राहुल गांधी ने साधा रक्षा मंत्री पर निशाना, कहा- फिर पकड़ा गया राफेल मिनिस्टर का झूठ

Rahul Gandhi demands resignation of Defence Minister Nirmala Sitharaman says Rafael Minister Lies

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल विमान सौदे को लेकर एक बार फिर मोदी सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस अध्यक्ष ने ट्वीट कर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण हमला बोलते हुए कहा कि आरएम (राफेल मिनिस्टर) राफेल सौदे को लेकर बार-बार झूठ बोल रहीं हैं और हर बार उनका झूठ पकड़ा जा रहा है.

राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में पूर्व एचएएल चीफ टीएस राजू के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि राजू ने रक्षा मंत्री का झूठ सामने ला दिया कि एचएएल में राफेल बनाने की क्षमता नहीं है. रक्षा मंत्री अस्थिर हैं ऐसे में उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. आपको बता दें कि पूर्व एचएएल प्रमुख टीएस राजू ने कहा था कि सरकार राफेल लड़ाकू विमान भारत में ही बना सकती थी. जब एचएएल फोर्थ जनरेशन का फाइटेर जेट 25 टन का सुखोई-30 बना सकता है, तो राफेल भी बना सकता था.

राफेल विमान सौदे को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर कांग्रेस लगातार हमले कर रही है. बुधवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) राजीव महर्षि से मुलाकात की थी. पार्टी नेताओं ने कहा था कि कैग ने उनसे कहा कि वह संसद में रिपोर्ट पेश करने के लिए पूरे मामले की पहले ही जांच कर रहे हैं और उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी तर्कों पर विचार किया जाएगा. कांग्रेस ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल को बताया कि कैग की रिपोर्ट जल्द ही संसद के पटल पर पेश की जाएगी.

गौरतलब है कि कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार ने फ्रांस की कंपनी दसाल्ट से 36 राफेल लड़ाकू विमान की खरीद का जो सौदा किया है, उसका मूल्य पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के शासनकाल में किए गए समझौते की तुलना में बहुत अधिक हैं जिससे सरकारी खजाने को हजारों करोड़ों रूपए का नुकसान हुआ है. पार्टी का यह भी दावा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सौदे को बदलवाया जिससे एचएएल से कॉन्ट्रैक्ट लेकर एक निजी समूह को कंपनी को दिया गया.

 

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BSF जवान की हत्या पर कांग्रेस ने PM से पूछा- कहां गया 56 इंच का सीना और लाल आंख

Where is the 56 inch chest Congress asks Modi govt on BSF Jawans killing

सीमा पर टकराव बढ़ रहा है और पाकिस्तान की ओर से बार-बार संघर्षविराम का उल्लंघन किया जा रहा है. सीमा पार से हो रही गोलीबारी का हमारे जवान भी शिकार हो रहे हैं. मंगलवार को पाकिस्तानी सैनिकों ने जम्मू के पास अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक जवान का गला रेत दिया. इस बर्बर घटना को लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है.

कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने पूछा कि कहां गया 56 इंच का सीना और कहां गई लाल आंख? कहां गया एक के बदले 10 सिर लाने वाला वादा. सरकार को भ्रष्टाचारियों की फिक्र है, लेकिन जवानों की नहीं.

कांग्रेस प्रवक्ता ने ट्वीट कर कहा है कि मोदी जी, फौजी देश का आत्मसम्मान हैं. उस स्वाभीमान को अगवा कर, आंखें निकाल, टांगे काट, गला रेत, नापाक पाक ने हत्या कर डाली. क्या आपका खून नहीं खौलता. देश जवाब मांग रहा है.

सुरजेवाला ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि मोदी जी जवान हमारे भारत की आत्मा हैं. भारत की आत्मा, नरेंद्र सिंह को 9 घंटे टॉर्चर किया गया. शहीद नरेंद्र सिंह ने भारत माता का कर्ज उतार दिया. पर सवाल ये है कि पाकिस्तान को क्रिकेट बैट भिजवाने की बजाए आप हमारे जवानों के लिए कब बैट (आवाज उठाएंगे) करेंगे.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया था कि हेड कॉन्स्टेबल नरेंद्र कुमार के शरीर में तीन गोलियों के निशान भी मिले हैं. कुमार का शव छह घंटे के बाद भारत पाक बाड़ (फेंस) के आगे मिल पाया क्योंकि पाकिस्तानी पक्ष ने सीमा पर संयम बनाए रखने और बीएसएफ के खोजी दलों पर गोलीबारी न होना सुनिश्चित करने के आह्वान पर ‘कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.’

 

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संघ का प्रमाणपत्र नहीं चाहिए, भागवत के बयान से मोदी-शाह चिंतित हों: कांग्रेस

we dont need rss certificate amit shah and modi should worries about mohan bhagwat statement says Congress

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत द्वारा आजादी की लड़ाई में कांग्रेस के योगदान की तारीफ किए जाने पर मुख्य विपक्षी पार्टी ने मंगलवार को कहा कि उसे ‘विभाजनकारी और नफरत फैलाने वाले’ संगठन से प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है.

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी कहा कि भागवत के बयान से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को चिंतित होना चाहिए क्योंकि ऐसा लगता है कि इस जोड़ी के ‘विध्वंसक रवैये’ से आरएसएस भी असहमत है.

सुरजेवाला ने कहा, ‘मैंने इस बारे में (भागवत के बयान) अखबारों में पढ़ा है. अगर इससे किसी को चिंतित होना चाहिए तो वह मोदी जी और अमित शाह की जोड़ी को होना चाहिए. ऐसा लगता है कि अब बीजेपी का मातृ संगठन मोदी-शाह जोड़ी के विध्वंसक रवैये से पूरी तरह असहमत है.’

उन्होंने कहा, ‘संपूर्ण भारत को पता है कि भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई और देश की एकता एवं अखंडता के लिए कांग्रेस ने क्या बलिदान दिए हैं. महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सरदार बेअंत सिंह, विद्याचरण शुक्ल और नंद कुमार पटेल और अन्य हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने देश के लिए बलिदान दिया.’ सुरजेवाला ने कहा, ‘विभाजनकारी और नफरत पैदा करने वाले संगठन से कांग्रेस को किसी प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है.’

आरएसएस के कार्यक्रम में सोमवार को भागवत ने यह कहकर सभी को चौंका दिया था कि कांग्रेस का आजादी की लड़ाई में बड़ा योगदान है और उसने देश को कई महान हस्तियां दी हैं.

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RTI में खुलासा : नोटबंदी के बाद गुजरात में BJP नेताओं की अध्यक्षता वाले बैंकों में जमा हुआ हज़ारों करोड़, क्या मोदी ने कालेधन को किया सफ़ेद!

Thousands of crores deposited in gujarat banks after demonetisation

प्रधानमंत्री मोदी ने 8 नवम्बर 2016, को नोटबंदी की घोषणा करते हुए कहा था कि ये कदम कालेधन को खत्म करने के लिए हैं। लेकिन जिस तरह के तथ्य सामने आ रहे हैं उससे लग रहा है ये कदम कालेधन को ख़त्म करने के लिए नहीं बल्कि उसे सफ़ेद करने के लिए उठाया गया था।

एक आरटीआई में ये खुलासा हुआ है कि नोटबंदी के बाद गुजरात के उन सहकारी बैंकों में सबसे ज़्यादा पैसा जमा कराया गया जिनके अध्यक्ष भाजपा नेता थे। सहकारी बैंक किसी भी संस्था द्वारा शुरू किये जाते हैं। इनके प्रशासन में अक्सर राजनेता होते हैं।

मुंबई के आरटीआई कार्यकर्ता मनोरंजन राय ने इस संबंध में सरकार से जानकारी मांगी थी जिसके आधार पर मिली जानकारी के तहत गुजरात कांग्रेस दावा कर रही है कि 10 नवंबर 2016 से लेकर 14 नवंबर 2016 तक गुजरात के जिन 10 बैंकों में करोड़ों रुपए के पुराने नोट बैंकों में जमा कराए गए थे, उस बैंक के चेयरमैन, प्रेसिडेंट और डायरेक्टर सभी भाजपा के नेता ही रहे हैं।

इस रिपोर्ट के बाद गुजरात कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष दोषी ने सरकार से इस मामले की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद गुजरात से आते हैं और उनके नोटबंदी के ऐलान के बाद उनकी ही पार्टी के नेताओं के बैंकों में पैसा जमा कराया गया। इस पूरे मामले की जांच की जाना चाहिए।

ये हैं वो बैंक
इन बैंकों की सूची में सबसे ऊपर अहमदाबाद जिला सहकारी बैंक (एडीसीबी) है, जिसके निदेशक भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और अध्यक्ष भाजपा नेता अजयभाई एच पटेल हैं. इस बैंक में नोटबंदी के दौरान सर्वाधिक 745.59 करोड़ मूल्य के प्रतिबंधित नोट जमा किए गए।

राजकोट के सबसे बड़े को-ऑपरेटिव बैंक राजकोट जिला को-ऑपरेटिव बैंक में शुरुआती चार दिनों के अंदर 693 करोड़ रुपए जमा कराए गए इस बैंक के चेयरमैन जयेश रादडिया हैं जो इस समय गुजरात सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं।

इसी तरह सूरत जिला को-ऑपरेटिव बैंक में शुरुआती 4 दिनों में 369 करोड़ रुपए जमा कराए गए थे और इस बैंक के चेयरमैन भाजपा के नेता नरेश पटेल और प्रभुभाई पटेल हैं।

साबरकांठा डिस्ट्रीक सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक में 328 करोड़ जमा कराए गए और इसके चेयरमैन भाजपा के नेता महेशभाई पटेल हैं, जबकि डायरेक्टर भाजपा के नेता राजेंद्र सिंह चावड़ा और दूसरे डायरेक्टर के तौर पर प्रफुल्लभाई पटेल हैं।

वैसे ही बनासकांठा डिस्ट्रीक को-ऑपरेटिव बैंक में उन 4 दिनों में 295 करोड़ जमा हुए। इसके चेयरमैन थे तत्कालीन गुजरात सरकार मंत्री शंकर चौधरी।

महेसाना जिला सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक में भी 4 दिनों में बड़ी मात्रा में पैसा जमा कराया गया. इस बैंक में 215 करोड़ जमा हुए, जिसमें राज्य के उपमुख्यमंत्री नीतिन पटेल बडे़ पद पर विराजमान हैं।

राज्य के अन्य जिला को-ऑपरेटिव बैंकों में अमरेली जिला सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक, भरुच जिला सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक, वडोदरा जिला सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक, जुनागढ़ जिला को-ऑपरेटिव बैंक और पंचमहल जिला को-ऑपरेटिव बैंक में भी मोटी रकम जमा कराई गई। इन बैंकों के उच्च पदों पर भी भाजपा के नेता ही काबिज हैं।

Source: boltaup.com

वीडियो: राहुल बोले- मोदी सरकार में तानाशाही एक पेशा बन गई है

Dictatorship in Modi government has become a profession Rahul Gandhi

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुलिस के लाठीचार्ज को सरकार की तानाशाही बताया है। राहुल गांधी बुधवार को नरेंद्र मोदी सरकार एवं रमन सिंह सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार में तानाशाही अब एक पेशा बन चुकी है।

गांधी ने घटना का वीडियो शेयर करते हुए ट्वीट किया, ‘नरेंद्र मोदी की हुकूमत में तानाशाही एक पेशा बन गई है। बिलासपुर में रमन सिंह की सरकार द्वारा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के मौलिक अधिकारों पर बुजदिली से किए गए इस प्रहार को वहाँ की जनता सियासी जुल्म के रूप में याद रखेगी।’

बिलासपुर में पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं की कथित रूप से पिटाई की जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अटल श्रीवास्तव घायल हो गये। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया है।

खबरों के मुताबिक कांग्रेस कार्यकर्ता नगर निकाय मंत्री अमर अग्रवाल के घर पर प्रदर्शन करने गए थे जहां उनकी पिटाई की गई।

दरअसल, कुछ दिन पहले अमर अग्रवाल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कचरा कह दिया था जिससे भड़के पार्टी कार्यकर्ता विरोध स्वरूप मंत्री के घर पर कचरा फेंकने पहुंचे थे। (इनपुट:भाषा)

 

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कांग्रेस ने गोवा में सरकार बनाने का दावा किया पेश, चिट्ठी लेकर राजभवन पहुंचे विधायक

Congress in talks with others for stable alternative in goa says aicc incharge

गोवा में कांग्रेस ने सरकार बनाने का दावा पेश किया है. एबीपी न्यूज के अनुसार कांग्रेस के 14 विधायक सोमवार को राज्यपाल मृदुला सिन्हा से मिलने राजभवन पहुंचे. यहां राज्यपाल को न पाकर कांग्रेस का प्रतिनिधित्वमंडल सरकार बनाने का दावा पेश करने वाली चिट्ठी छोड़कर आया.

बता दें कि गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर पिछले कुछ महीने से गंभीर रूप से बीमार रहे हैं. उनकी बीमारी को देखते हुए किसी नए को यहां सरकार की कमान देने की अटकलें लगाई जा रही हैं. हालांकि बीजेपी ने इससे इनकार किया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर रविवार को पर्रिकर को विशेष विमान से दिल्ली लाया गया जहां चेकअप के लिए उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया.

इस वजह से बीते 7 महीने से 3 बार इलाज के सिलसिले में अमेरिका होकर लौटे हैं.

Source: hindi.firstpost.com

DUSU चुनाव : EVM में धांधली कर ABVP को जिताया गया, बैलेट पेपर से दोबारा कराए जाएं चुनावः अजय माकन

Ajay Maken demands revoting fo DUSU with Ballot papers

दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनावों में मतगणना के दौरान ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद कांग्रेस ने चुनाव फिर से मतपत्र के ज़रिए कराने की अपील की है।

दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय माकन ने कहा कि हमारी मांग है कि डूसू चुनाव फिर से मतपत्र से कराएं जाएं। उन्होंने डुसू के अन्य सभी चुनावों को भी मतपत्र के ज़रिए कराए जाने की अपील करते हुए कहा कि हम यह भी चाहते हैं कि मतगणना कैमरे की निगरानी में हो।

ईवीएम में गड़बड़ी के बाद एबीवीपी की जीत पर सवाल खड़े करते हुए माकन ने कहा कि ऐसा क्यों होता है कि जब ईवीएम खराब होती है तो इसका फायदा सिर्फ बीजेपी और एबीवीपी को मिलता है, ईवीएम कभी कांग्रेस और एनएसयूआई को फ़ायदा नहीं पहुंचाती।

ग़ौरतलब है कि ईवीएम में गड़बड़ी की ख़बरों के बाद चुनाव आयोग ने सफ़ाई देते हुए कहा कि उन्होंने यूनिवर्सिटी को कोई ईवीएम नहीं दी। आयोग ने कहा कि मुमकिन है छात्र संघ चुनावों में इस्तेमाल की गई मशीनें यूनिवर्सिटी प्रशासन ने निजी तौर पर तैयार कराई हों।

चुनाव आयोग के इस बयान पर संदेह व्यक्त करते हुए माकन ने कहा कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा है कि चुनाव आयोग ने दिल्ली विश्वविद्यालय को कोई ईवीएम नहीं दी।

यहां तो चुनाव आयोग की कोई बात नहीं थी। हम तो सिर्फ यह कह रहे हैं कि डीयू में मशीनों से छेड़छाड़ हुई है। इस पर तो डीयू को जवाब देना चाहिए, लेकिन चुनाव आयोग जवाब दे रहा है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गईं तो वो अदालत का दरवाज़ा भी खटखटा सकते हैं। वहीं पत्रकार जैनेन्द्र कुमार ने इस मामले में जानकारी जेते हुए ट्विटर के ज़रिए कहा कि दिल्ली यूनिवर्सिटी ने उसी ECIL से ईवीएम खरीदा है जो चुनाव आयोग को भी ईवीएम सप्लाई करता है।

अगर डूसू में ईवीएम से छेड़छाड़ हो सकती है तो विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भी गड़बड़ी की जा सकती है। इसलिए मतपत्र से चुनाव होने चाहिए।

 

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मोदी जी को अब ‘हिंदू-मुसलमान’ का झगड़ा नहीं जितवा सकता क्योंकि काठ की हांडी बार-बार चूल्हे पर नहीं चढ़तीः कांग्रेस नेता

Congress spokesperson shakeel ahmad says bjp will lose 2019 elections due to various factors

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जहां बीजेपी को आगामी लोकसभा चुनाव में 2014 से भी ज्यादा सीटें मिलने का दावा कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस उनके इस दावे के उलट 2019 में बीजेपी की हार की बात कहती नज़र आ रही है।

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता शकील अहमद ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि बीजेपी को अब बांग्लादेश-पाकिस्तान, शमशान-क़ब्रिस्तान और हिन्दु-मुसलमान का झगड़ा नहीं जितवा सकता।

उन्होंने कहा कि काठ की हांडी बार-बार चूल्हे पर नहीं चढ़ती। यानी अब इन सब बेकार के मुद्दों से बीजेपी जनता को गुमराह नहीं कर सकती।

कांग्रेस नेता ने कहा कि 2019 में बीजेपी की हार के कई कारण होंगे। मोदी सरकार अपने शासनकाल में सभी मोर्चों पर नाकाम साबित हुई है। सरकार नौजवानों को रोज़गार देने में नाकाम रही, किसानों की बदहाली के लिए भी मोदी सरकार ज़िम्मेदार है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर भी पूरी तरह नाकाम रही है। चीन और पाकिस्तान आए दिन सीमा पर सीज़फायर का उल्लंघन कर रहे हैं। सीमा पर हमारे जवान मारे जा रहे हैं।

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुई बच्चों की मौत का ज़िक्र करते हुए शकील अहमद ने कहा कि ऑक्सीजन के बिना सैकड़ों बच्चों की मौत भी बीजेपी की हार का कारण होगी।

इसके साथ ही कांग्रेस नेता ने राफ़ेल और नोटबंदी को घोटाला बताते हुए कहा कि मोदी सरकार के शासनकाल में राफ़ेल और नोटबंदी जैसे बड़े घोटाले हुए, जो बीजेपी की हार का करण बनेंगे।

बता दें कि इससे पहले भारतीय जनता पार्टी की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में अमित शाह ने दावा किया था कि बीजेपी को आगामी लोकसभा चुनाव में 2014 से भी ज्यादा सीटें मिलेंगी। उन्होंने बैठक में अजेय भाजपा का नारा भी दिया था।

 

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रुपये के गिरने पर मनमोहन सिंह को कमज़ोर प्रधानमंत्री कहने वाले मोदी आज खुद देश के सबसे कमज़ोर PM हो गए हैंः कांग्रेस नेता

Shakti Sinh Gohil slams Modi govt over price hike in Petrol Diesel

पेट्रोल-डीज़ल की बढ़ती कीमत और डॉलर के मुकाबले रुपए में आई गिरावट को लेकर विपक्ष लगातार सत्ताधारी मोदी सरकार पर हमलावर है। इसी कड़ी में अब बिहार कांग्रेस के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने इस मुद्दे पर पीएम मोदी के पुराने बयान को याद करते हुए उनपर निशाना साधा है।

उन्होंने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि पीएम मोदी को अपने पुराने वीडियोज़ देखने चाहिए। जिसमें वह पेट्रोल-डीज़ल के बढ़ते दामों और रुपए के गिरते स्तर लिए सरकार को ज़िम्मेदार ठहराते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कमज़ोर बताया करते थे।

कांग्रेस नेता ने कहा कि आज मोदी सरकार के शासनकाल में पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं और रुपया तेज़ी से पाताल की ओर जा रहा है। लेकिन मोदी जी ख़ुद को कमज़ोर नहीं बता रहे। उनके पुराने बयानों के हिसाब से उन्हें देश का सबसे कमज़ोर प्रधानमंत्री होना चाहिए।

साथ ही शक्ति सिंह गोहिल ने यह भी कहा कि यूपीए सरकार में जब भी कच्चे तेल की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में बढ़ती थी तो जनता को राहत देने के लिए टैक्स कम कर दिए जाते थे। लेकिन मोदी सरकार में कच्चे तेल की कीमत कम होने के बावजूद टैक्स नहीं घटाए गए।

कांग्रेस नेता ने कहा कि अब कच्चे तेल की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में थोड़ी बढ़ी है तो सरकार को चाहिए कि टैक्स को कम कर दे। लेकिन सरकार ऐसा करेगी नहीं, क्योंकि उसे लगता है कि वो जो कुछ भी कर रही है वह सही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को यह अहंकार ले डूबेगा।

बता दें कि 2014 आम चुनावों से पहले नरेंद्र मोदी ने पेट्रोल-डीज़ल की बढ़ती कीमत और डॉलर के मुकाबले रुपए के गिरते स्तर को लेकर तत्कालीन यूपीए सरकार के खिलाफ़ मोर्चा खोल दिया था।

उन्होंने अपने कई बयानों में इसके लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को ज़िम्मेदार ठहराते हुए उन्हें देश का सबसे कमज़ोर प्रधानमंत्री तक कह डाला था।

 

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माल्या के आरोप पर बोले राहुल – जेटली छोड़े पद, मोदी दे जांच का आदेश

Rahul Gandhi asked PM Modi to order an probe mallyas allegations

बुधवार को लंदन की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट के बाहर शराब कारोबारी विजय माल्या द्वारा वित्त मंत्री अरुण जेटली से देश छोडने से पहले मुलाक़ात के बयान ने देश की राजनीति को हिला के रख दिया है। ऐसे में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए अरुण जेटली के इस्तीफे की मांग की है।

राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘विजय माल्या द्वारा लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं। प्रधानमंत्री को इस मामले में तुरंत एक स्वतंत्र जांच करानी चाहिए। जब तक जांच पूरी हो, तब तक अरुण जेटली को वित्त मंत्री के पद पर नहीं रहना चाहिए।’

वहीं पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि माल्या के बारे में मोदी सरकार को सब कुछ पता था, बावजूद इसके उसे देश से फरार होने क्यों दिया गया? सिंघवी ने कहा, ‘कांग्रेस लगातार कहती आ रही है विजय माल्या, नीरव मोदी और कई अन्य लोगों को जानबूझकर बाहर जाने दिया गया है। माल्या ने जो कहा है उस पर वित्त मंत्री की ओर से और स्पष्ट और व्यापक जवाब आना चाहिए।’

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, ‘विजय माल्या, तो श्री अरुण जेटली से मिल, विदाई लेकर, देश का पैसा लेकर भाग गया है? चौकीदार नहीं, भागीदार है!’ इसके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने बीजेपी पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘सिर्फ वित्त मंत्री ही नहीं, बल्कि पूरी बीजेपी को विजय माल्या के साथ अपने संबंधों की बात को स्वीकार कर लेना चाहिए’

उधर, सीपीआईएम के वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि यह सच्चाई है, जिससे हम पहले से ही वाकिफ हैं। सरकार कितना ही खंडन करे, लेकिन यह पुष्ट है कि जितनों ने भी जनता का पैसा लोन के जरिए लूटा और फरार हो गए, ऐसा सरकार की जानकारी के बिना संभव ही नहीं है।

भारत बंद के बावजूद बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम: मोदी जी, अंबानी-अडानी का मुनाफा देशहित से ऊपर है क्या?

Another hike in Petrol Diesel price beside of Bharat Bandh

पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के विरोध में आज मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस समेत 21 दलों ने भारत-बंद का ऐलान किया है। दामों के बढ़ने के कारण पूरे देश में जगह-जगह पर विरोध प्रदर्शन किये जा रहे हैं। लेकिन मोदी सरकार ने इस विरोध और जनता की जेब की चिंता ना करते हुए आज फिर से दामों में वृद्धि कर दी है।

पेट्रोल के दाम में 23 पैसे की वृद्धि हुई है जबकि डीजल में 22 पैसे का इजाफा हुआ है। इन नए दामों के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 80 रुपये 73 पैसे प्रति लीटर पहुंच गई है। जबकि मुंबई में एक लीटर पेट्रोल का दाम 88 रुपये 12 पैसे पहुंच गया है।

वहीं, डीजल के रेट में भी राहत नहीं मिली है. आज इसके दाम में 22 पैसे की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद दिल्ली में एक लीटर डीजल के लिए 72 रुपये 83 पैसे खर्च करने पड़ेंगे। जबकि मुंबई की बात की जाए तो यहां एक लीटर डीजल का रेट बढ़कर 77 रुपये 32 पैसे हो गया है।

केंद्र की मोदी सरकार पर पेट्रोल-डीजल के दाम घटाने का दबाव बढ़ रहा है। हालाँकि, केंद्र सरकार का कहना है कि अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने वो देश में दाम बढ़ा रही है।

वहीं विपक्ष का कहना है कि सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के दाम गिरने पर पेट्रोल डीजल के दाम कम नहीं करे और एक्साइज ड्यूटी यानि टैक्स बढ़ाया। लेकिन अन्तराष्ट्रीय बाज़ार में कीमतें बढ़ने पर सरकार दाम बढ़ा रही है।

गौरतलब है की 2013 के मुकाबले मोदी सरकार 105% पेट्रोल पर और 331% डीजल के दाम बढ़ा चुकी है। सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार 10 बार से ज़्यादा एक्साइज ड्यूटी लगा चुकी है।

 

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राफेल डील पर मोदी सरकार का दावा झूठा, विमानों में नया कुछ नहीं हैः रणदीप सुरजेवाला

Randeep Surjewala exposed Modi Modi govt over Rafale Deal

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने राफेल विमान डील को लेकर मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार राफेल डील को लेकर खुद अपने ही झूठ के जाल में फंसती जा रही है। सरकार एक झूठ छुपाने के लिए सौ झूठ बोल रही है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने मोदी सरकार के उन दावों को झूठा बताया है जिसमें कहा गया था कि अतिरिक्त तकनीकी विशेषताओं के कारण विमान की कीमत में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि इन विमानों में नया कुछ नहीं है और सरकार इसमें हुए 41 हजार करोड़ रुपए के घोटाले पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही है।

सुरजेवाला ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब विमान एक ही सिस्टम से लैस हैं तो मोदी सरकार इन विमानों के लिए तीन गुना ज्यादा मूल्य क्यों दे रही है?

उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार के समय जिस लड़ाकू विमान की कीमत 526 करोड़ रुपए तय की गई थी, वही विमान अब 1670 करोड़ रुपए की दर से खरीदा जा रहा है और इससे सरकारी ख़ज़ाने को सीधे 41 हज़ार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

इसके साथ ही कांग्रेस प्रवक्ता ने पीएम मोदी से सवाल करते हुए कहा, भारतीय वायु सेना ने 126 लड़ाकू विमानों की मांग की थी, क्या मोदी सरकार ने 126 के बजाय केवल 36 राफेल एयरक्राफ्ट खरीदकर राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता नहीं किया है?

यूपीए सरकार द्वारा जारी किए गए कॉम्बैट एयरक्राफ्ट टेंडर में संपूर्ण हथियारों और ट्रांसफर ऑफ टेक्नॉलॉजी का भी जिक्र किया गया था। जबकि मोदी सरकार के सौदे में इसका कहीं जिक्र नहीं है।

सरकार द्वारा राफेल की कीमत ना बताने पर सुरजेवाला ने कहा कि डसॉल्ट कंपनी ही मिराज-2000 जहाज़ बनाती है, कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने संसद में इसकी कीमत बताई थी।

अगर इसी कंपनी द्वारा बनाए गए मिराज विमान की कीमत बताई जा सकती है तो फिर मोदी सरकार राफेल विमान की कीमत देश को क्यों नहीं बता रही?

 

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लाइव डिबेट में कांग्रेस के पूर्व सांसद ने लगाई पात्रा को फटकार, भाजपा प्रवक्ता को बताया ‘फटीचर’

Congress ex mp Meem Afzal angry on Sambit Patra

नई दिल्ली – देश में इस वक्त तीन मूर्ति स्थित नेहरू मेमोरियल एंड लाइब्रेरी को लेकर जबरदस्त बहस छिड़ी हुई है. राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा की जा रही है कि केंद्र सरकार नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी में ही देश के सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों के लिए म्यूजियम बनवाना चाहती है. इस मामले को लेकर टीवी से लेकर सोशल मीडिया पर हर कोई अपने विचार रख रहा है.

इसी मुद्दे पर न्यूज़ चैनल आज तक पर भी डिबेट का आयोजन किया गया, जिसमें बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा और कांग्रेस की तरफ से मीम अफजल समेत अन्य नेताओं को आमंत्रित किया गया था. इस टीवी डिबेट के दौरान संबित पात्रा और मीम अफजल के बीच जमकर बहस हो गई.

बहस के दौरान संबित पात्रा कांग्रेस पर निशाना साधते हुए यह बता रहे थे कि अगर वाट्सएप और ट्विटर का नाम कांग्रेस को रखने का मौका मिलता तो क्या नाम रखे जाते. जिस वक्त बीजेपी प्रवक्ता ये बात बोल रहे थे, उसी वक्त मीम अफजल फटीचर शब्द बोलते सुनाई दिए. उन्होंने कहा, ‘…फटीचर का लफ्ज़… सुनिए… फटीचर…’ हालांकि कांग्रेस नेता जो बात कहना चाहते थे, उसे वह पूरी नहीं कर सके.

वहीं संबित पात्रा ने कहा, ‘मैं हर बार कहता हूं कि अगर कांग्रेस का बस चलता न तो ये जो मोबाइल में वाट्सएप है न, इसका नाम राजीव गांधी मुफ्त गपशप योजना रखते. इस ट्विटर का भी नाम इंदिरा गांधी उड़ंत चिड़िया रखते. आप फेसबुक का नाम भी रखते. आप फेसबुक का नाम राजीव गांधी चेहरा दर्शन योजना रखते. मैं अच्छी तरह से जानता हूं आप लोगों को.’

बता दें कि नेहरू मेमोरियल के मामले में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने भी पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर उनसे देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की विरासत से छेड़छाड़ न करने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि मौजूदा केंद्र सरकार नेहरू से जुड़ी विरासत से छेड़छाड़ करना चाहती है.

उन्होंने लिखा है कि तीन मूर्ति स्थित नेहरू मेमेरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी (एनएमएमएल) की प्रकृति एवं स्वरूप को केंद्र सरकार बदलना चाहती है, यह सरकार के एजेंडे में शामिल है. पूर्व पीएम ने लिखा है कि जवाहर लाल नेहरू सिर्फ कांग्रेस से संबंध नहीं रखते थे बल्कि वो पूरे देश के नेता थे. उन्होंने लिखा है कि तीन मूर्ति कॉम्प्लेक्स के साथ छेड़छाड़ न किया जाए.

RSS ने राहुल गांधी और ममता बनर्जी सहित देश के 3 हजार बड़ी हस्तियों को प्रोग्राम में शामिल होने के लिए न्योता भेजा!

RSS invites 3000 people including Rahul Gandhi to its 3 day meet

एक तरफ जहां विपक्षी पार्टियां खासकर कांग्रेस संघ पर आए दिन निशाना साधते रहती है। वहीं संघ ने दिल्ली के विज्ञान भवन में 17 से 19 सितंबर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत 3,000 लोगों को अपने इस कार्यक्रम में शामिल होने और अपने विचार रखने के लिए आमंत्रित किया है।

जानकारी के मुताबिक संघ ने राहुल गांधी के साथ-साथ बीएसपी अध्यक्ष मायावती, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी, सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी सहित विपक्ष के कई बड़े नेताओं को आमंत्रित किया है।

बताया जा रहा है कि संघ के इस तीन दिवसीय कार्यक्रम के लिए देश भर की करीब 3,000 हस्तियां हिस्सा लेंगी। इन लोगों में बताया जा रहा है कि संघ प्रमुख इस कार्यक्रम में इन सभी लोगों से संवाद करेंगे और संघ के बारे में उनका पक्ष भी जानने की कोशिश करेंगे।

सूत्रों के मुताबिक आरएसएस ने न्योता भेजने के लिए उन लोगों की सूची तैयार की है, जो पहले भी संघ के किसी कार्यक्रम का हिस्सा रह चुके हैं।

संघ का कहना है कि उसने इस कार्यक्रम का आयोजन इसलिए किया है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपनी विचारधारा से परिचित कराया जा सके।

संघ के एक सीनियर लीडर ने कहा, ‘हम आमंत्रित लोगों की पहचान उजागर नहीं कर रहे हैं ताकि किसी के कार्यक्रम में न आने पर उन्हें लेकर कोई विवाद न हो सके। अब तक मिले फीडबैक के मुताबिक संघ प्रमुख के कार्यक्रम में ज्यादातर आमंत्रित लोगों ने उपस्थित रहने की बात कही है।’

आपको बता दें कि हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरएसएस की तुलना मुस्लिम ब्रदरहुड से की थी। लंदन में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि आरएसएस भारत के हर संस्थान पर कब्जा कर देश के स्वरूप को ही बदलना चाहता है। राहुल गांधी ने लंदन में इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट आफ स्ट्रेटजिक स्टडीज (आईआईएसएस) के एक कार्यक्रम में ये बातें कहीं थी।

 

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नज़रियाः राहुल गांधी ने पहचान लिया है कि उनका और देश का दुश्मन कौन है, इसलिये अब वे सीधा वार कर रहे हैं

Nitin Thakur article on Rahul Gandhi

नितिन ठाकुर

राहुल गांधी कुछ सही करें या गलत मगर एक चीज़ उन्होंने पिछले दिनों ठीक से पकड़ी है, वो है अपना दुश्मन। देसी ज़मीन हो या विदेशी धरती राहुल ने बीजेपी से ध्यान हटाकर आरएसएस पर केंद्रित कर दिया है। उन्होंने विदेश में अपने श्रोताओं के सामने कहा कि हमारी लड़ाई एक संगठन आरएसएस से है। उन्होंने वहां बीजेपी के बारे में नहीं बल्कि आरएसएस के बारे में विचार रखे थे। बार-बार संघ और उसके विचार पर हमला करके वो जो कर रहे हैं उससे संघ के नेतृत्व में एक असहजता है।

सभी को मालूम है कि संघ ने सामाजिक क्षेत्रों में काम करने के लिए अलग-अलग संगठन बनाए हुए हैं। राजनीति में उसका सोच विचार लागू करने का ज़िम्मा बीजेपी का है। बीजेपी अपनी वैचारिक और सांगठनिक ताकत संघ से ही पाती है। उसी के बहाने संघ हमेशा ये कहने की स्थिति में होता है कि वो खुद महज़ एक सांस्कृतिक संगठन है जिसका राजनीति से कोई लेनादेना नहीं। इसी व्यवस्था की बदौलत संघ उस स्थिति का आनंद हमेशा लेता है जहां उस पर दूसरे दल कीचड़ उछालने से बचते हैं। अक्सर ये कीचड़ बीजेपी पर उछलता है क्योंकि प्रत्यक्ष तौर पर तो राजनीति में वो है, ना कि संघ।

अब राहुल गांधी ने संघ का नाम बार-बार लेकर जता दिया है कि बीजेपी को आगे करके राजनीति खेलने की संघ की पुरानी रणनीति सफल नहीं रहेगी। राहुल ने गांधी हत्या से संघ का नाम जोड़कर मुकदमा तक झेलने की चुनौती स्वीकार ली है। वो ऐसे ही एक मुकदमे में बाकायदा पेश होते हैं, मगर माफी नहीं मांग रहे। ऐसा नहीं है कि राहुल को मालूम नहीं कि गांधी हत्या से संघ का सीधे कोई लेनादेना नहीं था, मगर कांग्रेस की दूरगामी रणनीति के तहत राहुल संघ का नाम बार-बार गांधी के हत्यारे के तौर पर लेते हैं। हत्या में शामिल गोड़से और उसके साथी हिंदू महासभा के करीबी थे, और उससे पहले संघ के भी लेकिन संघ के किसी नेता को इस मामले में सजा नहीं हुई थी।

इसके उलट पहले संघ पर लगा प्रतिबंध भी बाद में हटा लिया गया था। बावजूद इसके संघ और गांधी हत्या का संबंध पूरी तरह खारिज ना होने की वजह उस मामले में परोक्ष-अपरोक्ष शामिल रहे लोगों का संघ से रिश्ता है। गांधी हत्या के मुकदमे में पेश होने वाले सावरकर की हैसियत आज भी संघ में क्या है ये किसी से छिपा नहीं, जबकि खुद सावरकर संघ नहीं बल्कि हिंदू महासभा के नेता थे। गोड़से और उसके साथी तो सावरकर के विचारों से ही प्रेरित थे। संघ भी सावरकर को प्रेरणापुरुष मानता है। ऐसे में राहुल गांधी ने इस बारीकी को पकड़ तो लिया ही है, साथ ही वो बार-बार मंच से उठाने लगे हैं। आरएसएस कभी नहीं चाहता कि उसका नाम गांधी की हत्या से जोड़ा जाए मगर वो उन लोगों से भी कभी संबंध खत्म करने को लेकर गंभीर नहीं रहा जो उस हिंसक विचार के अनुगामी रहे, ऐसे में कुछ साइड इफेक्ट्स उसे उठाने ही पड़ेंगे।

राहुल गांधी नहीं चाहते कि लोगों के सामने भ्रम बना रहे। वो संघ और बीजेपी को अलग दिखने की सुविधा देने को तैयार नहीं हैं। काफी वक्त तक कांग्रेस की ऊर्जा बीजेपी से लड़ने में गई, जबकि उसे ताकत देनेवाला बिना एक हमला झेले आराम से फलता फूलता रहा। अब कांग्रेस में राहुल का दौर है। उन्होंने अपने हिसाब से दुश्मन चुन लिया है। पिछले दिनों संघ के एक कार्यक्रम में उन्हें न्यौता देने की जो खबरें उठीं उनसे भी यही प्रमाणित हुआ कि आरएसएस राहुल को गंभीरता से ले रहा है, ये बात अलग है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सार्वजनिक तौर पर राहुल को गंभीरता से ना लेने की बात कहकर मुस्कुराते रहे हैं।

2019 का चुनाव भले कांग्रेस हारे या जीते लेकिन संघ के लिए छीछालेदार वाला साबित ज़रूर होगा। मुखौटे के पीछे छिपकर सियासत करने की जिस सुविधा ने उसे फैलाकर देश की सत्ता पर काबिज़ कर दिया है अब वो ज़रा मुश्किल रहेगा। सार्वजनिक मौकों पर कोई स्टैंड ना लेने वाला संघ कभी भी औपचारिक तौर पर राहुल के हमलों का जवाब तो नहीं ही देगा पर राहुल का हर हमला जनता के बीच विमर्श का मौका ज़रूर तैयार करेगा। आज तक आरएसएस ने एक ही प्रवक्ता तय किया था जिसका नाम राम माधव था। बाद में ये व्यवस्था खत्म कर दी गई, और संघ विचारक या संघ के जानकार नाम की नई नस्ल टीवी स्क्रीन पर दिखऩे लगी। ये वो लोग हैं जो टीवी पर संघ की पैरोकारी तो करते हैं पर यदि इनके बयान पर बवाल हो जाए तो संघ के लिए उसकी ज़िम्मेदारी लेना ज़रूरी नहीं। आखिर इन अवैध प्रवक्ताओं की कोई औपचारिक घोषणा तो होती नहीं है, भले ही बचाव का खेल खेलते हुए एकाध को बीेजेपी राज्यसभा तक भेज कर उपकृत कर देती हो।

राहुल गांधी ने दुश्मन को पहचान लिया है, जो उनके पूर्ववर्ती या तो कर नहीं सके, या करना ज़रूरी नहीं समझा। उनका सामना एक ऐसे दुश्मन से है जो कहीं नहीं है, पर हर जगह है। कहीं भाजपा बनकर, कहीं एबीवीपी बनकर, कहीं वनवासी कल्याण आश्रम बनकर, कहीं भारत विकास परिषद बनकर, तो कहीं किसान संघ बनकर। राहुल को संगठन नहीं विचार पर हमला करना होगा। ये उन्होंने शुरू भी कर दिया है। हां, ये और बात है कि उनके अपने कांग्रेसी विचार के ग्राहक कितने लोग बने ये 2019 का नतीजा बताएगा, पर लड़ाई हो ही रही है, तो कम से कम सही मोर्चे और असल दुश्मन से ही होनी चाहिए।

(लेखक युवा पत्रकार हैं, यह लेख उनके फेसबुक वाल से लिया गया है)

तेल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ कांग्रेस के भारत बंद को 18 पार्टियां का समर्थन

18 parties support Congress for Bharat bandh

नई दिल्ली: पेट्रोल-डीजल के दाम में लगातार बढ़ोतरी पर नरेंद्र मोदी सरकार को घेरने में लगी कांग्रेस को ‘भारत बंद’ के लिए 18 पार्टियां का समर्थन हासिल हुआ है। बता दें कि कांग्रेस ने 10 सितंबर को भारत बंद बुलाया है।

कांग्रेस की ओर से आहूत ‘भारत बंद’ को विपक्ष की कुल 18 छोटी-बड़ी पार्टियों का समर्थन मिला है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि ‘भारत बंद’ के लिए समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा), द्रमुक, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), जनता दल एस (जदएस), राष्ट्रीय लोक दल (रालोद), झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कई अन्य दल समर्थन कर रहे हैं।

पार्टी के संगठन महासचिव अशोक गहलोत ने संवाददाताओं से कहा, ‘आज देश का कोई वर्ग खुश नहीं है। मंहगाई की मार ने सबकी कमर तोड़ दी है। पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम से सब परेशान हैं। हिंसा का माहौल भी है। हर कोई परेशान है। उन्होंने कहा, आज की बैठक में यह तय किया कि 10 सितंबर को भारत बंद होगा। यह सुबह नौ बजे से दिन में तीन बजे तक होगा ताकि जनता को दिक्कत नहीं हो। इसमें दूसरे विपक्षी दल भी साथ होंगे।’

18 parties support Congress for Bharat bandh
18 parties support Congress for Bharat bandh

वहीं रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने पिछले साढ़े चार वर्षों में पेट्रोल-डीजल पर कर के जरिए 11 लाख करोड़ रुपये की ‘लूट’ की है। उन्होंने कहा कि ‘भारत बंद’ का आह्वान किया गया ताकि सरकार पर पेट्रोल-डीजल के दाम कम करने और इन दोनों पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने के लिए दबाव बनाया जा सके।

इसके अलावा अहमद पटेल ने कहा, ‘ज्यादातर विपक्षी पार्टियों से हमारी बात हुई है। ज्यादातर ने समर्थन किया है। तृणमूल कांग्रेस ने समर्थन की बात की है, लेकिन वह बंद में शामिल नहीं होगी। बसपा से अभी बात नहीं हुई है।’

सरकार में किसान और नौजवान परेशान हैं तो दलितों एवं अल्पसंख्यको में असुरक्षा का माहौल- मनमोहन सिंह

Former PM Manmohan Singh attacks Modi government

नई दिल्ली. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नरेंद्र मोदी सरकार पर सभी मोर्चों पर विफल रहने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अब देश में वैकल्पिक विमर्श पर गौर करने और अपनाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि इस सरकार में किसान और नौजवान परेशान हैं तो दलितों एवं अल्पसंख्यको में असुरक्षा का माहौल है.

वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल की पुस्तक ‘शेड्स ऑफ ट्रुथ’ के विमोचन के मौके पर बोल रहे थे. उन्होंने पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी के साथ इस पुस्तक का विमोचन किया. पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, शैक्षणिक आजादी पर अंकुश लगाया जा रहा है. विश्वविद्यालयों के माहौल को खराब किया जा रहा है. देश को वैकल्पिक विमर्श पर गौर करने और अपनाने की जरूरत है.

युवा नौकरियों का कर रहे इंतजार
मनमोहन सिंह ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा, यह पुस्तक बहुत अच्छी तरह शोध करने के बाद लिखी गई है. यह पुस्तक मोदी सरकार का समग्र विश्लेषण है. यह सरकार की नाकामियां बताती है. यह बताती है कि इस सरकार ने जो वादे किए, पूरे नहीं किये. उन्होंने कहा, देश में कृषि संकट है. किसान परेशान हैं और आंदोलन कर रहे हैं. युवा दो करोड़ रुपये नौकरियों का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि औद्योगिक उत्पादन और प्रगति थम गई है.

नोटबंदी पर घेरा
मनमोहन सिंह ने कहा, नोटबंदी और गलत ढंग से लागू की गई जीएसटी की वजह से कारोबार पर असर पड़ा. विदेशों में कथित तौर जमा धन को लाने के लिए कुछ नहीं किया गया. दलित और अल्पसंख्यक डरे हुए हैं. उन्होंने सरकार पर विदेश नीति के मोर्चे पर विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि पड़ोसियों के साथ हमारे संबन्ध खराब हुए हैं.

 

Source: hindi.siasat.com

14 दिन से अनशन पर बैठे हार्दिक पटेल की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल ले जाया गया

Hardik Patel taken hospital following deterioration his health 14th day of hunger strike

अहमदाबाद। 14 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हार्दिक पटेल की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। किसानों की कर्जमाफी और पाटीदारों के लिए आरक्षण की मांग को लेकर हार्दिक पटेल भूख हड़ताल पर बैठे हैं। हार्दक पटेल ने अहमदाबाद के नजदीक अपने फार्महाऊस पर 25 अगस्त को ये हड़ताल शुरु की थी। इसके पहले भी डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती होने और अनशन तोड़ने की सलाह दी थी।

इसके पहले हार्दिक ने कहा था कि अगर मेरी मौत भी हो जाएगी तो बीजेपी को क्या फर्क पड़ेगा? हार्दिक ने कहा था कि अब तक बीजेपी की तरफ से कोई बात नहीं की गई है,13 दिन के अनशन के बाद भी भाजपा वालों ने अभी तक किसानों एवं सबसे बड़े पटेल समुदाय के बारे कुछ सोचा भी नहीं है और बोले भी नहीं।

Source: hindi.oneindia.com

 

 

राफेल विमान घोटाले का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, अब सर्वोच्च अदालत को कैसे झांसा देगी मोदी सरकार ?

Supreme Court will start hearing next week on Rafale Deal

विवादित राफेल विमान समझौते पर अब मोदी सरकार घिरती जा रही है। अब देश की सर्वोच्च अदालत ने भी इस पर सुनवाई करने का फैसला ले लिया है। इस डील को रद्द करने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अगले सप्ताह सुनवाई करेगा।

सुप्रीम कोर्ट का ये रुख भाजपा के लिए चुनाव में महंगा पड़ सकता है। क्योंकि अब तक सिर्फ विपक्ष इस मुद्दे को उठा रहा था लेकिन सुप्रीम कोर्ट का इसमें शामिल होने घोटाले आरोपों को आधार देता है।

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा कि इस पर अगले हफ्ते सुनवाई होगी। प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने अधिवक्ता एम एल शर्मा की इस बारे में दलीलों पर गौर किया कि उनकी अर्जी तत्काल सुनवायी के लिए सूचीबद्ध की जाए।

शर्मा ने अपनी अर्जी में फ्रांस के साथ लड़ाकू विमान सौदे में विसंगतियों का आरोप लगाया है और उस पर रोक की मांग की है। शर्मा की याचिका में राफेल सौदे को रद्द करने, कथित अनियमितताओं के कारण प्राथमिकी दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई के आदेश देने का अनुरोध न्यायालय से किया गया है।

क्या है विवाद
राफेल एक लड़ाकू विमान है। इस विमान को भारत फ्रांस से खरीद रहा है। कांग्रेस ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि मोदी सरकार ने विमान महंगी कीमत पर खरीदा है जबकि सरकार का कहना है कि यही सही कीमत है। ये भी आरोप लगाया जा रहा है कि इस डील में सरकार ने उद्योगपति अनिल अंबानी को फायदा पहुँचाया है।

बता दें, कि इस डील की शुरुआत यूपीए शासनकाल में हुई थी। कांग्रेस का कहना है कि यूपीए सरकार में 12 दिसंबर, 2012 को 126 राफेल राफेल विमानों को 10.2 अरब अमेरिकी डॉलर (तब के 54 हज़ार करोड़ रुपये) में खरीदने का फैसला लिया गया था। इस डील में एक विमान की कीमत 526 करोड़ थी।

इनमें से 18 विमान तैयार स्थिति में मिलने थे और 108 को भारत की सरकारी कंपनी, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल), फ्रांस की कंपनी ‘डासौल्ट’ के साथ मिलकर बनाती। 2015 में मोदी सरकार ने इस डील को रद्द कर इसी जहाज़ को खरीदने के लिए 2016 में नई डील की।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नई डील में एक विमान की कीमत लगभग 1670 करोड़ रुपये होगी और केवल 36 विमान ही खरीदें जाएंगें। नई डील में अब जहाज़ एचएएल की जगह उद्योगपति अनिल अंबानी की कंपनी बनाएगी। साथ ही टेक्नोलॉजी ट्रान्सफर भी नहीं होगा जबकि पिछली डील में टेक्नोलॉजी भी ट्रान्सफर की जा रही थी।

Source: boltaup.com

मप्र: BJP अध्यक्ष के बिगड़े बोल, कांग्रेस के इन दिग्गज नेताओं को दी ये धमकी, देखें विडियो

MP Yuva morcha Abhilash Pandey ne Rahul Gandhi ko di dham ki

सीधी में जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर हुए पथराव के बाद अब धमकियों का दौर शुरू हो गया है। बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष अभिलाष पांडे ने विवादित बयान दिया है। 35 लाख कार्यकर्ताओं के संगठन को उन्होंने फौज बताया। भरे मंच से ध!मकी दी है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया, कमलनाथ, दिग्विजय सिंह या राहुल गांधी किसी भी कांग्रेसी नेता पर हम!ला करने में हमें ढाई मिनट भी नहीं लगेगा। बता दें कि दमोह में भाजपा विधायक के बेटे ने सिंधिया को गोली मा!रने की धम!की दी थी।

मंगलवार को प्रदेश भर में बीजेपी ने सीएम पर हुए हमले के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। राजधानी भोपाल में बीजेपी युवा मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष अभिलाष पांडे के बोल बिगड़ते नजर आए। उन्होंने कांग्रेस के आला नेताओं पर कुछ मिनटों में हम!ला करने की धम!की दे डाली। यह बात उन्होंने धरने के दौरान बीजेपी के सभी नेताओं के सामने कही।

पांडे ने कहा मैं विश्वास दिलाना चाहता हूँ चाहे अजय सिंह राहुल हो, ज्योतिरादित्य सिंधिया हो, कमलनाथ हो या उनका नेता राहुल गाँधी हो, मुझे उन पर हम!ला कराने में ढाई मिनट का भी वक्त नहीं लगेगा लेकिन राजनीति में हम अटल बिहार वाजपेयी को मानते हैं, वो कहते थे राजनीति में सुचिता की स्थापना होना चाहिए कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पर हम!ला करने का जो प्रयास किया है वो कायराना है, हम ईंट का जवाब पत्थर से देंगे।

बता दें इससे पहले हटा विधायक के बेटे ने सिंधिया को गाली मा!रने की धमकी दी थी। जिस पर कांग्रेस ने मामला दर्ज कराया था। वहीं, भाजपा सीधी में सीएम पर जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान हुए हम!ले का आरोप कांग्रेस पर लगा रही है। इस मामले में 9 लोगों पर मामला भी दर्ज किया गया है।

सुरजेवाला ने राहुल गांधी को बताया शिव भक्त, बोले- कांग्रेस के DNA में ब्राह्मण

Congress has Brahmin DNA says Randeep Surjewala calls Rahul Gandhi a Shiv Bhakt and BJP a devil

कांग्रेस प्रवक्ता और पार्टी के मीडिया इंचार्ज रणदीप सुरजेवाला अपने बयान को लेकर चर्चा में है. हरियाणा के कुरुक्षेत्र में ब्राह्मण समाज के एक कार्यक्रम में उन्होंने ‘ब्राह्मण’ कार्ड खेला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के खून में ब्राह्मण समाज का डीएनए है. जनसभा को संबोधित करते हुए सुरजेवाला ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस वो दल है जिसके खून में ब्राह्मण समाज का डीएनए है.

क्या बोले सुरजेवाला

सुरजेवाला ने कहा, ‘मेरे एक सहयोगी ने पूछा था कि ब्राह्मण सम्मेलन का आयोजन राहुल गांधी की तस्वीर के साथ और कांग्रेस पार्टी के झंडे व तिरंगे को लेकर क्यों किया जा रहा है? इस पर मैंने कहा था कि मैं इसका जवाब एक दिन मंच से दूंगा. कांग्रेस वो पार्टी है, जिसके खून में ब्राह्मण समाज का डीएनए है.’ उन्होंने कहा, आजादी की पहली लड़ाई की शुरुआत मंगल पांडे ने की थी. राम प्रसाद बिस्मिल, मदन मोहन मालविया, बाल गंगाधर तिलक, चंद्रशेखर आजाद, पंडित मोतिलाल नेहरू और पंडित जवाहर लाल नेहरू कौन थे. ये सब ब्राह्मण थे.

राहुल को बताया शिव भक्त

राहुल गांधी पर उनकी कैलाश मानसरोवर को लेकर बीजेपी ने जमकर निशाना साधा है. इस पर पलटवार करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, आपका एक बेटा जो कांग्रेस का नेतृत्व कर रहा है. वो मानसरोवर की यात्रा पर अकेले चले जा रहे है. दानवों और ब्राह्मणों की लड़ाई बरसों से चली आ रही है. जब भी कोई भोले शंकर की पूजा करता था, तो दानव उसमें खलल डालते थे. आज भी शिव भक्त कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी भोले शंकर की यात्रा पर कैलाश मानसरोवर चले हैं तो बीजेपी उनकी यात्रा पर खलल डालने का प्रयास कर रही है.

 

Source: hindi.firstpost.com

राजस्थान चुनाव: कांग्रेस ने किया बेरोजगार युवकों को 3500/महीना भत्ता देने का वादा

Rajasthan assembly election ahead of poll Congress promises 3500 rs per month for jobless youth

राजस्थान विधानसभा का चुनाव इस साल के अंत तक हो सकता है. चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है बीजेपी और कांग्रेस जनता को अपने पाले में करने की हर मुमकिन कोशिश कर रही है. कांग्रेस ने राजस्थान के युवाओं को लुभाने के लिए तुरुप का पत्ता फेंका है. कांग्रेस ने वादा किया है कि हर बेरोजगार युवक को कांग्रेस हर महीने 3500 रुपए का बेरोजगारी भत्ता देगी.

क्या देगी बीजेपी की सरकार?

कांग्रेस का ऐलान राजस्थान सरकार के उस घोषणा के एक दिन बाद आया है जिसमें वसुंधरा सरकार ने भामाशाह योजना का ऐलान किया था. इस योजना के तहत वसुंधरा सरकार महिलाओं को मोबाइल फोन बांटेगी. इसके अलावा सरकार 5 हजार ग्राम पंचायत में फ्री वाई-फाई की सुविधा भी देगी. आने वाले चुनावों से 3 महीने पहले राजस्थान सरकार ने यह चुनावी कार्ड खेला है. जो मोबाइल जनता में बांटे जाएंगे उनमें राजस्थान सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी.

Source: hindi.firstpost.com

पेट्रोल और डीजल को तत्काल जीएसटी के दायरे में लाया जाए : चिदंबरम

Petrol and diesel should be brought to GST immediately Chidambaram

वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने मंगलवार को पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के लिए केंद्र की एनडीए सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि दोनों पेट्रोलियम उत्पादों को तत्काल जीएसटी के दायरे में लाया जाना चाहिए।

एक के बाद एक किए गए अपने ट्वीट में पूर्व वित्त मंत्री ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल की कीमतों में हो रही लगातार बढ़ोत्तरी को टाला जा सकता है। पेट्रोल और डीजल की कीमतें अत्यधिक करों के कारण बढ़ रही हैं। यदि करों में कटौती की जाए तो कीमतों में भी काफी कमी आएगी। उन्होंने केंद्र सरकार से पेट्रोल और डीजल को तत्काल जीएसटी के दायरे में लाने की मांग की।

चिदंबरम ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से राज्यों को जिम्म्मेदार ठहराना एक बेतुकी दलील है। भाजपा भूल जाती है कि वह खुद 19 राज्यों में शासन कर रही है। पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना चाहिए।

 

Source: hindi.siasat.com

कर्नाटक निकाय चुनाव में कांग्रेस दर्ज की भारी जीत, भाजपा की बुरी तरह हार

Karnataka Nikay Chunav mein congress ka baja danka

कर्नाटक में 105 शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) के लिए मतों की गिनती सुबह 8 बजे से जारी है। शुरुआती रुझानों में कांग्रेस आगे चल रही है। मुख्य विपक्षी बीजेपी दूसरे स्थान पर है। कांग्रेस ने अब तक 560, बीजेपी 499 और जेडीएस 178 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है। वहीं 150 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने कब्जा जमाया है। सूबे में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार है।

Karnataka Nikay Chunav mein congress ka baja danka
Karnataka Nikay Chunav mein congress ka baja danka

चुनावों के नतीजे सियासी पार्टियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि 2019 के चुनाव नजदीक हैं, ऐसे में वोटों का गिरता या बढ़ता हुआ ग्राफ पार्टियों की आगामी रणनीति की दिशा तय करेगा।

31 अगस्त को राज्य की 29 नगरपालिकाओं, 53 टाउन नगर पालिकाओं और 23 टाउन पंचायतों के 2,633 वार्डो में और तीन नगर निगमों के 135 वार्डो में मतदान हुआ था। निकाय चुनावों के लिए राज्य में 67।5 प्रतिशत मतदाताओं मे मतदान किया गया था। मतदान के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का इस्तेमाल किया गया था।

Karnataka Nikay Chunav mein congress ka baja danka
Karnataka Nikay Chunav mein congress ka baja danka

इस चुनाव में कुल 8,340 उम्मीदवार मैदान में हैं। शहरी निकाय चुनावों में कांग्रेस के 2,306 उम्मीदवार, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के 2,203 और जनता दल-सेकुलर (जेडी-एस) के 1,397 मैदान में हैं जबकि 814 शहर निगमों में चुनाव लड़ रहे हैं, जिनमें कांग्रेस से 135, बीजेपी से 130 और जेडी-एस से 129 उम्मीदवार शामिल हैं।

Karnataka Nikay Chunav mein congress ka baja danka
Karnataka Nikay Chunav mein congress ka baja danka

साल 2013 में 4,976 सीटों पर शहरी निकाय चुनाव हुए थे। कांग्रेस ने 1,960 सीटें जीती थीं, जबकि बीजेपी और जेडी-एस ने दोनों ने 905 सीटें जीती थीं और निर्दलियों ने 1,206 सीटें जीती थीं।

गडकरी पर 1330 शेयरधारकों से धोखाधड़ी का आरोप, कांग्रेस नेता बोले- मोदीराज में मची है ‘लूट’

Akhilesh Pratap Singh slams Modi govt over fraud with shareholders

महाराष्ट्र में एक सोसाइटी और सरकार से जुड़ा कथित घोटाले का मामला सामने आया है। इसमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को मुख्य आरोपी बताया गया है और साथ ही मामले में आरएसएस के मोहन भागवत का नाम भी जुड़ा है।

मामला एक सोसाइटी और उसको आवंटित प्लॉट से जुड़ा है। नितिन गडकरी ने कुछ लोगों के साथ मिलकर एक सोसाइटी शुरू की। फिर उसे सरकार से जोड़ा गया। सरकर ने उसे ज़मीन दी।

इसके बाद सोसाइटी कुछ साल के लिए निष्क्रय रही और फिर अचानक उस ज़मीन को नितिन गडकरी की कंपनी को ट्रांसफर कर दिया गया और कंपनी ने ज़मीन गिरवी रख करोड़ों की रकम जुटा ली।

अब अगर बैंक पैसे ना मिलने पर ज़मीन पर कब्ज़ा भी करता है तो ज़मीन तो पहले ही सरकार की है। नितिन गडकरी का कोई नुकसान नहीं होगा।

नागपुर स्थित चीफ़ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में एक याचिका दायर की गयी है जिसमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और उनके बेटों पर धोखाधड़ी, फ्राड और 420 का आरोप लगाया गया है।

याचिकाकर्ताओं ने शेयरधारकों की जो सूची संलग्न की है उसमें आरएसएस के सरसंघ चालक मोहन भागवत का नाम भी सोसाइटी के शेयरधारकों में शामिल है। साथ ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस और उनके भाई का नाम भी इस सोसाइटी के शेयरधारकों में है।

7 अगस्त, 2018 को पेश इस याचिका में अदालत से इनके समेत कई दूसरे लोगों के खिलाफ इससे जुड़ी विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर मुकदमा चलाने की मांग की गयी है। संस्थापक नितिन गडकरी ने इसके शेयरधारकों को कथित तौर पर धोखा दिया है। याचिका को 72 वर्षीय भगवादास राठी और 62 वर्षीय अजय नाम के दो व्यक्तियों ने दायर किया है।

1988 में पोलीसैक इंडस्ट्रियल कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के नाम से एक सोसाइटी गठित की गयी। नितिन गडकरी के प्रमोटरशिप में इसमें कुल 1330 लोग शेयर धारक थे, जिसमें याचिका दायर करने वाले भगवानदास राठी भी एक शेयर धारक थे।

मामला सामने आने के बाद कांग्रेस प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इस रिपोर्ट को ट्विटर पर शेयर करते हुए लिखा, “केंद्रीय मंत्री गडकरी पर 1330 शेयरधारकों से धोखाधड़ी का आरोप, संघ प्रमुख और महाराष्ट्र सीएम फड़णवीस का भी नाम भाजपा/RSS का नारा मोदी राज मे लूट मची है लो सब लूट बस चन्द दिन और बचे है सत्ता जायेगी छूट”।

Source: boltaup.com

मनमोहन सरकार में ‘रुपया’ ICU में चला गया था, अब प्रधानमंत्री और रुपया दोनों ‘कोमे’ में है!

the Rupee went to the icu in manmohan govt now the pm and the rupee are both in the coma

रुपया लगातार गिरावट के नए रिकॉर्ड बना रहा है। गुरुवार को एक डॉलर की तुलना में रुपये की कीमत 70.74 रुपये रही थी। वहीं आज इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज (फॉरेक्स) मार्केट में भारतीय मुद्रा 70.95 रुपये प्रति डॉलर की कीमत पर खुली और कुछ ही देर में 71 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गई। यह पहली बार है जब रुपये ने 71 का स्तर छुआ है।

इस साल 1 जनवरी को डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 63.38 के स्तर पर था। इसके बाद से इसमें ज्यादातर गिरावट का ही दौर देखने को मिला। इस साल की शुरुआत से रुपये में अब तक 10 फीसदी और अगस्त के महीने में अब तक 2.4 फीसदी की गिरावट आ चुकी है।

डॉलर के मुकाबले रुपए में लगातार आ रही गिरावट के बाद अब सोशल मीडिया पर पीएम मोदी के उन बयानों को जमकर याद किया जा रहा है, जिनमें उन्होंने रुपये में गिरावट के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को ज़िम्मेदार ठहराया था।

2014 के लोकसभा चुनावों से पहले नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था कि यूपीए सरकार और रुपये में गिरने का कंपटीशन चल रहा है। उन्होंने कहा था कि जब देश आजाद हुआ था, तब एक डॉलर की कीमत एक रुपये के बराबर थी। जब अटलजी की सरकार थी, तब यह 42 रुपये पर जा पहुंची और यूपीए सरकार में इसकी कीमत साठ रुपये तक आ गई।

मोदी ने कहा था कि यूपीए सरकार इससे निपटने के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है। इसलिए डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार गिर रहा है। इसी तरह एक और कार्यक्रम में पीएम मोदी ने रुपए के गिरते स्तर पर चिंता जताते हुए कहा था कि मौजूदा समय में जबकि अर्थशास्त्री डॉ मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री है, रुपया आईसीयू (गहन इकाई कक्ष) में पड़ा है और रोजाना लुढ़क रहा है, रुक ही नहीं रहा, देश कैसे चलेगा, समझ में नहीं आता, राज चलाना इनके बस में नहीं है।

बता दें कि उस वक्त डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की कीमत तकरीबन 60 के स्तर पर थी और ऐसा कहा जा रहा था कि अगर नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनते हैं तो डॉलर के मुकाबले रुपया 40 में हो जाएगा।

लेकिन ऐसा हुआ नहीं। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बने चार साल से ज़्यादा हो रहे हैं और रुपया कभी 40 के करीब नहीं पहुंचा। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत गिरती ही नज़र आई और अब स्थिति यह है कि डॉलर के मुकाबले रुपया 71 के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।

ऐसे में अब सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं कि रुपए में गिरावट के मुद्दे पर तत्कालीन मनमोहन सरकार के ख़िलाफ मोर्चा खोलने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब डॉलर के मुकाबले रुपए की ऐतिहासिक गिरावट पर ख़ामोश क्यों हैं? क्या पीएम मोदी के लिए अब यह चिंता का विषय नहीं है?

या फिर यह मान लिया जाए कि ऐसे मुद्दों को महज़ सियासी उल्लू को सीधा करने के लिए उठाया जाता है और सत्ता पर काबिज़ होने के बाद इन्हें भुला देना ही सत्ता पक्ष के लिए बेहतर विकल्प होता है!

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UP के लाखों युवाओं को योगी ने बताया ना’लायक’ बोले- सरकारी नौकरी बहुत हैं मगर उम्मीदवार ही योग्य नहीं हैं

CM Yogi said we have govt job but people are not eligible in UP

देश की सबसे ज्यादा आबादी वाले प्रदेश में लोग सरकारी नौकरी पाने के योग्य नहीं है। ऐसा कहना है यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का। इनसे रोजगार पर जब सवाल पूछा गया तो उन्होंने यही बात की। बोले- सरकारी नौकरी तो बहुत है मगर कोई उसके योग्य नहीं है।

योगी के इस बयान को बहाना समझा जा सकता है, क्योंकि सच्चाई तो ये है उत्तर प्रदेश में बेरोजगारों की बढ़ती संख्या के आगे योगी सरकार का दावा भी फेल हो गया। जिसमें कहा गया था कि प्रदेश में हर युवा के पास रोजगार होगा।

CM Yogi said we have govt job but people are not eligible in UP
CM Yogi said we have govt job but people are not eligible in UP

दरअसल, सीएम योगी एक न्यूज़ चैनल के कार्यक्रम में पत्रकार के सवालों का जवाब दे रहे थे। जिसमें उनसे रोजगार पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि जब हमने 68 हजार वैकैंसी निकाली तो एक लाख आवेदन भी नहीं मिले। जब टेस्ट हुआ तो केवल 40 हजार ही पास हो पाए।

उन्होंने कहा हमें 37 हज़ार शिक्षक रखने है, मगर नौकरी की उम्मीदवारी के लिए काबिल लोग ही नहीं मिल रहे है। उन्होंने ये भी कहा की ऐसे लोग ही नहीं जो परीक्षा पास कर पाए और नौकरी करें।

वहीँ दूसरी तरफ इंडिया स्पेंड की रिपोर्ट की माने तो पिछले योगी सरकार ने खुद माना था राज्य में कुल 21 लाख 39 हजार 811 पंजीकृत बेरोजगार हैं। ये सवाल सदन में कांग्रेस नेता दीपक सिंह ने श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य से पूछा था।

जिसमें स्वामी ने बताया था की प्रदेश में 30 जून तक पंजीकृत बेरोजगारों की कुल संख्या 21 लाख 38 हजार 811 है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों की उपलब्धता के मद्देनजर सेवायोजन कार्यालयों द्वारा रोजगार मेलों के माध्यम से बेरोजगारों को रोजगार मुहैया करा रही है।

मंत्री के इस जवाब से कांग्रेस नेता नाराज़ होकर सदन छोड़कर चले गए थे। उनका कहना था की बीजेपी ने घोषणापत्र में 90 दिन के अंदर लाखों लोगों को नौकरी देने का वादा किया था, वह भी पूरा नहीं हुआ, कांग्रेस नेता का कहना था की प्रदेश में करीब 5 करोड़ लोग बेरोजगार हैं।

हालाँकि अगर 5 करोड़ लोग बेरोजगार नहीं है तब भी पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या 21 लाख 38 हजार 811 है जो कहीं से भी कम नहीं है।

क्या इस बड़े प्रदेश में सरकारी नौकरी के लिए कोई योग्य नहीं है या फिर सरकार रोजगार न दे पाने पर बहाने बना रही है।

 

Source: boltaup.com

फ्रांस की मीडिया ने किया बड़ा खुलासा : ‘राफेल समझौते’ के दौरान PM मोदी के साथ फ्रांस में मौजूद थे अनिल अंबानी

Ambani was present in france with PM Modi

फ्रांस के प्रमुख अखबार फ्रांस 24 ने राफ़ेल डील को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। अखबार ने मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए पूछा कि आखिर कैसे इस डील से भारत की सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को बाहर करते हुए निजी क्षेत्र की रिलायंस डिफेंस को शामिल किया गया?

फ्रांस 24 के मुताबिक, राफेल डील में हुआ एक अहम बदलाव सबको हैरान करने वाला था। भारत में एचएएल के पास रक्षा क्षेत्र में मैन्यूफैक्चरिंग का 78 साल का तजुर्बा है और वह इस ऑफसेट क्लॉज में एक मात्र कंपनी है जिसके पक्ष में फैसला किया जाता।

लेकिन दसॉल्ट ने एचएएल से करार तोड़ते हुए अनिल अंबानी की रिलायंस ग्रुप से करार कर लिया। खासबात यह है कि इस वक्त तक रिलायंस के पास रक्षा क्षेत्र की मैन्यूफैक्चरिंग तो दूर उसे एविएशन सेक्टर का भी कोई तजुर्बा नहीं था।

राफेल डील की शुरुआत 2007 में हुई थी। डील के वक्त भारत का मानना था कि इस डील से भारत सरकार की एरोस्पेस और डिफेंस कंपनी एचएएल की आधुनिक उत्पादन क्षमता में इज़ाफा होगा और वह देश के लिए लड़ाकू विमान बनाने के लिए तैयार हो जाएगी।

फ्रांस 24 ने दावा किया कि राफेल बनाने वाली कंपनी दसॉल्ट ने जिस भारतीय कंपनी को एचएएल के मुकाबले तरजीह दी उस कंपनी को इस डील से महज़ 15 दिन पहले ही स्थापित किया गया। खासबात यह है कि कंपनी को स्थापित करने की यह तारीख प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के फ्रांस दौरे से महज 13 दिन पहले की है।

अखबार ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री की इस यात्रा में शामिल कारोबारियों में अनिल अंबानी भी मौजूद थे। इसके साथ ही अखबार ने राफ़ेल डील की तुलना बोफोर्स डील से की है।
फ्रांस 24 ने लिखा कि मौजूदा परिस्थिति में साफ है कि राफेल डील भारत के आगामी आम चुनावों में ठीक वही भूमिका अदा कर सकता है जो 1980 के दशक में बोफोर्स डील ने किया था।

बता दें कि बोफोर्स डील पर विवाद के चलते राजीव गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार को सत्ता से हाथ धोना पड़ा था वहीं इस बार निशाने पर मोदी सरकार है।

 

Source: boltaup.com

नोटबंदी के दौरान 3-4 लाख करोड़ रुपये का काला पैसा सफ़ेद हुआ है- पी चिदंबरम

Nearly Rs 3-4 lakh crore Black Money converted white during demonetisation Chidambaram

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नोट बंदी की घोषणा किये जाने के बाद से ही इस मुद्दे पर बहुत राजनीती हुई थी। कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी पार्टियों ने इस मुद्दे पर बीजेपी को घेरने की कोशिश की थी। और अब नोटेबंदी के दो साल बाद इस मामले में रिजर्व बैंक की ओर से आधिकारिक आंकड़ा जारी किए जाने के बाद से इस मुद्दे पर फिर बहसबाजी शुरू हो गई है।

अब इस मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने सरकार पर फिर निशाना साधा है। चिदंबरम ने आज अपने एक बयान में कहा है कि नोटबंदी की वजह देश को 2.25 लाख करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने शुक्रवार को दावा किया कि लगभग 3-4 लाख करोड़ रुपये का काला धन बदल दिया गया है। “अगर सभी मुद्रा नोट्स का आदान-प्रदान किया गया है तो जाहिर है चिदंबरम ने यह भी लिखा कि इससे सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योग क्षेत्र में हजारों इकाइयां बंद हो गईं जिससे लाखों लोगों की नौकरियां चली गईं। इस तरह भारत को नोटेबंदी से एक साल में कुल 2.25 लाख करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

 

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वित्त मंत्री अरुण जेटली का इंटरव्यू निकला ‘फिक्स’, कांग्रेस ने वीडियो जारी करके खोली पोल

This Time Arun Jaitley exposed by Congress

नई दिल्ली – देश के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के उस इंटरव्यू को प्री-स्क्रिप्टेड यानी पहले से तय घोषित किया है, जो उन्होंने एक समचार एजेंसी को दिया था. कांग्रेस ने इस इंटरव्यू के कुछ हिस्से का वीडियो जारी करते हुए बताया है कि कैसे वित्त मंत्री ने एक ही बात को दोहराया है, एक बार अंग्रेजी में और एक बार हिंदी में. इतना ही नहीं, इंटरव्यू के बीच में जब इंटरव्यू लेने वाले पत्रकार ने पहले से तय सवालों से इतर कुछ पूछना चाहा तो वित्त मंत्री ने उन्हें टोक दिया.

कांग्रेस ने इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस भाषण के हिस्से का भी वीडियो जारी किया है जो उन्होंने 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी के ऐलान के वक्त दिया था. इस वीडियो में पीएम नोटबंदी के चार कारण बता रहे हैं. कांग्रेस ने इन्हीं कारणों को आरबीआई की सालाना रिपोर्ट के हवाले से गलत साबित होने की बात कही है. साथ ही प्रधानमंत्री से इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़ने का आग्रह किया है.

पहले भी उठे सवाल

यह पहला मौका नही है कि जब सत्ताधारी दल के नेता के इंटरव्यू पर सवाल उठे हों, प्रधानमंत्री बनने के बाद पीएम मोदी ने जितने भी इंटरव्यू समाचार चैनलों और अखबारो को दिये हैं उन सब पर सवालिया निशाना लगाये हैं। राजनीतिक पार्टियों की तरफ से और सोशल मीडिया पर भी ऐसे इंटरव्यू को प्रायोजित अथवा तमाशा बताया गया है।

बीते दिनों पीएम मोदी ने एक चैनल को इंटरव्यू दिया था उस पर सवाल उठे थे, पीएम मोदी ने यह इंटरव्यू एक हिन्दी चैनल को दिया था, उसके बाद अंग्रेजी चैनल को एक इंटरव्यू दिया पीएम मोदी के इन तमाम इंटरव्यू पर सवाल खड़े किये गये और इन इंटरव्यू को प्रायोजित इंटरव्यू करार दिया गया था। अब भाजपा के वरिष्ठ नेता अरूण जेटली के इंटरव्यू पर भी सवाल उठ गए हैं। और कांग्रेस ने वीडियो जारी करे उनके इंटरव्यू की पोल खोल दी है।

कासगंज हिंसा: मुसलमानों को फर्जी तरीके से फंसाकर हिंदुओं का बचाव किया गया

Muslims get tickets according to population Shashi Tharoor

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने राज्यों में टिकटों का बंटवारें को लेकर कहा कि ये अलग-अलग समुदाय की आबादी के हिसाब से ही होना चाहिए। उन्होने मुस्लिमों के मामले में कहा कि जनसंख्या के हिसाब से उम्मीदवार खड़ा करने पर ही देश में उस वर्ग का प्रतिनिधित्व आता है। हो सकता है कि आप इन्हें नजरअंदाज करके चुनाव जीत जाएं, लेकिन इससे कितने लोग असंतुष्ट हो जाएंगे?

दैनिक भास्कर को दिए एक इंटरव्यू में उन्होने सवाल उठाया कि 70 साल में ये पहली बार है कि बहुमत वाली पार्टी का लोकसभा में एक भी मुस्लिम सांसद नहीं है। क्या देश की 16 प्रतिशत जनसंख्या को ऐसे ही नजरअंदाज करेंगे? थरूर ने राम मंदिर निर्माण पर भी खुलकर बात की।

कांग्रेस नेता ने कहा, “कोई ऐसा हिंदू नहीं है, जो राम मंदिर नहीं चाहता। लेकिन वह अच्छा हिंदू नहीं है, जो मस्जिद तोड़कर इसे बनाएगा।” हिंदू पाकिस्तान और हिंदू तालिबान वाले अपने बयान के बारे में शशि थरूर ने संघ परिवार भारत को हिंदू वर्जन का पाकिस्तान बना रहे हैं।

Muslims get tickets according to population Shashi Tharoor
Muslims get tickets according to population Shashi Tharoor

उन्होने कहा कि, “आजादी के समय दो विचार थे। एक यह था कि धर्म के आधार पर देश बनना चाहिए, यह पाकिस्तान का विचार था। दूसरा यह था कि पूरा देश महत्वपूर्ण है। अब एक पार्टी और संघ परिवार हिंदू राष्ट्र की मांग कर रहे हैं। खुलेआम कहते हैं कि हमें हिंदू राष्ट्र चाहिए। ये भारत को हिंदू वर्जन का पाकिस्तान बना रहे हैं। हिंदू तालिबान की बात मैंन केरल में अपने कार्यालय पर हमले के बाद कही थी। उस समय ‘शशि थरूर पाकिस्तान जाओ’ के नारे लगे थे।”

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बारे में उन्होंने कहा कि, “वे देश के हर हिस्से में जा रहे हैं। उनके अंदर नेतृत्व क्षमता है। वे मंदिर भी गए, मस्जिद भी गए। चर्च में प्रार्थना भी किए। सभी धर्मों का सम्मान करते हैं। उनकी खासियत यह है कि वे सबकी समस्याएं सुनते हैं। हम इस बार के चुनाव में आगे रहेंगे।”

नोटबंदी पर कांग्रेस ने की पीएम मोदी से माफी की मांग, कहा – सब कुछ तबाह कर दिया

PM Modi Apologizes to country for tuglaki farman notebook Congress

नोटबंदी के बाद जमा हुए नोटों का आधिकारिक आंकड़ा सामने आने के बाद कांग्रेस ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि नोटबंदी के ‘तुगलकी फरमान’ की वजह से देश की अर्थव्यवस्था को एक साल में 2.25 लाख करोड़ रुपये की चपत लगी।

कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि पीएम ने लाल किले से कहा था तीन लाख करोड़ काला धन है। कहां तीन लाख करोड़ और कहां 28 हज़ार करोड़। जो नोट बैंक में नहीं लौटे उनके बारे में पिछले साल 14 हज़ार करोड़ बताया गया था पर इस साल की आरबीआई की रिपोर्ट में महज़ 10 हज़ार करोड़ कहा गया है। इसमें कोऑपरेटिव बैंक आदि का पैसा भी शामिल नहीं है। सब पैसा जोड़ लिया जाए तो सौ फ़ीसदी से भी ज़्यादा वापस हो जाएगा। RBI ने तो यह भी कहा है कि 7000 करोड़ रुपये नए नोट छापने में लग गए।

मनीष तिवारी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘नोटबंदी के समय प्रधानमंत्री ने तीन मकसद बताए थे। पहला यह कि आतंकवाद पर चोट लगेगी, दूसरा यह कि जाली मुद्रा पर अंकुश लगेगा और तीसरा यह कि कालाधन वापस आएगा। सवाल यह है कि इस तुगलकी फरमान का क्या नतीजा निकला?’’

तिवारी ने दावा किया, ‘‘नोटबंदी की वजह से अर्थव्यवस्था को जीडीपी के 1.5 फीसदी का नुकसान हुआ। इस हिसाब से एक साल में 2.25 लाख करोड़ रुपये की चपत लगी। इसके अलावा कतारों में खड़े होने की वजह से 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई। लाखों लोग बेरोजगार हो गए।’’

तिवारी ने कहा, ‘‘अगर प्रधानमंत्री में रत्ती भर भी नैतिकता होती तो वह इस्तीफा दे देते, लेकिन उनसे इसकी उम्मीद नहीं की जाती। हमारी मांग है कि अपने इस तुगलकी फरमान के लिए उनको जिम्मेदारी स्वीकारनी चाहिए और देश से माफी मांगनी चाहिए।’’

वहीं पूर्व गृहमंत्री पी चिदंबरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का परोक्ष रूप से हवाला देते हुए सवाल किया कि याद करिए कि किसने कहा था कि तीन लाख करोड़ रुपये वापस नहीं आएंगे और यह सरकार के लिए लाभ होगा?

कांग्रेस ने इन 22 सीटों को जीतने के लिए बनाई नयी रणनीति!

Congress created new strategies to win these 22 seats

कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव जीतने के लिए नया फॉर्मूला निकाला है। पार्टी पहले उन 80 सीटों पर उम्मीदवार घोषित करेगी, जहां लगातार पराजय का सामना किया है। इन सीटों पर काम करने के लिए विशेष टीमें तैयार की गई हैं।

ऐसी ज्यादातर सीटें मध्यभारत, महाकौशल और मालवा-निमाड़ की हैं। इनमें 15 जिलों की 22 वे सीटें भी शामिल हैं, जहां कांग्रेस 25 साल से नहीं जीती है।

इन पर 10 साल कांग्रेस के शासनकाल में भी भाजपा के विधायक थे। कांग्रेस का दावा है कि भाजपा की इन अपराजेय सीटों में से ज्यादातर सीट इस बार उसके पास आ जाएंगी। कमलनाथ यह संकेत दे चुके हैं कि 17 सितंबर तक उम्मीदवारों के नाम सामने आ जाएंगे, ताकि वे चुनाव की जमीनी तैयारी कर सकें।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी 17 सितंबर को भोपाल आ रहे हैं। वे बैठकें लेंगे और विदिशा में आम सभा करेंगे। कांग्रेस हारी हुई सीटों पर 17 सितंबर के पहले उम्मीदवार घोषित करने की तैयारी में है।

राहुल जब दूसरी बार दौरे पर आएंगे तब प्रदेश कांग्रेस उनकी यात्रा को इन सीटों तक ले जाने वाली है। पार्टी 25 साल से पहुंच से दूर सीटों पर 10-10 कार्यकर्ताओं की ऐसी टीम बनाकर तैनात कर रही है, जो चुनाव तक वहीं काम करेंगी।

उनकी रिपोर्टिंग सीधे कमलनाथ को रहेगी। इसके अलावा टिकट को लेकर समन्वय की जिम्मेदारी दिग्विजय सिंह को सौंपी गई है। वे जिलास्तर पर भी समन्वय समिति बनाने जा रहे हैं।

 

Source: hindi.siasat.com

राहुल गांधी ने दी वित्त मंत्री अरुण जेटली को चुनौती, कहा- संसदीय समिति से करा लीजिए ‘राफेल डील’ की जांच

Rahul Gandhi challenged Arun Jaitley to investigate Rafale Deal

राहुल गांधी ने अब विवादित राफेल डील को लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली के आरोपों पर उन्हें चुनौती दे दी है। साथ ही 24 घंटे में जवाब देने की समयसीमा भी दी। राफेल डील पर कांग्रेस पर भड़कने के बाद वित्त मंत्री फंस गए हैं।

बुधवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राफेल के मुद्दे पर कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। समाचार एजेंसी एएनआई को दिये इंटरव्यू में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि कांग्रेस ने राफेल की कीमत पर जो भी तथ्य सामने रखे हैं, वह सभी गलत हैं।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने 2007 राफले डील के संबंध में खुद अलग-अलग भाषणों में 7 अलग-अलग कीमतों का जिक्र किया है।

साथ ही अरुण जेटली ने यह भी कहा कि यूपीए सरकार ने देश की सुरक्षा के साथ समझौता किया था। अरुण जेटली ने कहा कि राहुल गांधी को राफेल को लेकर कोई समझ नहीं है।

आजाद भारत का सबसे बड़ा ‘रक्षा घोटाला’ है
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने कहा है कि शुक्रिया अरुण जेटली, फिर से देश का ध्यान महान राफेल डील की ओर लाने के लिए। क्यों ना एक संसदीय समिति को इसकी जांच दे दी जाए।

उन्होंने तंज करते हुए कहा, मुसीबत ये है कि आपके सर्वोच्च नेता अपने दोस्त को बचा रहे हैं। शायद इसलिए ये विकल्प आपके लिए असुविधाजनक होगा। जांच करिए और 24 घंटों में जवाब दीजिए। हम इन्तेजार कर रहे हैं।

 

Source: boltaup.com

भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में ‘सुधा भारद्वाज’ की गिरफ्तारी पर बोले दिग्विजय सिंह, कहा- अब मोदी-शाह का असली चेहरा सामने आ रहा है

Digvijay Singh target Amit Shah and PM Modi over peoples arrested in Pune Bhima Koregaon violence case

देश के अलग-अलग हिस्सों में पुलिस छापामारी कर बोलने की आज़ादी और मानव अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने वाले कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर रही है। महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक ये गिरफ्तारियां की जा रही हैं।

इनका आधार नक्सलियों से संपर्क रखना बताया जा रहा है। इस मामले में सुधा भारद्वाज जो एक सामाजिक कार्यकर्ता है और लंबे समय से खनन श्रमिकों के लिए लड़ती आई है उन्हें भी गिरफ्तार किया गया है।

सुधा भारद्वाज की गिरफ्तारी पर कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने प्रतिक्रिया दी है।

उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, सुधा भारद्वाज जैसी समाज सेविका के साथ जो महाराष्ट्र पुलिस झूँठे प्रकरण बना रही है उसकी मैं घोर निंदा करता हूँ। भाजपा और मोदी अमित शाह की जोड़ी का असली चेहरा अब सामने आने लगा है।

गौरतलब हो कि सुधा छत्तीसगढ़ में अपने काम के लिए जानी-पहचानी जाती हैं। वह 29 साल तक वहां रही हैं और दिवंगत शंकर गुहा नियोगी के छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा की सदस्य के तौर पर भिलाई में खनन श्रमिकों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ चुकी हैं।

आईआईटी कानपुर की छात्रा होने के दौरान पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश में बिताए दिनों में श्रमिकों की दयनीय स्थिति देखने के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के साथ 1986 में काम करना शुरू किया था।

नागरिक अधिकार कार्यकर्ता एवं वकील सुधा जमीन अधिग्रहण के खिलाफ भी लड़ाई लड़ती रही हैं और वह अभी पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) की छत्तीसगढ़ इकाई की महासचिव हैं।

 

Source: boltaup.com

राफेल डील-पीएम मोदी और अनिल अंबानी के बीच सीधा सौदा हुआ: कांग्रेस

Rafael Deal A direct deal between PM Modi and Anil Ambani Congress

कांग्रेस ने राफेल मामले को लेकर मंगलवार को आरोप लगाया कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्योगपति अनिल अंबानी के बीच का ‘सीधा सौदा’ है. पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता एस जयपाल रेड्डी ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मध्ययुगीन राजा’ की तरह व्यवहार किया.

रेड्डी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अनिल अंबानी के बीच का सीधा सौदा है. मैं यह क्यों कह रहा हूं? इसके कुछ ठोस आधार हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘अप्रैल, 2015 में हुए सौदे से दो दिन पहले विदेश सचिव ने स्पष्ट रूप से कहा था कि भारत के प्रधानमंत्री और फ्रांस के राष्ट्रपति के बीच मुलाकात में राफेल पर चर्चा नहीं की जाएगी. सौदे से दो दिन पहले हमारे विदेश सचिव को यह पता नहीं था कि इस सौदे पर पर चर्चा की जाएगी और यह फैसला हो चुका है.’’

रेड्डी ने कहा, ‘‘तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर फ्रांस में नहीं थे. इससे भी अहम बात यह कि सौदा होने के बाद पर्रिकर ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री और फ्रांस के राष्ट्रपति ने हस्तक्षार किए हैं और मैंने इसका समर्थन किया है. आमतौर पर फैसला मंत्री करता है और प्रधानमंत्री इसका समर्थन करते हैं.’’

अनिल अंबानी के रिलायंस समूह की ओर से कानूनी नोटिस दिए जाने पर रेड्डी ने कहा, ‘‘हमारे नेता कानूनी नोटिसों से नहीं डरते हैं. एक तरह से यह अच्छा है कि अनिल अंबानी ने नोटिस दिया. फिलहाल, सरकार राफेल सौदे का ब्यौरा देने से इनकार कर रही है.’’

बता दें कि फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के सौदे में नाम लिए जाने को लेकर उद्योगपति अनिल अंबानी ने पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखा था. पत्र में उन्होंने इन आरोपों को खारिज किया था कि उनके रिलायंस समूह के पास राफेल लड़ाकू जेट बनाने के लिए अनुभव की कमी है. अंबानी ने यह भी कहा था कि फ्रांसीसी समूह डसॉल्ट द्वारा उनकी कंपनी को स्थानीय भागीदार के रूप में चुनने में सरकार की कोई भूमिका नहीं थी.

हालांकि, इसके बाद भी कांग्रेस राफेल डील को लेकर सरकार और अनिल अंबानी पर लगातार हमले कर रही है. दो दिन पहले ही पूर्व वित्‍त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा था कि राफेल सौदे में रक्षा खरीदी की प्रक्रिया का पालन नहीं किया. पार्टी अध्‍यक्ष राहुल गांधी भी कई बार कह चुके हैं कि राफेल सौदे में एनडीए सरकार ने राष्‍ट्रीय हितों की अनदेखी की और एक बिजनेसमैन को फायदा पहुंचाया.

 

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न्यू इंडिया में सिर्फ इकलौते एनजीओ RSS के लिए जगह, बाकी बंद कर दो: राहुल गांधी

Room for only 1 NGO in India RSS says Rahul Gandhi

भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में कई वामपंथी विचारकों, सामाजिक और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस की छापेमारी को लेकर विपक्ष केंद्र सरकार पर हमलावर है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि न्यू इंडिया में एकमात्र एनजीओ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएससए) के लिए जगह है. बाढ़ प्रभावित केरल के दौरे पर पहुंचे गांधी ने ट्वीट कर कहा, भारत में अब सिर्फ एकमात्र एनजीओ के लिए जगह है और वह आरएसएस है. दूसरे सभी एनजीओ को बंद कर दो. सभी कार्यकर्ताओं को जेल भेज दो और शिकायत करने वालों को गोली मार दो. न्यू इंडिया में स्वागत है.

बता दें कि पुणे पुलिस ने मंगलवार को दिल्ली, हैदराबाद सहित कई शहरों में छापा मारकर पांच मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, वामपंथी विचारकों को गिरफ्तार किया है. वहीं, इस कार्रवाई का मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने एक सुर में विरोध किया है. पिछले साल 31 दिसंबर को एल्गार परिषद के एक कार्यक्रम के बाद पुणे के पास कोरेगांव-भीमा गांव में दलितों और उच्च जाति के पेशवाओं के बीच हुई हिंसा की घटना की जांच के तहत ये छापे मारे गए हैं.

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मप्र चुनाव: BJP खेमे में इस बात से मचा हड़कंप, शिवराज को आनन फानन में अमित शाह ने बुलाया दिल्ली

MP Lok Sabha election 2019 BSP Congress ka gathbandhan se ghabrai BJP

मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनावों को लेकर भाजपा के रणनीतिकारों की चिंता बढ़ गई है। भाजपा नेताओं का मानना है कि मप्र में बसपा-कांग्रेस का गठबंधन तय है। उचित समय पर इसका ऐलान भी हो जाएगा। अमित शाह के पास कई तरह की सूचनाएं और रिपोर्ट पहुंची हैं। अमित शाह ने शिवराज सिंह को दिल्ली बुलाया है।

दिल्ली में 28 अगस्त को भाजपा शासित मुख्यमंत्रियों की मीटिंग है परंतु अमित शाह सीएम शिवराज सिंह से अलग से बात करेंगे। दरअसल, अमित शाह को विधानसभा से ज्यादा लोकसभा चुनाव की चिंता है। उन्होंने मप्र को 29 में से 29 सीटें जीतने का टारगेट दिया था परंतु अब वो चाहते हैं कि कम से कम 26 की 26 ही बची रहें।

MP Lok Sabha election 2019 BSP Congress ka gathbandhan se ghabrai BJP
MP Lok Sabha election 2019 BSP Congress ka gathbandhan se ghabrai BJP

मप्र में बसपा-कांग्रेस का गठबंधन तय मान रही है भाजपा

मुख्यमंत्रियों की बैठक से साफ है कि भाजपा चुनाव से पहले ही महा-गठबंधन का तोड़ निकालना चाह रही है। मध्य प्रदेश समेत राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मिजोरम में विधानसभा चुनाव नवंबर में प्रस्तावित हैं। इसमें मप्र-राजस्थान में बसपा के साथ कांग्रेस चुनाव लड़ सकती है, जिसका असर लोकसभा में भी पड़ सकता है, इसलिए भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व अभी से तैयारी कर रहा है। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि मप्र में कांग्रेस और बसपा का गठबंधन लगभग तय माना जा रहा है। चर्चा है कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ तय समय पर इसका ऐलान कर सकते हैं।

MP Lok Sabha election 2019 BSP Congress ka gathbandhan se ghabrai BJP
MP Lok Sabha election 2019 BSP Congress ka gathbandhan se ghabrai BJP

अमित शाह चाहते हैं कम से कम 26 की 26 ही बनी रहें

यह गठबंधन विधानसभा चुनाव तक के लिए है या लोकसभा में दिखाई देगा, इस पर फिलहाल स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। भाजपा के सामने सबसे बड़ी मुश्किल भी इसी गठबंधन को लेकर है। जहां तक लोकसभा सीटों का सवाल है तो 2014 के चुनाव में भाजपा 29 में से 27 सीटों पर विजय रही थी। बाद में झाबुआ-रतलाम संसदीय सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया जीत गए।

इस समय मप्र में 26 पर भाजपा और 3 सीटें कांग्रेस के पास हैं। यह आंकड़ा 2019 के चुनाव में बरकरार रहेगा या नहीं, अमित शाह प्रदेश नेतृत्व से जानकारी ले सकते हैं। पार्टी यह जानकारी भी देगी कि 2009 के आम चुनाव में भाजपा के पास 16 सीटें थीं। कांग्रेस 12 पर और एक सीट बसपा के खाते में गई थी।

MP Lok Sabha election 2019 BSP Congress ka gathbandhan se ghabrai BJP
MP Lok Sabha election 2019 BSP Congress ka gathbandhan se ghabrai BJP

पहले ही बन चुकी है लोकसभा की कमेटी

अमित शाह के जबलपुर दौरे के समय ही प्रदेश संगठन ने लोकसभा के लिए भी चुनाव प्रबंधन कमेटी की घोषणा कर दी है। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर इसके भी संयोजक बनाए गए हैं। सितंबर में शाह अपने दौरे में विधानसभा के साथ-साथ लोकसभा चुनाव के लिहाज से भी रणनीति को अंतिम रूप देंगे।

MP Lok Sabha election 2019 BSP Congress ka gathbandhan se ghabrai BJP
MP Lok Sabha election 2019 BSP Congress ka gathbandhan se ghabrai BJP

मप्र से अलग बात करेंगे शाह

लोकसभा चुनावों की चर्चा के बाद अमित शाह मप्र के मामले में अलग से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से चर्चा कर सकते हैं। इसमें जन आशीर्वाद यात्रा से लेकर तमाम कमेटियों का फीडबैक सीएम शाह को देंगे। साथ ही शाह अपने आगामी दौरे को लेकर मुख्यमंत्री से बात कर सकते हैं।

देश की 70 प्रतिशत पार्टियां चाहती हैं चुनाव बैलेट पेपर से हो: कांग्रेस

Congress says 70 percent political parties want elections to be held through electronic voting machines EVM

चुनाव आयोग और अन्य राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के साथ बैठक के बाद सोमवार को कांग्रेस ने कहा कि 70 प्रतिशत से अधिक पार्टियां बैलेट पेपर से चुनाव के पुराने सिस्टम की वापसी चाहती हैं. कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि कई ने राज्यों के हालिया चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में आई खराबी की रिपोर्ट चिंताजनक है और यह फिर से बैलेट पेपर से चुनाव की मांग करता है.

सूत्रों के अनुसार, बैठक में मौजूद कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधियों ने ईवीएम में खराबी का मुद्दा उठाया और बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने का सुझाव दिया.

‘बैलेट पेपर से चुनाव बूथ कैप्चरिंग को वापस लाएगा’

वहीं, दूसरी तरफ मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने कहा, ‘कुछ पार्टियों ने कहा कि फिर से बैलेट पेपर की ओर जाना वास्तव में बुरा है, क्योंकि यह बूथ कैप्चरिंग को वापस लाएगा और हम इसकी वापसी नहीं चाहते. कुछ पार्टियों ने कहा कि ईवीएम और वीवीपैट की गिनती के साथ समस्याएं हैं, चुनाव आयोग इस पर काम क्यों नहीं करता?’

Congress says 70 percent political parties want elections to be held through electronic voting machines EVM
चुनाव आयोग ने सोमवार को चुनाव सुधार के मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों की बैठक बुलाई थी (फोटो: पीटीआई)

सिंघवी ने कहा कि विपक्षी दलों ने विकल्प के तौर पर कम से कम 30 प्रतिशत मतदान केंद्रों में वोटों की प्रमाणिकता की जांच के लिए ईवीएम में वीवीपैट मशीन लगाने का सुझाव दिया है.

इसी के साथ कांग्रेस ने चुनाव अभियान के दौरान राजनीतिक दलों द्वारा किए जाने वाले खर्च की अधिकतम सीमा निर्धारित करने के लिए कहा. वर्तमान में लोकसभा और विधानसभा के उम्मीदवारों के लिए चुनाव के दौरान खर्च की एक सीमा है. लेकिन, राजनीतिक दलों द्वारा किए जाने वाले खर्च की कोई सीमा नहीं है.

कांग्रेस ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए मतदाताओं की सूची से सभी डुप्लिकेट और झूठे मतदाताओं से बाहर निकलने की भी मांग की है. कांग्रेस का कहना है कि मध्य प्रदेश की मतदाता सूचि में 60 लाख और राजस्थान की मतदाता सूची में 35 लाख डुप्लिकेट मतदाता हैं. दोनों ही राज्यों में इस साल के अंत में चुनाव होंगे.

 

Source: hindi.siasat.com

तीन तलाक के मुद्दे पर बोले राहुल गांधी – बीजेपी दे रही राजनीतिक तूल, बिल में है कई खामियां

Rahul Gandhi on the issue of three divorces

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने तीन तलाक के मुद्दे पर पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बीजेपी इस मुद्दे को राजनीतिक तूल दे रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने तीन तलाक बिल पास होने में कोई बाधा नहीं पहुंचायी।

एएनआई के मुताबिक राहुल गांधी ने कहा कि उनकी पार्टी तीन तलाक बिल को बाधित नहीं कर रही है बल्कि उनकी पार्टी के जहन में इस बिल में ‘अपराधीकरण’ के मसले को लेकर सवाल है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘हमारा मसला विधेयक में अपराधीकरण वाले पहलू के साथ जुड़ा हुआ है।’

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को कहा था कि तीन तलाक ने हमारी मुस्लिम बहन-बेटियों की जिंदगी को बर्बाद किया है। कांग्रेस का नाम लिए बिना पीएम ने कहा कि हमने मुस्लिम बहनों को इससे निजात दिलाने के लिए संसद में इसी सत्र में बिल लाने का काम किया लेकिन कुछ लोग अभी इसे पास नहीं होने दे रहे हैं। वे इस बिल के विरोध कर रहे हैं, लेकिन भरोसा रहे मैं उनकी मांग को पूरा करुंगा।

Rahul Gandhi on the issue of three divorces
Rahul Gandhi on the issue of three divorces

इस दौरान राहुल ने आरएसएस पर भी हमला बोला। राहुल ने कहा, ‘पिछले चार सालों में मेरी राजनीतिक विचारधारा का सही से विकास हुआ है। मेरे लिए बीजेपी और आरएसएस ने एक शानदार तोहफा दिया है और मैं यह कहता भी हूं। उन्होंने मुझ पर बार-बार अटैक कर बनायी (राजनीतिक विचारधारा) है। मेरी राजनीतिक विचारधारा, भारत का बहुत पुराना विचार है और आरएसएस की विचारधारा से हजारों सालों से लड़ते हुए आ रहे हैं और यह नया नहीं है।’ राहुल गांधी ने आगे कहा कि मैं भले ही आपसे सहमत नहीं हूं, लेकिन आपका सम्मान करता रहूंगा, यही कांग्रेस है।

इससे पहले राहुल आरएसएस की तुलना मुस्लिम ब्रदरहूड से कर चुके है। राहुल गांधी ने कहा कि, आरएसएस भारत की प्रकृति को बदलने की कोशिश कर रहा है। अन्य पार्टियों ने भारत की संस्थाओं पर कब्जा करने के लिए कभी हमला नहीं किया। आरएसएस की सोच अरब देशों की मुस्लिम ब्रदरहुड जैसी है।

मोदी सरकार ने गंभीर कठिनाइयों में अर्थव्यवस्था को धकेल दिया है: कांग्रेस

Modi government has pushed economy into serious difficulties Congress

नई दिल्ली: कांग्रेस ने रविवार को कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने अपनी अनौपचारिक और अदूरदर्शी आर्थिक नीतियों से उन्नतिशील अर्थव्यवस्था को बिगाड़कर घोर तंगहाली में धकेल दिया है।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सिलसिलेवार ढंग से किए ट्वीट के जरिए कहा, “प्रिय अरुण जेटली, कांग्रेस की सरकार के कार्यकाल (2004-2014) के दौरान देश में स्वतंत्रता के बाद सबसे अधिक कारक-लागत आधारित दशकीय आर्थिक विकास दर 8.13 फीसदी रही। मोदी सरकार में 2017-18 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) विकास दर 6.7 फीसदी रही, जो चार साल का निचला स्तर है। जुलाई 2018 में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने खुद विकास दर अनुमान घटाया है।”

उन्होंने कहा, “जेटलीजी को मालूम हो कि मोदी सरकार को एक ऐसी अर्थव्यवस्था विरासत में मिली जो प्रगति की ओर अग्रसर थी। लेकिन भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) की अनौपचारिक और अदूरदर्शी नीतियों-विमुद्रीकरण, त्रुटिपूर्ण ढंग से जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) लागू करने और कर आतंकवाद के कारण तेजी की रफ्तार खत्म हो गई।”

सुरजेवाला ने वित्तमंत्री अरुण जेटली के सोशल मीडिया के उस पोस्ट की प्रतिक्रया में ट्वीट किया है जिसमें जेटली ने कहा कि 2014 में राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकार के सत्ता में आने के बाद ही परिवर्तनकारी बदलाव आया है।

जेटली ने अपने पोस्ट में कहा कि 2014 और 2018 में जारी आंकड़ों से साबित हुआ है कि उच्च मुद्रास्फीति, राजकोषीय घाटा और चालू खाता घाटा के साथ-साथ बुनियादी ढांचागत व बिजली क्षेत्र में गतिरोध पूर्व की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की विफलता के कारण थे।

जेटली ने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा, “हमने काफी प्रगति की है। पिछले चार साल में सरकार ने विधायी व अन्य मामलों में सिलसिलेवार ढंग से सुधार लाए हैं। तंत्र में काफी स्वच्छता और पादर्शिता आई है।”

सुरजेवाला ने जवाब दिया कि कुछ प्राचलों (पैरामीटर) से जाहिर होता है कि अर्थव्यस्था में मंदी का रुख रहा है और किसी प्रकार से लीपापोती करने से उन तथ्यों को बदला नहीं जा सकता।

उन्होंने आंकड़ा देते हुए कहा, “सकल अचल पूंजी निर्माण 2011-12 में जीडीपी का 34.3 फीसदी था। वर्ष 2013-14 में भी यह 31.3 फीसदी था। पिछले तीन साल में यह 28.5 फीसदी रहा और इससे विकास दर प्रभावित हुई है। किसी प्रकार की लीपापोती करने या ब्लॉग लिखने से उसे बदला नहीं जा सकता।”

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने जिस ढंग से जीडीपी की पिछली श्रंखलाओं को छिपाने और तोड़ने-मरोड़ने की कोशिश की, वह घूमकर अब सामने आ गया है। ये तथ्यों को छिपाकर आखिर किसे बेवकूफ बनाना चाहते हैं।

Source: hindi.siasat.com

1984 में राहुल 13-14 साल के थे, उनको जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते: चिदंबरम

Rahul Gandhi Congress was not involved in 1984 riots London UK parliament P Chidambaram

भारत के पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने शनिवार को 1984 के सिख दंगों पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा है कि राहुल उस वक्त 13-14 साल के थे, उन्हें इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए.

चिदंबरम ने प्रेस कॉन्फ्रेस कर कहा, ‘1984 में कांग्रेस सत्ता में थी. उस वक्त एक बहुत ही भयानक घटना हुई थी, जिसके लिए मनमोहन सिंह ने संसद में माफी भी मांगी थी. आप उसके लिए राहुल गांधी को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते हैं, वो उस वक्त बस 13-14 साल के थे. उन्होंने इसके लिए किसी का बचाव नहीं किया है.’

बता दें कि राहुल गांधी अभी यूरोप यात्रा पर हैं. वो कई देशों में भारतीय अप्राविसयों से मिल रहे हैं और उन्होंने कई संवाद कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया है. शुक्रवार को राहुल लंदन के हाउस ऑफ कॉमंस कैंपस में ‘भारत एवं विश्व’ विषय पर हुई परिचर्चा में शामिल हुए थे. यहां साल 1984 के सिख विरोधी दंगों में कांग्रेस पार्टी की ‘संलिप्तता’ के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में राहुल ने उस घटना को ‘त्रासदी’ और ‘दर्दनाक अनुभव’ करार दिया, लेकिन इस बात से सहमत नहीं हुए कि कांग्रेस इसमें ‘शामिल’ थी.

उन्होंने कहा, ‘मैं समझता हूं कि किसी के खिलाफ की गई कोई भी हिंसा गलत है. भारत में कानूनी प्रक्रियाएं चल रही हैं, लेकिन जहां तक मेरी राय है, उस दौरान हुई किसी भी गलती के लिए सजा मिलनी चाहिए… मैं इसमें 100 फीसदी समर्थन दूंगा.’

राहुल ने अपने भाषण में सिखों के पहले गुरु, गुरु नानक सिंह को भी शामिल किया था. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की अनेकता में एकता की विचारधारा गुरु नानक देव की शिक्षा से ली गई है. इस बयान पर बीजेपी ने राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि राहुल गांधी उस पार्टी से आते हैं, जो 1984 के दंगों के लिए जिम्मेदार है. उन्हें खुद को गुरु नानक देव से नहीं जोड़ना चाहिए. उन्हें अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए.

पी चिदंबरम ने इस कॉन्फ्रेंस में राफेल डील का भी मुद्दा उठाया और कहा कि ये मुद्दा काफी गंभीर है और इस पर सार्वजनिक रूप से बहस होनी चाहिए. इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए इसलिए पार्टी ने और कांग्रेस अध्यक्ष ने इस मुद्दे को उठाया है.

 

Source: hindi.firstpost.com

पाकिस्तान को लेकर पीएम मोदी के पास कोई रणनीति नहीं है- राहुल गांधी

PM Modi does not have any strategy on Pakistan Rahul Gandhi

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज कहा कि डोकलाम के मुद्दे पर चीन के साथ गतिरोध कोई ‘‘अलग मुद्दा’’ नहीं था बल्कि एक ‘‘घटनाक्रम का हिस्सा’’ था और यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सावधान रहकर पूरी प्रक्रिया पर नजर रखते तो भारत इसे रोक सकता था।

यहां अंतरराष्ट्रीय सामरिक अध्ययन संस्थान (आईआईएसएस) को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी डोकलाम के मुद्दे को समग्र रूप में नहीं देखते। उन्होंने कहा, ‘‘वह डोकलाम को एक कार्यक्रम (इवेंट) की तरह देखते हैं।’’

लंदन स्थित थिंक टैंक में राहुल ने कहा, ‘‘डोकलाम कोई अलग मुद्दा नहीं है। यह एक घटनाक्रम का हिस्सा था, यह एक प्रक्रिया थी।’’ उन्होंने दावा किया कि ‘‘सच्चाई यह है कि चीनी आज भी डोकलाम में मौजूद हैं।’’

विदेश राज्य मंत्री वी.के.सिंह ने पिछले महीने राज्यसभा को बताया था कि डोकलाम में चीन के साथ टकराव की जगह और इसके आसपास कोई नई घटना नहीं हुई है और इलाके में यथास्थिति बनी हुई है।

डोकलाम में भारत और चीन के बीच गतिरोध पिछले साल 16 जून को तब आरंभ हुआ था जब भारतीय पक्ष ने इलाके में चीनी सेना की ओर से किए जा रहे सड़क निर्माण कार्य को रोक दिया था। यह गतिरोध 73 दिन बाद 28 अगस्त को खत्म हुआ था।

वहीं भारत-पाकिस्तान के संबंधों पर बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि पाकिस्तान के साथ बातचीत करना मुश्किल है क्योंकि वहां कोई ऐसी संस्था नहीं है जिसके पास सर्वाधिकार हो और वह सुप्रीम हो। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पीएम मोदी के पास पाकिस्तान को लेकर गहरी सोच वाली कोई रणनीति नहीं है।

राहुल गांधी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा ने आज कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने विदेश दौरे में भारत के बारे में जो कुछ बोला, वह कहीं न कहीं उनकी अपरिपक्वता, अक्षमता को दर्शाता है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने बर्लिन में राहुल गांधी के बयानों पर प्रतिक्रिया वय्क्त करते हुए कहा कि वह (राहुल गांधी) विदेश में भारत पर लांछन लगा रहे हैं और भारत और उसकी संस्कृति का अपमान कर रहे हैं। उन्हें इसके लिए मांफी मांगनी चाहिए।

 

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लंदन में बोले राहुल गांधी- 2019 का चुनाव होगा बीजेपी-आरएसएस बनाम पूरा विपक्ष

2019 elections BJP RSS vs full opposition

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर भाजपा पर जमकर हमला होला है। उन्होंने कहा कि सरकार ने उद्योगपति को लाभ पहुंचाने के लिए राफेल समझौता बदल दिया है। वहीं उन्होंने 2019 के लोकसभा पर कहा कि अगला चुनाव बहुत ही दिलचस्प होने वाला है। आगामी चुनाव भाजपा-आरएसएस बनाम पूरा विपक्ष होगा। इस दौरान वह ब्रिटेन के लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (एलएसई) में बोल रहे थे। बता दें कि राहुल जर्मनी के बाद ब्रिटेन दौरे पर हैं। अपने इस पूरे दौरे में वह भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोल रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत में रोजगार बड़ी समस्या है। और इसे स्वीकर करना होगा। लेकिन सरकार इस बात को स्वीकार करने को तैयार नहीं है। एलएसई में नेशनल इंडियन स्टूडेंट्स एंड एल्युमनाई यूनियन (ब्रिटेन) के साथ बातचीत में गांधी ने राफेल समझौते में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक कारोबारी का पक्ष लेने का आरोप लगाया जिसके पास विमान उत्पादन में कोई अनुभव नहीं था। राहुल गांधी ने कहा कि राफेल सौदा अनिल अंबानी को दिया गया जिनके ऊपर 45 हजार करोड़ रुपए का कर्ज था और उन्होंने अपने जीवन में कभी कोई विमान नहीं बनाया। बता दें कि राहुल गांधी इस समझौते को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोलते रहे हैं और उसपर यूपीए के पूर्व शासन में तय हुए समझौते से ज्यादा कीमत पर करार का आरोप लगाते रहे हैं।

2019 elections BJP RSS vs full opposition
2019 elections BJP RSS vs full opposition

राहुल गांधी ने बेरोजगारी पर बोलते हुए कहा कि पहले हमें यह स्वीकार करना होगा कि देश में रोजगार की समस्या है। उन्होंने कह कि मैं उन लोगों के प्रति सहानुभूति महसूस करता हूं जो कमजोर और सताए हुए होते हैं। उन्होंने कहा कि चीन जहां एक दिन में 50 हजार नौकरियां दे रहा है वहीं हमारे यहां एक दिन में सिर्फ 450 नौकरियां दी जा रही हैं। यह एक आपदा है।

उन्होंने कहा कि मैं अर्थव्यवस्था, समाजशास्त्र और राजनीति को अलग-अलग नहीं देखता। क्योंकि यह सब एक प्रक्रिया है, जो एक साथ काम करती है। इस प्रक्रिया ने हमारे देश में 100 वर्षों में 1.3 अरब लोगों को बदल दिया। भारतीय किसान किसी कृषि विशेषज्ञ से ज्यादा ज्ञान रखता है। उन्होंने कह कि मैं अलग-अलग समुदायों के पास जाना पसंद करता हूं। सामाजिक न्याय केवल तभी संभव है जब लोकतांत्रिक संस्थानों को मजबूत किया जाए।

2019 elections BJP RSS vs full opposition
2019 elections BJP RSS vs full opposition

राहुल गांधी ने ब्रिटिश संसद के एक कमरे का जिक्र करते हुए कहा कि वहां एक सज्जन ने एक कमरा दिखाया, वहां से कभी भारत को चलाया जाता था। लेकिन आज वहां 10-12 भारतीय सांसद हैं जो उसी कमरे से ब्रिटेन की मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज भारतीय संसद का स्तर गिर रहा है। संसद में 50 और 60 के दशक में बहस की गुणवत्ता अधिक थी। लेकिन अब ऐसा नहीं है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि सांसदों के पास कानून बनाने की शक्ति नहीं है। राहुल ने कहा कि आज संविधान पर हमला हो रहा है लेकिन हम उसका बचाव कर रहे हैं। हमारी पहली प्राथमिकता जहर को फैलाने से रोकना है। मैं और पूरा विपक्ष इस बात पर सहमत है।

राहुल गांधी ने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री जी को संदेश भेजा है कि जिस दिन वो महिला आरक्षण विधेयक पारित कराना चाहते हैं, पूरी कांग्रेस पार्टी खुशी से बीजेपी का सहयोग करेगी। लेकिन वो ऐसा नहीं करना चहते हैं। हम महिलाओं के ज्यादा अधाकिर देना चाहते हैं।

2019 elections BJP RSS vs full opposition
2019 elections BJP RSS vs full opposition

राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर कहा कि पीएम मोदी के लिए डोकलाम विवाद एक इवेंट है। अगर इस पर सही समय पर ध्यान दिया जाता तो इसे रोका जा सकता था। डोकलाम कोई अलग मुद्दा नहीं है। यह कई घटनाओं का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यह हकीकत है कि डोकलाम में आज भी चीन की मौजूदगी है। उन्होंने कहा कि हमारे पीएम को पास पाकिस्तान को लेकर भी कोई रणनीति नहीं है। पाक के साथ बातचीत करना मुश्किल है। क्योंकि वहां कोई ऐसी संस्था नहीं है जो सर्वोच्च हो।

2019 elections BJP RSS vs full opposition
2019 elections BJP RSS vs full opposition

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आज मैं भारत को अपनी ताकत बढ़ाते हुए नहीं देख पा रहा हूं। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के पीछे आरएसएस का हाथ है। नोटबंदी का विचार वित्तमंत्री और आरबीआई को नजरंदाज करके सीधे आरएसएस से आया और प्रधानमंत्री के दिमाग में बैठा दिया गया। उन्होंने कहा कि आज आरएसएस भारत की प्रकृति को बदलने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने एक बार फिर कहा कि आरएसएस की सोच अरब देशों के मुस्लिम ब्रदरहुड जैसी है।

जयपुर में सामने आए 1 लाख फर्जी वोटर्स, कांग्रेस बोली – पूरे राजस्थान में 45 लाख फर्जी मतदाता

1 lac fake voters in Jaipur

राजस्थान में साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने है। इस चुनाव में काँग्रेस और बीजेपी में सीधा मुक़ाबला है। दोनों ही पार्टियां प्रचार-प्रसार में जोरों से लगी हुई है। इसी बीच राजधानी जयपुर में 1 लाख से ज्यादा फर्जी वोटर्स के बारें में खुलासा हुआ है।

जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रतापसिंह खाचरियावास के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को फर्जी वोटर्स के मामले में कलक्टर और 8 विधानसभा क्षेत्रों के ईआरओ के साथ बैठक की। कांग्रेस का आरोप है कि जयपुर की 8 विधानसभा सीटों पर 2.45 लाख फर्जी वोटर्स हैं।

वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव अशोक गहलोत ने कहा कि कांग्रेस चुनाव आयोग के सामने पक्ष रख चुकी है। फर्जी वोटर्स का मामला गंभीर है। वोटर लिस्ट से फर्जी वोटर्स के नाम हटने चाहिए। यह चुनाव आयोग की साख का सवाल है।

1 lac fake voters in Jaipur
1 lac fake voters in Jaipur

बता दें कि कांग्रेस ने राजस्थान में 45 लाख ”फर्जी” मतदाता होने का दावा किया है। इतना ही नहीं चुनाव आयोग से शिकायत करते हुए फर्जी नाम हटाने की भी मांग की। राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा, ‘ पिछले कुछ साल में मतदाताओं की संख्या में 70 लाख इजाफा हुआ है। हमारा मानना है कि 45 लाख मतदाताओं की जांच होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘फर्जी नामों को हटाया जाए। जगह-जगह सैकड़ों मतदाता ऐसे हैं जिनके पते एक हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कार्रवाई का का अश्वासन दिया है। लेकिन हमारी मांग है कि यह सुनिश्चित समय के भीतर होना चाहिए।’

अलपेश ठाकुर को कांग्रेस ने दी बड़ी जिम्मेदारी, सचिव और सह प्रभारी बनाया!

Alpesh Thakor has made the big responsibility, secretary and co in charge of Congress

गुजरात कांग्रेस के विधायक अलपेश ठाकुर को बिहार का सह प्रभारी बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें कांग्रेस सचिव के लिए भी नियुक्त किया गया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी संगठन में बड़ा बदलाव किया है, जिसमें आठ नए राष्ट्रीय सचिवों की नियुक्ति की गई है।

कांग्रेस के महासचिव अशोक गहलोत की ओर से जारी बयान के अनुसार, बिहार से अल्पेश ठाकुर को राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर से पार्टी विधायक शकील अहमद खान को और उत्तराखंड से राजेश धमानी को नियुक्त किया गया है।

आठ नए राष्ट्रीय सचिवों में शकील अहमद खान, राजेश धमानी, अल्पेश ठाकुर, बीपी सिंह, मोहम्मद जावेद, शरत राउत, सीवी चंद्र रेड्डी और बीएम संदीप को शामिल किया गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश की रायबरेली सदर विधानसभा सीट से विधायक अदिति सिंह को अखिल भारतीय महिला कांग्रेस का राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया गया है।

गुजरात विधायक अल्पेश ठाकुर को सह प्रभारी नियुक्त किया गया है। अभी बिहार कांग्रेस के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल हैं। अल्पेश ठाकुर उनके साथ मिलकर बिहार में पार्टी का काम संभालेंगे।

आपको बतादें कि बिहार कांग्रेस में काफी समय से स्थायी प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति की मांग कर रही है। लेकिन अब तक इस मामले में फैसला नहीं लिया गया है। हालांकि कौकब कादरी पिछले कई महीनों से बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में काम कर रहे हैं।

 

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अदिति सिंह को कांग्रेस ने बनाया महासचिव, रायबरेली सदर सीट से हैं विधायक!

Congress created Aditi Singh as general secretary Raebareli Sadar seat MLA

उत्तर प्रदेश की रायबरेली सदर सीट से विधायक अदिति सिंह को अखिल भारतीय महिला कांग्रेस का नया राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। इस संबंध में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत ने गुरुवार को एक प्रेस नोट जारी कर इस संबंध में जानकारी दी।

इससे पहले अटकलें लगाई जा रहीं थी कि कांग्रेस की युवा विधायक अदिति सिंह को राहुल गांधी अहम ओहदा दे सकते हैं। वर्तमान में अदिति इजरायल के आधिकारिक दौरे पर हैं।

अदिति सिंह ने नियुक्ति के बाद कहा कि मैं नई भूमिका के लिए पार्टी नेतृत्व की आभारी हूं। उन्होंने कहा, मैं खुश हूं कि मेरे वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं और राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी ने मुझ पर भरोसा किया। मैं अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुष्मिता देव की भी आभारी हूं, जिन्होंने इतने महत्वपूर्ण पद के लिए मेरा चुनाव किया।

कांग्रेस विधायक ने कहा कि देश में महिलाओं की दशा सुधारने के लिए काफी काम किया जाना बाकी है, खुद एक महिला होने के नाते मैं उनकी समस्याओं को समझ सकती हूं। मेरा मकसद महिलाओं की शिक्षा के लिए काम करने का है। अदिति सिंह ने मैनेजमेंट में मास्टर्स की डिग्री यूएसए की ड्यूक यूनिवर्सिटी से हासिल की है।

बता दें कि अदिति सिंह, रायबरेली सदर से पांच बार विधायक रह चुके बाहुबली अखिलेश की बेटी हैं। अमेरिका से भारत लौटने का फैसला उन्होंने अपने पिता की बीमारी के बाद लिया था।

अदिति को कांग्रेस में प्रियंका गांधी का बेहद करीबी समझा जाता है। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में अदिति सिंह ने रायबरेली सदर से चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उन्हें 90 हजार वोटों के अंतर से जीत मिली थी। अदिति सिंह की सोशल मीडिया पर अच्छी फैन फॉलोइंग है।

 

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तुच्छ राजनीतिक लाभ के लिए वाजपेयी की अस्थियों का इस्तेमाल कर रही है बीजेपी : कांग्रेस

BJP is using Vajpayee remains for trivial political gains

अटल बिहारी वाजपेयी की मृत्यु के बाद कांग्रेस ने गुरुवार को बीजेपी पर कटाक्ष करते हुए यह आरोप लगाया कि उसके किसी भी नेता ने अटल बिहारी वाजपेयी से कोई सीख नहीं ली. वे केवल ‘तुच्छ राजनीति के लिए पूर्व प्रधानमंत्री की अस्थियों का ‘इस्तेमाल’ कर रहे हैं.

कांग्रेस प्रवक्ता आरपीएन सिंह ने सोनिया गांधी और विपक्षी दल की आलोचना करने के लिए बीजेपी नेताओं द्वारा प्रयोग किए गए शब्दों पर कड़ी आपत्ति जताई.

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘बीजेपी ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के लिए जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया है, वह राजनीति के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है.पूरा देश वाजपेयी को श्रद्धांजलि दे रहा है और उनकी अस्थियां अभी विसर्जित नहीं हुई हैं लेकिन वाजपेयी ने जो कहा, बीजेपी ने उसका अनुसरण नहीं किया.’

सिंह ने कहा, ‘जिस तरह के शब्दों का वे इस्तेमाल कर रहे हैं और जिस स्तर तक बीजेपी गिर गई है, उनके नेताओं ने वाजपेयी के भाषणों से शब्दों और विचारों से कुछ भी नहीं सीखा’.

बाद में कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कहा, ‘परिजनों द्वारा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए अंतिम संस्कार किया जाता है. प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी ने पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी की अस्थियां हड़प लीं और वे तुच्छ राजनीतिक लाभ के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे हैं. बीजेपी राजनीतिक लाभ के लिए हर दिन एक निम्न स्तर का उपाय खोज लेती है.’

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2019 चुनाव से पहले ‘टीम राहुल’ में बड़े बदलाव, अहमद पटेल बने कांग्रेस के कोषाध्यक्ष

Organizational changes in Congress team Rahul Gandhi Ahmed Patel made new party treasurer

देश के तीन राज्यों में आगामी विधानसभा चुनाव और 2019 के आम चुनाव से पहले कांग्रेस ने बड़ा सांगठनिक बदलाव किया है. इसके तहत पार्टी के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा को कांग्रेस के कोषाध्यक्ष पद से हटा दिया गया है. उनकी जगह राज्यसभा सांसद अहमद पटेल को इसकी जिम्मेदारी दी गई है.

इस बदलाव के तहत मोतीलाल वोरा को महासचिव (प्रशासन) बनाया गया है.

माना जा रहा है कि मोतीलाल वोरा की बढ़ती उम्र को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल पिछले साल गुजरात से राज्यसभा के सदस्य चुनकर आए हैं.

वहीं आनंद शर्मा को पार्टी के विदेश विभाग का सचिव बनाया गया है. उन्हें कर्ण सिंह के स्थान पर पार्टी के विदेश मामलों के विभाग का अध्यक्ष बनाया गया है.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के निर्णय के बाद सीपी जोशी की जगह लुईजिन्हो फ्लेरियो को पूर्वोत्तर के राज्यों (असम को छोड़कर) का प्रभारी महासचिव नियुक्त किया है.

राहुल गांधी की नई टीम में लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार को कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्लूसी) में बतौर स्थाई आमंत्रित सदस्य शमिल किया गया है

इस कमेटी में 22 सदस्य, 19 स्थायी आमंत्रित सदस्य और 10 विशेष आमंत्रित सदस्य हैं.

 

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जीएसटी कार्यान्वयन कर आतंकवाद का एक उदाहरण है: चिदंबरम

An example of terrorism by implementing GST is Chidambaram

नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने रविवार को मोदी सरकार पर रुपये के गिरते मूल्य पर हमला किया और कहा कि जीएसटी के कार्यान्वयन के तरीके कर आतंकवाद का एक उदाहरण है।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि स्थिर निवेश, दबाव में राजकोषीय घाटे और राज्य चालू खाता घाटे का व्यापक आर्थिक स्थिरता पर असर पड़ रहा है।

यह पूछे जाने पर कि क्या मोदी सरकार में नियमित वित्त मंत्री की अनुपस्थिति आर्थिक मंदी के लिए ज़िम्मेदार है, चिदंबरम ने कहा: “मैंने सोचा था कि तीन वित्त मंत्री थे – एक वास्तव में एक है, एक जरूरी है, और एक अदृश्य है।”

रुपये में गिरावट पर, पूर्व वित्त मंत्री ने कहा: “निवेश 28.5 प्रतिशत पर स्थिर है। आप उम्मीद नहीं कर सकते कि जीडीपी 7 फीसदी से ज्यादा बढ़ेगा।

 

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