मोदी नहीं अब चली मायावती की लहर, इतनी सीटें जीत सबको चौंकाया

Mayawati popularity seen at karnataka local body election

कर्नाटक के शहरी निकाय चुनाव में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन किया है। दोनों पार्टियां एकजुट होकर मैदान में उतरीं और शहरी निकाय चुनाव में करीब 50 फीसदी से ज्यादा सीटों पर कब्जा जमाया है। इस चुनाव में जहां कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, वहीं दूसरे नंबर पर बीजेपी रही, जेडीएस ने तीसरा स्थान हासिल किया है। निकाय चुनाव में मायावती की पार्टी बीएसपी ने भी अपना खाता खोला है। बहुजन समाज पार्टी ने निकाय चुनाव में 13 सीटों पर जीत दर्ज की है।

Mayawati popularity seen at karnataka local body election
Mayawati popularity seen at karnataka local body election

बीएसपी के खाते में गई 13 सीटें पहले कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जेडीएस के साथ गठबंधन में उतरी बहुजन समाज पार्टी ने एक सीट जीत कर बड़ी कामयाबी हासिल की थी और अब मायावती की पार्टी ने कर्नाटक निकाय चुनाव में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।

बहुजन समाज पार्टी ने निकाय चुनाव में 13 सीटों पर जीत दर्ज की है। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले बीएसपी की ये जीत बेहद अहम मानी जा रही है। खास तौर से मायावती के लिए उत्तर प्रदेश से बाहर अपनी पार्टी को लेकर जाने के लिए ये नतीजे काफी अहम साबित हो सकते हैं।

कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी, बीजेपी दूसरे नंबर पर कर्नाटक में 21 जिलों की 102 शहरी निकायों के 2664 वार्डों के लिए 31 अगस्त को मतदान हुआ था। सोमवार को इसके नतीजे सामने आ गए। इसमें कांग्रेस 982 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।

Mayawati popularity seen at karnataka local body election
Mayawati popularity seen at karnataka local body election

दूसरे नंबर पर बीजेपी है जिसके खाते में 929 सीटें गई हैं। वहीं कांग्रेस के साथ प्रदेश सत्ता चला रही जेडीएस को 375 सीटों पर जीत मिली है। बहुजन समाज पार्टी 13 और अन्‍य के खाते में 328 सीटें गई हैं।

नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं- येदुरप्पा कर्नाटक शहरी निकाय चुनाव में बीजेपी के प्रदर्शन पर पार्टी के अध्यक्ष बीएस येदुरप्पा ने कहा कि नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं आए हैं। भाजपा को ज्यादा सीटें जीतने चाहिए थीं लेकिन हमारा प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। हालांकि उन्होंने कहा कि इन नतीजों का 2019 में लोकसभा चुनाव पर असर नहीं होगा और वो परिणाम इससे अलग होगा। येदुरप्पा ने कहा कि 2019 में भाजपा कर्नाटक में शानदार जीत हसिल करेगी।

दलितों और उनकी रक्षा करने वालों को डराने की साजिश : मायावती

BSP Mayawati Bhima Koregaon maoist arrest Narendra Modi BJP

वामपंथी विचारकों की गिरफ्तारी को लेकर बसपा अध्यक्ष मायावती ने मोदी सरकार को निशाने पर लिया है. उन्होंने कहा कि दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों के प्रति शोषण, अत्याचार और जमीन बेदखली के खिलाफ लड़ने वाले बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ सरकार दमनचक्र चला रही है.

मायवती ने कहा कि देशभर में जिस तरह से गिरफ्तारियां हुई हैं ये सत्ता का दुरुपयोग और निरंकुशता की पराकाष्ठा है. इस घठना की जितनी निंदा की जाए वह कम है.

मायावती ने कहा कि बीजेपी सरकार ने अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए ऐसी कार्रवाई की है. सरकार के इस रवैये से लोगों में आक्रोश है, जिसे स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है.

बसपा अध्यक्ष ने कहा कि बीजेपी सरकारों को अपनी जनविरोधी नीतियों के साथ-साथ लोकतंत्र विरोधी नीतियों और कार्यप्रणाली से बचना चाहिए.

मायावती ने कहा कि नक्सल समर्थक के नाम पर देश के कई राज्यों से कवि, वकील, प्रोफेसर और बुद्धिजीवियों की गिरफ्तारी हुई है. वो सही नहीं है.

बता दें कि भीमा कोरेगांव हिंसा से जुड़े मामलों में मंगलवार को देश के कई हिस्सों में वामपंथी विचारकों की गिरफ्तारी और उनके ठिकानों पर छापेमारी हुई. इसमें पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा, वरवरा राव, सुधा भारद्वाज, अरुण फरेरिया और वरनोन गोंजालवेस को गिरफ्तार किया गया. पुलिस की छापेमारी महाराष्ट्र, गोवा, तेलंगाना, दिल्ली और झारखंड में की गई.

 

Source: hindi.siasat.com

VIDEO: मोदी को प्रधानमंत्री बनने की इजाजत नहीं दी जाएगी: मायावती

Modi will not be allowed to become prime minister Mayawati

नई दिल्ली: 2019 के चुनाव से पहले मायावती ने कहा कि मोदी को भारत का प्रधान मंत्री नहीं बनना चाहिए। मायावती ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में चार पदों पर कार्य किया है।

उन्होंने कहा, मोदी को प्रधान मंत्री बनने से रोक दिया जाना चाहिए या अन्यथा मुसलमान और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों को उनके शासन के साथ कई समस्याएं आनी पड़ेगी। उन्होंने कहा, “मैं मोदी को रोकने के लिए सबकुछ कोशिश करुँगी।”

मायावती बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष है, जो बहुजन या दलित, अन्य पिछड़े वर्गों और धार्मिक अल्पसंख्यकों की स्थिति में सुधार के लिए सामाजिक परिवर्तन के मंच पर केंद्रित है।

2008 में, फोर्ब्स ने दुनिया की 100 सबसे शक्तिशाली महिलाओं की सूची में 59वें स्थान पर मायावती को जोड़ा था।

न्यूज़वीक ने उन्हें भारत के बराक ओबामा के रूप में वर्णित किया और वह 2007 में न्यूज़वीक की शीर्ष महिला प्राप्तकर्ता सूची में भी दिखाई दीं थीं।

वीडियो देखें:

 

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मुस्लिमो की आवाज़ बनी मायावती, मोदी सरकार से लगायी ये गुहार

Mayawati asked for reservation to Muslims

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा चीफ मायावती ने मुस्लिमों के लिए आरक्षण की मांग की है। लोकसभा में सोमवार को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधन विधेयक, 2018 के पारित होने के बाद उन्होने ये मांग की है।

Mayawati asked for reservation to Muslims
Mayawati asked for reservation to Muslims

बीएसपी चीफ ने कहा, ‘अगर केंद्र सरकार संविधान में संशोधन कर ऊंची जाति के गरीबों को आरक्षण देने का कोई कदम उठाती है तो बसपा इसका पहले स्वागत करेगी। चूंकि मुस्लिम और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों में काफी गरीबी है। ऐसे में अगर केंद्र सरकार ऊंची जाति के गरीबों के लिए कोई कदम उठाती है तो मुसलमानों और दूसरे धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए भी आरक्षण की व्यवस्था होनी चाहिए।’

मायावती ने कहा विभिन्न राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए ही केंद्र सकार ने मजबूरी में एससी-एसटी अत्याचार निवारण कानून को पहले की तरह मूल रूप में बहाल करने संबंधित संशोधन विधेयक लाया। जो लोकसभा में पास हो गया है। बसपा को उम्मीद है कि ये राज्यसभा में भी जरूर पास हो जाएगा।

Mayawati asked for reservation to Muslims
Mayawati asked for reservation to Muslims

उन्होंने कहा​ कि इस विधेयक को काफी देर से लाया गया, जिसके कारण इन वर्गों को काफी नुकसान हुआ है। फिर भी बसपा इस विधेयक का स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि इसका श्रेय उनकी पार्टी एससी-एसटी वर्गों के तमाम लोगों को देती है, जिसमें बसपा समर्थक भी शामिल हैं।

बता दें कि लोकसभा में सोमवार को अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधन विधेयक, 2018 पारित हो गया था। इस संशोधन के जरिए सुप्रीम कोर्ट का वह आदेश निष्प्रभावी हो जाएगा, जिसके तहत एससी/एसटी अत्याचार निवारण के मामले में आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई थी।

2 अप्रैल के भारत बंद से बने दबाव के बाद लाई सरकार एससी/एसटी बिल: मायावती

Mayawati statement about sc st prevention atrocities amendment bill

नई दिल्ली। एससी-एसटी (अत्याचार रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2018 सोमवार को लोकसभा में ध्वनिमत से पारित हो गया है। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने एससी/एसटी विधेयक में संशोधन का स्वागत किया है। मायावती ने कहा कि उन्हें उम्मीद है, लोकसभा में के बाद राज्यसभा में भी ये बिल पास हो जाएगा। मायावती ने इस बिल के लोकसभा में आने का श्रेय देश की जनता और बसपा के कार्यकर्ताओं को है, जिन्होंने इसके लेकर सड़कों पर संघर्ष किया।

Mayawati statement about sc st prevention atrocities amendment bill
Mayawati statement about sc st prevention atrocities amendment bill

भारत बंद के चलते लाया गया बिल

मायावती ने कहा है कि 2 अप्रैल को जनता और बसपा कार्यकर्ताओं ने जो भारत बंद बुलाया था, उसने सरकार पर दबाव बनाया। इसी बंद का असर था कि केंद्र की भाजपा सरकार इसे संसद में लेकर आई। मायावती ने केंद्र सरकार में शामिल दलित नेताओं की भी आलोचना करते हुए कहा कि जब 2 अप्रैल को देश के लोग आंदोलन के लिए सड़कों पर उतर थे तो केंद्र सरकार में शामिल दलित मंत्री चुप्पी लगाए बैठे थे।

Mayawati statement about sc st prevention atrocities amendment bill
Mayawati statement about sc st prevention atrocities amendment bill

शुक्रवार को पेश किया था बिल

एससी/एसटी एक्ट पर संशोधित बिल शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत ने बिल पेश किया था। जिसे सोमवार को लोकसभा में पास कर दिया गया। राज्यसभा से भी पास होने के बाद एससी/एसटी एक्ट अपने पुराने स्वरूप में आ जाएगा। इस साल मार्च में सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट 1989 के तहत दर्ज मामलों में जांच से पहले गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। इसका देशभर में भारी विरोध हुआ था।

Mayawati statement about sc st prevention atrocities amendment bill
Mayawati statement about sc st prevention atrocities amendment bill

मार्च में हुआ था बदलाव

मार्च में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक एससी/एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों गिरफ्तारी से पहले डीएसपी स्तर पर जांच और अग्रिम जमानत की बात कही थी। बिल में संसोधन के बाद अपराध की शिकायत मिलते ही पुलिस रिपोर्ट दर्ज करे, केस दर्ज करने से पहले जांच जरूरी नहीं होगी। गिरफ्तारी से पहले किसी की इजाजत लेना आवश्यक नहीं है और केस दर्ज होने के बाद अग्रिम जमानत का प्रावधान नहीं होगा।

Source: hindi.oneindia.com

NRC बीजेपी-आरएसएस की संकीर्ण विभाजनकारी नीतियों का परिणाम: मायावती

Result of NRC narrow divisive policies of NRC BJP-RSS Mayawati

बीजेपी शासित असम राज्य में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस (एनआरसी) के प्रकाशन के बाद 40 लाख से ज्यादा लोगों के अवैध नागरिक होने पर बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने मंगलवार को कहा कि  बीजेपी एंड कंपनी ने अपनी स्थापना का एक प्रमुख उद्देश्य पूरा कर लिया है।

मायावती ने अपने बयान में कहा कि असम में बरसों से रहने के बावजूद अगर वे लोग अपनी नागरिकता के संबंध में कोई ठोस सबूत नहीं दे पाए हैं, तो इसका यह मतलब नहीं कि उन लोगों से उनकी नागरिकता ही छीन ली जाए और उन्हें देश से बाहर निकालने का जुल्म ढाया जाए।

उन्होंने कहा, ‘नागरिकता छिनने से प्रभावित लोगों में ज्यादातर बंगाली मुसलमान हैं तथा भाषाई अल्पसंख्यकों में बांग्ला बोलने वाले गैरमुस्लिम बंगाली हैं। इसीलिए बंगाल में भी इसका काफी दुष्प्रभाव पड़ने वाला है। बीजेपी एंड कंपनी इसका फायदा लेने का प्रयास कर रही है।’

बीएसपी प्रमुख ने कहा कि बीजेपी-आरएसएस की संकीर्ण विभाजनकारी नीतियों के कारण असम में आज ऐसा परिणाम आया है। 31 दिसंबर को अंतिम सूची के प्रकाशन के बाद यह देश के लिए एक ऐसा उन्माद व सरदर्द बनकर उभरेगा, जिससे निपट पाना बहुत ही मुश्किल होगा।

मायावती ने कहा कि असम के एनआरसी मामले में बीजेपी खुद को पूरी तरह मासूम व निर्दोष बनने का प्रयास कर रही है और बड़ी चालाकी से इस मामले में सब कुछ न्यायालय पर थोप रही है। यही बीजेपी है, जिसकी केंद्र व राज्य सरकारें पवित्र संविधान व न्यायालय के आदेशों की कितनी अवहेलना कर रही है, यह सारा देश देख रहा है।

बसपा प्रमुख ने कहा, ‘बीजेपी व आरएसएस एंड कंपनी पूरे देश में खासकर दलितों, आदिवासियों, अन्य पिछड़े वर्गो व धार्मिक अल्पसंख्यकों को हर प्रकार से अपनी संकीर्ण, जातिवादी, सांप्रदायिक एवं विभाजनकारी नीति का शिकार बनाने का अभियान जारी रखे हुई है। इस कंपनी के शासन से कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक देश की जनता त्रस्त है।’

मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश में खासकर दलितों, आदिवासियों, अन्य पिछड़े वर्गों एवं धार्मिक अल्पसंख्यकों में खासकर मुसलमानों के खिलाफ इनका जातिवादी, धार्मिक द्वेषपूर्ण व राजनीति के साथ-साथ सरकारी मशीनरी का भी घोर दुरुपयोग करना लगातार जारी है। इनके लोगों के खिलाफ धड़ल्ले से गैंगेस्टर व अन्य कानूनों के तहत कार्रवाई करके इन्हें जेल भेजा जा रहा है, जबकि वास्तविक अपराधियों को जातिगत व धार्मिक आधार पर छोड़ दिया जा रहा है।

बसपा प्रमुख ने कहा कि बीजेपी की केंद्र व राज्य सरकारों पर देश के खासकर दलितों, आदिवासियों, अन्य पिछड़े वर्गों एवं धार्मिक अल्पसंख्यकों में से खासकर मुस्लिम समाज के लोगों को भरोसा कतई भी नहीं करना चाहिए कि वे उनके हित व कल्याण की रत्तीभर भी परवाह करेगी। अब लोकसभा के चुनावी वर्ष में तो ये और भी ज्यादा इन पर जुल्म-ज्यादती करेगी। इसके साथ-साथ यह भी स्पष्ट है कि इन वर्गों के मामले में बीजेपी वाले जो कहते हैं, करते ठीक उसका उल्टा हैं।