कन्हैय्या का PM मोदी पर हमला, कहा ‘सुनलो गप्पू जी, दम है कितना दमन में तेरे, देख लिया है देखेंगे।’

Kanhaiya kumar angry on PM Modi for human right activist

नई दिल्ली – मंगलवार को देश के अलग-अलग हिस्सों से मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, वकीलों और लेखकों की गिरफ्तारी का अब पूरे देश में विरोध हो रहा है। बता दें कि मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने निर्देश दिया था पुणे पुलिस द्वारा गिरफ्तार मानवाधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा को दिल्ली से उस वक्त तक बाहर नहीं ले जाया जाए, जब तक कि बुधवार सुब्ह को इस मामले की सुनवाई नहीं हो जाती, क्योंकि गौतम नवलखा के खिलाफ लगाए गए कोई भी आरोप स्पष्ट नहीं है।

गौरतलब है कि जनवरी में भीमा कोरेगांव में हुई हिंसा मामले में पुणे पुलिस ने अब तक कुल पांच गिरफ्तारियां की हैं। दिल्ली, हरियाणा और हैदराबाद से एक – एक गिरफ्तारी की गई है, जबकि मुंबई से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार लोगों में सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा, वरवरा राव, वकील सुधा भारद्वाज, अरुण फरेरिया और वरनोन गोंजालवेस शामिल हैं।

कन्हैय्या का हमला

इन गिरफ्तारियों पर सोशल मीडिया पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। जाने माने इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने इन गिरफ्तारियों को नाजायज ठहराया है, तो वहीं लेखिका अरुंधती राय ने इस इमरजेंसी करार दिया है। अब इस मामलें जेएनयू छात्र नेता कन्हैय्या कुमार भी कूद चुके हैं। उन्होंने गिरफ्तारियों के खिलाफ मोदी सरकार पर हमला बोला है।

कन्हैय्या ने पीएम मोदी का नाम लिये बगैर कहा कि गजब गोलमाल है!! संविधान जलाने वाले देशभक्त और संविधान बचाने वाले ‘देशद्रोही’? दंगा कराने वाले राष्ट्रवादी और मानव अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले ‘नक्सली’? सुनलो गप्पू जी,

दम है कितना दमन में तेरे, देख लिया है देखेंगे।

जगह है कितनी जेल में तेरे, देख लिया है देखेंगे।

गौरतलब है कि जिन लोगों को गिरफ्तार किया है उनमें से अधिकतर वामपंथी विचारक हैं, और सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज़ मुखर करते रहे हैं। इन गिरफ्तारियों पर अरुंधती राय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि अब जल्द ही इमरजेंसी की घोषणा होने वाली है।

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Kanhaiya kumar Modi Dargaya

नई दिल्ली –  देश की प्रतिष्ठित यूनीवर्सिटी जवाहरलाल नेहरु विश्विद्यालय प्रशासन के लिए शुक्रवार को बड़े झटके वाली खबर आई. जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के पक्ष में शुक्रवार को दिल्ली की हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने विश्विद्यालय प्रशासन के उस फ़ैसले को रद्द कर दिया है जिसमें विश्विद्यालय की तरफ से कन्हैया कुमार पर 10 हज़ार रूपये का जुर्माना लगाया गया था. जानकारी के लिये बता दें कि हाल ही में विश्विद्यालय प्रशासन ने कन्हैया कुमार पर जुर्माना लगाया था. विश्निद्यालय ने इसकी वजह कन्हैय्या द्वारा अनुशासन तोड़ना बाताया था.

अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि कन्हैया कुमार के ऊपर की गई कार्रावाई अवैध है. हाईकोर्ट ने कहा कि विश्विद्यालय का आदेश तर्कहीन, अनियमित और अवैध है. अदालत का यह फ़ैसले के आते ही जेएनयू के वकील ने कहा कि वे कन्हैया कुमार पर लगाए गए जुर्माने को वापिस ले रहे हैं.

Kanhaiya kumar Real hero
Kanhaiya kumar Real hero

हाईकोर्ट ने जेएनयू के वकील से कहा कि,”ये बेहतर है कि आप जुर्माना वापस ले रहे हैं वरना हमने अपने आदेश में यह बताया था कि आपने जो जुर्माना कन्हैया कुमार पर लगाया है उसमें क्या-क्या खामियां हैं”. दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि हमने बताया था कि ऐसे जुर्माने का कोई औचित्य नहीं है. कन्हैया कुमार के खिलाफ विश्विद्यालय प्रशासन द्वारा की गई कार्रावाई तर्कहीन है.

गौरतलब है कि कन्हैया के अलावा जेएनयू के ही छात्र उमर ख़ालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य समेत कई और जेएनयू छात्रों पर विश्विद्यालय प्रशासन ने जुर्माना लगाया था और उनका निष्कासन किया है, अब इस मामले में 16 अगस्त को अगली सुनवाई होगी.

JNU Sedition case
JNU Sedition case

बता दें 9 फ़रवरी 2016 को जेएनयू में कथित रूप से देश विरोधी नारे लगे थे, दक्षिणपंथी गुटों ने ये भी कहा था कि ये नारे कन्हैया और उनके समर्थकों द्वारा लगाए जबकि कन्हैया और उनके साथियों ने भाजपा के छात्रसंगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) जैसे दक्षिणपंथी गुटों को इसका ज़िम्मेदार बताया है.