14 दिन से अनशन पर बैठे हार्दिक पटेल की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल ले जाया गया

Hardik Patel taken hospital following deterioration his health 14th day of hunger strike

अहमदाबाद। 14 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हार्दिक पटेल की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। किसानों की कर्जमाफी और पाटीदारों के लिए आरक्षण की मांग को लेकर हार्दिक पटेल भूख हड़ताल पर बैठे हैं। हार्दक पटेल ने अहमदाबाद के नजदीक अपने फार्महाऊस पर 25 अगस्त को ये हड़ताल शुरु की थी। इसके पहले भी डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती होने और अनशन तोड़ने की सलाह दी थी।

इसके पहले हार्दिक ने कहा था कि अगर मेरी मौत भी हो जाएगी तो बीजेपी को क्या फर्क पड़ेगा? हार्दिक ने कहा था कि अब तक बीजेपी की तरफ से कोई बात नहीं की गई है,13 दिन के अनशन के बाद भी भाजपा वालों ने अभी तक किसानों एवं सबसे बड़े पटेल समुदाय के बारे कुछ सोचा भी नहीं है और बोले भी नहीं।

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24 घंटे के अंदर सरकार ने बातचीत नहीं शुरू की तो जल भी त्याग देंगे हार्दिक: PAAS

Hardik Patel will stop drinking water warns his group sets addeline sais pas

हार्दिक पटेल का अनिश्चितकालीन अनशन 12वें दिन भी जारी रहा. इसके साथ ही उनकी अगुवाई वाली पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पीएएएस) ने बुधवार को यह घोषणा की कि अगर गुजरात की बीजेपी सरकार 24 घंटे के अंदर उनके साथ बातचीत शुरू नहीं करती है तो वह जल भी त्याग देंगे.

अहमदाबाद के बाहरी इलाके में स्थित हार्दिक के आवास पर यह घोषणा करते हुए पीएएएस के संयोजक मनोज पनारा ने कहा कि सरकार के प्रतिनिधियों को निश्चित रूप से अनशन स्थल पर आना चाहिए और पाटीदार नेता से बात करनी चाहिए.

‘बिगड़ती जा रही है हार्दिक पटेल की हालत’

उन्होंने बताया कि हार्दिक की सेहत बिगड़ती जा रही है लेकिन सरकार ने इसके समाधान के लिए कोई मंशा जाहिर नहीं की है. अगर सरकार 24 घंटे के अंदर हार्दिक से बातचीत नहीं करती तो वह अब पानी पीना भी छोड़ देंगे.

उन्होंने कहा कि राज्य भर लोग उन्हें लेकर चिंतित हैं और उनके लिए प्रार्थनाएं कर रहे हैं लेकिन ऐसा लग रहा है कि सरकार को कोई परवाह नहीं है.

 

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अनशन पर हार्दिक पटेल ने दी जल त्याग की चेतावनी, वजन 4 किलोग्राम गिरा

Hardik Patel on hunger strike warns to left water also lost weight 4 kilograms

गुजरात में अहमदाबाद स्थित अपने आवास पर आमरण अनशन पर बैठे पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति (पास) के नेता हार्दिक पटेल ने आज छठे दिन से जल का भी त्याग करने की चेतावनी दी है जबकि डाक्टरों ने कहा है कि अगर वह जल्द ही तरल पदार्थ और पयार्प्त पोषण नहीं लेते तो उनके गुर्दे (किडनी) और दिमाग पर प्रतिकूल असर हो सकता है।

उधर, किसानों की कर्ज माफी और पाटीदार आरक्षण के मुद्दे पर बाहर अनशन की सरकारी अनुमति नहीं मिलने के बाद यहां एसजी हाईवे के निकट स्थित अपने आवास पर गत 25 अगस्त से भूख हड़ताल पर बैठे हार्दिक उनके खिलाफ दर्ज राजद्रोह के एक मामले में यहां अदालत में पेश नहीं हो सके।

अगस्त 2०15 में यहां जीएमडीसी मैदान में उनकी रैली के बाद हुई व्यापक हिंसा के मद्देनजर दर्ज इस मुकदमे में आरोप तय होने की कार्यवाही आज भी उनकी अनुपस्थिति के चलते नहीं हो सकी। अदालत ने इस मामले में 14 सितंबर को उन्हें अदालत में पेश रहने को कहा है।

इस बीच, उनके स्वास्थ्य की जांच करने वाले चिकित्सकों की टीम की अगुवा डॉक्टर नम्रता वडोदरिया ने कहा कि उनके रक्त में एसीटोन की मात्रा बढ़ रही है जिससे उनकी किडनी और दिमाग पर असर हो सकता है। उन्हें जल्द से जल्द पूरा पोषण मिलना चाहिए। अगर वह पानी लेना भी बंद करते हैं तो यह काफी नुकसानदायक हो सकता है।

हार्दिक के वजन में लगभग चार किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गयी है। उधर, हार्दिक ने ट्वीट कर कहा है कि जनता की आवाज दबायी नहीं जा सकती। सत्ता के समक्ष जनता का विस्फोट होगा।

 

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हार्दिक पटेल ने घर पर ही शुरू किया अनशन, जूनागढ़ में धारा 144 लागू

पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल ने अपने घर पर ही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। पाटीदार समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर किए जा रहे इस अनशन में कांग्रेस के भी तीन पाटीदार नेता शामिल हुए है। इनके नाम हैं ललित कथगरा, ललित वसोया और किरीट पटेल। वहीं हार्दिक के अनशन के चलते जूनागढ़ में धारा 144 लगा दी गई है।
इससे पहले हार्दिक ने गुजरात पुलिस पर खुद को नजरबंद करने का आरोप लगाया था और कहा था कि करीब 80 पुलिसकर्मी उनके घर के बाहर बिना वर्दी के घूमते हैं। साथ ही वह उनके घर में कौन आ और जा रहा है इस बात की भी पूरी निगरानी करते हैं। उन्होंने कहा था कि अनशन तो होकर रहेगा जिसे अब वह अपने घर से शुरू कर चुके हैं।

हार्दिक घर पर इसलिए अनशन कर रहे हैं क्योंकि उन्हें इसके लिए राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने इजाजत नहीं दी है। अनशन से पहले शुक्रवार को उन्होंने कहा था कि अगर प्रशासन से उन्हें अनुमति नहीं मिलती और उनकी जमानत रद्द होती है फिर भी वह अपना ये फैसला नहीं बदलेंगे और अनशन करेंगे। इसी बीच अब हार्दिक के घर के बाहर बड़े पैमाने पर सुरक्षा बल तैनात किया गया है। उनके घर में आने जाने वाले हर शख्स से पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है।

मुख्यमंत्री को भी लिख चुके हैं पत्र

Hardik Patel started hunger strike from saturday at home
Hardik Patel started hunger strike from saturday at home

उनके अनशन के चलते जूनागढ़ के कलेक्टर ने पूरे जिले में धारा 144 लागू कर दी है। वहीं सार्वजनिक स्थानों पर भी चार से ज्यादा लोगों पर रोक लगाई गई है। हार्दिक ने कहा कि कानून व्यवस्था सरकार की जिम्मेदारी है।

इससे पहले हार्दिक ने गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को पत्र लिखकर 25 अगस्त से अनिश्चितकालीन अनशन के लिए अनुमति को लेकर हस्तक्षेप करने की मांग की थी। उन्होंने रूपाणी को कहा था कि लगातार अनुरोधों के बाद भी प्रशासन ने न तो पुलिस की अनुमति दी है न ही उन्हें प्रदर्शन के लिए कहीं जगह मुहैया कराई है।

गौरतलब है कि आज से तीन साल पहले 25 अगस्त साल 2015 को गुजरात में पाटीदार आंदोलन हुआ था जिसके कारण पूरे राज्य में काफी उपद्रव हुआ था। उस वक्त सार्वजनिक संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया था। जिस कारण 14 लोगों की मौत हो गई थी।
इससे पहले हार्दिक ने गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को पत्र लिखकर 25 अगस्त से अनिश्चितकालीन अनशन के लिए अनुमति को लेकर हस्तक्षेप करने की मांग की थी। उन्होंने रूपाणी को कहा था कि लगातार अनुरोधों के बाद भी प्रशासन ने न तो पुलिस की अनुमति दी है न ही उन्हें प्रदर्शन के लिए कहीं जगह मुहैया कराई है।

गौरतलब है कि आज से तीन साल पहले 25 अगस्त साल 2015 को गुजरात में पाटीदार आंदोलन हुआ था जिसके कारण पूरे राज्य में काफी उपद्रव हुआ था। उस वक्त सार्वजनिक संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया था। जिस कारण 14 लोगों की मौत हो गई थी।

 

Source: amarujala.com