बॉम्बे HC ने मोदी सरकार से जताई नाराज़गी, कहा- बुरे दौर से गुज़र रहा है देश, ना बोलने की आज़ादी और ना ही घूमने की

Bombay High Court speaks against Modi govt

देश में जिस तरह का अलोकतांत्रिक माहौल बनता जा रहा है उसे लेकर अब अदालतें भी चिंता जता रही हैं। ऐसा ही गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट की एक डिवीजन बेंच ने किया। कोर्ट कहा है कि देश इस वक्त बुरे दौर से गुजर रहा है, जिसमें कोई व्यक्ति स्वतंत्र होकर ना कुछ कह सकता है और ना ही घूम सकता है।

जस्टिस एससी धर्माधिकारी और जस्टिस भारती डांगरे की पीठ ने अंधविश्वास के खिलाफ लड़ने वाले तर्कवादी नरेंद्र दाभोलकर और गोविंद पन्सारे के परिजनों द्वारा दाखिल की गई एक याचिका पर टिप्पणी करते हुए ये बातें कहीं।

बता दें, कि इन दोनों बुद्धिजीवियों की हत्या की गई है। कई कट्टर हिंदूवादी संगठनों पर इन लेखकों की हत्या के आरोप हैं। नरेंद्र दाभोलकर और गोविंद पन्सारे के परिजनों ने कोर्ट की निगरानी में दोनों की हत्या की निष्पक्ष जांच कराने की मांग को लेकर याचिका दाखिल की है।

बॉम्बे हाईकोर्ट की बेंच ने दाभोलकर और पन्सारे की हत्या के मामले में केन्द्र और राज्य सरकार की जांच पर नाखुशी जाहिर करते हुए ये बातें कही हैं। कोर्ट की बेंच ने कहा कि हम आज देश में एक बुरे दौर के गवाह बन रहे हैं।

देश के नागरिकों को लगता है कि वो अपनी आवाज स्वतंत्र होकर और बिना किसी परेशानी के नहीं कह सकते हैं। क्या हम ऐसा दिन देखने जा रहे हैं, जब हर कोई व्यक्ति को खुलेआम बोलने और घूमने के लिए पुलिस सुरक्षा की जरुरत होगी?

हाईकोर्ट बेंच ने कहा कि आज देश में क्या हो रहा है? लोग आते हैं और बसों में आग लगा देते हैं, पत्थरबाजी करते हैं। ऐसा लगता है कि ये सब मुफ्त हैं? हमारी प्राथमिकताएं क्या हैं? एक देश है और एक सरकार है, कल सरकार बदल सकती है, लेकिन देश का क्या? यह करोड़ों लोगों का घर है? क्या अपने मन की बात कहने के लिए कल सभी लोगों को पुलिस प्रोटेक्शन लेनी पड़ेगी?

 

Source: boltaup.com