बेदाग़ साबित हुए CM केजरीवाल, क्या अब केजरीवाल को घूसखोर बताने वाली ‘गोदी मीडिया’ माफ़ी मांगेगी?

Lokayukta gives clean chit to Arvind Kejriwal and Satyendra jain in bribery case

दिल्ली के लोकायुक्त ने मुख्यमंत्री और उनके मंत्री सत्येंद्र जैन को रिश्वत के मामले में क्लीन चिट दे दी है। इन दोनों पर दो करोड़ रूपये रिश्वत लेने के आरोप लगे थे। आप के पूर्व नेता कपिल मिश्रा ने केजरीवाल पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया था, मगर सीबीआई के सामने कपिल मिश्रा कोई सुबूत नहीं रख पाए जिससे ये साबित हो पाए की सीएम केजरीवाल या सत्येन्द्र जैन ने रिश्वत ली थी।

इस मामले को जैसे मीडिया में दिखाया गया उसे देख यही कहा जा सकता है मीडिया ने बिना किसी आधार पर सीएम केजरीवाल के खिलाफ रिश्वत लेने का आरोप लगा दिया था। इन मीडिया संस्थानों ने पहले केजरीवाल को कुर्सी छोड़ने से लेकर ईमानदारी का मसीहा कहते हुए करप्शन का किंग घोषित कर दिया था।

इन मीडिया चैनलों ने पहले ही फैसला दे दिया था की सीएम केजरीवाल और उनके मंत्री घूसखोर है और आरोप लगाने वाले आप के पूर्व नेता कपिल मिश्रा सत प्रतिशत सही। मगर जब सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट पेश की तो उसमें कहीं भी रिश्वत लेने की बात सामने नहीं आई जिसके चलते लोकायुक्त ने उन्हें क्लीन चिट दे दी।

अब सवाल उठता है, क्या मीडिया ने कपिल मिश्रा के साथ मिलकर स्टोरी को ऐसे पेश किया जिससे सीएम केजरीवाल और उनकी पार्टी की छवि ख़राब हो? क्योंकि केजरीवाल के आलोचक भी मानते है चाहे कुछ भी केजरीवाल करप्शन नहीं करेगें। फिर भी इस मामले में गोदी मीडिया ने जनता के सामने ऐसे पेश किया जैसे कपिल मिश्रा सच कह रहे हो और केजरीवाल ने रिश्वत ली हो।

ये वही मामला था जिसमें कपिल मिश्रा ने मीडिया के सामने कहा था मैंने अपनी आँखों के सामने दो करोड़ लेते हुए केजरीवाल को देखा है मगर कपिल का ये आरोप सीबीआई के मुताबिक झूठा निकला। अब क्या मीडिया संस्थान केजरीवाल और आम आदमी पार्टी से माफ़ी मांगेंगे जिन्होंने महीने भर केजरीवाल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।

क्या कपिल मिश्रा जिन्होंने केजरीवाल से मतभेद होने के चलते बागी हो गए और केजरीवाल पर आरोप लगाने लगे, ऐसा भी कहा गया की वो बीजेपी के इशारे पर काम कर रहे है मगर इसकी कोई पुष्टि नहीं हो पाई। अब जब केजरीवाल को क्लीन चिट मिल गई तब ऐसा नज़र आ रहा है की दाल में ज़रूर कुछ काला था।

गौरतलब है कि आप के पूर्व नेता कपिल मिश्रा से जब लोकायुक्त ने केजरीवाल पर रिश्वत मामले पर सुबूत मांगें थे तो कपिल ने कहा था उन्होंने सारे सुबूत सीबीआई को दे दिए है मगर जब सीबीआई ने अपने रिपोर्ट लोकायुक्त पेश की तो उसमें केजरीवाल और सत्येंद्र जैन के खिलाफ में कुछ नहीं मिला जिसके बाद कपिल की ये शिकायत ख़ारिज कर दी गई और केस बंद कर दिया गया।

 

Source: boltaup.com