है। यात्रा में यशवंत सिन्हा, सत्रुघ्न सिन्हा और अरविंद केजरीवाल भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश में चार राज्य बनाने की मांग को लेकर आंदोलन करेगी। संजय ने कहा कि आज पेट्रोल डीजल के दाम आसमान छू रहे है। पेट्रोल डीजल दाम बढ़ रहे है इसका कारण मोदी सरकार की नीतियां है। 14 लाख करोड़ टैक्स के नाम पर मोदी सरकार ने जनता से लेने का काम किया है। 99.3 प्रतिशत पैसा फ़िर से वापस आ गया,काला धन कहा गया।

Sanjay Singh angry on Modi sarkar for Rafale
Sanjay Singh angry on Modi sarkar for Rafale

नोटबंदी और राफेल

आम आदमी पार्टी के सांसद ने कहा कि नोटबन्दी के नाम पर 150 जिंदगियां ले ली। उन्होंने कहा कि नोटबन्दी आजादी के बाद का सबसे बड़ा घोटाला था। राफेल का घोटाला रक्षा क्षेत्र का आजादी के बाद का सबसे बड़ा घोटाला हैं। उन्होंने कहा कि 36 हजार करोड़ का घोटाला है। उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि चेहरे पर जो लाली है, वो राफेल की दलाली है। अब इनका हर काम 22 में हो रहा है, 19 में विदाई हो रही नही देख रहे। विजय माल्या का जो मामला है, वो बिना सरकार की मदद के ये लोग बाहर नही जा सकते।

Sanjay Singh angry on Modi sarkar for Rafale
Sanjay Singh angry on Modi sarkar for Rafale

उन्होंने कहा कि 21 हजार की लूट करके नीरव मोदी प्रधानमंत्री के साथ फोटो खींचता है और भाग जाता है। विजय माल्या अरुण जेटली के साथ 20 मिनट की मीटिंग करता है और विदेश चला जाता है। सीबीआई को कौन संचालित करता है पूरा देश जानता है। आम आदमी पार्टी अभी तक किसी गठबंधन का हिस्सा नही है। संजय सिंह ने कहा कि अगर नफरत के सौदागर को हराने के लिए कुछ पार्टियां गठबंधन कर रही है तो वो सराहनीय है। उन्होंने कहा कि हम देश में लगभग 100 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश में 4 राज्य बनाने की मांग करेगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, अवध प्रदेश, पूर्वांचल उत्तर प्रदेश, बुन्देलखण्ड प्रदेश की मांग करेंगे।

Sanjay Singh angry on Modi sarkar for Rafale
Sanjay Singh angry on Modi sarkar for Rafale

उन्होंने कहा कि सबसे ज़्यादा पेट्रोल और डीज़ल के दाम रुला रहा है , और इसकी हकीकत जानना सबके लिए ज़रूरी है। बढ़े दामो के लिए नरेन्द्र मोदी जी की नीति ज़िम्मेदार है। नोट बंदी में रिश्वतखोरी को और आसान बना दिया। नोट बंदी देश की आज़ादी के बाद से सबसे गलत फैसला था।

बिहार में बीजेपी-जेडीयू सीट शेयरिंग पर सहमति! उपेक्षा से दूसरे सहयोगी दलों के तल्ख तेवर

Seat sharing between BJP and JDU in Bihar other parties in NDA getting angry

पटना में जेडीयू की राज्य कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करते हुए जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोकसभा चुनाव में बीजेपी के साथ गठबंधन के मुद्दे पर सहमति होने का ऐलान कर दिया. नीतीश कुमार ने कहा, ‘सारी बातचीत हो चुकी है जो कि बहुत ही कॉन्फिडेंशियल है. बात इतनी कॉन्फिडेंशियल है कि मेरे अगल-बगल रहने वालों को भी इसकी भनक नहीं है. बीजेपी ने उन्हें कितनी सीटें दी है इसका राज वह अभी नहीं खोलेंगे.’ नीतीश ने कहा ‘बीजेपी ने उन्हें ऐसा करने से मना किया है.’

जेडीयू-बीजेपी में बनी बात !

बिहार की कार्यकारिणी की बैठक में नीतीश कुमार के ऐलान के बाद अब जेडीयू-बीजेपी के बीच गठबंधन को लेकर चल रही किसी तरह की खींचतान के कयासों पर विराम लग गया है. जेडीयू सूत्रों के मुताबिक, ‘जेडीयू के खाते में 15 सीटें मिल सकती हैं. हालांकि, एक और सीट पर अभी बातचीत चल रही है. यानी समझौते के मुताबिक, जेडीयू 15 से 16 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है. हालांकि अभी यह खुलासा नहीं हो पाया है कि जेडीयू को मिली सीटों में झारखंड और यूपी में भी लोकसभा की एक-दो सीट होगी या नहीं.

जेडीयू सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी प्रवक्ताओं को भी बीजेपी के साथ सीट शेयरिंग पर चुप रहने की नसीहत दी है.

Seat sharing between BJP and JDU in Bihar other parties in NDA getting angry
Seat sharing between BJP and JDU in Bihar other parties in NDA getting angry

पूरे मामले को बेहद कॉन्फिडेंशियल बताना और दूसरी तरफ सीट शेयरिंग पर कंफिडेंस दिखाना साफ संकेत दे रहा है कि नीतीश कुमार की बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात के बाद जो माहौल बना था वो सही दिशा में जा रहा है.

जेडीयू के प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार फर्स्टपोस्ट से बातचीत के दौरान कहते हैं ‘सीट शेयरिंग के मुद्दे पर जिन लोगों ने विवाद पैदा करने और भ्रम फैलाने की कोशिश की थी उन्हें अब औंधे मुंह गिरना पड़ा है. जेडीयू की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में स्पष्ट हो गया है कि अपने कार्यक्रम की बदौलत और अपने काम की बदौलत जेडीयू हर चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए तैयार है.’

नीतीश के ऐलान से नाराज दूसरे सहयोगी

लेकिन, जेडीयू-बीजेपी के साथ सीट शेयरिंग का मुद्दा फाइनल होने की बात कहे जाने पर एनडीए के दूसरे सहयोगी अनजान हैं. उन्हें लगता है कि बड़ी पार्टी होने के नाम पर जेडीयू और बीजेपी की तरफ से उनकी उपेक्षा की जा रही है. बिहार में एनडीए की सहयोगी आरएलएसपी ने नीतीश कुमार के राज्य कार्यकारिणी में गठबंधऩ पर दिए बयान को यूनिलेटरल (एकतरफा) फैसला बताया है.

आरएलएसपी के इंटेलेक्चुएल सेल के प्रमुख सुबोध कुमार का कहना है ‘यह एरोगेंस ऑफ पावर है.’ सुबोध कुमार ने फ़र्स्टपोस्ट से बातचीत में नीतीश कुमार के बयान को ‘व्याकुलता की निशानी’ बताया है. उनका मानना है ‘इस तरह से एकतरफा ऐलान नहीं होना चाहिए था, बल्कि, कोऑर्डिनेशन के जरिए बात होनी चाहिए थी.’ उन्होंने मांग की है ‘जल्द से जल्द एनडीए के सभी घटक दलों के साथ बैठक कर सीट शेयरिंग पर अंतिम फैसला कर लेना चाहिए.’

उधर आरएलएसपी से अलग राह पर चल रहे जहानाबाद से सांसद अरुण कुमार भी इस फैसले को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सुशील मोदी दोनों पर प्रहार कर रहे हैं. अरुण कुमार ने फ़र्स्टपोस्ट से बातचीत में बताया, ‘बिहार में नीतीश कुमार और सुशील मोदी का मिलन ही राज्य के हित में नहीं है. यहां शिक्षा का कबाड़ा बना दिया गया है, कानून-व्यवस्था ध्वस्त है, शिक्षा मंत्री कह रहे हैं कि बिहार में फर्जी शिक्षक हैं.’ अरुण कुमार बिहार में मुख्यमंत्री-उपमुख्यमंत्री की जोड़ी के खिलाफ ही लड़ाई की बात कर रहे हैं.

हालांकि एलजेपी की तरफ से कोई तल्ख प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन, पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बिहार में जेडीयू-बीजेपी के साथ मिलकर ही एलजेपी चुनाव लड़ेगी.

बिहार में एनडीए के सहयोगी उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी की तरफ से जिस तरह संकेत दिया जा रहा है उससे साफ है कि कुशवाहा किसी भी कीमत पर कम सीटों पर समझौते के मूड में नहीं हैं. उनकी पार्टी के नेता लोकसभा में जेडीयू से बड़ी पार्टी होने की बात कर रहे हैं. लेकिन, नीतीश कुमार की एनडीए में वापसी के बाद पूरा समीकरण बदल गया है. अब बातचीत की टेबल पर अनदेखी से एनडीए के दूसरे दल नाराज हो रहे हैं.

दशहरा बाद नीतीश कैबिनेट का विस्तार

Seat sharing between BJP and JDU in Bihar other parties in NDA getting angry
Seat sharing between BJP and JDU in Bihar other parties in NDA getting angry

लेकिन, नीतीश कुमार ने बीजेपी के साथ बात बनने के बाद अब लोकसभा चुनाव से पहले संगठन और सरकार दोनों को चुस्त करने का फैसला किया है. उम्मीद की जा रही है कि दशहरा के बाद नीतीश कैबिनेट का विस्तार किया जाएगा, जिसमें वक्त के हिसाब से कुछ नए चेहरों को जगह दी जाएगी, जबकि कुछ पुरानों की छुट्टी भी की जाएगी.

जेडीयू सूत्रों के मुताबिक, ‘कैबिनेट विस्तार से पहले ब्लॉक से लेकर जिला और राज्य स्तर पर 20 सूत्री कमिटी का गठन किया जाएगा. 20 सूत्रीय इस कमेटी के गठन के बाद आयोग और बोर्ड-निगम में खाली पड़े पदों को भरा जाएगा. कहा जा रहा है कि बोर्ड और निगमों में जेडीयू के नेताओं को पद पर बैठाने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कैबिनेट का विस्तार करेंगे.

नीतीश कुमार बीजेपी के साथ ‘कॉन्फिडेंशियल’ बातचीत के बाद भले ही ज्यादा आश्वस्त लग रहे हों, लेकिन, दूसरे सहयोगियों के रुख को देखकर लोकसभा चुनाव से पहले बिहार में एनडीए में उलटफेर की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.

 

Source: hindi.firstpost.com

कांग्रेस ने गोवा में सरकार बनाने का दावा किया पेश, चिट्ठी लेकर राजभवन पहुंचे विधायक

Congress in talks with others for stable alternative in goa says aicc incharge

गोवा में कांग्रेस ने सरकार बनाने का दावा पेश किया है. एबीपी न्यूज के अनुसार कांग्रेस के 14 विधायक सोमवार को राज्यपाल मृदुला सिन्हा से मिलने राजभवन पहुंचे. यहां राज्यपाल को न पाकर कांग्रेस का प्रतिनिधित्वमंडल सरकार बनाने का दावा पेश करने वाली चिट्ठी छोड़कर आया.

बता दें कि गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर पिछले कुछ महीने से गंभीर रूप से बीमार रहे हैं. उनकी बीमारी को देखते हुए किसी नए को यहां सरकार की कमान देने की अटकलें लगाई जा रही हैं. हालांकि बीजेपी ने इससे इनकार किया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर रविवार को पर्रिकर को विशेष विमान से दिल्ली लाया गया जहां चेकअप के लिए उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया.

इस वजह से बीते 7 महीने से 3 बार इलाज के सिलसिले में अमेरिका होकर लौटे हैं.

Source: hindi.firstpost.com

बीजेपी सांसद के पैर धोकर कार्यकर्ता ने पीया पानी, विवाद देख ग्रन्थों से जायज ठहराया

BJP Worker wash the feet of BJP MP and Drunk

गोड्डा : कलाली से कन्हवारा गांव में कझिया नदी पर 21 करोड़ की लागत से बनने वाले हाइलेवल पुल के शिलान्यास के मौके पर भाजपा कार्यकर्ता द्वारा बीजेपी सांसद डॉ निशिकांत दुबे के पैर धोकर उसी पानी को पीने का मामला सामने आया है।

डॉ. निशिकांत दुबे ने अपनी फेसबुक वाल पर इसकी तस्वीर साझा करते हुए कार्यकर्ता की काफी प्रशंसा की, हालांकि आलोचना के शिकार होते देख काफी देर के बाद उन्होंने उस पोस्ट को एडिट कर पांव पखार कर पीने की बात को हटा दिया।

इस तस्वीर को अपने फेसबुक पर डालते हुए सांसद ने लिखा कि आज मैं खुद को बहुत छोटा कार्यकर्ता समझ रहा हूं। उन्होंने बताया कि भाजपा के महान कार्यकर्ता पवन साह ने पुल बनाने की खुशी में हजारों लोगों के सामने उनके पैर धोए। उन्होंने आगे ऐसी इच्छा भी जताई कि उन्हें भी यह मौका मिले और वह भी कार्यकर्ता के पैर धोकर ‘चरणामृत’ पिएं।

विवाद बढ़ता देख उन्होने अपनी सफाई में लिखा कि “अपनों में श्रेष्ठता बांटी नही जाती और कार्यकर्ता यदि खुशी का इजहार पैर धोकर कर रहा है तो क्या गजब हुआ?” उन्होंने संस्कृति और परंपरा के हवाले से कहा कि पैर धोना तो झारखंड में अतिथि के लिए होता ही है। सारे कार्यक्रम में आदिवासी महिलाएँ क्या यह नहीं करती हैं?

उन्होंने अपनी आलोचना को गलत ठहराते हुए लिखा कि इसे राजनीतिक रंग क्यों दिया जा रहा है? अतिथि के पैर धोना गलत है तो अपने पुरखों से पूछिए कि महाभारत में कृष्ण जी ने क्या पैर नहीं धोए थे? लानत है घटिया मानसिकता पर।

माल्या केस में ललित मोदी की एंट्री, कहा- अरुण जेटली को झूठ बोलने की आदत

Lalit Modi's entry in the case of Mallya said Arun jaitley's habit of lying

भारत से करोड़ो रुपए लेकर फरार शराब कारोबारी विजय माल्या ने देश छोडने से पहले हाल ही में वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ मुलाक़ात का खुलासा किया है। जिसके बाद भारत की राजनीति में भूचाल सा आ गया। हालांकि जेटली ने माल्या के दावों को पूरी तरह से खारिज किया है।

इसी बीच अब इस पूरे विवाद में अब आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी की एंट्री हुई है। उन्होने जेटली की तुलना सांप से की। उन्होंने कहा, ‘अरुण जेटली को झूठ बोलने की आदत है।’

ललित मोदी ने ट्वीट करचे हुए लिखा है कि अरुण जेटली को झूठ बोलने की आदत है, विजय माल्या से अरुण जेटली की कथित मुलाकात पर कहा कि जेटली इस तरह का इनकार क्यों कर रहे हैं जब कई लोग इस बात को जानते हैं कि उसने मुलाकात की थी, जो वहां मौजूद थे। अरुण जेटली को झूठ बोलने की आदत है। आप एक सांप (चिह्न) से क्या उम्मीद कर सकते हैं। ललित मोदी पर आईपीएल के ठेके देने में रिश्वत लेने, मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं और वह भारत से 2010 से फरार है।

बता दें कि कल विजय माल्या ने लंदन में दावा किया था कि वो भारत छोड़ने से पहले सेटलमेंट के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मिला था। माल्या के दावों को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, ‘मेरे संज्ञान में यह बात सामने आई है कि विजय माल्याय ने सेटलमेंट ऑफर के लिए मुझसे मिलने का दावा किया है जो कि पूरी तरह से गलत हैं क्योंकि यह सच को सामने नहीं रखता।’ उन्होंने कहा, कि उन्होंने साल 2014 के बाद से ही माल्या को कभी मुलाकात का समय नहीं दिया।

पीएम मोदी को कहा था अनपढ़, अब बोले संजय निरुपम – ‘लोकतंत्र में पीएम भगवान नहीं होता’

PM Modi has said illiterate says Sanjay Nirupam

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संजय निरुपम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बुधवार को एक विवादित बयान दिया। उन्होंने मोदी को ‘निरक्षर’ करार दिया।

महाराष्ट्र के स्कूलों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जिंदगी पर बनी लघु फिल्म दिखाने के राज्य सरकार के फैसले की आलोचना करते हुए निरुपम ने कहा, ‘जो बच्चे स्कूल, कॉलेज में पढ़ रहे हैं मोदी जैसे अनपढ़-गंवार के बारे में जानकर उननो क्या मिलने वाला है? यदि कोई बच्चा पीएम की शैक्षणिक योग्यता के बारे में सवाल करेगा तो आप उसे क्या बताएंगे? लोगों को उनकी योग्यता नहीं पता है। किन ताकतों ने दिल्ली विश्विद्यालय पर दवाब डाला ताकि उनकी डिग्री जारी ना की जाए। जबकि उन्होंने दावा किया था वह वहां पढ़ चुके हैं?’

बयान पर विवाद बढ्ने पर उन्होने कहा कि “यह लोकतंत्र है, और लोकतंत्र में प्रधानमंत्री भगवान नहीं होते हैं लोग उनके बारे में डेकोरम का ध्यान रखकर ही बात करते हैं। मैंने जिन शब्दों का इस्तेमाल किया, वे अभद्र नहीं थे।”

वहीं दूसरी और भाजपा महाराष्ट्र इकाई के प्रवक्ता शाइना एनसी ने निरुपम को ‘मानसिक तौर पर विक्षिप्त’ करार दिया है।निरुपम की आपत्तिजनक टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए साइना एनसी ने ट्वीट किया, ‘मानसिक रूप से विक्षिप्त संजय निरुपम द्वारा एक और अप्रिय टिप्पणी। लगता है कि वह भूल गए हैं कि नरेंद्र मोदी 125 करोड़ भारतीयों द्वारा चुने गए हैं जो ‘अनपढ़ या गंवार’ नहीं हैं। विचारधारा और प्रासंगिक प्रश्नों से कांग्रेस दूर हो गई है, जनता 2019 में जवाब देगी।’

पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों पर बोले ओवैसी – मोदी सरकार ने सबकी जिंदगी में भर दिया अंधेरा

Owaisi on the rising prices of Petrol and Diesel

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (आईएमआईएम) अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर मोदी सरकार को घेरते हुए कहा कि मोदी सरकार ने सबकी जिंदगी में अंधेरा भर दिया है।

उन्होने कहा कि मैं पीएम मोदी से कहना चाहता हूं कि उन्होंने हमेशा एक अंधेरे में रखने का माहौल बनाया है यह दिखाने के लिए कि पेट्रोल और डीजल के दाम आम आदमी की पहुंचे से बाहर है। उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने किए गए वादों को पूरा नहीं करके अंधेरा बनाया है। आगे कहा कि हम प्रकाश हैं, विरोधी अंधेरा है।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा कि ये समझ के बाहर है कि सिर से लेकर पांव तक भ्रष्टाचार के मामलों में डूबे कांग्रेसी नेता नैतिकता की बात करते हैं। पिछले चार वर्षों में केंद्र सरकार न केवल घरेलू बल्कि विदेशी मोर्चे पर कामयाब रही है।

बता दें कि शुक्रवार को पेट्रोल के दाम में 28 पैसे का इजाफा हुआ है। वहीं डीजल की कीमत भी 22 पैसे प्रति लीटर के हिसाब से बढ़ गई है। दिल्ली में शुक्रवार को पेट्रोल की नई कीमत 81.28 तो डीजल की कीमत 73.30 रुपए पहुंच गई।

अमित शाह का अवैध आप्रवासन मुद्दा चुनाव के समय के लिए राजनीति भाषणबाजी का कला है

Amit Shah's illegal immigration rhetoric poll time gimmick

राजस्थान में मतदान के दौरान, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने एक बार फिर असम में नागरिकों के राष्ट्रीय रजिस्टर (एनआरसी) अभ्यास का बचाव किया और सभी बांग्लादेशी घुसपैठियों को निष्कासित करने की कसम खाई। इसे याद किया जाएगा कि जुलाई में जारी एनआरसी की अंतिम मसौदा सूची में 40 लाख लोग शामिल थे। लेकिन बाद की रिपोर्टों ने कई मामलों पर प्रकाश डाला जहां एक ही परिवार के सदस्यों को उनके एनआरसी अनुप्रयोगों के लिए अलग-अलग प्रतिक्रिया मिली। इसने अभ्यास की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, शाह कांग्रेस से लड़ रहे हैं – जिसने एनआरसी के कमजोर निष्पादन की आलोचना की है – और इसके वोट बैंक को बचाने के बाद आरोप लगाया है।

फिर भी, तथ्य यह है कि कोई भी नहीं जानता कि प्रक्रिया के अंत में घोषित अवैध आप्रवासियों के साथ क्या होगा। शाह के कहने के बावजूद, बांग्लादेश को निर्वासन एक विकल्प नहीं है क्योंकि वह देश 1972 से भारत में किसी भी बड़े पैमाने पर आउटबाउंड प्रवास को मान्यता नहीं देता है। और कुछ महीनों में बांग्लादेश में चुनाव के साथ, भारतीय स्थिति को स्वीकार करने के लिए ढाका में किसी भी शासन के लिए आत्मघाती होगा। इसके अलावा, नई दिल्ली अच्छी तरह से ढाका के साथ इस मुद्दे को मजबूर नहीं करेगी। हाल के दिनों में भारत-बांग्लादेश संबंध उत्कृष्ट रहे हैं और अवैध आप्रवासन दर्शक को उठाकर बांग्लादेश नेपाल के रास्ता देख सकते हैं।

इसलिए, यह स्पष्ट है कि शाह एनआरसी के साथ पहचान राजनीति खेल रहे हैं। शाह के पुनरावृत्ति ने यह पुष्टि की है कि सरकार का नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2016 पड़ोसी देशों से हिंदुओं को नागरिकता प्रदान करेगा – एक प्रावधान जो आगे प्रवास और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हो सकता है, उन अदालतों में चुनौती दी जा सकती है जहां इसकी संवैधानिकता का परीक्षण किया जाएगा। आरक्षण के लिए अकिन, अवैध घुसपैठियों को निष्कासित करना राजनीतिक रूप से सही राजनीति है जो जमीन पर कुछ भी हल नहीं करेगा। एकमात्र व्यावहारिक पाठ्यक्रम बांग्लादेश के साथ उस देश से भविष्य में प्रवास को रोकने के लिए काम करना है।

 

Source: hindi.siasat.com

क्या एससी/एसटी ऐक्ट के अपने ही अजेंडे में फंस गई बीजेपी!

Is the BJP stuck in its own agenda of the SC ST Act

सोशल मीडिया में बड़ा कैम्पेन ‘नोटा’ को लेकर चलाया जा रहा है। कहा जा रहा है कि एससी/एसटी कानून की मुखालिफ जातियां मतदान केंद्र तक जाएं, अगर उन्हें लगता है कि बीजेपी के खिलाफ वह किसी दूसरी पार्टी को वोट नहीं दे सकती हैं तो ‘नोटा’ का बटन दबा दें।

कहा जा रहा है कि इस कैम्पेन का सीधा नुकसान बीजेपी को होगा लेकिन इस अभियान की काट के लिए बीजेपी का आईटी सेल काफी सक्रिय हो गया है। वह इस अभियान को बेअसर करने में जुट गया है।

‘प्रॉक्सी वॉर’ भी शुरू हो गया है। जातियों के झगड़े में उलझे हिंदू समाज के लिए सोशल मीडिया पर एक संदेश बहुत तेजी के साथ वायरल हो रहा है- ‘जातियों के झगड़े में अगर मोदी जी को 2019 में हरा दिया तो याद रखना कि उसके बाद जाति तो क्या, धर्म भी बताना मुश्किल हो जाएगा।’ बीएसपी तो ‘नोटा कैम्पेन’ का भी बीजेपी की रणनीति का हिस्सा मानती है।

पार्टी का कहना है कि बीजेपी यह नहीं चाहती है कि उससे नाराज वोटर उसकी मुखालिफ पार्टियों के साथ खड़ा हो, इस वजह से बीजेपी ने साजिशन सोशल मीडिया पर यह कैम्पेन चलवाया है।

बीजेपी के लिए जोखिम दोनों ही हालात में था। अगर वह इस कानून को नरम होने देती, तो एकमुश्त चौथाई आबादी को खिलाफ कर लेती। ऐसे में बीजेपी ने कम खतरे वाली स्थिति के साथ जाना पसंद किया है।

बीजेपी के एक सीनियर लीडर ने एनबीटी से बातचीत में माना भी कि पार्टी को दोनों ही हालात में लड़कर ही बाहर आना पड़ता। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि बीजेपी अपनी रणनीति में फंस गई है।

(स्रोत: नवभारत टाइम्स)

 

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मोदी जी को अब ‘हिंदू-मुसलमान’ का झगड़ा नहीं जितवा सकता क्योंकि काठ की हांडी बार-बार चूल्हे पर नहीं चढ़तीः कांग्रेस नेता

Congress spokesperson shakeel ahmad says bjp will lose 2019 elections due to various factors

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जहां बीजेपी को आगामी लोकसभा चुनाव में 2014 से भी ज्यादा सीटें मिलने का दावा कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस उनके इस दावे के उलट 2019 में बीजेपी की हार की बात कहती नज़र आ रही है।

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता शकील अहमद ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि बीजेपी को अब बांग्लादेश-पाकिस्तान, शमशान-क़ब्रिस्तान और हिन्दु-मुसलमान का झगड़ा नहीं जितवा सकता।

उन्होंने कहा कि काठ की हांडी बार-बार चूल्हे पर नहीं चढ़ती। यानी अब इन सब बेकार के मुद्दों से बीजेपी जनता को गुमराह नहीं कर सकती।

कांग्रेस नेता ने कहा कि 2019 में बीजेपी की हार के कई कारण होंगे। मोदी सरकार अपने शासनकाल में सभी मोर्चों पर नाकाम साबित हुई है। सरकार नौजवानों को रोज़गार देने में नाकाम रही, किसानों की बदहाली के लिए भी मोदी सरकार ज़िम्मेदार है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर भी पूरी तरह नाकाम रही है। चीन और पाकिस्तान आए दिन सीमा पर सीज़फायर का उल्लंघन कर रहे हैं। सीमा पर हमारे जवान मारे जा रहे हैं।

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुई बच्चों की मौत का ज़िक्र करते हुए शकील अहमद ने कहा कि ऑक्सीजन के बिना सैकड़ों बच्चों की मौत भी बीजेपी की हार का कारण होगी।

इसके साथ ही कांग्रेस नेता ने राफ़ेल और नोटबंदी को घोटाला बताते हुए कहा कि मोदी सरकार के शासनकाल में राफ़ेल और नोटबंदी जैसे बड़े घोटाले हुए, जो बीजेपी की हार का करण बनेंगे।

बता दें कि इससे पहले भारतीय जनता पार्टी की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में अमित शाह ने दावा किया था कि बीजेपी को आगामी लोकसभा चुनाव में 2014 से भी ज्यादा सीटें मिलेंगी। उन्होंने बैठक में अजेय भाजपा का नारा भी दिया था।

 

Source: boltaup.com

रुपये के गिरने पर मनमोहन सिंह को कमज़ोर प्रधानमंत्री कहने वाले मोदी आज खुद देश के सबसे कमज़ोर PM हो गए हैंः कांग्रेस नेता

Shakti Sinh Gohil slams Modi govt over price hike in Petrol Diesel

पेट्रोल-डीज़ल की बढ़ती कीमत और डॉलर के मुकाबले रुपए में आई गिरावट को लेकर विपक्ष लगातार सत्ताधारी मोदी सरकार पर हमलावर है। इसी कड़ी में अब बिहार कांग्रेस के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने इस मुद्दे पर पीएम मोदी के पुराने बयान को याद करते हुए उनपर निशाना साधा है।

उन्होंने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि पीएम मोदी को अपने पुराने वीडियोज़ देखने चाहिए। जिसमें वह पेट्रोल-डीज़ल के बढ़ते दामों और रुपए के गिरते स्तर लिए सरकार को ज़िम्मेदार ठहराते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कमज़ोर बताया करते थे।

कांग्रेस नेता ने कहा कि आज मोदी सरकार के शासनकाल में पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं और रुपया तेज़ी से पाताल की ओर जा रहा है। लेकिन मोदी जी ख़ुद को कमज़ोर नहीं बता रहे। उनके पुराने बयानों के हिसाब से उन्हें देश का सबसे कमज़ोर प्रधानमंत्री होना चाहिए।

साथ ही शक्ति सिंह गोहिल ने यह भी कहा कि यूपीए सरकार में जब भी कच्चे तेल की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में बढ़ती थी तो जनता को राहत देने के लिए टैक्स कम कर दिए जाते थे। लेकिन मोदी सरकार में कच्चे तेल की कीमत कम होने के बावजूद टैक्स नहीं घटाए गए।

कांग्रेस नेता ने कहा कि अब कच्चे तेल की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में थोड़ी बढ़ी है तो सरकार को चाहिए कि टैक्स को कम कर दे। लेकिन सरकार ऐसा करेगी नहीं, क्योंकि उसे लगता है कि वो जो कुछ भी कर रही है वह सही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को यह अहंकार ले डूबेगा।

बता दें कि 2014 आम चुनावों से पहले नरेंद्र मोदी ने पेट्रोल-डीज़ल की बढ़ती कीमत और डॉलर के मुकाबले रुपए के गिरते स्तर को लेकर तत्कालीन यूपीए सरकार के खिलाफ़ मोर्चा खोल दिया था।

उन्होंने अपने कई बयानों में इसके लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को ज़िम्मेदार ठहराते हुए उन्हें देश का सबसे कमज़ोर प्रधानमंत्री तक कह डाला था।

 

Source: boltaup.com

सीतामढ़ी में युवक की पीट-पीटकर हत्या, तेजस्वी बोले- भीड़ हत्या समर्थक PM मोदी नीतीश को ईनाम देंगे क्या?

Tejashwi condemns Nitish Kumar after mob lynching in sitamarhi

बिहार में मॉब लिंचिंग की घटनाएं थमने का नाम ही नहीं ले रही। बेुसराय के बाद अब सीतामढ़ी में भीड़ ने एक शख्स की चोरी के आरोप में पीट-पीट कर हत्या कर दी। jf

ख़बरों के मुताबिक, रुपेश झा नाम के जिस युवक की हत्या की गई है वह रविवार को सीतामढ़ी शहर से बहन का इलाज कराने के बाद वापस लौट रहा था। तभी भीड़ ने उसे रीगा थाना के रमनगरा के किशनपुर मोड़ के पास पकड़ लिया। जिसके बाद गांव वालों ने उसपर चोरी का आरोप लगाया और उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी।

गांव वालों ने रुपेश को लाठी डंडों से इतना मारा कि वो बेहद गंभीर रूप से जख्मी हो गया। जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस अधिकारी कुमार वीर धीरेंद्र ने मीडिया को बताया कि रुपेश की हत्या गांव वालों ने मिलकर की है। इस घटना में एक नामजद सहित 151 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की तफ़तीश कर रही है।

वहीं, इस घटना के बाद बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं राजद नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोला है। उन्होंने ट्विटर के ज़रिए कहा, “नीतीश जी, बिहार में कल मॉब लिंचिंग की दो घटनाएँ और हुई है। सीतामढ़ी में एक युवक की भीड़ ने सरेआम पीट-पीटकर हत्या कर दी। जमुई में भी भीड़ ने एक को पीटा”।

उन्होंने सवाल खड़े करते हुए कहा, “केंद्र की मॉब लिंचिग समर्थक सरकार ने बिहार में ऐसी घटनाओं को प्रायोजित करने पर आपको ईनाम देने का वादा किया है क्या”?

बता दें कि हाल के दिनों में बिहार में मॉब लिंचिंग की ये तीसरी घटना है। इससे पहले 7 सितंबर को बेगूसराय में भीड़ ने 3 लोगों को अपहरण के शक में पीट-पीट कर मार डाला था। वहीं 08 सितंबर को सासाराम में मामूली विवाद में एक महिला को इसी तरह भीड़ ने मार डाला था।

 

Source: boltaup.com

मोदी सरकार सेना में डेढ़ लाख नौकरियां खत्म करने पर कर रही विचार

Modi government is considering less1.5 lakh jobs in the army

भारतीय सेना में मोदी सरकार बड़े पैमाने पर नौकरियों में कटौती करने पर विचार कर रही हैं। सेना में हथियारों की ख़रीद का हवाला देकर अगले पांच साल में 1.5 लाख जवानों की कटौती हो सकती है। इससे बचने वाले 5 से 7 हज़ार करोड़ रुपये से हथियार खरीदे जाएंगे।

जनरल रावत की योजना के पहले चरण में सेना में अधिकारियों और जवानों की संख्या 50 हजार तक घटाई जा सकती है।मौजूदा समय में सेना का कुल बजट 1.28 लाख करोड़ रुपया है। इसमें से 83 फीसद दैनिक खर्च और वेतन में ही खप जाता है। इसके बाद सेना के पाास महज 26,826 करोड़ रुपये बचता है। डेढ़ लाख नौकरियां खत्‍म करने के बाद सेना के पास खर्च करने के लिए 31,826 से 33,826 हजार करोड़ रुपये होंगे।

Modi government is considering less1.5 lakh jobs in the army
Modi government is considering less1.5 lakh jobs in the army

बता दें कि फिलहाल सेना में करीब 13 लाख सैन्यकर्मी हैं। रक्षा मंत्रालय पहले ही सेना के लिए विभिन्न सुधारों की घोषणा कर चुका है, जिनमें करीब 57,000 अधिकारियों और अन्य कर्मियों की पुनर्तैनाती और संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल शामिल है।

अधिकारियों ने बताया कि जवानों की कटौती का लक्ष्य सेना के प्रत्येक विभाग के पुनगर्ठन से हासिल किया जाएगा। इनमें सैन्य मुख्यालय निदेशालय, रणनीतिक प्रभाग, संचार अवस्थापना, मरम्मत विभाग, प्रशासनिक विभाग और सहायक क्षेत्र शामिल है। पैनल ने हाल के वर्षों में तंत्र में तकनीक को शामिल करने के बावजूद बहुस्तरीय पद सृजित होने पर भी चिंता जताई है।

NRC से बाहर लोगों से मताधिकार छीन लिया जायेगा, उनके देश वापस भेज दिया जायेगा- राम माधव

Franchise will be stripped out of the NRC Ram Madhav

भाजपा महासचिव राम माधव ने सोमवार को कहा कि असम में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) की अंतिम सूची में शामिल नहीं किए जाने वाले लोगों का मताधिकार छीन लिया जाएगा और उन्हें वापस उनके देश भेज दिया जाएगा।

इस बीच, भाजपा के ही नेता और असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि एनआरसी को पूरे भारत में लागू किया जाए। ‘एनआरसी: डिफेंडिंग दि बॉर्डर्स, सेक्यूरिंग दि कल्चर’ विषय पर एक सेमिनार को संबोधित करते हुए सोनोवाल ने कहा कि भारत के वाजिब नागरिकों को अपनी नागरिकता साबित करने और एनआरसी की अंतिम सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए पर्याप्त अवसर दिया जाएगा।

‘रामभाऊ म्हलगी प्रबोधिनी’ नाम के थिंक-टैंक की ओर से आयोजित सेमिनार में सोनोवाल ने कहा, ‘‘एनआरसी सभी राज्यों में लागू की जानी चाहिए। यह ऐसा दस्तावेज है जो सभी भारतीयों का संरक्षण कर सकता है। असम में एनआरसी में शामिल नहीं किए जाने वाले लोग अन्य राज्यों में जा सकते हैं। इसलिए हमें ठोस कदम उठाना होगा।’’

असम में रह रहे वास्तविक भारतीय नागरिकों की पहचान के लिए उच्चतम न्यायालय के आदेश पर अद्यतन की जा रही एनआरसी की 30 जुलाई को प्रकाशित मसौदा सूची में 40 लाख से ज्यादा लोगों के नाम शामिल नहीं किए गए जिससे राजनीतिक विवाद पैदा हो गया।

सेमिनार में माधव ने कहा कि 1985 में हुए ‘असम समझौते’ के तहत एनआरसी को अद्यतन किया जा रहा है, जिसके तहत सरकार ने राज्य के सभी अवैध प्रवासियों का पता लगाने और उन्हें देश से बाहर निकालने की प्रतिबद्धता जाहिर की थी।

उन्होंने कहा, ‘‘एनआरसी से सभी अवैध प्रवासियों की पहचान सुनिश्चित हो सकेगी। अगल कदम ‘मिटाने’ का होगा, यानी अवैध प्रवासियों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे और उन्हें सभी सरकारी लाभों से वंचित कर दिया जाएगा। इसके अगले चरण में अवैध प्रवासियों को देश से बाहर कर दिया जाएगा।’’

अवैध प्रवासियों को देश से बाहर निकाले जाने पर भारत को अंतरराष्ट्रीय आलोचना का सामना करने की स्थिति की बात कहने वालों पर निशाना साधते हुए माधव ने कहा कि बांग्लादेश भी म्यामां के साथ सक्रिय बातचीत कर रहा है ताकि लाखों रोहिंग्या लोगों को वहां से बाहर निकाला जा सके। म्यामां में अत्याचार का शिकार होने के बाद लाखों रोहिंग्या मुसलमानों ने बांग्लादेश में शरण ले रखी है।

माधव ने कहा कि दुनिया में कोई भी देश अवैध प्रवासियों को बर्दाश्त नहीं करता, लेकिन भारत राजनीतिक कारणों से अवैध प्रवासियों के लिए ‘‘धर्मशाला’’ बन गया है।

 

Source: hindi.siasat.com

अमित शाह को अखिलेश का जवाब, ‘जनता अगले 50 हफ़्तों से पहले ही इनको जवाब दे देगी’

Akhilesh Yadav angry on BJP president

नई दिल्ली – भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने हाल ही में कहा था कि भाजपा पचास साल तक सत्ता में रहेगी। अब उनके इस बयान की आलोचना होनी शुरु हो गई है। सपा सुप्रिमो और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा अध्यक्ष के इस बयान को लेकर उन पर निशाना साधा है। अखिलेश ने कहा है कि जनता अगले 50 हफ़्तों से पहले ही इनको जवाब दे देगी।

सपा सुप्रिमो ने कहा कि अहंकारी कह रहे हैं कि अगले 50 साल तक भाजपा सरकार ही रहेगी. मीडिया, सांविधानिक संस्थानों व लोगों की भीड़तंत्रीय हत्याओं के बाद अब क्या ये जनता के सरकार चुनने के अधिकार की भी हत्या करेंगे, जो ऐसे तानाशाही बयान दे रहे हैं. देखियेगा जनता अगले 50 हफ़्तों से पहले ही इनको जवाब दे देगी.

अखिलेश यादव ने कहा कि नोटबंदी, जीएसटी, दलित, किसान, नारी व युवा उत्पीड़न, महँगाई, बेरोज़गारी, पेट्रोल-डीज़ल के रोज़ बढ़ते दाम, अमीरों से मुनाफ़ाख़ोरी के सौदे भाजपा के जन विरोधी कारनामे रहे हैं. अब तो जनता को ऐसा लगने लगा है कि भाजपा जनता को दुख देने और परेशान करने की एक प्रयोगशाला खोल के बैठी है.

अखिलेश उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पर भी निशाना साधा है, उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के लिए हर पिता ‘पितातुल्य’ होना चाहिए, उन्नाव की बलात्कार-पीड़िता का वो बेबस पिता भी जिसको उनकी पुलिस ने मार-मार कर मार डाला. इसी प्रकार हर पुत्री ‘पुत्रीतुल्य’ होनी चाहिए, वो पुत्री भी जिसे काला झंडा दिखाने पर जेल की काल कोठरी में डाला गया. यही सच्चा राजधर्म है.

नोटबंदी की तरह फ्लॉप हुई मोदी की GST, चार महीनों में टैक्स कलेक्शन में आई 7000 करोड़ की गिरावट

GST may be another disastrous decision of Modi govt

पिछले कुछ महीनों के मुकाबले अगस्त में जीएसटी संग्रह में कमी आई है। ये गिरकर 93,960 करोड़ रुपये हो गया, जबकि अप्रैल में 1.03 लाख करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रह हुआ था। चार महीने में लगभग 7000 करोड़ रुपए की गिरावट जीएसटी संग्रह में आई है।

मंत्रालय ने कहा है कि गिरावट का कारण 21 जुलाई को जीएसटी परिषद द्वारा सेनेटरी नैपकीन, जूते-चप्पल, फ्रिज, छोटे स्क्रीन के टीवी, वाशिंग मशीन सहित 88 वस्तुओं, उत्पादों पर कर दरों में की गई कमी है। संबंधित उत्पादों पर जीएसटी की नई दरें 27 जुलाई से प्रभावी हुई हैं।

अगस्त में राजस्व प्राप्ति जुलाई और जून महीने के संग्रह की तुलना में कमी आई है। अप्रैल में 1.03 लाख करोड़ रुपये था, उसके बाद जून में 95,610 करोड़ रुपये और जुलाई में 96,483 करोड़ रुपए का जीएसटी संग्रह हुआ था।

अनुमान है कि कर की दरों में गिरावट के बाद दाम घटने की उम्मीद में बाजार में कुछ समय के लिए उनकी बिक्री संभवत: कम हुई जिससे राजस्व वसूली पर असर हुआ होगा।

 

Source: boltaup.com

छत्तीसगढ़ में ख़राब सड़कों का विरोध कर रहे स्कूली बच्चों पर SDM ने किया लाठीचार्ज

Chhattisgarh Police lathicharge on students

छत्तीसगढ़ में अमेरिका जैसी सड़के तो नहीं बन पाई हैं लेकिन ख़राब सड़कों का विरोध करने पर स्कूली बच्चों तक को पीट दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार इलाके में ये घटना सामने आई है।

बलौदाबाजार इलाके में सड़क की मांग को लेकर कुछ स्कूली बच्चे धरना दे रहे थे। जिस सड़क पर बच्चे धरना दे रहे थे उसी सड़क से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह विकास यात्रा निकलने वाले थे।

मुख्यमंत्री की यात्रा पर खलल ना पड़ जाए इसके लिए एसडीएम तीर्थराज अग्रवाल ने बच्चों को हटाने के लिए उनपर लाठीचार्ज करना शुरू कर दिया। बच्चे स्कूल जाने के लिए सड़क की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे।

दरअसल, बच्चे स्कूल जाने के लिए सड़क की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे। इस दौरान स्कूली बच्चों के प्रदर्शन को देखकर एसडीएम तीर्थराज अग्रवाल को गुस्सा आ गया।

पहले तो तीर्थराज अग्रवाल ने मौके पर मौजूद फोर्स को बच्चों पर लाठी चार्ज करने को कहा। उसके बाद जैसे ही फोर्स मौके पर पहुंची, तो तीर्थराज अग्रवाल ने खुद पुलिस वालों के हाथ से डंडा छीनकर मौजूद छात्र-छात्राओं पर लाठीचार्ज करना शुरू कर दिया।

बलौदाबाजार इलाके की इस घटना के बाद छात्रों पर लाठीचार्ज का वीडियो वायरल हो गया, जिसके बाद से पुलिस की इस हरकत को लोगों ने शर्मनाक बताया है। लोगों ने एसडीएम तीर्थराज अग्रवाल पर कार्रवाई की मांग की है।

वीडियो सामने आने के बाद से एसडीएम तीर्थराज अग्रवाल कुछ भी कहने से बच रहे हैं। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने बच्चों पर हुए लाठीचार्ज को बर्बरता बताया है। इसी के साथ शैलेश एसडीएम तीर्थराज अग्रवाल को हटाने की मांग भी की है।

 

Source: boltaup.com

हम पिछली बार से ज्यादा सीटें जीतेंगे, हमारे पास दुनिया के सबसे पॉपुलर नेता है- अमित शाह

National Executive Meet Party adopts Ajey BJP slogan Amit Shah promises bigger majority in 20

दिल्ली में आज से बीजेपी पदाधिकारियों की दो दिवसीय बैठक चल रही है, जिसमें पार्टी 2019 के चुनावों से लेकर राफेल और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर मंथन करने में लगी है। इसी बैठक में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी बीजेपी को अजेय पार्टी बनाएंगे। इसके लिए पदाधिकारियों की बैठक में अजेय बीजेपी का संकल्प लिया गया है।

साथ ही अमित शाह ने कहा कि तीन राज्यों के चुनाव के साथ-साथ तेलंगाना के चुनाव पर भी ध्यान दिया जाएगा। शाह ने कहा कि हमारे पास दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता हैं और हमें पिछले चुनाव से ज्यादा सीटों से जीतना है।

अमित शाह ने कहा, ‘हम आगामी चुनाव में पूर्ण बहुमत से जीतेंगे। संकल्प की शक्ति को कोई पराजित नहीं कर सकता।’ इस मीटिंग में पार्टी मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम को लेकर अपनी रणनीति तैयार करेगी।

एनडीए सरकार के कार्यकाल में ही बनवाए गए आंबेडकर इंटरनैशनल सेंटर को भी बीजेपी ने इसीलिए मीटिंग के लिए चुना है ताकि दलितों के बीच संदेश दिया जा सके।

इस मीटिंग में घरेलू और विदेश नीति से जुड़े मुद्दों पर एक राजनीतिक प्रस्ताव भी पारित किया जाएगा। इसके अलावा ‘अर्बन नक्सलियों’ की गिरफ्तारी और उसके परिणामों पर भी चर्चा होगी। इस मौके पर चुनावी राज्य अमित शह को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।

 

Source: hindi.siasat.com

नज़रियाः राहुल गांधी ने पहचान लिया है कि उनका और देश का दुश्मन कौन है, इसलिये अब वे सीधा वार कर रहे हैं

Nitin Thakur article on Rahul Gandhi

नितिन ठाकुर

राहुल गांधी कुछ सही करें या गलत मगर एक चीज़ उन्होंने पिछले दिनों ठीक से पकड़ी है, वो है अपना दुश्मन। देसी ज़मीन हो या विदेशी धरती राहुल ने बीजेपी से ध्यान हटाकर आरएसएस पर केंद्रित कर दिया है। उन्होंने विदेश में अपने श्रोताओं के सामने कहा कि हमारी लड़ाई एक संगठन आरएसएस से है। उन्होंने वहां बीजेपी के बारे में नहीं बल्कि आरएसएस के बारे में विचार रखे थे। बार-बार संघ और उसके विचार पर हमला करके वो जो कर रहे हैं उससे संघ के नेतृत्व में एक असहजता है।

सभी को मालूम है कि संघ ने सामाजिक क्षेत्रों में काम करने के लिए अलग-अलग संगठन बनाए हुए हैं। राजनीति में उसका सोच विचार लागू करने का ज़िम्मा बीजेपी का है। बीजेपी अपनी वैचारिक और सांगठनिक ताकत संघ से ही पाती है। उसी के बहाने संघ हमेशा ये कहने की स्थिति में होता है कि वो खुद महज़ एक सांस्कृतिक संगठन है जिसका राजनीति से कोई लेनादेना नहीं। इसी व्यवस्था की बदौलत संघ उस स्थिति का आनंद हमेशा लेता है जहां उस पर दूसरे दल कीचड़ उछालने से बचते हैं। अक्सर ये कीचड़ बीजेपी पर उछलता है क्योंकि प्रत्यक्ष तौर पर तो राजनीति में वो है, ना कि संघ।

अब राहुल गांधी ने संघ का नाम बार-बार लेकर जता दिया है कि बीजेपी को आगे करके राजनीति खेलने की संघ की पुरानी रणनीति सफल नहीं रहेगी। राहुल ने गांधी हत्या से संघ का नाम जोड़कर मुकदमा तक झेलने की चुनौती स्वीकार ली है। वो ऐसे ही एक मुकदमे में बाकायदा पेश होते हैं, मगर माफी नहीं मांग रहे। ऐसा नहीं है कि राहुल को मालूम नहीं कि गांधी हत्या से संघ का सीधे कोई लेनादेना नहीं था, मगर कांग्रेस की दूरगामी रणनीति के तहत राहुल संघ का नाम बार-बार गांधी के हत्यारे के तौर पर लेते हैं। हत्या में शामिल गोड़से और उसके साथी हिंदू महासभा के करीबी थे, और उससे पहले संघ के भी लेकिन संघ के किसी नेता को इस मामले में सजा नहीं हुई थी।

इसके उलट पहले संघ पर लगा प्रतिबंध भी बाद में हटा लिया गया था। बावजूद इसके संघ और गांधी हत्या का संबंध पूरी तरह खारिज ना होने की वजह उस मामले में परोक्ष-अपरोक्ष शामिल रहे लोगों का संघ से रिश्ता है। गांधी हत्या के मुकदमे में पेश होने वाले सावरकर की हैसियत आज भी संघ में क्या है ये किसी से छिपा नहीं, जबकि खुद सावरकर संघ नहीं बल्कि हिंदू महासभा के नेता थे। गोड़से और उसके साथी तो सावरकर के विचारों से ही प्रेरित थे। संघ भी सावरकर को प्रेरणापुरुष मानता है। ऐसे में राहुल गांधी ने इस बारीकी को पकड़ तो लिया ही है, साथ ही वो बार-बार मंच से उठाने लगे हैं। आरएसएस कभी नहीं चाहता कि उसका नाम गांधी की हत्या से जोड़ा जाए मगर वो उन लोगों से भी कभी संबंध खत्म करने को लेकर गंभीर नहीं रहा जो उस हिंसक विचार के अनुगामी रहे, ऐसे में कुछ साइड इफेक्ट्स उसे उठाने ही पड़ेंगे।

राहुल गांधी नहीं चाहते कि लोगों के सामने भ्रम बना रहे। वो संघ और बीजेपी को अलग दिखने की सुविधा देने को तैयार नहीं हैं। काफी वक्त तक कांग्रेस की ऊर्जा बीजेपी से लड़ने में गई, जबकि उसे ताकत देनेवाला बिना एक हमला झेले आराम से फलता फूलता रहा। अब कांग्रेस में राहुल का दौर है। उन्होंने अपने हिसाब से दुश्मन चुन लिया है। पिछले दिनों संघ के एक कार्यक्रम में उन्हें न्यौता देने की जो खबरें उठीं उनसे भी यही प्रमाणित हुआ कि आरएसएस राहुल को गंभीरता से ले रहा है, ये बात अलग है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सार्वजनिक तौर पर राहुल को गंभीरता से ना लेने की बात कहकर मुस्कुराते रहे हैं।

2019 का चुनाव भले कांग्रेस हारे या जीते लेकिन संघ के लिए छीछालेदार वाला साबित ज़रूर होगा। मुखौटे के पीछे छिपकर सियासत करने की जिस सुविधा ने उसे फैलाकर देश की सत्ता पर काबिज़ कर दिया है अब वो ज़रा मुश्किल रहेगा। सार्वजनिक मौकों पर कोई स्टैंड ना लेने वाला संघ कभी भी औपचारिक तौर पर राहुल के हमलों का जवाब तो नहीं ही देगा पर राहुल का हर हमला जनता के बीच विमर्श का मौका ज़रूर तैयार करेगा। आज तक आरएसएस ने एक ही प्रवक्ता तय किया था जिसका नाम राम माधव था। बाद में ये व्यवस्था खत्म कर दी गई, और संघ विचारक या संघ के जानकार नाम की नई नस्ल टीवी स्क्रीन पर दिखऩे लगी। ये वो लोग हैं जो टीवी पर संघ की पैरोकारी तो करते हैं पर यदि इनके बयान पर बवाल हो जाए तो संघ के लिए उसकी ज़िम्मेदारी लेना ज़रूरी नहीं। आखिर इन अवैध प्रवक्ताओं की कोई औपचारिक घोषणा तो होती नहीं है, भले ही बचाव का खेल खेलते हुए एकाध को बीेजेपी राज्यसभा तक भेज कर उपकृत कर देती हो।

राहुल गांधी ने दुश्मन को पहचान लिया है, जो उनके पूर्ववर्ती या तो कर नहीं सके, या करना ज़रूरी नहीं समझा। उनका सामना एक ऐसे दुश्मन से है जो कहीं नहीं है, पर हर जगह है। कहीं भाजपा बनकर, कहीं एबीवीपी बनकर, कहीं वनवासी कल्याण आश्रम बनकर, कहीं भारत विकास परिषद बनकर, तो कहीं किसान संघ बनकर। राहुल को संगठन नहीं विचार पर हमला करना होगा। ये उन्होंने शुरू भी कर दिया है। हां, ये और बात है कि उनके अपने कांग्रेसी विचार के ग्राहक कितने लोग बने ये 2019 का नतीजा बताएगा, पर लड़ाई हो ही रही है, तो कम से कम सही मोर्चे और असल दुश्मन से ही होनी चाहिए।

(लेखक युवा पत्रकार हैं, यह लेख उनके फेसबुक वाल से लिया गया है)

सरकार में किसान और नौजवान परेशान हैं तो दलितों एवं अल्पसंख्यको में असुरक्षा का माहौल- मनमोहन सिंह

Former PM Manmohan Singh attacks Modi government

नई दिल्ली. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नरेंद्र मोदी सरकार पर सभी मोर्चों पर विफल रहने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अब देश में वैकल्पिक विमर्श पर गौर करने और अपनाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि इस सरकार में किसान और नौजवान परेशान हैं तो दलितों एवं अल्पसंख्यको में असुरक्षा का माहौल है.

वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल की पुस्तक ‘शेड्स ऑफ ट्रुथ’ के विमोचन के मौके पर बोल रहे थे. उन्होंने पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी के साथ इस पुस्तक का विमोचन किया. पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, शैक्षणिक आजादी पर अंकुश लगाया जा रहा है. विश्वविद्यालयों के माहौल को खराब किया जा रहा है. देश को वैकल्पिक विमर्श पर गौर करने और अपनाने की जरूरत है.

युवा नौकरियों का कर रहे इंतजार
मनमोहन सिंह ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा, यह पुस्तक बहुत अच्छी तरह शोध करने के बाद लिखी गई है. यह पुस्तक मोदी सरकार का समग्र विश्लेषण है. यह सरकार की नाकामियां बताती है. यह बताती है कि इस सरकार ने जो वादे किए, पूरे नहीं किये. उन्होंने कहा, देश में कृषि संकट है. किसान परेशान हैं और आंदोलन कर रहे हैं. युवा दो करोड़ रुपये नौकरियों का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि औद्योगिक उत्पादन और प्रगति थम गई है.

नोटबंदी पर घेरा
मनमोहन सिंह ने कहा, नोटबंदी और गलत ढंग से लागू की गई जीएसटी की वजह से कारोबार पर असर पड़ा. विदेशों में कथित तौर जमा धन को लाने के लिए कुछ नहीं किया गया. दलित और अल्पसंख्यक डरे हुए हैं. उन्होंने सरकार पर विदेश नीति के मोर्चे पर विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि पड़ोसियों के साथ हमारे संबन्ध खराब हुए हैं.

 

Source: hindi.siasat.com

14 दिन से अनशन पर बैठे हार्दिक पटेल की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल ले जाया गया

Hardik Patel taken hospital following deterioration his health 14th day of hunger strike

अहमदाबाद। 14 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हार्दिक पटेल की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। किसानों की कर्जमाफी और पाटीदारों के लिए आरक्षण की मांग को लेकर हार्दिक पटेल भूख हड़ताल पर बैठे हैं। हार्दक पटेल ने अहमदाबाद के नजदीक अपने फार्महाऊस पर 25 अगस्त को ये हड़ताल शुरु की थी। इसके पहले भी डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती होने और अनशन तोड़ने की सलाह दी थी।

इसके पहले हार्दिक ने कहा था कि अगर मेरी मौत भी हो जाएगी तो बीजेपी को क्या फर्क पड़ेगा? हार्दिक ने कहा था कि अब तक बीजेपी की तरफ से कोई बात नहीं की गई है,13 दिन के अनशन के बाद भी भाजपा वालों ने अभी तक किसानों एवं सबसे बड़े पटेल समुदाय के बारे कुछ सोचा भी नहीं है और बोले भी नहीं।

Source: hindi.oneindia.com

 

 

पूर्व मुख्यमंत्री का दावा, 2019 तक के मेहमान हैं योगी, छिनेगा CM पद का ताज, ये होंगे अगले मुख्यमंत्री

CM Yogi will be resign from CM post

लखनऊ – अगले साल यूपी में भाजपा का नया मुख्यमंत्री होगा। योगी आदित्यनाथ की विदाई तय है। ऐसा दावा किया है सपा के सुल्तान अखिलेश यादव ने। मौका था समाजवादी पार्टी के कार्यालय में पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ सम्मेलन। सम्मेलन में उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के हालात बेहद खराब हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2019 में अपना पद गंवा देंगे। संकेत के रूप में भाजपा में मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में लड़ाई तेज दिखने लगी है।

केशव प्रसाद मौर्य को बताया अगला मुख्यमंत्री

समाजवादी पार्टी कार्यालय में सपा पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ का सम्मेलन में मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा में 2019 में मुख्यमंत्री बदलने की आहट है। संभावित सीएम और मौजूदा डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य जाति सम्मेलन कराने में काफी सक्रिय हैं। अखिलेश यादव ने भाजपा के जातीय सम्मेलनों पर निशाना साधा। साथ ही केशव प्रसाद मौर्य का नाम लिए बिना कहा, सरकार में उप मुख्यमंत्री का अपमान हुआ। अब उन्हें 2019 में मुख्यमंत्री बनाने की बात चल रही है। इसी कारण वह पिछड़ी जातियों के सम्मेलन करा रहे हैं।

भाजपा के ऊपर टीपू सुल्तान ने चलाए शब्दबाण

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा का सिर्फ एक ही काम है, लोगों को जाति के नाम पर, धर्म के नाम पर तथा ऊंच-नीच के नाम पर लड़ाना। भाजपा की इस चाल को अब लोग समझ गए हैं। उन्होंने कहा कि इस पार्टी के नेताओं ने अभी तक लोगों को हर तरह से परेशान करने के साथ ही आपस में लड़ाने का काम किया है। उन्होंने भाजपा पर शिक्षकों, किसानों, नौजवानों के अपमान का आरोप लगाया।

पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में महंगाई आसमान छू रही है। भारत दुनिया के मुकाबले बहुत पिछड़ गया है। भाजपा राज में लोकतंत्र को खतरा पैदा हो गया है। लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है।

पूर्व सैनिकों की यूपी चुनाव में भूमिका को सराहा

अखिलेश ने सत्ता में बदलाव लाने के लिए पूर्व सैनिकों से आह्वान करते हुए कहा कि वर्ष 2019 में उप्र की अहम भूमिका होगी और नया प्रधानमंत्री यहीं से होगा। भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि इस पार्टी के नेताओं ने लोगों को परेशान करने के साथ आपस में लड़ाने का काम किया। नोटबंदी की मार से कोई नहीं बचा। अब आरक्षण के मुद्दे पर जनता को लड़ाया जा रहा है।

भाजपा को यह लगता है कि जब आदमी परेशान होंगे तब उनको वोट ज्यादा मिलेंगे। यादव ने ईवीएम के बजाए बैलेट से ही चुनाव कराने की मांग को दोहराया।

कुंभ में कभी किसी को न्योता नहीं दिया जाता

पूर्व मुख्यमंत्री ने कुंभ का न्योता देने पर तंज कसते हुए कहा कि इतिहास कहता है सबसे पहले कन्नौज के राजा हर्षवर्धन द्वारा कुंभ मेला शुरू कराया गया था। जो मेला कन्नौज वालों ने शुरू किया उसको ही फॉलो किया जा रहा है लेकिन, कुंभ में कभी किसी को न्योता नहीं दिया जाता। इस मेले में सभी अपनी आस्था से आते हैं लेकिन, भाजपा नई परंपरा चालू कर रही है। उन्होंने बताया कि जब सपा शासन में कुंभ कराया था तब हैवेल्स यूनिवर्सिटी ने शोध भी किया कि इतनी बड़ी संख्या में लोग कैसे आते-जाते और रहते हैं।

समाजवादी जागरूकता सप्ताह अब 12 तक

समाजवादी छात्र जागरूकता सप्ताह के तीसरे दिन गुरुवार को छात्र नौजवान सम्मेलन में शिक्षकों का सम्मान किया गया। यह सप्ताह अब 12 सितंबर तक मनाया जाएगा। राष्ट्रीय सचिव व मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों और छात्रों में आपस में समन्वय कायम करना है। सपा गत कई वर्षों से जागरूकता सप्ताह में शिक्षकों का सम्मान कार्यक्रम करती है। उन्होंने बताया कि समाजवादी जागरूकता सप्ताह की अवधि दो दिन बढ़ा दी है। यह अभियान 10 सितंबर के बजाय 12 सितंबर तक चलाया जाएगा।

इसमें सदस्यता अभियान, साइकिल यात्रा एक महाविद्यालय से दूसरे महाविद्यालय तक चलाई जाएगी और अंतिम दिन कैंपस परिचर्चा होगी, जिसमें लोकतंत्र में मौजूदा हालात और छात्र समस्याओं व छात्र संघ उपयोगिता पर गोष्ठी कराई जाएंगी।

सभार रिपोर्ट लुक

‘आप’ की नोएडा रैली में शरीक होंगे यशवंत और शत्रुघ्न सिन्हा

Yashwant and Shatrughan Sinha will be joining AAP Noida rally

2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर दिल्ली के अलावा अन्य राज्यों में चुनाव अभियान की शुरुआत के लिए आम आदमी पार्टी (आप) की नोएडा में आगामी शनिवार को होने वाली रैली में भाजपा के बागी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा और पूर्व मंत्री यशवंत सिन्हा भी शामिल होंगे।

‘आप’ के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने गुरुवार को बताया कि पार्टी संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में आठ सितंबर को नोएडा में होने वाली रैली में यशवंत सिन्हा और शत्रुघ्न सिन्हा भी शामिल होंगे।

न्यूज एजेंसी भाषा के अनुसार, दिल्ली की सात लोकसभा सीटों पर चुनाव अभियान शुरू करने के बाद ‘आप’ ने अन्य राज्यों में प्रचार कार्य की शुरुआत उत्तर प्रदेश से करने का फैसला करते हुए नोएडा रैली का आयोजन किया है।

संजय सिंह ने बताया कि इसके लिए उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की बदहाली का मुद्दा उठाते हुए इससे प्रभावित हो रही जनता के अधिकारों की बहाली की मांग के लिए वह राज्य में जन अधिकार पदयात्रा कर रहे हैं। इसके पहले चरण में उन्होंने पिछले महीने पूर्वी उत्तर प्रदेश में बलिया से बनारस तक पदयात्रा की थी।

दूसरे चरण में सिंह की पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सहारनपुर से नोएडा तक की पदयात्रा जारी है। शनिवार को नोएडा पहुंच रही इस यात्रा के समापन पर स्थानीय कमर्शियल ग्रांउड में जन अधिकार रैली आयोजित की गई है।

उल्लेखनीय है कि पिछले लोकसभा चुनाव में भी ‘आप’ ने उत्तर प्रदेश में किस्मत आजमाने की कोशिश की थी, लेकिन बेहतर नतीजे हासिल नहीं हुए थे। हाल ही में उत्तर प्रदेश नगर निगम चुनाव में आप के 60 प्रत्याशी जीते थे।

सिंह ने बताया कि नगर निगम चुनाव के बाद बदली हुई परिस्थितियों को देखते हुए पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव में एक बार फिर पूरे दमखम से उतरने की तैयारी में है। उन्होंने बताया कि अगले चरण में वह रुहेलखंड में बरेली से अमरोहा तक और फिर अंतिम चरण में बुंदेलखंड में ललितपुर से झांसी तक की पदयात्रा करेंगे।

 

Source: hindi.siasat.com

राफेल विमान घोटाले का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, अब सर्वोच्च अदालत को कैसे झांसा देगी मोदी सरकार ?

Supreme Court will start hearing next week on Rafale Deal

विवादित राफेल विमान समझौते पर अब मोदी सरकार घिरती जा रही है। अब देश की सर्वोच्च अदालत ने भी इस पर सुनवाई करने का फैसला ले लिया है। इस डील को रद्द करने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अगले सप्ताह सुनवाई करेगा।

सुप्रीम कोर्ट का ये रुख भाजपा के लिए चुनाव में महंगा पड़ सकता है। क्योंकि अब तक सिर्फ विपक्ष इस मुद्दे को उठा रहा था लेकिन सुप्रीम कोर्ट का इसमें शामिल होने घोटाले आरोपों को आधार देता है।

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा कि इस पर अगले हफ्ते सुनवाई होगी। प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने अधिवक्ता एम एल शर्मा की इस बारे में दलीलों पर गौर किया कि उनकी अर्जी तत्काल सुनवायी के लिए सूचीबद्ध की जाए।

शर्मा ने अपनी अर्जी में फ्रांस के साथ लड़ाकू विमान सौदे में विसंगतियों का आरोप लगाया है और उस पर रोक की मांग की है। शर्मा की याचिका में राफेल सौदे को रद्द करने, कथित अनियमितताओं के कारण प्राथमिकी दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई के आदेश देने का अनुरोध न्यायालय से किया गया है।

क्या है विवाद
राफेल एक लड़ाकू विमान है। इस विमान को भारत फ्रांस से खरीद रहा है। कांग्रेस ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि मोदी सरकार ने विमान महंगी कीमत पर खरीदा है जबकि सरकार का कहना है कि यही सही कीमत है। ये भी आरोप लगाया जा रहा है कि इस डील में सरकार ने उद्योगपति अनिल अंबानी को फायदा पहुँचाया है।

बता दें, कि इस डील की शुरुआत यूपीए शासनकाल में हुई थी। कांग्रेस का कहना है कि यूपीए सरकार में 12 दिसंबर, 2012 को 126 राफेल राफेल विमानों को 10.2 अरब अमेरिकी डॉलर (तब के 54 हज़ार करोड़ रुपये) में खरीदने का फैसला लिया गया था। इस डील में एक विमान की कीमत 526 करोड़ थी।

इनमें से 18 विमान तैयार स्थिति में मिलने थे और 108 को भारत की सरकारी कंपनी, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल), फ्रांस की कंपनी ‘डासौल्ट’ के साथ मिलकर बनाती। 2015 में मोदी सरकार ने इस डील को रद्द कर इसी जहाज़ को खरीदने के लिए 2016 में नई डील की।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नई डील में एक विमान की कीमत लगभग 1670 करोड़ रुपये होगी और केवल 36 विमान ही खरीदें जाएंगें। नई डील में अब जहाज़ एचएएल की जगह उद्योगपति अनिल अंबानी की कंपनी बनाएगी। साथ ही टेक्नोलॉजी ट्रान्सफर भी नहीं होगा जबकि पिछली डील में टेक्नोलॉजी भी ट्रान्सफर की जा रही थी।

Source: boltaup.com

लड़की भगाने का ऑफर देने वाले BJP विधायक को नोटिस

The BJP MLA who said he will kidnap girls for boys has finally apologised

दही हांडी उत्सव के दौरान लड़की भगाने में मदद की बात करने वाले बीजेपी विधायक को नोटिस भेज कर उनसे जवाब मांगा गया है. मुंबई की घाटकोपर पश्चिम विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक राम कदम ने विदास्पद बयान दिया था जिसमें उन्होंने लड़कों को लड़की भगाने में मदद करने का ऑफर दिया था. राम कदम के इस बयान पर महाराष्ट्र महिला राज्य आयोग की अध्यक्ष विजया राहतकर ने नाराजगी जताई है. उन्होंने महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक बयान को लेकर बीजेपी के विधायक राम कदम को नोटिस भेज कर जवाब मांगा है. राम कदम को 8 दिनों के अंदर जवाब देने कते लिए कहा गया है.

बीजेपी विधायक ने सोमवार रात युवाओं से कथित तौर से कहा था कि वे जिस लड़की को पसंद करते है, अगर वो उनके प्रस्ताव को ठुकरा देती है तो वो उनके लिए खुद उस लड़की का ‘किडनैप’ करेंगे. हालांकि ‘दही-हांडी’कार्यक्रम में दिए इस बयान के लिए उन्होंने बाद में माफी भी मांगी.

बताया जा रहा है कि दही हांडी उत्सव में राम कदम वहां मौजूद गोविंदाओं से बात कर रहे थे. इस दौरान एक लड़के ने उनसे कहा- ‘साहब मैंने एक लड़की को प्रपोज़ किया था. उसने मुझे रिजेक्ट कर दिया. प्लीज मेरी मदद कीजिए.’ इस पर बीजेपी विधायक राम कदम ने लड़के को प्यार करने का ‘टिप्स’ देते हुए कहा, ‘मेरा मोबाइल नंबर लिख लो. मैं तुम्हारी 100 फीसदी मदद करूंगा. पहले अपने माता-पिता को लेकर आओ. अगर वो शादी के लिए राजी नहीं होते, तो मैं तुम्हारी मनपसंद की लड़की भगा लाऊंगा. फिर तुम उससे शादी कर लेना.’

बीजेपी विधायक का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. उनके इस बयान की हर तरफ आलोचना हो रही है. शिवसेना ने भी उनके इस बयान की आलोचना की है. राम कदम के इस विवादित बयान को लेकर एमएनएस और एनसीपी ने उनकी तुलना रावण से की थी.

 

Source: hindi.firstpost.com

भाषणों के मास्टर मोदी पेट्रोल से लेकर रुपये पर क्यों नहीं बोल रहे हैं?

Speeches Master Modi are not talking about Rs of petrol

भाषणों के मास्टर कहे जाते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. 2013 के साल में जब वे डॉलर के मुक़ाबले भारतीय रुपये के गिरने पर दहाड़ रहे थे तब लोग कहते थे कि वाह मोदी जी वाह.

ये हुआ भाषण. ये भाषण नहीं देश का राशन है. हमें बोलने वाला नेता चाहिए. पेट को भोजन नहीं भाषण चाहिए. यह बात भी उन तक पहुंची ही होगी कि पब्लिक में बोलने वाले नेता की डिमांड है. बस उन्होंने भी बोलने में कोई कमी नहीं छोड़ी.

पेट्रोल महंगा होता था, मोदी जी बोलते थे. रुपया गिरता था, मोदी जी बोलते थे. ट्वीट पर रिट्वीट. डिबेट पर डिबेट.

2018 में हम इस मोड़ पर पहुंचे हैं जहां 2013 का साल राष्ट्रीय फ्रॉड का साल नज़र आता है. जहां सब एक दूसरे से फ्रॉड कर रहे थे.

2014 आया. अख़बारों में मोदी जी की प्रशस्ति लिखना काम हो गया. जो प्रशस्ति नहीं लिखा, उसका लिखने का काम बंद हो गया. दो-दो एंकरों की नौकरी ले ली गई. कुछ संपादक किनारे कर दिए गए. मीडिया को ख़त्म कर दिया गया.

गोदी मीडिया के दौर में मैदान साफ है मगर प्रधानमंत्री पेट्रोल से लेकर रुपये पर बोल नहीं रहे हैं. नोटबंदी पर बोल नहीं रहे हैं. अभी तो मौका है. पहले से भी ज़्यादा कुछ भी बोलने का. नौजवानों को नौकरी ही तो नहीं मिली, भाषण तो मिल ही सकता है.

विश्व गुरु का मीडिया भांड हो गया. बेहया हो गया. मीडिया कमज़ोर किया गया ताकि जनता को कमज़ोर किया जा सके. जब एंकर को हटाया जा सकता है तो सवाल पूछने वाली जनता तो दो लाठी में साल भर चुप रहेगी. यही भारत चाहिए था न, यही भारत है ,यहां आपकी आंखों के सामने.

क्या प्रधानमंत्री 2013 के अपने भाषणों से परेशान हैं? या फिर 2019 के लिए उससे भी अच्छा भाषण लिखने में लगे हैं?

प्रधानमंत्री तब तक इतना तो कर सकते हैं कि पुराने भाषणों को ही ट्वीट कर दें. बोल दें कि जो तब बोला था, वही आज सही है. बार-बार क्या बोलना. आप यह मान कर सुन लें कि यह 2018 नहीं 2013 है.

महानायक बार-बार नहीं बोला करते हैं. वे तभी बोलते हैं जब उन्हें सुनाना होता है. तब नहीं बोलते हैं जब उन्हें जवाब देना होता है.

क्या उनका बोला हुआ भाषण उन्हें सता रहा है? कई बार ऐसा होता है. श्री श्री रविशंकर तो एक डॉलर 40 रुपये का करवा रहे थे. पता नहीं वे अपने शिष्यों व चेलों का सामना कैसे करते होंगे.

रामदेव तो युवाओं को 35 रुपये लीटर पेट्रोल दिलवा रहे थे. अब वे भी चुप हैं. उनका विश्व गुरु भारत चुप है. इसी बुज़दिल इंडिया के लिए रामदेव युवाओं को 35 रुपये लीटर पेट्रोल भरवा रहे थे. अब 86 रुपये प्रति लीटर पर किसी को कोई तकलीफ नहीं है.

प्रधानमंत्री को क्या-क्या अचानक याद आ जाता होगा. अचानक याद आ जाता होगा कि अरे गुजरात चुनाव में साबरमती में पानी में उतरने वाला जहाज़ उतारा था, वो दोबारा क्यों नहीं उतरा. कोई पूछ तो नहीं रहा है. चिकोटी काटने लगते होंगे.

यार ज़रा पता करो, पूछने वाले सारे एंकर हटा दिए गए न. कोई बचा है तो उसे भी निकलवा दो. करोड़ों बेरोज़गार हैं इस देश में. नौकरी दे नहीं सका तो क्या हुआ, नौकरी ले तो सकता ही हूं. बाकी आईटी सेल सपोर्ट में तर्क तैयार कर दे. इन्हें अर्बन नक्सल बनवा दो.

सरकार में हर कोई दूसरा टॉपिक खोजने में लगा है जिस पर बोल सकें ताकि रुपये और पेट्रोल पर बोलने की नौबत न आए. जनता भी चुप है. यह चुप्पी डरी हुई जनता का प्रमाण है. इसलिए और भी ख़तरनाक है.

वो कमेंट बॉक्स में लिखने लायक नहीं रही. इनबॉक्स में लिख रही है कि हमारी कमाई पेट्रोल पंप पर उड़ रही है. क्या जनता को भी नहीं दिखाई दे रहा है कि पेट्रोल 86 के पार चला गया है? रुपया 71 के पार चला गया है.

जब इन्हीं सवालों पर 2013 में प्रधानमंत्री से पूछा जाता था तब 2018 में क्यों नहीं पूछा जा रहा है?

ऐसा क्या हो गया है कि प्रधानमंत्री रुपये की ऐतिहासिक गिरावट पर बोल नहीं पा रहे हैं? राफेल डील पर बोल नहीं पा रहे हैं?

रक्षा मंत्री बोलने वाली थीं, मगर उन्हें चुप करा दिया गया. वित्त मंत्री ब्लॉग लिख रहे हैं. पता चला कि राफेल पोस्टल विभाग में शामिल हो गया और रविशंकर प्रसाद उस पर डाक टिकट लगा रहे हैं.

डर. डर का सामाजीकरण हुआ है. यह प्रक्रिया पूरी हो गई है. डर ही है कि कहीं कोई सवाल नहीं है. जवाब के बदले डर है. आयकर का दारोगा, थाने का दारोगा आपके घरों में घुस जाएगा. टीवी पर नक्सल-नक्सल चल जाएगा. इसलिए सब चुप है.

क्या सबको चुप रहने के लिए, डरे हुए रहने के लिए बोलने वाला नेता चाहिए था? फिर बोलने वाले नेता को किस बात का डर है. क्या उन्हें भी अब बोलने से डर लगता है? होता है. कई बार डराते-डराते डर ख़ुद के भीतर भी बैठ जाता है. जो डरता है, वही डराता है. जो डराता है, वही डरता है.

ये बुज़दिल इंडिया है, जहां सवाल बंद है. जहां जवाब बंद है. टीवी पर जनवरी से 2019 में मोदी के सामने कौन का प्रोपगैंडा चल रहा है. जनता के 2018 के सवाल ग़ायब कर दिए गए हैं. जनता भी ग़ायब हो चुकी है. वह भक्त बन गई है या समर्थक बन गई है या पता नहीं क्या बन गई है.

जिस भारत में नौकरियां नहीं हैं, लोगों की आमदनी नहीं बढ़ रही है उस भारत में 86 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल ख़रीदने की क्षमता कहां से आ गई है. क्या जनता अब उस हिंदू-मुस्लिम खांचे से बाहर नहीं आ पा रही है, क्या उसे बाहर आने से डर लग रहा है?

बिजनेस स्टैंडर्ड में महेश व्यास ने आज फिर भांडा फोड़ दिया है. इस साल की पहली तिमाही में जीडीपी 8.2 प्रतिशत हो गई. सरकार गदगद हो गई.

लेकिन क्या आपको पता है कि रोजगार कितना बढ़ा है? इसी दौरान रोज़गार में 1 प्रतिशत की कमी आई है. तिमाही की जीडीपी संगठित क्षेत्रों के प्रदर्शन पर आधारित होती है.

महेश व्यास का कहना है कि दूसरी तिमाही में भी रोज़गार में तेज़ी से गिरावट आई है. जुलाई 2017 से जुलाई 2018 के बीच काम करने वाले लोगों की संख्या में 1.4 प्रतिशत की गिरावट आ गई है. अगस्त में 1.2 प्रतिशत की गिरावट है. नवंबर 2017 से ही रोज़गार में गिरावट आती जा रही है, जबकि लेबर फोर्स बढ़ती जा रही है.

यानी काम के लिए ज़्यादा से ज़्यादा लोग उपलब्ध होते जा रहे हैं. नोटबंदी के बाद लेबर फोर्स सिकुड़ गया था. लोगों को काम मिलने की उम्मीद ही नहीं रही थी इसलिए वे लेबर मार्केट से चले गए. अब फिर से बेरोज़गार लेबर मार्केट में लौट रहे हैं. मगर काम नहीं मिल रहा है.

फिर रोज़गार पर कोई सवाल नहीं है. नौजवान अपना-अपना बैनर लिए प्रदर्शन कर रहा है. कहीं कोई सुनवाई नहीं है. जब तक वह हिंदू-मुस्लिम कर रहा था, तब तक वह अपना था, जैसे ही नौकरी मांगने लगा, पराया हो गया. जैसे राजनीति उसे दंगाई बनाना चाहती हो, काम नहीं देना चाहती है.

कुतर्कों की बाढ़ आई है. नीति आयोग के उपाध्यक्ष हैं राजीव कुमार. ठाठ से कहते हैं कि ज़रूरत पड़ी तो वे नोटबंदी फिर करेंगे. अर्थव्यवस्था को बर्बाद करने की ऐसी हेकड़ी कभी नहीं सुनी.

इसी नीति आयोग के अध्यक्ष प्रधानमंत्री मोदी हैं. क्या यह उनका भी मत है? जयंत सिन्हा कहते हैं कि हवाई जहाज़ का किराया ऑटो से सस्ता हो गया है. क्या सही में ऐसा हुआ है?

कोई कुछ भी बोल देता है मगर सवाल का जवाब नहीं देता है. कुछ भी बोल देता है ताकि बहस होने लगे. ताकि मुद्दे से ध्यान हट जाए. ताकि आप यह न पूछें कि रुपया ऐतिहासिक रूप से नीचे क्यों हैं. पेट्रोल के दाम 86 रुपये प्रति लीटर से अधिक क्यों हैं?

(यह लेख मूलतः रवीश कुमार के फेसबुक पेज पर प्रकाशित हुआ है.)

मोदी नहीं अब चली मायावती की लहर, इतनी सीटें जीत सबको चौंकाया

Mayawati popularity seen at karnataka local body election

कर्नाटक के शहरी निकाय चुनाव में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन किया है। दोनों पार्टियां एकजुट होकर मैदान में उतरीं और शहरी निकाय चुनाव में करीब 50 फीसदी से ज्यादा सीटों पर कब्जा जमाया है। इस चुनाव में जहां कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, वहीं दूसरे नंबर पर बीजेपी रही, जेडीएस ने तीसरा स्थान हासिल किया है। निकाय चुनाव में मायावती की पार्टी बीएसपी ने भी अपना खाता खोला है। बहुजन समाज पार्टी ने निकाय चुनाव में 13 सीटों पर जीत दर्ज की है।

Mayawati popularity seen at karnataka local body election
Mayawati popularity seen at karnataka local body election

बीएसपी के खाते में गई 13 सीटें पहले कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जेडीएस के साथ गठबंधन में उतरी बहुजन समाज पार्टी ने एक सीट जीत कर बड़ी कामयाबी हासिल की थी और अब मायावती की पार्टी ने कर्नाटक निकाय चुनाव में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।

बहुजन समाज पार्टी ने निकाय चुनाव में 13 सीटों पर जीत दर्ज की है। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले बीएसपी की ये जीत बेहद अहम मानी जा रही है। खास तौर से मायावती के लिए उत्तर प्रदेश से बाहर अपनी पार्टी को लेकर जाने के लिए ये नतीजे काफी अहम साबित हो सकते हैं।

कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी, बीजेपी दूसरे नंबर पर कर्नाटक में 21 जिलों की 102 शहरी निकायों के 2664 वार्डों के लिए 31 अगस्त को मतदान हुआ था। सोमवार को इसके नतीजे सामने आ गए। इसमें कांग्रेस 982 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।

Mayawati popularity seen at karnataka local body election
Mayawati popularity seen at karnataka local body election

दूसरे नंबर पर बीजेपी है जिसके खाते में 929 सीटें गई हैं। वहीं कांग्रेस के साथ प्रदेश सत्ता चला रही जेडीएस को 375 सीटों पर जीत मिली है। बहुजन समाज पार्टी 13 और अन्‍य के खाते में 328 सीटें गई हैं।

नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं- येदुरप्पा कर्नाटक शहरी निकाय चुनाव में बीजेपी के प्रदर्शन पर पार्टी के अध्यक्ष बीएस येदुरप्पा ने कहा कि नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं आए हैं। भाजपा को ज्यादा सीटें जीतने चाहिए थीं लेकिन हमारा प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। हालांकि उन्होंने कहा कि इन नतीजों का 2019 में लोकसभा चुनाव पर असर नहीं होगा और वो परिणाम इससे अलग होगा। येदुरप्पा ने कहा कि 2019 में भाजपा कर्नाटक में शानदार जीत हसिल करेगी।

बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर केजरीवाल ने मोदी सरकार को लपेटा: देखें विडियो

Badhti petrol Diesel kimto par Kejriwal ka Modi par var

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ईंधन कीमतों तथा रुपये में गिरावट को लेकर केंद्र पर निशाना साधते हुए सोमवार को कहा कि अर्थव्यवस्था की इतनी बुरी हालत पहले कभी नहीं थी। आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख ने ट्वीट किया, ‘‘पेट्रोल-डीजल की कीमत अपने सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच चुकी है। रुपया ऐतिहासिक रूप से निचले स्तर पर है।

केंद्र सरकार को या तो यह नहीं पता है कि उसे क्या करना चाहिए या वह आम आदमी को होने वाली परेशानियों को लेकर आंखें मूंदे बैठी है।’’ केजरीवाल की यह टिप्पणी उस दिन आई है, जबकि दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 79।15 रुपये प्रति लीटर और डीजल की 71।15 रुपये प्रति लीटर के रिकॉर्ड उच्चस्तर पर पहुंच चुकी हैं। वहीं, रुपया अपने सर्वकालिक निचले स्तर 71।21 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया है।

आम आदमी पार्टी ने कहा, “मोदी की अगुवाई में पूरी तरह से अक्षम सरकार ईंधन की बढ़ती कीमतों व रुपये में गिरावट की समस्या को सुलझाने में विफल रही।” बयान के अनुसार, “केंद्र सरकार ने अर्थव्यवस्था के स्तर पर जबरदस्त लापरवाही दिखाई है, देश का वित्त मंत्रालय दो उच्च रैंक के मंत्रियों के बीच के सत्ता संघर्ष में फंस गया है।”

बयान के अनुसार, “इस देश के लोग उनलोगों को हराने के अवसर का इंतजार कर रहे हैं, जिन्होंने आम आदमी को अपनी प्राथमिकता में सबसे नीचे स्थान दिया है। अगर स्थिति इसी तरह खराब होती रही तो भाजपा को 2019 में निश्चित ही हार का सामना करना पड़ेगा।”

आम आदमी पार्टी की नजर चुनावों पर

आम आदमी पार्टी की प्राथमिकता लोकसभा चुनाव 2019 में दिल्ली की सातों संसदीय सीटों पर अपना कब्जा जमाना है। फिलहाल दिल्ली की सभी सीटें भाजपा के पास हैं। आप के संयोजक और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी लोकसभा चुनाव को ले कर तैयारियां तेज कर दी हैं।

Badhti petrol Diesel kimto par Kejriwal ka Modi par var
Badhti petrol Diesel kimto par Kejriwal ka Modi par var

उन्होंने दिल्ली के सांसदों को घेरना शुरू कर दिया है। उन्होंने सोमवार को एक ट्वीट कर के कहा कि चार साल बीत गए बीजेपी के सांसदों ने एक काम नही किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि “सातों सीटे जिता दो, फिर न मेट्रो का किराया बढ़ेगा और न ही सीलिंग होगी, दिल्ली के सातों संसद अगर आप के हुए तो हर फ़ाइल पास करके दिखाएंगे”।

महबूबा मुफ्ती ने कहा – अनुच्छेद 370 और 35-ए हटे तो भारत के साथ रिश्ते खत्म

jammu former chief minister Mehbooba Mufti on article 370

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री व पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा प्रदान करने वाले अनुच्छेद 35-ए व 370 यदि खत्म हुए तो भारत के साथ राज्य के रिश्ते खत्म हो जाएंगे। चाहे कुछ भी हो जाए अनुच्छेद 35-ए या 370 को नहीं हटाने दिया जाएगा।

उन्होने कहा कि 35-ए व धारा 370 के मुद्दे पर भाजपा से चल रही हमारी गठबंधन की सरकार के टूटने की नौबत दो-तीन बार आई थी। राज्य के विकास को देख हमने गठबंधन जारी रखने का प्रयास किया, लेकिन भाजपा ने नाता तोड़ लिया। इससे राज्य के लोगों का नुकसान हुआ है।

राजौरी में पीएम मोदी से अपील करते हुए महबूबा ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के रास्ते पर चलते हुए वर्तमान सरकार को एक बार फिर पाकिस्तान के साथ वार्ता शुरू करनी चाहिए। महबूबा ने कहा कि पीएम मोदी को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाना चाहिए और अटलजी के वक्त में छूटी बातचीत को अब फिर उसी स्थान से पूरा किया जाना चाहिए।

महबूबा ने कहा कि जब तक हमारा देश व पाकिस्तान इकट्ठे नहीं होते तब तक राज्य से गरीबी व मुफलिसी नहीं जाएगी। दोनों देश अपना बहुत पैसा बंदूकें, हथियार, गोला बारूद खरीदने में लगा रहे हैं, यदि वही पैसा अस्पतालों में खर्च हो, गरीब बच्चों की पढ़ाई पर लगे तो यहां के बच्चों का भविष्य संवर जाए।

महबूबा ने कहा कि हमारे अस्पतालों में डॉक्टर नहीं हैं। स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं। जो हाल पाकिस्तान में है वैसा ही हाल जम्मू कश्मीर में है। उन्होने कहा, पीडीपी का एजेंडा और मुफ्ती सईद का एजेंडा रास्ते खोलो, नौशेरा के जंगल खोलो, इस कश्मीर को उस कश्मीर के साथ मिलाओ। रास्तों के माध्यम से बातचीत करो, पाकिस्तान से भी और कश्मीर की जनता से भी, इसके बगैर कोई चारा नहीं है। पीडीपी का यही एजेंडा जम्मू कश्मीर का आज है और जम्मू कश्मीर का कल है।

पीएम मोदी की मुश्किल बढ़ी, तेरह दलों के युवा संगठनों ने बनाया मोर्चा

Thirteen teams of youth organizations got a front against PM Modi

भाजपा को मात देने के लिए विपक्षी दलों के बीच राष्ट्रीय स्तर पर महागठबंधन बनाने की बात चर्चा का विषय बनी हुई है। इस मुद्दे पर अभी किसी दल ने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन इसी बीच विपक्षी दलों के युवा संगठनों ने आपस में तालमेल बनाकर मोदी सरकार का विरोध करने का निर्णय लिया है। इससे राष्ट्रीय दलों के बीच प्राथमिक स्तर पर सहमति बनने के भी संकेत मिलते हैं। हालांकि अगले लोकसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस के बीच तालमेल को लेकर खूब चर्चा चल रही है, लेकिन इन युवा संगठनों के साथ आने के मौके पर बहुजन समाज पार्टी का कोई भी प्रतिनिधि शामिल नहीं था।

आज मंगलवार को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित विपक्ष के तेरह दलों के नेताओं ने दिल्ली में मुलाकात की और आपसी सहमति से यूनाइटेड यूथ फ्रंट नाम से एक मोर्चे का गठन किया। इन सभी दलों के युवा कार्यकर्ता बुधवार को इस फ्रंट के बैनर तले एक राष्ट्रव्यापी आन्दोलन करेंगे जिसमें पेट्रोल, गैस, डीजल तेल की महंगी होती कीमतों को मुद्दा बनाया जाएगा। इसी मोर्चे के तहत बुधवार को ही राष्ट्रीय लोक दल मेरठ कमिश्नरी का घेराव करेगा। इसके अलावा 28 सितंबर को दिल्ली में एक बड़े प्रदर्शन की तैयारी भी हो रही है जिसमें युवाओं की समस्याओं को केंद्र में रखा जाएगा।

कांग्रेस की युवा शाखा इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस मोर्चे के गठन को एक बड़ी घटना बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर दलों में आपसी सहमति बनती है या नहीं, इससे ज्यादा जरुरी है कि हम साथ आकर जनता के मुद्दे उठा रहे हैं। यह पूछने पर कि क्या उनके बीच गठबंधन राष्ट्रीय नेतृत्व की सहमति से बना है, केशव चंद यादव ने कहा कि उन्हें इसके लिए राष्ट्रीय नेतृत्व से सहमति मिली है। उन्होंने बताया कि अभी भी कुछ दलों के नेता अपने व्यक्तिगत कारणों से इस मीटिंग में शामिल नहीं हो सके हैं, लेकिन उनके साथ आने का सहमति पत्र उनके पास मौजूद है और आने वाले समय में वे उनके साथ दिखेंगे।

विपक्षी दलों के युवा शाखाओं के बीच इस तरह का गठबंधन बनना इस अर्थ में महत्त्वपूर्ण है कि अक्सर राष्ट्रीय दलों में गठबंधन हो जाने के बाद भी निम्न स्तर पर कार्यकर्ताओं में आपसी तालमेल नहीं बन पाता था, जिससे गठबंधन का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता था। लेकिन इस बार युवा शाखाओं के बीच बन रहा तालमेल सरकार के लिए मुसीबत का सबब बन सकता है।

 

Source: hindi.siasat.com

एससी-एसटी एक्ट को लेकर घिरी बीजेपी, एमपी में सवर्णों का विरोध तेज

ग्वालियर. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ जाकर मोदी सरकार ने एससी-एसटी एक्ट में जो बदलाव किया है। वह अब बीजेपी के लिए बड़ी मुसीबत बन चुका है। इस मामले में सवर्णों का विरोध तेज होता जा रहा है।

सोमवार को खेल एवं युवक कल्याण मंत्री यशोधरा राजे ने अपना शिवपुरी दौरा तो नवकरणीय ऊर्जा मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने अंबाह का आैर राज्यमंत्री ललिता यादव ने सवर्णों के आंदोलन के चलते अपना दतिया का दौरा निरस्त कर दिया।

बता दें कि इससे पहले चुरहट में रविवार देर शाम मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपनी जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। चौहान के काफिले को न केवल काले झंडे दिखाए गए बल्कि कुछ लोगो ने पत्थरबाजी भी की थी।

General against the change of the SC ST Act
General against the change of the SC ST Act

इसके अलावा रविवार को मुरैना में स्वास्थ्य मंत्री रुस्तम सिंह आैर ग्वालियर में नगरीय विकास मंत्री माया सिंह को सवर्ण समाज के लोगों के विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा था। जिसके बाद ग्वालियर ग्रामीण के विधायक भारत सिंह कुशवाह भी अंबाह में आयोजित कार्यक्रम ही रद्द कर दिया।

जिला प्रशासन ने ग्वालियर जिले में सभी लाइसेंस 11 सितंबर तक के लिए निलंबित कर दिए हैं। इस दौरान कोई भी व्यक्ति हथियार प्रदर्शन नहीं कर सकता। जज, प्रशासनिक अधिकारी, अस्पताल आदि पर यह आदेश लागू नहीं होगा। शिवपुरी में धारा 144 लागू की गई है, जो 6 सितंबर तक रहेगी।

कर्नाटक निकाय चुनाव में कांग्रेस दर्ज की भारी जीत, भाजपा की बुरी तरह हार

Karnataka Nikay Chunav mein congress ka baja danka

कर्नाटक में 105 शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) के लिए मतों की गिनती सुबह 8 बजे से जारी है। शुरुआती रुझानों में कांग्रेस आगे चल रही है। मुख्य विपक्षी बीजेपी दूसरे स्थान पर है। कांग्रेस ने अब तक 560, बीजेपी 499 और जेडीएस 178 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है। वहीं 150 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने कब्जा जमाया है। सूबे में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार है।

Karnataka Nikay Chunav mein congress ka baja danka
Karnataka Nikay Chunav mein congress ka baja danka

चुनावों के नतीजे सियासी पार्टियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि 2019 के चुनाव नजदीक हैं, ऐसे में वोटों का गिरता या बढ़ता हुआ ग्राफ पार्टियों की आगामी रणनीति की दिशा तय करेगा।

31 अगस्त को राज्य की 29 नगरपालिकाओं, 53 टाउन नगर पालिकाओं और 23 टाउन पंचायतों के 2,633 वार्डो में और तीन नगर निगमों के 135 वार्डो में मतदान हुआ था। निकाय चुनावों के लिए राज्य में 67।5 प्रतिशत मतदाताओं मे मतदान किया गया था। मतदान के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का इस्तेमाल किया गया था।

Karnataka Nikay Chunav mein congress ka baja danka
Karnataka Nikay Chunav mein congress ka baja danka

इस चुनाव में कुल 8,340 उम्मीदवार मैदान में हैं। शहरी निकाय चुनावों में कांग्रेस के 2,306 उम्मीदवार, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के 2,203 और जनता दल-सेकुलर (जेडी-एस) के 1,397 मैदान में हैं जबकि 814 शहर निगमों में चुनाव लड़ रहे हैं, जिनमें कांग्रेस से 135, बीजेपी से 130 और जेडी-एस से 129 उम्मीदवार शामिल हैं।

Karnataka Nikay Chunav mein congress ka baja danka
Karnataka Nikay Chunav mein congress ka baja danka

साल 2013 में 4,976 सीटों पर शहरी निकाय चुनाव हुए थे। कांग्रेस ने 1,960 सीटें जीती थीं, जबकि बीजेपी और जेडी-एस ने दोनों ने 905 सीटें जीती थीं और निर्दलियों ने 1,206 सीटें जीती थीं।

अटल की श्रद्धांजलि सभा में बोलीं BJP महिला नेता- पार्टी में प्रमोशन के लिए बड़े नेताओं के साथ सोना पड़ता है

Woman Charged BJP Leaders that they ask for Sexual favors

भाजपा केंद्र से लेकर कई राज्यों में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों और उनमें उनके नेताओं के जुड़े होने के कारण भारी विरोध का सामना कर रही है। अब उसके खिलाफ ये मुद्दा पार्टी के भीतर भी उठ गया है।

भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी में महिलाओं का शोषण होता है।

जम्मू कश्मीर में भाजपा की एक महिला कार्यकर्ता ने पार्टी के स्थानीय नेताओं पर शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं। यह घटना गुरुवार शाम की है, जब जम्मू के एक कन्वेंशन सेंटर में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित करने का कार्यक्रम चल रहा था।

कार्यक्रम में भाजपा नेता प्रिया जराल बोलते हुए पार्टी नेताओं द्वारा शोषण करने का मुद्दा उठाया। प्रिया जराल ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रविंद्र रैना को संबोधित करते हुए ‘मातृ शक्ति’ की रक्षा करने की मांग की।

प्रिया जराल यहीं नहीं रुकी और कहा कि “मैं उस तरह की महिला नहीं हूं। (जो चुप रह जाए) मैं अपनी आवाज उठाऊंगी। जराल ने आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने उन्हें बताया है कि उनका प्रमोशन तभी हो सकता है, जब उनकी सीनियर लेवल पर कुछ सेटिंग होगी।”

हालांकि, इस दौरान राज्य सभा स्पीकर निर्मल सिंह, जो कि वहां मौजूद थे, उन्होंने प्रिया जराल को मनाने की कोशिश की और इस तरह सार्वजनिक तौर पर आरोप लगाने से रोका भी, लेकिन इसके बावजूद प्रिया जराल ने रविंद्र रैना के सामने अपनी बात रखी।

प्रिया की बात सुनकर जब मौजूदा पुरुष नेता बाहर जाने लगे तो प्रिया जराल ने उनका पीछा कर कहा कि “वाजपेयी महिलाओं के शोषण के खिलाफ बोला करते थे।”

प्रिया जराल ने आरोप लगाते हुए कहा कि “पार्टी में महिलाओं के लिए कोई सम्मान नहीं है। ये (पुरुष नेता) नहीं जानते कि महिलाओं के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है।”

Source: bltaup.com

गडकरी पर 1330 शेयरधारकों से धोखाधड़ी का आरोप, कांग्रेस नेता बोले- मोदीराज में मची है ‘लूट’

Akhilesh Pratap Singh slams Modi govt over fraud with shareholders

महाराष्ट्र में एक सोसाइटी और सरकार से जुड़ा कथित घोटाले का मामला सामने आया है। इसमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को मुख्य आरोपी बताया गया है और साथ ही मामले में आरएसएस के मोहन भागवत का नाम भी जुड़ा है।

मामला एक सोसाइटी और उसको आवंटित प्लॉट से जुड़ा है। नितिन गडकरी ने कुछ लोगों के साथ मिलकर एक सोसाइटी शुरू की। फिर उसे सरकार से जोड़ा गया। सरकर ने उसे ज़मीन दी।

इसके बाद सोसाइटी कुछ साल के लिए निष्क्रय रही और फिर अचानक उस ज़मीन को नितिन गडकरी की कंपनी को ट्रांसफर कर दिया गया और कंपनी ने ज़मीन गिरवी रख करोड़ों की रकम जुटा ली।

अब अगर बैंक पैसे ना मिलने पर ज़मीन पर कब्ज़ा भी करता है तो ज़मीन तो पहले ही सरकार की है। नितिन गडकरी का कोई नुकसान नहीं होगा।

नागपुर स्थित चीफ़ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में एक याचिका दायर की गयी है जिसमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और उनके बेटों पर धोखाधड़ी, फ्राड और 420 का आरोप लगाया गया है।

याचिकाकर्ताओं ने शेयरधारकों की जो सूची संलग्न की है उसमें आरएसएस के सरसंघ चालक मोहन भागवत का नाम भी सोसाइटी के शेयरधारकों में शामिल है। साथ ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस और उनके भाई का नाम भी इस सोसाइटी के शेयरधारकों में है।

7 अगस्त, 2018 को पेश इस याचिका में अदालत से इनके समेत कई दूसरे लोगों के खिलाफ इससे जुड़ी विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर मुकदमा चलाने की मांग की गयी है। संस्थापक नितिन गडकरी ने इसके शेयरधारकों को कथित तौर पर धोखा दिया है। याचिका को 72 वर्षीय भगवादास राठी और 62 वर्षीय अजय नाम के दो व्यक्तियों ने दायर किया है।

1988 में पोलीसैक इंडस्ट्रियल कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के नाम से एक सोसाइटी गठित की गयी। नितिन गडकरी के प्रमोटरशिप में इसमें कुल 1330 लोग शेयर धारक थे, जिसमें याचिका दायर करने वाले भगवानदास राठी भी एक शेयर धारक थे।

मामला सामने आने के बाद कांग्रेस प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इस रिपोर्ट को ट्विटर पर शेयर करते हुए लिखा, “केंद्रीय मंत्री गडकरी पर 1330 शेयरधारकों से धोखाधड़ी का आरोप, संघ प्रमुख और महाराष्ट्र सीएम फड़णवीस का भी नाम भाजपा/RSS का नारा मोदी राज मे लूट मची है लो सब लूट बस चन्द दिन और बचे है सत्ता जायेगी छूट”।

Source: boltaup.com

मनमोहन सरकार में ‘रुपया’ ICU में चला गया था, अब प्रधानमंत्री और रुपया दोनों ‘कोमे’ में है!

the Rupee went to the icu in manmohan govt now the pm and the rupee are both in the coma

रुपया लगातार गिरावट के नए रिकॉर्ड बना रहा है। गुरुवार को एक डॉलर की तुलना में रुपये की कीमत 70.74 रुपये रही थी। वहीं आज इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज (फॉरेक्स) मार्केट में भारतीय मुद्रा 70.95 रुपये प्रति डॉलर की कीमत पर खुली और कुछ ही देर में 71 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गई। यह पहली बार है जब रुपये ने 71 का स्तर छुआ है।

इस साल 1 जनवरी को डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 63.38 के स्तर पर था। इसके बाद से इसमें ज्यादातर गिरावट का ही दौर देखने को मिला। इस साल की शुरुआत से रुपये में अब तक 10 फीसदी और अगस्त के महीने में अब तक 2.4 फीसदी की गिरावट आ चुकी है।

डॉलर के मुकाबले रुपए में लगातार आ रही गिरावट के बाद अब सोशल मीडिया पर पीएम मोदी के उन बयानों को जमकर याद किया जा रहा है, जिनमें उन्होंने रुपये में गिरावट के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को ज़िम्मेदार ठहराया था।

2014 के लोकसभा चुनावों से पहले नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था कि यूपीए सरकार और रुपये में गिरने का कंपटीशन चल रहा है। उन्होंने कहा था कि जब देश आजाद हुआ था, तब एक डॉलर की कीमत एक रुपये के बराबर थी। जब अटलजी की सरकार थी, तब यह 42 रुपये पर जा पहुंची और यूपीए सरकार में इसकी कीमत साठ रुपये तक आ गई।

मोदी ने कहा था कि यूपीए सरकार इससे निपटने के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है। इसलिए डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार गिर रहा है। इसी तरह एक और कार्यक्रम में पीएम मोदी ने रुपए के गिरते स्तर पर चिंता जताते हुए कहा था कि मौजूदा समय में जबकि अर्थशास्त्री डॉ मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री है, रुपया आईसीयू (गहन इकाई कक्ष) में पड़ा है और रोजाना लुढ़क रहा है, रुक ही नहीं रहा, देश कैसे चलेगा, समझ में नहीं आता, राज चलाना इनके बस में नहीं है।

बता दें कि उस वक्त डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की कीमत तकरीबन 60 के स्तर पर थी और ऐसा कहा जा रहा था कि अगर नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनते हैं तो डॉलर के मुकाबले रुपया 40 में हो जाएगा।

लेकिन ऐसा हुआ नहीं। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बने चार साल से ज़्यादा हो रहे हैं और रुपया कभी 40 के करीब नहीं पहुंचा। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत गिरती ही नज़र आई और अब स्थिति यह है कि डॉलर के मुकाबले रुपया 71 के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।

ऐसे में अब सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं कि रुपए में गिरावट के मुद्दे पर तत्कालीन मनमोहन सरकार के ख़िलाफ मोर्चा खोलने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब डॉलर के मुकाबले रुपए की ऐतिहासिक गिरावट पर ख़ामोश क्यों हैं? क्या पीएम मोदी के लिए अब यह चिंता का विषय नहीं है?

या फिर यह मान लिया जाए कि ऐसे मुद्दों को महज़ सियासी उल्लू को सीधा करने के लिए उठाया जाता है और सत्ता पर काबिज़ होने के बाद इन्हें भुला देना ही सत्ता पक्ष के लिए बेहतर विकल्प होता है!

Source: boltaup.com

UP के लाखों युवाओं को योगी ने बताया ना’लायक’ बोले- सरकारी नौकरी बहुत हैं मगर उम्मीदवार ही योग्य नहीं हैं

CM Yogi said we have govt job but people are not eligible in UP

देश की सबसे ज्यादा आबादी वाले प्रदेश में लोग सरकारी नौकरी पाने के योग्य नहीं है। ऐसा कहना है यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का। इनसे रोजगार पर जब सवाल पूछा गया तो उन्होंने यही बात की। बोले- सरकारी नौकरी तो बहुत है मगर कोई उसके योग्य नहीं है।

योगी के इस बयान को बहाना समझा जा सकता है, क्योंकि सच्चाई तो ये है उत्तर प्रदेश में बेरोजगारों की बढ़ती संख्या के आगे योगी सरकार का दावा भी फेल हो गया। जिसमें कहा गया था कि प्रदेश में हर युवा के पास रोजगार होगा।

CM Yogi said we have govt job but people are not eligible in UP
CM Yogi said we have govt job but people are not eligible in UP

दरअसल, सीएम योगी एक न्यूज़ चैनल के कार्यक्रम में पत्रकार के सवालों का जवाब दे रहे थे। जिसमें उनसे रोजगार पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि जब हमने 68 हजार वैकैंसी निकाली तो एक लाख आवेदन भी नहीं मिले। जब टेस्ट हुआ तो केवल 40 हजार ही पास हो पाए।

उन्होंने कहा हमें 37 हज़ार शिक्षक रखने है, मगर नौकरी की उम्मीदवारी के लिए काबिल लोग ही नहीं मिल रहे है। उन्होंने ये भी कहा की ऐसे लोग ही नहीं जो परीक्षा पास कर पाए और नौकरी करें।

वहीँ दूसरी तरफ इंडिया स्पेंड की रिपोर्ट की माने तो पिछले योगी सरकार ने खुद माना था राज्य में कुल 21 लाख 39 हजार 811 पंजीकृत बेरोजगार हैं। ये सवाल सदन में कांग्रेस नेता दीपक सिंह ने श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य से पूछा था।

जिसमें स्वामी ने बताया था की प्रदेश में 30 जून तक पंजीकृत बेरोजगारों की कुल संख्या 21 लाख 38 हजार 811 है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों की उपलब्धता के मद्देनजर सेवायोजन कार्यालयों द्वारा रोजगार मेलों के माध्यम से बेरोजगारों को रोजगार मुहैया करा रही है।

मंत्री के इस जवाब से कांग्रेस नेता नाराज़ होकर सदन छोड़कर चले गए थे। उनका कहना था की बीजेपी ने घोषणापत्र में 90 दिन के अंदर लाखों लोगों को नौकरी देने का वादा किया था, वह भी पूरा नहीं हुआ, कांग्रेस नेता का कहना था की प्रदेश में करीब 5 करोड़ लोग बेरोजगार हैं।

हालाँकि अगर 5 करोड़ लोग बेरोजगार नहीं है तब भी पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या 21 लाख 38 हजार 811 है जो कहीं से भी कम नहीं है।

क्या इस बड़े प्रदेश में सरकारी नौकरी के लिए कोई योग्य नहीं है या फिर सरकार रोजगार न दे पाने पर बहाने बना रही है।

 

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नोटबंदी के दौरान 3-4 लाख करोड़ रुपये का काला पैसा सफ़ेद हुआ है- पी चिदंबरम

Nearly Rs 3-4 lakh crore Black Money converted white during demonetisation Chidambaram

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नोट बंदी की घोषणा किये जाने के बाद से ही इस मुद्दे पर बहुत राजनीती हुई थी। कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी पार्टियों ने इस मुद्दे पर बीजेपी को घेरने की कोशिश की थी। और अब नोटेबंदी के दो साल बाद इस मामले में रिजर्व बैंक की ओर से आधिकारिक आंकड़ा जारी किए जाने के बाद से इस मुद्दे पर फिर बहसबाजी शुरू हो गई है।

अब इस मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने सरकार पर फिर निशाना साधा है। चिदंबरम ने आज अपने एक बयान में कहा है कि नोटबंदी की वजह देश को 2.25 लाख करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने शुक्रवार को दावा किया कि लगभग 3-4 लाख करोड़ रुपये का काला धन बदल दिया गया है। “अगर सभी मुद्रा नोट्स का आदान-प्रदान किया गया है तो जाहिर है चिदंबरम ने यह भी लिखा कि इससे सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योग क्षेत्र में हजारों इकाइयां बंद हो गईं जिससे लाखों लोगों की नौकरियां चली गईं। इस तरह भारत को नोटेबंदी से एक साल में कुल 2.25 लाख करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

 

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नितिन गडकरी ने कर ली करोड़ों की धांधली, संघ प्रमुख भागवत और महाराष्ट्र CM फड़नवीस भी हैं हिस्सेदार!

Blame on Nitin Gadkari in corruption case in Maharashtra

नई दिल्ली – नागपुर स्थित चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में एक याचिका दायर की गयी है जिसमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और उनके बेटों पर धोखाधड़ी, फ्राड और 420 का आरोप लगाया गया है. 7 अगस्त, 2018 को पेश इस याचिका में अदालत से इनके समेत कई दूसरे लोगों के खिलाफ इससे जुड़ी विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर मुकदमा चलाने की मांग की गयी है.

याचिका को 72 वर्षीय भगवादास राठी और 62 वर्षीय अजय नाम के दो व्यक्तियों ने दायर किया है.मामला एक सोसाइटी और उसको आवंटित प्लॉट से जुड़ा है. इसमें आरोप लगाया गया है कि संस्थापक नितिन गडकरी ने इसके शेयरधारकों को कथित तौर पर धोखा दिया है. 1988 में पोलीसैक इंडस्ट्रियल कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के नाम से एक सोसाइटी गठित की गयी. नितिन गडकरी के प्रमोटरशिप में इसमें कुल 1330 लोग शेयर धारक थे, जिसमें याचिका दायर करने वाले भगवानदास राठी भी एक शेयर धारक थे.

इस बीच महाराष्ट्र सरकार द्वारा सोसाइटी को 24.77 लाख रुपये दिए गए. याचिका में कहा गया है कि महाराष्ट्र सरकार भी इस सोसाइटी का एक शेयर होल्डर बन गयी. इसी क्रम में सोसाइटी को महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एमआईडीसी) की ओर से 4950 वर्ग मीटर का प्लाट 20 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से एलाट कर दिया गया.

जिसका एक रुपये प्रतिवर्ग मीटर के हिसाब से सालाना किराया था.याचिकाकर्ताओं ने शेयरधारकों की जो सूची संलग्न की है उसमें आरएसएस के सरसंघ चालक मोहन भागवत का नाम भी सोसाइटी के शेयरधारकों में शामिल है. साथ ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस और उनके भाई का नाम भी इस सोसाइटी के शेयरधारकों में है.

भगवान दास राठी की याचिका के मुताबिक 2003 के बाद सोसाइटी ने काम करना बंद कर दिया. 23 सितंबर 2016 को भगवान दास ने एक आरटीआई डालकर सोसाइटी की स्थिति के बारे में एमआईडीसी से जानकारी चाही. जिसमें पता चला कि 2012 में सोसाइटी के प्लाट को पूर्ति सोलर सिस्टम प्राइवेट, लिमिटेड को ट्रांसफर कर दिया गया है.

याचिकाकर्ता का कहना है कि पूर्ति सोलर सिस्टम नितिन गडकरी की निजी कंपनी है. आरोप है कि इसी प्लाट को गिरवी रखकर सारस्वत बैंक से मेसर्स जीएमटी माइनिंग एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के लिए 42.83 करोड़ रुपये का कर्ज ले लिया जाता है. याचिकाकर्ता के मुताबिक जीएमटी के मालिकान में नितिन गडकरी के दोनों बेटे निखिल एन गडकरी और सारंग एन गडकरी शामिल हैं.

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नोटबंदी हुई फेल, अभिसार शर्मा बोले- मोदीजी ‘चौराहा’ न सही, नोटबंदी के लिए Sorry तो बनता है

Abhisar Sharma said PM Modi should say sorry to people

नोटबंदी में वापस आए नोटों की गिनती पूरी हो चुकी है। रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने बुधवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि पुराने 500-1000 रूपए के नोटों में 99.3% नोट वापस आ गए हैं ।

नोटबंदी के दौरान पीएम मोदी ने जनता से 50 दिन की समय मांगा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि मुझे सिर्फ़ पचास दिन का समय दे दीजिए, अगर आप संतुष्ट ना हुए तो मुझे चौराहे पर खड़ा कर देना।

अब इस मामले पर पत्रकार अभिसार शर्मा ने कहा है कि पीएम मोदी को देश माफ़ी मांगनी चाहिए।

पत्रकार अभिसार शर्मा ने सोशल मीडिया पर लिखा, मोदीजी ‘चौराहा’ न सही , नोटबंदी के लिए सॉरी तो बनता है।

गौरतलब हो कि रिज़र्व बैंक के अनुसार 15.41 लाख करोड़ के 500 और 1000 के नोट थे नोटबंदी के वक़्त जिसमें से 15.31 लाख करोड़ के नोट बैंक में वापस आ चुके हैं। रिज़र्व बैंक की इस गिनती से यह पता चलता है की 10,720 करोड़ रूपए ही बैंक में वापस नहीं आए हैं ।

बता दें, 8 नवंबर 2016 को देर रात प्रधानमंत्री ने 500 और 1000 के नोटों को बंद करने की घोषणा की थी। मोदी सरकार ने कहा था कि कालेधन को ख़तम करने की उनकी यह एक पहल हैं।

 

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बीजेपी और RSS के इशारे पर 7 करोड़ मुस्लिम वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए!

Names 7 Cr muslim voters were removed voters list behest BJP and RSS

केंद्र व उत्तर प्रदेश की सरकार ने जनता के उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। चुनाव के दौरान किए गए वायदे जुमला साबित हो रहे हैं। सरकार की नीतियों के विरोध में कांग्रेस देशभर में जनांदोलन करेगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में इसकी शुरुआत जौनपुर से होगी।

उक्त बातें कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष नदीम जावेद ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कही। इस बीच नदीम जावेद ने यह इल्ज़ाम लगाया है कि साचिश कर मुस्लिम वोटरों को लिस्ट से हटाया गया है। नदीम जावेद ने कहा कि सात करोड़ मुस्लिम वोटरों को भाजपा और आरएसएस के इशारे पर हटाया गया है।

नगर के सुक्खीपुर स्थित आवास पर बातचीत में श्री जावेद ने कहा कि वर्ष 2014 का लोकसभा चुनाव उम्मीदों का चुनाव था। लंबे समय बाद जनता का स्पष्ट जनादेश प्राप्त हुआ था लेकिन चुनाव के दौरान किए गए एक भी वायदे पूरे नहीं हुए। सबका साथ, सबका विकास, बेटियों के सम्मान की रक्षा आदि नारे छलावा साबित हुए। राफेल लड़ाकू विमान खरीद से लेकर भाजपा शासित प्रदेशों में कई बड़े घोटाले हुए। अपनी नाकामी छिपाने के लिए भाजपा बंटवारे का असफल प्रयास कर रही है।

एक सवाल के जवाब में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि 2019 का चुनाव जीतने के लिए नहीं बल्कि देश के संविधान को बचाने की लड़ाई है। इसी उद्देश्य देशभर में महागठबंधन किया जा रहा है।

यूपी में कांग्रेस का वजूद क्षेत्रीय दलों से कमतर बताने वाले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान के बारे में पूछने पर उन्होंने बड़ा लक्ष्य हासिल करने के लिए छोटी-छोटी बातों को दरकिनार कर दिया जाता है, कहकर टाल दिया।

भाजपा द्वारा लाए गए एससी एसटी बिल का कांग्रेस के सदन में विरोध न करने के प्रश्न का भी उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। पत्रकार वार्ता में इलाहाबाद के पूर्व छात्र नेता बाबुल ¨सह, डा. पंकज सोनकर, बबलू राईन, गौरव मौजूद रहे।

 

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जंयत चौधरी का BJP पर हमला, कहा ‘हिंदूवादी गुंडो ने गौरक्षा के नाम पर खोल ली हैं दलाली की दुकानें, BJP का गौ प्रेम दिखावा

अलीगढ़ – भाजपा सरकार के खिलाफ रालोद ने गौ रक्षा- किसान रक्षा पंचायत कर 2019 की ताल ठोक दी है । रालोद ने भाजपा को उसी के एजेंडे में शामिल गौ रक्षा के मुद्दे पर अलीगढ़ में घेर लिया है । खैर क्षेत्र के गांव भानौली में गुरुवार को किसान पंचायत में रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयन्त चौधरी ने भाजपा और मोदी- योगी पर जमकर हमला बोला। हजारों किसानों को संबोधित करते हुए जयन्त चौधरी ने कहा कि नफरत की राजनीति के लिए भाजपा गाय को आगे कर किसानों और आमजन को गुमराह कर रही है। जयन्त ने कहा कि भाजपा का गौ प्रेम सिर्फ दिखावा है, छलावा है । वास्तविक गौ रक्षा तो किसान करता है।

Jayant Chaudhary attacks on BJP
Jayant Chaudhary attacks on BJP and Gaurakshak

उन्होंने कहा कि बजरंग दल, हिन्दू वाहिनी और कथित हिंदूवादी गुंडों ने गौरक्षा के नाम पर दलाली की दुकानें खोल ली हैं। जयन्त ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि मोदी किसानों से, गरीब से, नौजवानों से झूठ बोलते है। लालकिले से झूठ बोलते हैं और नींद में भी रात को झूठ बोलते हुए बुदबुदाते होंगे। उन्होंने कहा कि अब झूठो की सरकार है । उन्होने कहा कि प्रदेश और देश मे आवारा पशुओं की सरकार है जिससे कोई उम्मीद नही की जा सकती। जयन्त चौधरी ने कहा कि गौशाला बनाने के लिए सरकार पर रुपये नहीं हैं लेकिन विदेश घूमने और प्रचार में खर्च करने के लिए हैं।

Jayant Chaudhary attacks on BJP
Jayant Chaudhary attacks on BJP and Gaurakshak

उन्होंने कहा कि किसान परेशान हैं, युवा बेरोजगार है , गरीब त्राहि त्राहि कर रहा है, अब भाजपा को उखाड़ फेंकना होगा । जयन्त चौधरी ने कहा कि गौशाला मांगने पर जेल भेजना भाजपा की नीयत को समझाता है । उन्होंने कहा कि किसानों और नौजवानो की लड़ाई में वह झुकने वाले नही है , अभी तो शुरुआत है हम भाजपा को 2019 में उखाड़ फेंकेंगे । उन्होंने किसानों से भाजपा की पोल खोलने का अभियान जारी रखने का आव्हान किया।

Jayant Chaudhary attacks on BJP
Jayant Chaudhary attacks on BJP and Gaurakshak

जनसभा में एडीएम प्रशासन आरएन शर्मा को गौशाला बनवाने, प्रदेश के प्रत्येक जिले में ब्लॉक स्तर पर गौशाला बनवाने और किसानों की आवारा पशुओं से हो रहे नुकसान की भरपाई करने की मांग को लेकर ज्ञापन भी दिया गया । रालोद ने गौशाला न बनने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

भाजपा छुट्टा सांड इसे भगाओ : डॉ मसूद

रालोद की गौ रक्षा- किसान रक्षा पंचायत में रालोद के प्रदेश अध्यक्ष डॉ मसूद अहमद का सम्बोधन चर्चाओं में रहा । डॉ मसूद अहमद ने किसानों से कहा कि 2014 में धोखा खाकर आपने छुट्टे सांडो को चुना, अब भुगत रहे हो । उन्होंने कहा कि 2019 में अगर अपनी भलाई चाहते हो तो इन छुट्टे सांडो को भगाओ वर्ना सबकुछ हाथ से चला जायेगा । उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में सिर्फ जयन्त चौधरी किसानों और नौजवानों की आवाज़ उठा रहे हैं, इनको मजबूत करो ताकि किसानों की आवाज़ जिंदा रह सके । उन्होंने कहा कि भाजपा गाय पर राजनीति कर रही है, अब लोग समझ चुके हैं, इसके बहकावे में आने वाले नही हैं । डॉ मसूद अहमद के भाषण की ग्रामीणों में काफी चर्चाए रही।

Jayant Chaudhary attacks on BJP
Jayant Chaudhary attacks on BJP and Gaurakshak

जनसभा को रालोद के प्रदेश अध्यक्ष डॉ मसूद अहमद, पउप्र अध्यक्ष डॉ अनिल चौधरी, पूर्व विधायक भगवती प्रसाद, शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ मुकेश भारद्वाज, जिलाध्यक्ष रामबहादुर चौधरी, रालोद नेता जियाउर्रहमान, पूर्व विधायक सुदेश शर्मा, वीरपाल राठी, ओमपाल सूर्यवंशी, रणधीर प्रधान ने भी संबोधित किया। संचालन रणधीर सिंह प्रधान ने किया । इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष डॉ मसूद अहमद, पउप्र अध्यक्ष डॉ अनिल चौधरी, पूर्व विधायक भगवती प्रसाद, शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ मुकेश भारद्वाज, जिलाध्यक्ष रामबहादुर चौधरी, रालोद नेता जियाउर्रहमान, पूर्व विधायक सुदेश शर्मा, वीरपाल राठी, ओमपाल सूर्यवंशी, नवाब सिंह छोंकर, प्रतीक चौधरी, चौ हमबीर सिंह, चौ शिवकुमार, अमित चौहान, रणधीर प्रधान, सुमन दिवाकर, हरचरण सिंह, सीपी सिंह धनगर, गोपाल चौधरी, कुलदीप चौधरी, मनु बालियान, सुलेखा सिंह आदि मौजूद रहे।

नाकाम होती दिख रही मोदी सरकार की विदेश नीति, अब अमेरिका ने दी भारत को धमकी,’अगर हथियार…’

One more failure of Modi Government by America

नई दिल्ली – रूस और अमेरिका के बीच तनातनी रहती है जिसका खामियाजा उन देशों को भुगतना पड़ता है जो अमेरिका विरोधी देशों के साथ संबंध रखते हैं. एक बार फिर अब अमेरिका ने भारत को ‘धमकी’ दी है. अमेरिका ने भारत चेताया है कि अगर भारत रूस से लगातार हथियार खरीदता रहा तो भारत को अमेरिका से छूट मिलने की गारंटी नहीं होगी.

अमेरिका की चिंता का कारण भारत की रूस के साथ होने वाली बड़ी रक्षा सौदे की डील है. बता दें कि भारत रूस से 39,000 करोड़ रुपये की लंबी दूरी की मारक क्षमता से लैस एस-400 मिसाइल रोधी टेक्नोलॉजी खरीद रहा है. इस रक्षा सौदे में दूसरे हथियारों की खरीद भी शामिल हैं. जिसके कारण अमेरिका की चिंता बढ़ गई है.

अमेरिका के पेंटागन में एशियाई सुरक्षा मामलों के सहायक मंत्री रैंडल स्रीवर ने बुधवारने कहा है कि , ”छूट देने वालों ने ऐसा माहौल बनाया है जिससे लगता है कि भारत को इस मामले में छूट मिलेगी ही, फिर चाहें वह कुछ भी करता रहे. मैं बताना चाहूंगा कि यह थोड़ी भ्रमित करने वाली बात है.” रैंडल ने कहा, हमें अभी भी इसकी चिंता है कि भारत रूस के साथ बड़े रक्षा सौदे कर सकता है. यहां बैठकर मैं आपसे यह नहीं कह सकता कि उन्हें छूट मिलेगी ही और उनके लिए प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी.

जानकारी के लिये बता दें कि रैंडल स्रीवर का बयान ऐसे समय में आया है, जब ठीक एक सप्ताह बाद नई दिल्ली में भारत और अमेरिका के रक्षा और विदेश मंत्रियों के बीच द्विपक्षीय वार्ता होने जा रही है. इस वार्ता के लिए अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ और रक्षा मंत्री जिम मैटिस भारत की राजधानी नई दिल्ली आने वाले हैं. हाल के कुछ सालों में भारत-अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण रक्षा सहयोगी साबित हुआ है. मौजूदा समय में रूस के साथ कारोबार करने वालों के लिए अमेरिका ने नियम बेहद सख्त बना दिये हैं.

अमेरिका का नियम है कि अगर कोई रूस के साथ रक्षा या फिर खुफिया विभाग से संबंधित सौदा करता है तो उसे अमेरिका के प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता है. लेकिन, रक्षा मंत्री जिम मैटिस की कोशिशों के कारण अमेरिकी संसद ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री को रूस के साथ सौदा करने वाले सहयोगी देशों को प्रतिबंधों से छूट देने का अधिकार दे दिया.

वित्त मंत्री अरुण जेटली का इंटरव्यू निकला ‘फिक्स’, कांग्रेस ने वीडियो जारी करके खोली पोल

This Time Arun Jaitley exposed by Congress

नई दिल्ली – देश के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के उस इंटरव्यू को प्री-स्क्रिप्टेड यानी पहले से तय घोषित किया है, जो उन्होंने एक समचार एजेंसी को दिया था. कांग्रेस ने इस इंटरव्यू के कुछ हिस्से का वीडियो जारी करते हुए बताया है कि कैसे वित्त मंत्री ने एक ही बात को दोहराया है, एक बार अंग्रेजी में और एक बार हिंदी में. इतना ही नहीं, इंटरव्यू के बीच में जब इंटरव्यू लेने वाले पत्रकार ने पहले से तय सवालों से इतर कुछ पूछना चाहा तो वित्त मंत्री ने उन्हें टोक दिया.

कांग्रेस ने इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस भाषण के हिस्से का भी वीडियो जारी किया है जो उन्होंने 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी के ऐलान के वक्त दिया था. इस वीडियो में पीएम नोटबंदी के चार कारण बता रहे हैं. कांग्रेस ने इन्हीं कारणों को आरबीआई की सालाना रिपोर्ट के हवाले से गलत साबित होने की बात कही है. साथ ही प्रधानमंत्री से इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़ने का आग्रह किया है.

पहले भी उठे सवाल

यह पहला मौका नही है कि जब सत्ताधारी दल के नेता के इंटरव्यू पर सवाल उठे हों, प्रधानमंत्री बनने के बाद पीएम मोदी ने जितने भी इंटरव्यू समाचार चैनलों और अखबारो को दिये हैं उन सब पर सवालिया निशाना लगाये हैं। राजनीतिक पार्टियों की तरफ से और सोशल मीडिया पर भी ऐसे इंटरव्यू को प्रायोजित अथवा तमाशा बताया गया है।

बीते दिनों पीएम मोदी ने एक चैनल को इंटरव्यू दिया था उस पर सवाल उठे थे, पीएम मोदी ने यह इंटरव्यू एक हिन्दी चैनल को दिया था, उसके बाद अंग्रेजी चैनल को एक इंटरव्यू दिया पीएम मोदी के इन तमाम इंटरव्यू पर सवाल खड़े किये गये और इन इंटरव्यू को प्रायोजित इंटरव्यू करार दिया गया था। अब भाजपा के वरिष्ठ नेता अरूण जेटली के इंटरव्यू पर भी सवाल उठ गए हैं। और कांग्रेस ने वीडियो जारी करे उनके इंटरव्यू की पोल खोल दी है।

बीजेपी ‘हिन्दू आतंकवाद’ पर अपना रुख करें साफ- शिवसेना

Story clarify your stand on term Hindu Terrorism Shiv Sena asks BJP

भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी शिवसेना ने गुरुवार को उससे हिन्दू आतंकवाद पर अपना रुख साफ करने को कहा है। शिवसेना ने कहा कि जिस वक्त बीजेपी विपक्ष में थी उसने ‘हिन्दू आतंकवाद’ का कड़ा विरोध किया था। लेकिन, हैरानी की बात ये है कि सरकार में आते ही वह लोगों को ‘हिन्दू आतंकवाद’ के तौर पर ब्रांडिंग कर रही है और उन्हें खत्म करने की दिशा में काम कर रही है।

शिवसेना ने कहा कि ‘हिन्दू आतंकवाद’ पर उसे अपना रुख साफ करना चाहिए। शिवसेना ने अपने संपादकीय ‘सामना’ में कहा- कांग्रेस ने ‘हिन्दू आतंकवाद’ शब्द दिया था और उस वक्त बीजेपी ने इस शब्द पर संसद से सड़क तक बवाल किया था। इसमें आगे कहा गया- “अब बीजेपी की महाराष्ट्र और केन्द्र दोनों जगहों पर सरकार है और अभी भी ‘हिन्दू आतंकवाद’ बोला जा रहा है। सरकार को इस दिशा में अपना रुख साफ करना चाहिए।”

संपादकीय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस का हवाला देते हुए कहा गया- “सरकार ने यह फैसला किया है कि सभी हिन्दू आतंकवादी हैं और उन्हें खत्म कर देना चाहिए… हिन्दुओं को हिन्दुस्तान में और सबसे महत्वपूर्ण ये है कि मोदी-फड़णवीस के शासन में, आतंकवाद का तमगा दिया जा रहा है… यह हैरान करने वाला है।”

 

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दलितों और उनकी रक्षा करने वालों को डराने की साजिश : मायावती

BSP Mayawati Bhima Koregaon maoist arrest Narendra Modi BJP

वामपंथी विचारकों की गिरफ्तारी को लेकर बसपा अध्यक्ष मायावती ने मोदी सरकार को निशाने पर लिया है. उन्होंने कहा कि दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों के प्रति शोषण, अत्याचार और जमीन बेदखली के खिलाफ लड़ने वाले बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ सरकार दमनचक्र चला रही है.

मायवती ने कहा कि देशभर में जिस तरह से गिरफ्तारियां हुई हैं ये सत्ता का दुरुपयोग और निरंकुशता की पराकाष्ठा है. इस घठना की जितनी निंदा की जाए वह कम है.

मायावती ने कहा कि बीजेपी सरकार ने अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए ऐसी कार्रवाई की है. सरकार के इस रवैये से लोगों में आक्रोश है, जिसे स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है.

बसपा अध्यक्ष ने कहा कि बीजेपी सरकारों को अपनी जनविरोधी नीतियों के साथ-साथ लोकतंत्र विरोधी नीतियों और कार्यप्रणाली से बचना चाहिए.

मायावती ने कहा कि नक्सल समर्थक के नाम पर देश के कई राज्यों से कवि, वकील, प्रोफेसर और बुद्धिजीवियों की गिरफ्तारी हुई है. वो सही नहीं है.

बता दें कि भीमा कोरेगांव हिंसा से जुड़े मामलों में मंगलवार को देश के कई हिस्सों में वामपंथी विचारकों की गिरफ्तारी और उनके ठिकानों पर छापेमारी हुई. इसमें पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा, वरवरा राव, सुधा भारद्वाज, अरुण फरेरिया और वरनोन गोंजालवेस को गिरफ्तार किया गया. पुलिस की छापेमारी महाराष्ट्र, गोवा, तेलंगाना, दिल्ली और झारखंड में की गई.

 

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