लोकसभा चुनाव जीतने के लिए केजरीवाल ने कसी कमर, किया ये बड़ा दावा

AAP started preparing for loksabha election

आम आदमी पार्टी ने लोकसभा चुनाव की तैयारियों की शुरुआत कर दी है। पार्टी संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र के लिए पार्टी के चुनाव कार्यालय का उद्घाटन करते हुए दिल्ली की सभी 7 लोकसभा सीटों पर आप की जीत का दावा किया। केजरीवाल ने कहा, ‘दिल्ली की सातों लोकसभा सीट ‘आप’ को जिताने की जिम्मेदारी मैं दिल्ली की जनता को दे रहा हूं।

AAP started preparing for loksabha election
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बदले में सुंदर, स्वस्थ और शिक्षित दिल्ली बनाने की जिम्मेदारी लेकर जा रहा हूं।’ उन्होंने दिल्ली सरकार के अब तक के प्रमुख कामों का लेखा-जोखा जनता के समक्ष पेश करते हुए भाजपा सरकार और उनके सांसदों को भी ऐसा करने की चुनौती दी। इस दौरान पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र की आप प्रभारी आतिशी मरलीना, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और आप की दिल्ली इकाई के संयोजक गोपाल राय सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

‘आप’ ने आतिशी सहित पांच लोकसभा सीटों के लिए पार्टी प्रभारी पहले ही घोषित कर दिए है। इन्हें ही संभावित उम्मीदवार माना जा रहा है। सिसोदिया ने दिल्ली की शिक्षा क्रांति में आतिशी के योगदान की चर्चा करते हुए जनता से यह पूछा कि जहां 15 सालों से भाजपा है, वहां स्कूल, कॉलेज, अस्पताल क्यों नही बने।

AAP started preparing for loksabha election
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भाजपा सरकार की नियत पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के कामों में केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा उत्पन्न की जा रही बाधाओं का जवाब दिल्ली की जनता आगामी लोकसभा चुनाव में जरूर देगी।

आप नेता गोपाल राय ने कहा, ‘‘दिल्ली की जनता को अपने ही राज्य में केन्द्र सरकार का सौतेला व्यवहार झेलना पड़ता है। हमने पूर्ण राज्य के दर्जे को लेकर एक जुलाई से अभियान शुरू किया था। इसी अभियान के तहत हमने प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए हस्ताक्षर अभियान भी चलाया था। हमने 10 लाख से ज्यादा हस्ताक्षर करवाए हैं।’’

AAP started preparing for loksabha election
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उन्होंने कहा कि जनता ने पत्र में प्रधानमंत्री से दिल्ली वालो की भावनाओं का आदर करते हुए दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की अपील की है।

राय ने कहा कि लोकसभा चुनाव के समय दिल्ली के सातों सांसदों ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्ज़ा दिलाने की बात कही थी। बीते चार सालों में केन्द्र की भाजपा सरकार ने इस दिशा में अब तक कोई पहल नहीं की है। इसलिये दिल्ली के लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

न्यू इंडिया में सिर्फ इकलौते एनजीओ RSS के लिए जगह, बाकी बंद कर दो: राहुल गांधी

Room for only 1 NGO in India RSS says Rahul Gandhi

भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में कई वामपंथी विचारकों, सामाजिक और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस की छापेमारी को लेकर विपक्ष केंद्र सरकार पर हमलावर है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि न्यू इंडिया में एकमात्र एनजीओ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएससए) के लिए जगह है. बाढ़ प्रभावित केरल के दौरे पर पहुंचे गांधी ने ट्वीट कर कहा, भारत में अब सिर्फ एकमात्र एनजीओ के लिए जगह है और वह आरएसएस है. दूसरे सभी एनजीओ को बंद कर दो. सभी कार्यकर्ताओं को जेल भेज दो और शिकायत करने वालों को गोली मार दो. न्यू इंडिया में स्वागत है.

बता दें कि पुणे पुलिस ने मंगलवार को दिल्ली, हैदराबाद सहित कई शहरों में छापा मारकर पांच मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, वामपंथी विचारकों को गिरफ्तार किया है. वहीं, इस कार्रवाई का मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने एक सुर में विरोध किया है. पिछले साल 31 दिसंबर को एल्गार परिषद के एक कार्यक्रम के बाद पुणे के पास कोरेगांव-भीमा गांव में दलितों और उच्च जाति के पेशवाओं के बीच हुई हिंसा की घटना की जांच के तहत ये छापे मारे गए हैं.

Source: hindi.siasat.com

भारत में सत्ताधारी पार्टी से सहमत न होने वाले पत्रकारों की प्रताड़ना चिंताजनक: आरडब्ल्यूबी

RSF calls ban hindu nationalist group threatening journalists in india modi govt

वॉशिंगटन: प्रेस की दशा-दिशा पर नज़र रखने वाली वैश्विक संस्था रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (आरएसएफ) के मुताबिक, भारत में सत्ताधारी पार्टी के रुख़ से इत्तेफाक नहीं रखने वाले पत्रकारों को परेशान किए जाने के मामले चिंताजनक स्तर तक पहुंच गए हैं.

आरएसएफ ने कहा है कि भारत में आम चुनाव नज़दीक आने के मद्देनज़र ज़रूरी है कि पत्रकार अपनी जान या नौकरी पर ख़तरे के ख़ौफ़ के बगैर ख़ुद को अभिव्यक्त करें.

रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स के एशिया-प्रशांत डेस्क के प्रमुख डेनियल बास्टर्ड ने कहा, ‘अगर ऐसा नहीं होता है तो भारतीय लोकतंत्र एक ‘मृगमरीचिका’ से ज़्यादा कुछ नहीं होगा.’

आरएसएफ ने कहा कि भारत में ख़ासकर पत्रकारों को इंटरनेट (सोशल मीडिया) के ज़रिये प्रताड़ित करने की घटनाएं परेशान करने वाली हैं.

संस्था ने कहा कि पत्रकारों को प्रताड़ित किए जाने की घटनाओं के पीछे हिंदू राष्ट्रवादियों का हाथ है. इसमें हत्या भी हो सकती है, जैसा गौरी लंकेश के मामले में हुआ.

एक अख़बार की संपादक गौरी लंकेश की करीब एक साल पहले बेंगलुरु स्थित उनके घर में हत्या कर दी गई थी.

आरएसएफ ने अधिकारियों से अपील की है कि वे इन चरमपंथियों की धमकियों का सामना कर रहे पत्रकारों की जान और नौकरी बची होने की गारंटी मुहैया कराएं.

इस संस्था के मुताबिक, इंटरनेट पर सक्रिय इन चरमपंथियों ने पिछले हफ्ते ट्विटर पर अपना वजूद दिखाया और ख़ुद को ‘इंडिया अगेंस्ट बायस्ड मीडिया’ का नाम दिया. उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं की भर्ती के लिए हैशटैग आईएबीएम का इस्तेमाल किया.

इसके एक संस्थापक सदस्य विपुल सक्सेना ने इस आईएबीएम संगठन के उद्देश्यों के बारे में बताया है. इसके अनुसार, ऐसे पत्रकारों को निशाना बनाना है जिनके पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग की वजह से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है और सामाजिक ताने-बाने को क्षति पहुंचती है.

अपने एक ट्वीट में विपुल सक्सेना कहते हैं, ‘अगर कुछ मीडिया मालिकों को लगता है कि #आईएबीएम पत्रकारों पर हमला कर रहा है तो हां, हम पत्रकारों पर हमला कर रहे हैं लेकिन लोग जानते हैं कि हम उन्हीं लोगों पर हमला कर रहे हैं जो झूड और डर फैला रहे हैं और उनका यह इलाज है.’

अपने ट्विटर अकाउंट पर आईएबीएम ख़ुद को अराजनीतिक बताता है लेकिन सक्सेना के ट्विटर अकाउंट पर आप गौर करेंगे तो सबसे ऊपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगी हुई है और सक्सेना को गर्व है कि मोदी ट्विटर पर उनके फॉलोवर हैं.

ट्विटर पर रेल मंत्री पीयूष गोयल का दफ्तर, दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता तेजिंदर सिंह बग्गा, पूर्व सांसद तरुण विजय फॉलो करते हैं.

विपुल सक्सेना ने ट्विटर पर अपने परिचय में ख़ुद को पूर्व पायलट, एविएशन इंजीनियर, आईएबीएम का सह संस्थापक बताया है और दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें फॉलो करते हैं.

रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स के अनुसार, आईएबीएम बहरहाल संस्था की ओर से कहा गया है कि हम सभी ‘देशद्रोही’ और ‘सरकार विरोधी’ विषय वस्तुओं को बिना किसी भेद के ख़त्म करना चाहते हैं. आईएबीएम के सदस्य सोशल मीडिया पर पत्रकारों को प्रताड़ित कर रहे हैं और उन्हें धमकी भरे फोन कॉल करते हैं. इसके अलावा उनके नियोक्ताओं से बात कर उनके ख़िलाफ़ कोर्ट में राजद्रोह का आरोप लगाते हुए केस करते हैं.

डेनियल बास्टर्ड ने कहते हैं, ‘हम भारत सरकार से अपील करते हैं कि वह इस समूह को प्रतिबंधित करे, जो खुलकर हत्या के लिए उकसा रहा है और पत्रकारों के ख़िलाफ़ उसकी ज़ुबानी हिंसा उनकी शारीरिक सुरक्षा के लिए ख़तरा पैदा कर रही है.’

उन्होंने कहा, ‘सत्ताधारी पार्टी के रुख़ से इत्तेफ़ाक़ नहीं रखने वाले भारतीय पत्रकारों को परेशान किए जाने के मामले चिंताजनक स्तर पर पहुंच रहे हैं, जबकि इस पर सरकार का रवैया एक गहरी चुप्पी है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

 

Source: thewirehindi.com

भारत-पाक रिश्तों के सुधार के लिए वाजपेयी जी के प्रयासो को हमेशा याद किया जाएगा : इमरान खान

Vajpayee's efforts will always be remembered for improving indo pak relations

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर पाकिस्तान के भावी प्रधानमंत्री इमरान खान उनके निधन पर दुख व्यक्त किया है।

इमरान खान ने अपने एक संदेश में कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी राजनीति के एक बड़े व्यक्तिव थे। भारत-पाक संबंधों के सुधार के लिए उनके प्रयासों को हमेशा याद किया जाएगा। विदेश मंत्री के रूप में श्री वाजपेयी ने भारत-पाक संबंधों में सुधार की ज़िम्मेदारी ली।

अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत और पाकिस्तान के बीच मधुर संबंध स्थापित करने के लिए प्रधानमंत्री रहते हुए दिल्ली से लाहौर के बीच एक बस सेवा शुरू की थी. इस सेवा को सदा-ए-सरहद नाम दिया गया था। 19 फरवरी, 1999 को यह बस सेवा शुरू की गई थी। इस बस में खुद वाजपेयी बस से लाहौर गए थे।

यह सेवा आधिकारिक तौर पर 16 मार्च से शुरू हुई। कारगिल युद्ध के दौरान भी इस सेवा को बंद नहीं किया गया था। हालांकि 2001 में संसद भवन पर हुए आतंकी हमले के बाद इस सेवा को बंद कर दिया गया था। बाद में 2003 को यह सेवा फिर शुरू हुई थी।

बता दें कि लंबे समय से बीमार चल रहे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का गुरुवार को निधन हो गया। वे 11 जून से दिल्ली के एम्स में भर्ती थे। वाजपेयी ने शाम 5.05 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।

NRC मुद्दे पर गरमाई सियासत, ममता ने लगाया BJP पर ये आरोप

Mamata Banerjee on NRC issue to Modi government

असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का पहला मसौदा जारी होने के बाद उपजा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि जिन लोगों के नाम एनआरसी में शामिल नहीं हो पाए हैं उनपर फर्जी केस दर्ज किए जा रहे हैं और उन्हे प्रताड़ित किया जा रहा है।

Mamata Banerjee on NRC issue to Modi government
Mamata Banerjee on NRC issue to Modi government

कोलकाता में मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि जिन लोगों के नाम एनआरसी से बाहर हैं उनके ऊपर फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं और उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। वहीं पहले से ही 1200 लोग डिटेंशन कैंप में हैं। ममता ने सवाल किया कि किस उद्देश्य से असम में सुरक्षाबलों की 400 कंपनियां तैनात की गई हैं।

एनआरसी पर बोलते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि यह हिंदू या मुस्लिम का मुद्दा नहीं है। लोगों को उनकी भाषा के आधार पर लिस्ट से बाहर किया है। और बीजेपी के नेता एनआरसी के मसौदे को उचित ठहराते हुए अपनी छाती पीट रहे हैं।

Mamata Banerjee on NRC issue to Modi government
Mamata Banerjee on NRC issue to Modi government

उल्लेखनीय है कि कोलकाता के मेयो रोड में एक रैली को संबोधित करते हुए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने आरोप लगाया था कि ममता बनर्जी घुसपैठियों को बंगाल और असम में रखना चाहती हैं। शाह ने ममता से सवाल किया था कि वो साफ करें कि उनके लिये देश की सुरक्षा जरूरी है या वोटबैंक।

बता दें कि असम में जारी राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के मसौदे से कुल 3।29 करोड़ आवेदकों में से 40 लाख से ज्यादा लोगों को बाहर किए जाने से उनकी नागरिकता को लेकर अनिश्चितता का माहौल खड़ा हो गया था।

Mamata Banerjee on NRC issue to Modi government
Mamata Banerjee on NRC issue to Modi government

इसके साथ ही एक राष्ट्रव्यापी राजनीतिक विवाद भी पैदा हो गया। इस मसौदे में 2।89 करोड़ आवेदकों को मंजूरी दी गई है।

जवाहरलाल नेहरू पर दिए अपने बयान के लिए दलाई लामा ने माफी मांगी

Dalai Lama regrets statement on Jawaharlal Nehru

शुक्रवार को तिब्बत के आध्यात्मिक गुरू दलाई लामा ने जवाहर लाल नेहरु पर दिए अपने बयान के लिए माफी मांग ली. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक दलाई लामा ने कहा- मेरे बयान ने विवाद हो गया है. अगर मैंने कुछ गलत कहा है तो मैं मांफी मांगता हूं. ये माफी दलाई लामा ने अपने उस बयान पर मांगी जिसमें उन्होंने कहा था, ‘महात्मा गांधी जी जिन्ना को प्रधान मंत्री बनाने के लिए इच्छुक थे लेकिन पंडित नेहरू ने इनकार कर दिया था.’

इसके पहले इसी हफ्ते की शुरुआत में दलाई लामा ने कहा था कि महात्मा गांधी चाहते थे कि मोहम्मद अली जिन्ना देश के शीर्ष पद पर बैठें, लेकिन पहला प्रधानमंत्री बनने के लिए जवाहरलाल नेहरू ने ‘आत्म केंद्रित रवैया’ अपनाया. दलाई ने ये भी दावा किया था कि यदि महात्मा गांधी की जिन्ना को पहला प्रधानमंत्री बनाने की इच्छा को अमल में लाया गया होता तो भारत का बंटवारा नहीं होता.

गोवा में एक सेमिनार में बोल रहे थे लामा:

गोवा प्रबंध संस्थान के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए 83 वर्षीय दलाई लामा ने यह बात कही थी.

सही निर्णय लेने संबंधी एक छात्र के प्रश्न का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा था, ‘मेरा मानना है कि सामंती व्यवस्था के बजाय प्रजातांत्रिक प्रणाली बहुत अच्छी होती है. सामंती व्यवस्था में कुछ लोगों के हाथों में निर्णय लेने की शक्ति होती है, जो बहुत खतरनाक होता है.’

उन्होंने कहा, ‘अब भारत की तरफ देखें. मुझे लगता है कि महात्मा गांधी जिन्ना को प्रधानमंत्री का पद देने के बेहद इच्छुक थे. लेकिन पंडित नेहरू ने इसे स्वीकार नहीं किया.’

उन्होंने कहा,’मुझे लगता है कि स्वयं को प्रधानमंत्री के रूप में देखना पंडित नेहरू का आत्म केंद्रित रवैया था….यदि महात्मा गांधी की सोच को स्वीकारा गया होता तो भारत और पाकिस्तान एक होते.’

उन्होंने कहा था, ‘मैं पंडित नेहरू को बहुत अच्छी तरह जानता हूं, वह बेहद अनुभवी और बुद्धिमान व्यक्ति थे, लेकिन कभी-कभी गलतियां हो जाती हैं.’

Source: hindi.firstpost.com

महिलाओ में फैला आतंक, योगी के एनकाउंटर वाली सरकार पर अखिलेश ने झाड़ा

Akhilesh Yadav speech on encounters in Uttar Pradesh policy by Yogi Adityanath

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपराध के मुद्दे पर बीजेपी सरकार को घेरा है। योगी सरकार भले ही एनकाउंटर के जरिए यूपी को अपराध मुक्त बनाने के दावे कर रही हो, लेकिन अखिलेश यादव सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराधियों की जगह आज नारी आतंकित हो रही है।

Akhilesh Yadav speech on encounters in Uttar Pradesh policy by Yogi Adityanath
Akhilesh Yadav speech on encounters in Uttar Pradesh policy by Yogi Adityanath

ये है अखिलेश का ट्वीट

अखिलेश यादव ने इस संबंध में ट्वीट कर योगी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने अपने ट्वीट में हाल की कुछ आपराधिक घटनाओं का उदाहरण दिया।

उन्होंने लिखा, ‘प्रदेश में कहीं कोचिंग की छात्रा की सरेआम गोली मारकर हत्या हो रही है, तो कहीं भाजपा विधायक पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला सरकार से निराश होकर मुख्यमंत्री आवास पर आत्मदाह कर रही है। क्या यही है ‘एनकाउंटर वाली’ सरकार का खौफ कि अपराधियों की जगह आज नारी आतंकित हो रही है।’

Akhilesh Yadav speech on encounters in Uttar Pradesh policy by Yogi Adityanath
Akhilesh Yadav speech on encounters in Uttar Pradesh policy by Yogi Adityanath

बीजेपी विधायक पर आरोप

रविवार को राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के सामने एक महिला ने आत्मदाह की कोशिश की थी। महिला ने उन्नाव के बांगरमऊ से बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर गैंगरेप का आरोप लगाया है। आरोप है कि विधायक पक्ष की तरफ से पीड़ित महिला के परिवार पर हमला किया गया, जिसमें घायल पीड़िता के पिता अस्पताल में मौत हो गई है।

इसी मुद्दे को आधार बनाते हुए अखिलेश यादव ने यूपी में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं और प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध को लेकर योगी सरकार को घेरा है।

मुस्लिमो की आवाज़ बनी मायावती, मोदी सरकार से लगायी ये गुहार

Mayawati asked for reservation to Muslims

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा चीफ मायावती ने मुस्लिमों के लिए आरक्षण की मांग की है। लोकसभा में सोमवार को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधन विधेयक, 2018 के पारित होने के बाद उन्होने ये मांग की है।

Mayawati asked for reservation to Muslims
Mayawati asked for reservation to Muslims

बीएसपी चीफ ने कहा, ‘अगर केंद्र सरकार संविधान में संशोधन कर ऊंची जाति के गरीबों को आरक्षण देने का कोई कदम उठाती है तो बसपा इसका पहले स्वागत करेगी। चूंकि मुस्लिम और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों में काफी गरीबी है। ऐसे में अगर केंद्र सरकार ऊंची जाति के गरीबों के लिए कोई कदम उठाती है तो मुसलमानों और दूसरे धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए भी आरक्षण की व्यवस्था होनी चाहिए।’

मायावती ने कहा विभिन्न राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए ही केंद्र सकार ने मजबूरी में एससी-एसटी अत्याचार निवारण कानून को पहले की तरह मूल रूप में बहाल करने संबंधित संशोधन विधेयक लाया। जो लोकसभा में पास हो गया है। बसपा को उम्मीद है कि ये राज्यसभा में भी जरूर पास हो जाएगा।

Mayawati asked for reservation to Muslims
Mayawati asked for reservation to Muslims

उन्होंने कहा​ कि इस विधेयक को काफी देर से लाया गया, जिसके कारण इन वर्गों को काफी नुकसान हुआ है। फिर भी बसपा इस विधेयक का स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि इसका श्रेय उनकी पार्टी एससी-एसटी वर्गों के तमाम लोगों को देती है, जिसमें बसपा समर्थक भी शामिल हैं।

बता दें कि लोकसभा में सोमवार को अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधन विधेयक, 2018 पारित हो गया था। इस संशोधन के जरिए सुप्रीम कोर्ट का वह आदेश निष्प्रभावी हो जाएगा, जिसके तहत एससी/एसटी अत्याचार निवारण के मामले में आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई थी।

भारत और तुर्की के बीच 2020 तक होगा 10 अरब डॉलर का व्यापार 

Turkey trade with India will reach 10bn by 2020

भारत और तुर्की के बीच व्यापारिक रिश्तों में मजबूती देखने को मिल रही है। तुर्की के विदेश मंत्री मेवलट कैवसुग्लू ने ट्विटर पर कहा कि भारत और तुर्की के बीच व्यापार मात्रा 2020 तक 10 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगी।

उन्होने ये घोषणा आज 51 वें एशियान विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान सिंगापुर में अपने भारतीय समकक्ष विजय कुमार सिंह से मुलाकात के बाद की।

उन्होने लिखा, “#टर्की और #इंडिया के बीच निवेश और व्यापार बढ़ रहा है। हम पिछले वर्ष के 6.9 बिलियन अमरीकी डालर से द्विपक्षीय व्यापार मात्रा 10 बिलियन अमरीकी डालर तक बढ़ाने के लिए मिलकर काम करेंगे।”

बता दें कि बीते शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन से इतर तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन से मुलाक़ात की थी। मोदी ने कहा कि उन्होंने दोनों देशों के लोगों के फायदे के लिए द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने एर्दोगन के दोबारा राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर उन्हें बधाई भी दी।

मोदी ने ट्वीट किया, ‘तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन के साथ बैठक बहुत अच्छी रही।  हमारी वार्ता में भारत – तुर्की के बीच सहयोग के कई क्षेत्रों और अपने – अपने नागरिकों के फायदे के लिए द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ करने के तरीकों को कवर किया गया।’

सीमा सुरक्षा में नाकाम मोदी सरकार, भारतीय सीमा में 2 किलोमीटर अंदर घुसे चीनी सैनिक

China Army crossed Indian border in sikkim

भाजपा सत्ता में आने के बाद दुश्मन देशों को करारा जवाब देने के अपने वादे को पूरा नहीं कर पाई है। 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी ने यूपीए सरकार को चीन और पाकिस्तान को लव लेटर न लिखकर करारा जवाब देने के लिए कहा था।

भाजपा ने वादा किया था कि उसके सत्ता में आने के बाद चीनी सैनिक भारतीय सीमा को पार नहीं कर पाएँगे। लेकिन अब लगातार इस तरह की घटनाएँ सामने आ रही हैं।

मीडिया की ख़बरों के अनुसार, चीनी सैनिकों ने एक बार फिर से भारतीय सीमा को लांघा है। चीन के सैनिक भारतीय सीमा से दो किलोमीटर तक अन्दर आ गए थे। पिपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के जवानों ने सिक्किम के पश्चिमी जिले नाकू में कथित तौर पर चढ़ाई करने की कोशिश की।

इंटेलिजेंस ब्यूरो के एक अधिकारी ने बताया कि करीब 50 चीनी सैनिक भारतीय सीमा क्षेत्र का उल्लंघन कर नाकू में घुस आए। चार घंटे तक वो वहीं खड़े और अपने क्षेत्र में जाने से इनकार कर दिया।

इसके बाद भारतीय सैनिकों ने एक बैनर के जरिए उन्हें प्रोत्साहित करने की कोशिश की ताकि वो अपने क्षेत्र में वापस लौट जाएं। दोनों तरफ से किसी तरह की गोलीबारी नहीं की गई।

 

Source: boltaup.com